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CM भगवंत सिंह मान द्वारा जैतो को 28.68 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य भर में विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए फरीदकोट के जैतो में 28.68 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को 30 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करना तथा पीने के साफ पानी और खेल ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश शामिल है।

उन्होंने कहा कि 2022 में ‘झाड़ू’ (आप का चुनाव चिन्ह) के लिए लोगों के जनादेश ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सपनों को साकार करने की नींव रखी, जो अब पूरे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ‘आप’ के शासन मॉडल की तुलना विपक्षी दलों से करते हुए कहा कि जहां ‘आप’ साफ पानी, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं पारंपरिक पार्टियां हमेशा लोगों की सेवा करने में विफल रही हैं।

उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए उनके शासनकाल पर सवाल उठाए और उन पर भाई-भतीजावाद तथा आपराधिक तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने बढ़ती गरीबी और मुश्किलों के लिए केंद्र सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया।

13 अप्रैल को बैसाखी के दिन होने वाले विशेष सत्र में एक साल तक कोई जमानत न देने और उम्रकैद की सजा का प्रावधान रखने वाला सख्त बेअदबी विरोधी कानून बनाने की घोषणा करते हुए भगवंत सिंह मान ने 2027 के चुनावों को अपनी सरकार के पक्ष में स्पष्ट माहौल बताया। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस का संबंध शुरू से ही सिख विरोधी दंगों से जुड़ा रहा है, वहीं अकाली दल अपने काले कारनामों के कारण पूरी तरह बदनाम हो चुका है और केवल उनकी ‘आप’ पार्टी ही बेहतर शासन-आधारित “एकमात्र विकल्प” है, जो “रंगला पंजाब” बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जैतो की धरती ने हमेशा इतिहास रचा है, जिसे उनकी पार्टी सलाम करती है। उन्होंने कहा कि साहित्य हो या संघर्ष, जब भी किसी क्षेत्र में जरूरत पड़ी, जैतो हमेशा आगे बढ़कर सबसे आगे खड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अकालियों को दी गई हर वोट गुरु और गुरबाणी की बेअदबी के पक्ष में फैसला होगी। उन्होंने कहा कि अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी कर हर व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकालियों ने महान गुरुओं की बाणी का अपमान किया और बहिबल कलां तथा बरगाड़ी में निर्दोष लोगों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि अकालियों ने श्री अकाल तख्त साहिब का भी गंभीर अपमान किया है। उन्होंने आगे कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदारों की नियुक्ति भी अकालियों की मनमानी से होती है, जो पंजाब के लोगों के साथ अन्याय है।

विकास के दावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में राज्य में बड़े पैमाने पर विकास हुआ, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य स्थानों पर जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दोष मारे गए, उन मुद्दों पर वे चुप्पी साध लेते हैं।

अकाली दल की “पंजाब बचाओ यात्रा” पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस यात्रा का असली नाम “परिवार बचाओ यात्रा” होना चाहिए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अकाली नेता यह स्पष्ट करें कि 15 वर्षों तक राज्य को लूटने के बाद अब वे किससे पंजाब को बचाने की बात कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अकालियों ने राज्य को बेरहमी से लूटा और पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से कुचला। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न माफियाओं को संरक्षण दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे कई पीढ़ियों के विनाश के लिए जिम्मेदार हैं। उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का व्यापार बड़े पैमाने पर बढ़ा-फूला।

उन्होंने आगे कहा कि इन नेताओं के हाथ लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं, जो इन नेताओं के सरकारी वाहनों के जरिए राज्य में सप्लाई किए जाने वाले नशों का शिकार हुए। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के पाप माफ नहीं किए जा सकते और अकालियों को उनके कुकर्मों की लंबी सूची के लिए लोग कभी भी माफ नहीं करेंगे।

इस दौरान विधायी कार्रवाई की रूपरेखा पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार ने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 में संशोधन के लिए 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने आगे कहा कि पवित्र ग्रंथ की बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम 10 साल और उम्रकैद तक की सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने कानून बनाने के लिए अनुभवी कानूनी विशेषज्ञों की सहायता ली है और इस संबंध में संत समाज से भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये अवसरवादी नेता हैं, जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह रंग और रुख बदलते रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों का समर्थक रहा है और देशभक्तों के खिलाफ अंग्रेजों का साथ देने के लिए इस परिवार को ‘सर’ की उपाधि से नवाजा गया था। उन्होंने आगे कहा कि इस परिवार ने 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड के दोषी जनरल डायर के लिए इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी की थी।

