Connect with us

Punjab

Punjab News: समानतावादी समाज की सृजना के लिए लोगों को श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान

Published

on

Punjab News: पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवाएं भलाई मंत्री मोहिंदर भगत तथा पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने आज संत निर्मल दास जी जोड़े वाले, संत प्रगट नाथ और अन्य संतों-महापुरुषों के नेतृत्व में दमड़ी यात्रा को विशेष ट्रेन के माध्यम से स्थानीय सिटी रेलवे स्टेशन से हरिद्वार के लिए रवाना किया।इस मौके पर विधायक चब्बेवाल डा. ईशांक कुमार और जिला योजना समिति के चेयरमैन अमृतपाल सिंह भी मौजूद रहे।

श्री गुरु रविदास जी ने समूची मानवता को आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया

कैबिनेट मंत्री ने संबोधित करते हुए लोगों को समानतावादी समाज की रचना के लिए श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी ने समूची मानवता को आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु जी की शिक्षाएं समूची जनता का हमेशा मार्गदर्शन करती रहेंगी, जो हमें जाति, धर्म और नस्ल के विभेद से ऊपर उठने का संदेश देती हैं।

श्री भगत ने कहा कि गुरु रविदास जी का यह सर्व-सांझीवाला संदेश दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा गुरु रविदास जी के आगामी 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए व्यापक प्रोग्राम तैयार किए गए है।

अपने गुरुओं-पीरों, संतों को याद रखते हुए उनके द्वारा दिखाए मार्ग पर चलती है

पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने दमड़ी यात्रा के लिए संगतों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि वह कौम हमेशा आगे बढ़ती हैं और तरक्की करती है, जो अपने गुरुओं-पीरों, संतों को याद रखते हुए उनके द्वारा दिखाए मार्ग पर चलती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भी हमारे महान गुरुओं और संतों द्वारा दिखाए मार्ग पर चलते हुए प्रत्येक वर्ग की भलाई और खुशहाली के लिए लगातार काम कर रही है।

इस मौके पर संत सतविंदर हीरा, बहन संतोष, ‘आप’ नेता राजविंदर कौर थियाड़ा, दिनेश ढल्ल के अलावा संत समाज और बड़ी संख्या में संगत मौजूद रहीं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

4 साल पूरे: CM Bhagwant Mann ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्ड, पंजाब के 90% घरों का बिजली बिल जीरो

Published

on

मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने ‘आप’ सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर सीएम आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री Sanjeev Arora भी मौजूद रहे।

CM मान ने कहा कि 1 जून 2022 से पंजाब के लोगों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिसका नतीजा यह है कि आज करीब 90% घरों के बिजली बिल जीरो आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2022 से पहले के बकाया और जुर्माने भी माफ किए गए हैं, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड में 8014 नई भर्तियां की गई हैं, जबकि 1579 नियुक्तियां तरस के आधार पर हुई हैं। इसके अलावा PSPCL और PSTCL में 1750 से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

बिजली उत्पादन को लेकर CM मान ने कहा कि पंजाब के थर्मल प्लांट्स में कोयले की कोई कमी नहीं है। रूपनगर, लहरा मोहब्बत और गोइंदवाल साहिब प्लांट्स में एक महीने से ज्यादा का कोयला स्टॉक मौजूद है। उन्होंने बताया कि पंजाब इस समय 2720 मेगावाट बिजली सोलर ऊर्जा से पैदा कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि गोइंदवाल साहिब का 540 मेगावाट GVK थर्मल प्लांट 1080 करोड़ रुपये में खरीदा गया है। उनके मुताबिक यह दुनिया का सबसे सस्ता सौदा है और अब इस प्लांट का नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस प्लांट की उम्र अभी 25 से 30 साल और है।

चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर हुए धमाके पर CM मान ने कहा कि आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन पंजाब पुलिस की कार्रवाई की किसी ने सराहना नहीं की। उन्होंने कहा कि अक्सर घटना से पहले ही उन पर आरोप लगा दिए जाते हैं।

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों को लेकर CM मान ने कहा कि किसानों को मुआवजा दिया जाएगा और गिरदावरी के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

स्कूलों और अदालतों को मिली धमकी भरी ईमेल्स के मामले में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गृह मंत्रालय के साथ मिलकर जांच कर रही है और ईमेल भेजने वालों की पहचान की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में कोई भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

Continue Reading

Punjab

चंडीगढ़ ग्रेनेड धमाका: दो मुख्य आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार; अब तक कुल 7 गिरफ्तारियां

Published

on

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत चंडीगढ़ ग्रेनेड हमले के मामले में कार्रवाई जारी रखते हुए पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन और हरियाणा पुलिस की सहायता से दो मुख्य आरोपियों—जिन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय के बाहर हैंड ग्रेनेड फेंका था—को हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो दोनों रूपनगर जिले के रतनगढ़ के निवासी हैं। आरोपी अमनप्रीत सिंह का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ एसएएस नगर और हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में चोरी और लूट के मामले दर्ज हैं।

