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मोगा में CM भगवंत मान ने बहु-करोड़ी प्रोजेक्ट्स का किया उद्घाटन, विपक्ष पर साधा निशाना
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के विकास एजेंडे की पुष्टि करते हुए मोगा में बहु-करोड़ी प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और नींव पत्थर रखा। साथ ही उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार, किसान सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित शासन मॉडल की रूपरेखा भी पेश की।
प्रदेश स्तरीय समागम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों का भारी हुंकार और जन भागीदारी सरकार की ईमानदार और साफ-सुथरी राजनीति में बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि 47 किलोमीटर से अधिक मुख्य सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने, शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, 18.80 करोड़ रुपए के बिजली प्रोजेक्ट शुरू करने और 13 अप्रैल से विभाजन अभियान शुरू करने तक सरकार जमीन पर ठोस बदलाव ला रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार किसानों की गेहूं के दाने-दाने को खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी किसान आढ़तियों के रहमो-करम पर न रहे। इस तरह प्रदेश सरकार हर गांव और शहर को जोड़ने वाले विकास मॉडल के माध्यम से पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।
मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखने के बाद समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक पार्टियों ने पंजाब के लोगों के साथ बार-बार विश्वासघात किया है।
उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग अकालियों को कभी माफ नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने न सिर्फ पंजाब और यहां के लोगों को बर्बाद किया, बल्कि गुरुओं और गुरबाणी का भी घोर निरादर किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “अकालियों ने नशे के व्यापार को सरपरस्ती देकर पंजाब की पीढ़ियों का कत्लेआम किया है। इन नेताओं ने न सिर्फ नशे के व्यापार को बढ़ावा दिया, बल्कि नशे को बेचने या सप्लाई करने के लिए सरकारी वाहनों का भी इस्तेमाल किया।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेता सुखबीर बादल दावा करते हैं कि प्रदेश का सारा विकास उनके शासनकाल में हुआ, लेकिन वे बरगाड़ी और बहिबल कला की बेअदबी की घटनाओं को आंखों से ओझल कर बैठे हैं। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और हर आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुंचाई, जो एक न माफ करने योग्य गुनाह है। वे पंथ और पंजाब की विरोधी ताकतों के समर्थक हैं।”
अकाली दल की कथित ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल की इस चाल का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल राज्य को लूटने के बाद अब वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं?”
उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने अकालियों को चुना लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा राज्य व यहां के लोगों की पीठ में छुरा मारा। जब किसान भाईचारा अपने हकों के लिए लड़ रहा था, तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी जगह बचाने के लिए काले कृषि कानूनों पर मोदी सरकार का समर्थन किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने राज्य की कई पीढ़ियों को तबाह कर दिया है। ये पंजाब विरोधी ताकतें एक-दूसरे से हाथ मिलाकर चल रही हैं और राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये नेता केंद्र और नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुप हैं, जो पंजाब को बर्बाद कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, “ये नेता मुझ पर बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ते क्योंकि वे पंजाब की तरक्की से नाखुश हैं। लोगों को एकजुट होकर इन्हें राज्य से बाहर करके सबक सिखाना चाहिए। सुखबीर बादल, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य पंजाब के लिए बेगाने हैं क्योंकि इनका लोगों से कोई मेल नहीं है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपनी स्कूली पढ़ाई से लेकर कपड़ों और आदतों तक इन लोगों का आम पंजाबियों से कुछ भी मेल नहीं खाता। ये नेता लोगों के सामने आने वाली समस्याओं से अनजान हैं क्योंकि वे पंजाब की असली स्थिति से कोसों दूर हैं। उन्होंने कभी खेतों का चक्कर तक नहीं मारा, तो किसानों की मुश्किलों के बारे में क्या जान सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने इन पारंपरिक पार्टियों को बड़े पैमाने पर वोट दिए, लेकिन उन्होंने पंजाब को लूटा। इन नेताओं ने परजीवियों की तरह पंजाब के संसाधनों का खून चूसा और आज भी उनके पास सत्ता की भूख के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। वे मुझे गालियां निकालने और अपनी हाई कमांड को वीडियो भेजने में एक-दूसरे से आगे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई लक्ष्य या उद्देश्य नहीं है और वे निजी हितों में उलझे हुए हैं जबकि हमारी सरकार पंजाब को अग्रणी राज्य बनाने के लिए हर प्रयास कर रही है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब देश का अग्रणी राज्य बनेगा।”
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए अनूठी पहल की हैं। हमने लोगों से किए सारे वादे पूरे किए हैं। सरकार बिना किसी पक्षपात के हर घर को 600 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि जब से हमारी सरकार ने सत्ता संभाली है, 90 प्रतिशत परिवारों को बिजली का बिल नहीं आ रहा है। पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 8 घंटे निर्बाध बिजली मिल रही है। सरकार ने नहर प्रणाली को सुधारने पर 6500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और पहली बार 1365 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सिंचाई के लिए सिर्फ 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था, जो अब बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और आने वाले धान के सीजन तक यह 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। 6900 किलोमीटर लंबे 18,349 जल मार्गों को सुधारकर पानी को टेल तक पहुंचाया गया है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि जिन नेताओं के खेतों तक जाकर नहरें बंद हो जाती थी, उन्होंने कभी आम लोगों के इस मुद्दे पर कोई चिंता नहीं की। ऐसे फैसले सिर्फ वे नेता ले सकते हैं जो जमीन की हकीकत समझते हैं, न कि वे जो पहाड़ियों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े हैं।
रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के सिर्फ योग्यता के आधार पर 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर रोजगार क्रांति लाई है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड निजी निवेशों के कारण पिछले चार सालों में 7 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और हमने अगले पांच सालों के लिए रखरखाव, मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। सरकार किसानों की सुविधा के लिए हाई टेंशन तारों को जमीनदोज करने की संभावनाओं की भी पड़ताल कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों को बड़ी राहत देगा क्योंकि हाई टेंशन तारें उनके और उनकी फसलों के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके गांव से शुरू होगी, जहां काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
जनकल्याण पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नई तक्सीम योजना 30 दिनों के अंदर जमीन का बंटवारा सुनिश्चित करेगी, जिसे 13 अप्रैल 2026 से पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि लोग जितना हो सके आपसी समझ से विवाद सुलझाएं।
उन्होंने अपील की कि लोग मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद रहित इलाज के लिए अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन करवाएं। यह योजना सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मावां धीयां सत्कार योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति महीना 1500 रुपए और अन्य सभी श्रेणियों की महिलाओं को 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान को सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा कि करदाताओं का पैसा लोगों का है, जिसे विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों पर खर्च किया जा रहा है। पहले यही पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, लेकिन अब सारी चोर रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहतर शिक्षा गरीबी का इलाज है। कोई भी मुफ्त चीज गरीबी खत्म नहीं कर सकती, शिक्षा ही तरक्की और खुशहाली के दरवाजे खोल सकती है। हम शिक्षा को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जहां हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि की बात करते हैं, वहीं दूसरी पार्टियां सिर्फ सत्ता हथियाने की बात करती हैं। लोगों ने इन मौकापरस्त नेताओं को नकार दिया है, जो सिर्फ अपने परिवारों की भलाई के लिए काम करते रहे हैं।
गेहूं की खरीद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़ती सरकार पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम नहीं झुकेंगे। सरकार सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए सहकारी कमेटियों का खरीद कोटा बढ़ाएगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखा, जिसमें बिजली प्रोजेक्ट, नगर निगम सड़कों की मरम्मत और प्रमुख सड़कों का अपग्रेडेशन शामिल है। उन्होंने रंगला और जीवंत पंजाब बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
इससे पहले ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि भगवंत सिंह मान देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। आप सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए मार्गदर्शक पहल की हैं। अगर कोई दूसरी पार्टी सत्ता में आई तो वे दिल्ली में भाजपा की तरह इन जनकल्याण योजनाओं को बंद कर देंगे।
भगवंत मान सरकार की विकासोन्मुखी सोच से रंगला पंजाब की ओर बढ़ रहा है राज्य
मोगा में चल रहे बुनियादी ढांचा कार्य एक निर्णायक और काम-आधारित शासन मॉडल को दर्शाते हैं, जहां सड़कों, शहरी बुनियादी ढांचे और बिजली व्यवस्था में बड़े निवेश किए जा रहे हैं।
47.70 किलोमीटर लंबी मोगा-बाघापुराना-कोटकपूरा सड़क को 46.98 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। 22.72 किलोमीटर मोगा-धर्मकोट सड़क का नवीनीकरण 9.98 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है, जिससे मुख्य कस्बों व गांवों में संपर्क मजबूत होगा।
नगर निगम द्वारा 88.62 करोड़ रुपए के शहरी विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें 11.60 करोड़ रुपए के अतिरिक्त टेंडर प्रगति अधीन हैं। इनमें मुख्य सड़कों के नवीनीकरण के लिए 7.58 करोड़ रुपए, अन्य सड़कों के लिए 7.66 करोड़ रुपए, बहुमंजिला सामुदायिक हॉल के लिए 4.16 करोड़ रुपए, पुरानी अनाज मंडी में स्ट्रीट वेंडिंग जोन के लिए 2.19 करोड़ रुपए तथा गुरु नानक कॉलेज चौक पर एक घड़ी टावर के निर्माण के साथ-साथ गीता भवन, रेलवे अंडरब्रिज, जूती मार्केट, प्रताप रोड और मुख्य बाजार समेत शहर की प्रमुख जगहों के सौंदर्यीकरण के लिए 97 लाख रुपए शामिल हैं।
बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें रसूंगावाला में 9.82 करोड़ रुपए की लागत वाला 220 केवी ट्रांसफार्मर, 2.62 करोड़ रुपए की लागत वाला 20 एमवीए ट्रांसफार्मर और 4.22 करोड़ रुपए की लागत वाला सोसण में 132 केवी ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके अलावा मोगा शहर की बिजली वितरण व्यवस्था को अपग्रेड करने पर 3.74 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ये पहल पूरे शहर में बिजली आपूर्ति में सुधार कर रही हैं और आसपास के लगभग नौ गांवों को लाभ पहुंचा रही हैं। साथ ही 1 करोड़ रुपए की लागत से डगरू में एक नया सब-डिवीजन कार्यालय तैयार किया जा रहा है।
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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा
पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।
आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।
कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।
रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।
वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”
श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।
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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?
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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।
तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।
गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।
RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।
इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
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