उन्होंने कहा, “इस कार्रवाई ने उनकी देश-विरोधी और पंजाब-विरोधी मानसिकता को उजागर किया है।” उन्होंने आगे कहा, “सिर्फ यही नहीं, परिवार ने जनरल डायर को श्री हरिमंदिर साहिब में सिरोपा भेंट करने और माफी दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “यह और भी हैरान करने वाली बात है कि सिरोपा भेंट करने वाले जत्थेदार अरूड़ सिंह, पूर्व लोकसभा सदस्य सिमरजीत सिंह मान के नाना थे।”

इतिहास का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “बादल परिवार के पूर्वजों के दोहरे चरित्र का सच इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता।” उन्होंने आगे कहा, “इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने से लेकर कौम के साथ विश्वासघात करने तक उनकी भूमिका को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।”

कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता राज्य का मुखिया बनना चाहता है। उनके पास कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री हैं।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनके शीर्ष नेता ने हाल ही में एक रैली के दौरान उन्हें सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस एक विभाजित पार्टी है, जो आंतरिक खींचतान के कारण बिखरने के कगार पर है।” उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें एकजुट करने के लिए भेजे गए नेताओं को उनके नाम तक सही से बोलना नहीं आता।”

2027 के चुनाव की रूपरेखा के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के पास चुनने के लिए तीन कलमें होंगी।” उन्होंने कहा, “पहली कलम कांग्रेस की है, जिसकी स्याही श्री हरिमंदिर साहिब पर हमले, 1984 के दंगों और अन्य सिख-विरोधी रुख का प्रतीक है। इसी तरह दूसरी कलम अकालियों की है, जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की स्याही है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा, “तीसरी कलम आप की है, जो जन-हितैषी और विकासशील पहलों के जरिए राज्य को फिर से रंगला पंजाब बनाकर इसकी शान बहाल कर रही है।”

सुशासन के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार ने कई जन-हितैषी पहलें की हैं, जिससे राज्य की बदली हुई तस्वीर साफ दिखाई दे रही है।” उन्होंने आगे कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा बहुत समझदारी से जनता की भलाई पर खर्च किया जा रहा है। यह पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के उन्नयन के माध्यम से फिर से राज्य पर ही लगाया जा रहा है।”

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने 90 फीसदी घरों को मुफ्त बिजली प्रदान की है, बिना किसी भ्रष्टाचार के 65,000 से अधिक नौकरियां दी हैं, सड़कों में सुधार किया है, टोल प्लाजा बंद किए हैं, जिससे रोजाना 70 लाख रुपये की बचत हो रही है और बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है।” उन्होंने आगे कहा, “नहरी पानी का उपयोग 22 फीसदी से बढ़कर 71 फीसदी हो गया है और आने वाले धान के सीजन तक 90 फीसदी तक पहुंच जाएगा।”

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुफ्त सुविधाएं गरीबी को खत्म नहीं कर सकतीं। शिक्षा ही एकमात्र साधन है, जिसके जरिए लोगों को ऊपर उठाया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “विद्या वह प्रकाश है जो अंधकार को दूर करता है, इसलिए हम शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।”

स्वास्थ्य देखभाल के बारे में भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है, जिसमें 30 लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं और अब तक 1.65 लाख इलाज प्रदान किए जा चुके हैं।” उन्होंने लोगों से ऐसी लाभकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की अपील भी की।

बिजली आपूर्ति के बारे में उन्होंने कहा, “पहली बार धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है।” उन्होंने आगे कहा, “किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनके जीवन में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है।” उन्होंने दोहराया, “सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।”

सामाजिक कल्याण का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “मावां-धीयां सत्कार सम्मान योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।”

सभा को संवाद का न्योता देते हुये भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कोई राजनीतिक रैली नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ने का वास्तविक मंच है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछली सरकारों ने लोगों का विश्वास तोड़ा और राज्य को लूटा, लेकिन बाद में लोगों ने बदलाव के लिए वोट दिया, जिससे स्कूलों, अस्पतालों और अन्य क्षेत्रों में परिवर्तन आया।”