यह कार्रवाई इस मामले में शामिल पांच अन्य आरोपियों—बलविंदर लाल उर्फ शमी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा—की गिरफ्तारी के एक दिन बाद की गई, जिनके पास से एक हैंड ग्रेनेड और एक .30 बोर जिगाना पिस्तौल बरामद की गई थी।

डीजीपी गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इन ताजा गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में शामिल सभी सात आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं। इस दौरान एडीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद, एडीजीपी आंतरिक सुरक्षा एस.के. वर्मा, आईजीपी इंटेलिजेंस डॉ. सुखचैन सिंह गिल और एआईजी एसएसओसी एसएएस नगर दीपक पारिक भी मौजूद थे।

डीजीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को पुर्तगाल स्थित आईएसआई समर्थित विदेशी हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत और जर्मनी से हरजीत सिंह लाडी द्वारा 2 लाख रुपये के इनाम का लालच देकर इस हमले को अंजाम देने के लिए उकसाया गया था।

उन्होंने कहा कि विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर आरोपियों ने इस हमले की योजना बनाई और इसे अंजाम देने के लिए कई स्तरों (कटआउट्स और सब-मॉड्यूल) का इस्तेमाल किया।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी गुरतेज सिंह ने खुलासा किया कि वह लगभग छह महीने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में आया था। उसके निर्देश पर गुरतेज ने अपने साथियों रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा के साथ मिलकर 28 मार्च 2026 को एसबीएस नगर के गांव भरापुर में जसवीर उर्फ जस्सी से हथियार और ग्रेनेड की खेप प्राप्त की थी और बाद में अमनप्रीत सिंह को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया।

डीजीपी के अनुसार, 1 अप्रैल को रेकी करने के बाद अमनप्रीत सिंह ने ग्रेनेड फेंका, जबकि गुरतेज सिंह ने हैंडलर के निर्देशानुसार इस पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

डीजीपी गौरव यादव ने चंडीगढ़ और हरियाणा के डीजीपी का धन्यवाद करते हुए इस पूरे मामले का पर्दाफाश करने और आरोपियों को पकड़ने में चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा पुलिस की एसटीएफ की अहम भूमिका की सराहना की।

Continue Reading

Punjab

दिल की बीमारियों से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज; आपातकालीन स्थितियों में सहायता प्रदान कर रही ‘’Mukhyamantri Sehat Yojana’

Published

on

पंजाब की प्रमुख मुख्यमंत्री सेहत योजना स्वास्थ्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभर रही है, जो प्रति परिवार 10 लाख रुपये की कवरेज प्रदान करती है और अचानक डॉक्टरी आपातकाल के दौरान वित्तीय बोझ को कम करते हुए समय पर इलाज लेने में सक्षम बनाती है। कई बीमारियां जैसे दिल का दौरा, कैंसर और जन्म संबंधी जटिलताएं किसी भी समय हमला कर सकती हैं, इसलिए पंजाब सरकार का दृष्टिकोण व्यापक स्तर पर जन स्वास्थ्य हस्तक्षेप के माध्यम से डॉक्टरी जरूरत और किफायती इलाज के बीच के अंतर को पूरा करने पर केंद्रित है।

दिल का दौरा, कैंसर और जन्म संबंधी जटिलताएं जैसी बीमारियां बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकती हैं, जिससे अचानक गंभीर लक्षण पैदा होते हैं और गंभीर जटिलताओं को रोकने के लिए तुरंत डॉक्टरी सहायता की जरूरत होती है। यह सुझाव देता है कि ऐसी स्वास्थ्य स्थितियां अक्सर गुप्त रूप से विकसित होती हैं और बिना किसी चेतावनी के हमला करती हैं, जिसके संबंध में फैसला लेने के लिए बहुत कम समय बचता है। पंजाब में इस बढ़ती चिंता को वित्तीय तैयारी के माध्यम से देखा जा रहा है, मुख्यमंत्री सेहत योजना जैसी सरकार-समर्थित पहल का उद्देश्य डॉक्टरी जरूरत और किफायती इलाज के बीच के अंतर को पूरा करना है।

पंजाब सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में चल रही यह योजना हर परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान करती है। यह योजना सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में 2,300 से अधिक बीमारियों का इलाज कवर करती है।

बड़ी और गंभीर बीमारियों की छिपी शुरुआत को उजागर करते हुए विश्व स्वास्थ्य आंकड़े समय पर फैसला लेने की जरूरत को दर्शाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दिल की बीमारी, कैंसर, डायबिटीज और सांस लेने की समस्या जैसी बीमारियां हर साल विश्व भर में लगभग 75 प्रतिशत मौतों का कारण बनती हैं और बहुत से पीड़ितों को यह भी नहीं पता होता कि वे जोखिम में हैं। मोहाली के जिला अस्पताल की मेडिसिन की मेडिकल ऑफिसर डॉ. ईशा अरोड़ा ने कहा कि जब तक मरीज हमारे पास आते हैं, बीमारी अक्सर अगले चरण तक पहुंच जाती है। उन्होंने आगे कहा कि शुरुआत में ही बीमारी का पता लगाने से बेहतर नतीजों में मदद मिल सकती है, लेकिन इसे अभी भी प्राथमिकता नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा नियमित जांचें बहुत कम करवाई जाती हैं क्योंकि लक्षणों का पता न लगना उनमें सुरक्षित होने की गलत भावना पैदा कर देता है।

