Connect with us

National

AAP नेताओं ने संसद में पंजाब के ज़रूरी मुद्दों को नज़रअंदाज़ करने के लिए राघव चड्ढा की आलोचना की

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, आप पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा और आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यसभा मेंबर राघव चड्ढा पर संसद में पंजाब के ज़रूरी मुद्दे उठाने में असफल रहने पर जमकर निशाना साधा है।

नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बार-बार बातचीत के बावजूद, 8,500 करोड़ रुपये का आरडीएफ बकाया, 60,000 करोड़ रुपये का जीएसटी नुकसान और 1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत जैसे गंभीर मुद्दे नहीं उठाए गए। इस चुप्पी को पंजाब के लोगों और फतवे के साथ धोखा बताते हुए, नेताओं ने कहा कि किसानों की चिंताओं और बाढ़ पीड़ितों की बुरी हालत को न उठाना ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह अलग होना दिखाता है।

संसद में रिप्रेजेंटेशन पर चिंता जताते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राघव चड्ढा को पंजाब के विधायकों ने इस उम्मीद से राज्यसभा के लिए चुना था कि वह नेशनल लेवल पर राज्य की चिंताओं को मज़बूती से प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि, उन्होंने पंजाब से जुड़ा एक भी संवेदनशील मुद्दा उठाने से पूरी तरह परहेज किया।

मुख्य वित्तीय मुद्दों की सूचि देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वे लगभग 8,500 करोड़ रुपये का बकाया ग्रामीण विकास फंड, जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को लगभग 60,000 करोड़ रुपये का भारी जीएसटी नुकसान और जीएसटी मुआवजे में बदलाव के कारण 5,000-6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय नुकसान सहित कई ज़रूरी मुद्दे उठाने में असफल रहे। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत फंड का मुद्दा भी ठीक से नहीं उठाया गया।

बाढ़ राहत का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भयानक बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री द्वारा पंजाब के लिए 1,600 करोड़ रुपये की राहत की घोषणा के बावजूद, उस रकम का एक भी हिस्सा पंजाब के खजाने में नहीं पहुंचा। ये सभी मुद्दे बार-बार राघव चड्ढा के ध्यान में लाए गए, फिर भी उन्होंने संसद में इनमें से एक भी मुद्दा नहीं उठाया।

निराशा जताते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमने उन्हें उम्मीद के साथ राज्यसभा भेजा था, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने इन मुद्दों पर एक बार भी मुंह नहीं खोला। यह साफ तौर पर समझौते को दिखाता है। आम आदमी पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो आम लोगों को मौके देती है, लेकिन ऐसे ज़रूरी मुद्दों पर चुप रहना पंजाब और उसके लोगों के साथ विश्वासघात है।

इस बीच, आप पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल और पार्टी का रोल याद रखना चाहिए कि उन्होंने उन्हें राजनीतिक तौर पर ऊपर उठाया है। उन्हें पंजाब के ज्वलंत मुद्दे जैसे बकाया आरडीएफ और फंड और बाढ़ राहत पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, उन्होंने ऐसे मुद्दे उठाए जो पूरे देश ने देखे हैं।

पार्टी के सिद्धातों को दोहराते हुए, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी की स्थापना लोगों के हक के लिए बिना डरे लड़ने के सिद्धों की गई थी और उस रास्ते से कोई भी भटकाव सोचा भी नहीं जा सकता और मंज़ूर नहीं है। राघव चड्ढा को खुद आत्म मंथन करना चाहिए और अन्याय के विरुद्ध खड़े हों और लोगों के हकों की वकालत करने के पार्टी कि मुख्य सिद्धांत को याद रखना चाहिए।

दूसरी ओर, आप के प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब में बाढ़ से प्रभावित लोगों की बुरी हालत पर राघव चड्ढा की चुप्पी से बहुत निराशा हुई है। पार्टी नेताओं और प्रभावित लोगों ने उनसे बार-बार संसद में मुआवज़े का मुद्दा उठाने की रिक्वेस्ट की थी, खासकर प्रधानमंत्री द्वारा अनाउंस किए गए 1,600 करोड़ रुपये की राहत, जो अभी तक नहीं मिली है।

एक बाढ़ प्रभावित गांव में खड़े होकर उन्होंने कहा कि यह साफ़ है कि लोगों को अपने घरों, फसलों और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी नुकसान हुआ है, फिर भी उनकी आवाज़ कभी राष्ट्रीय स्तर पर नहीं उठाई गई। हमें उम्मीद थी कि वे पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए इंसाफ़ और राहत की ज़ोरदार मांग करेंगे, लेकिन उनकी चुप्पी बहुत निराशाजनक रही है। पंजाब के लोग इस अनदेखी को नहीं भूलेंगे।

आप नेताओं ने मिलकर कहा कि पंजाब के मुद्दों को हर मंच पर ज़ोरदार तरीके से उठाया जाना चाहिए, और ऐसा न करना लोगों और आप को मिले जनादेश के साथ धोखा होगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

Published

on

पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

Continue Reading

National

सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

Published

on

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

Continue Reading

National

RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

Published

on

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।

तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।

RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।

इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

Continue Reading

Trending