डॉक्टरी विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि जब आपातकाल आता है, तो समय सबसे महत्वपूर्ण कारक बन जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार दिल के दौरे या स्ट्रोक के इलाज में कुछ मिनटों की देरी भी स्थायी नुकसान का कारण बन सकती है और यहां तक कि जान भी ले सकती है। डॉक्टर बताते हैं कि ऐसे पलों में मरीज आम तौर पर झिझक महसूस करते हैं। डॉ. ईशा अरोड़ा ने कहा कि इलाज शुरू होने से पहले ही परिवार अक्सर खर्चे पर विचार करने लग पड़ते हैं और यह देरी खतरनाक हो सकती है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री सेहत योजना जैसी वित्तीय सुरक्षा योजनाओं से एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाने की उम्मीद की जाती है।

इस योजना को कवरेज से लेकर वास्तविक देखभाल डिलीवरी तक पंजाब भर में काफी बढ़ावा मिला है। अधिकारियों का कहना है कि 33 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना के तहत नामांकित किया गया है, जिसमें खासकर डायलिसिस, कैंसर और दिल जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लाखों मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। पंजाब की राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार इस योजना के तहत 33 लाख से अधिक लाभार्थियों को सफलतापूर्वक रजिस्टर किया गया है और 1,98,793 मुफ्त इलाजों को मंजूरी दी गई है, जिसकी राशि लगभग 3,30,01,32,533 रुपये बनती है। इस कुल राशि में से 59,34,18,468 रुपये पहले ही अस्पतालों को वितरित किए जा चुके हैं। हर उम्र वर्ग के लोगों, खास तौर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, ने इस स्कीम से लाभ उठाया है, जिसमें दिल की सर्जरी और कैंसर की देखभाल जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस पहल ने कई परिवारों के महंगे इलाज के खर्च को कम करने में मदद की है, जिनके लिए पहले उन्हें उधार लेना पड़ता था या संपत्ति बेचनी पड़ती थी। भारतीय संदर्भ में यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय और सरकार द्वारा समर्थित अध्ययनों में यह सामने आया है कि कुल स्वास्थ्य देखभाल खर्च का लगभग 47 प्रतिशत लोगों की जेब से ही खर्च होता है।

प्रारंभिक संकेत जमीनी स्तर पर उत्साहजनक रुझानों की ओर इशारा करते हैं, हालांकि व्यापक मूल्यांकन अभी जारी है। इनमें मरीजों की अस्पताल में इलाज कराने की इच्छा में वृद्धि, आपातकालीन भर्ती में कम देरी और कुछ मामलों में शुरुआती चरण में जांच करवाने की प्रवृत्ति शामिल है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पूरे राज्य में समान स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को आर्थिक कठिनाइयों के कारण इलाज में देरी का सामना न करना पड़े। हम कवरेज बढ़ाने, अस्पताल नेटवर्क को बेहतर बनाने और क्रियान्वयन को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।

नामांकन अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य स्वास्थ्य एजेंसी लक्षित जागरूकता अभियानों पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि लाभार्थियों को यह समझाया जा सके कि इस योजना का उपयोग कैसे और कब करना है। क्रियान्वयन की निगरानी कर रहे अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता बढ़ाने, दावों की प्रक्रिया को सरल बनाने और अस्पतालों तथा मरीजों दोनों के लिए एक सुगम और अधिक सुलभ अनुभव सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही, विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल अभी भी एक महत्वपूर्ण कमी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जांच, शुरुआती परीक्षण और जोखिम कारकों की निगरानी अभी भी सीमित है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण वयस्कों में से केवल एक चौथाई ने ही बुनियादी स्वास्थ्य जांच करवाई है, जबकि महिलाओं में कैंसर स्क्रीनिंग की दर 2 प्रतिशत से भी कम है। बीमारी का पता चलने पर स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

स्वास्थ्य आपातकाल की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, लेकिन तैयारी को मजबूत किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से वित्तीय सुरक्षा, बढ़ी हुई जागरूकता और निवारक देखभाल पर ध्यान केंद्रित करने से पंजाब में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूती मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब बीमारी बिना किसी चेतावनी के हमला करती है, तो इलाज मिलने में देरी और समय पर देखभाल के बीच का अंतर अक्सर ठीक होने और लंबे समय तक बीमारी के बने रहने के परिणामों को तय करता है। इसलिए, तैयारी केवल एक नीतिगत प्राथमिकता नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन जाती है।

Continue Reading

Trending