जैतो की ऐतिहासिक धरती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र भूमि ने हमेशा इतिहास रचा है और पंजाब की किस्मत में इसकी उपजाऊ धरती का बड़ा योगदान रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “पारंपरिक नेता चांदी के चम्मच लेकर पैदा हुए थे और उन्होंने देश के लिए न कभी कुछ किया और न ही कोई कठिनाई झेली।” उन्होंने कहा, “वे मानते रहे कि उनके पास शासन करने का दैवी अधिकार है, लेकिन लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च होती है।”

सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षा और कल्याण पर चर्चा करने के बजाय वे भैंसों की बात करते हैं, जो एक संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा, “कई अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने राज्य को लूटा और इसी कारण लोगों ने उन्हें नकार दिया।”

विपक्ष के आचरण की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कहा, “वास्तविक मुद्दे उठाने के बजाय वे आरोप-प्रत्यारोप और कीचड़ उछालने में लगे हैं और राज्य के कीमती संसाधनों को लूटने के अपने अवसर का इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना है, जनता का कल्याण नहीं।”

‘आप’ के एजेंडे को दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि की बात करते हैं, जबकि अन्य सत्ता हथियाने की रणनीतियों में लगे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “उनका एजेंडा परिवार का कल्याण है, हमारा जनता का कल्याण।” उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों के कुशासन के कारण लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुना, जो लगातार मेहनत कर रही है।”

लोगों को पिछली सरकारों की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कहा, “पारंपरिक पार्टियां कभी भी पंजाब के प्रति वफादार नहीं रहीं।” उन्होंने आगे कहा, “वे ईर्ष्या करते हैं क्योंकि ‘आप’ ने कल्याण का एजेंडा तय किया है।” उन्होंने आगे कहा, “सुखबीर सिंह बादल को पंजाब की बुनियादी भौगोलिक स्थिति के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।”

अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनका परिवार लगातार पंजाब विरोधी ताकतों के साथ खड़ा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “आप व्यवस्था बदलने के लिए बनाई गई थी और इसके नेतृत्व में पंजाब शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है।”

राष्ट्रीय मुद्दों पर भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश पर शासन करने वालों को जनता के कल्याण की जानकारी नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “देश का नेतृत्व एक ऐसे व्यक्ति कर रहे हैं जो अधिक समय विदेशों में बिताते हैं और जमीनी हकीकत से दूर हैं।” उन्होंने कहा, “एलपीजी और तेल संकट का अनुमान पहले ही लगाया जाना चाहिए था।”

इससे पहले, ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “यह बहुत गर्व की बात है कि भगवंत सिंह मान सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री साबित हुए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “वे जनता के कल्याण के लिए काम करने वाले एकमात्र मुख्यमंत्री हैं और पार्टी बड़े बहुमत के साथ फिर से सत्ता में आएगी।”

इस दौरान स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर और डॉ. बलबीर सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

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श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के प्रकाश पर्व पर श्री हरिमंदिर साहिब में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर गुरिंदर सिंह देवीदासपुरा ने समस्त संगत को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी ने बहुत कम आयु में ही मानवता की सेवा, दया, विनम्रता और परोपकार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं आज भी पूरी मानवता को सेवा, प्रेम और करुणा का संदेश देती हैं। उन्होंने संगत से गुरु साहिब के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने और जरूरतमंदों की सेवा के लिए सदैव आगे आने की अपील की।

प्रकाश पर्व के विशेष अवसर पर रात्रि के समय सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में विशेष रोशनी और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। रोशनी से जगमगाता श्री हरिमंदिर साहिब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और इस पावन पर्व की रौनक को और भी भव्य बना देगा।

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नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब ने केरल को पछाड़ा; शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में चार सालों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया

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प्रदेश में शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव का दावा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज कहा कि पंजाब ने केरल को पछाड़कर ‘नीति आयोग स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स 2026’ में शीर्ष स्थान हासिल किया है। जहां वर्ष 2022 में 8,000 स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी और लगभग 4 लाख विद्यार्थी ताटों (चटाइयों) पर बैठकर पढ़ने को मजबूर थे, वहीं आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है और पंजाब पहली से 12वीं कक्षा तक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ को मुख्य विषय के रूप में शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। यह वह बदलाव है जिसका वादा आप की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने किया था।

विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा द्वारा लाए गए शिक्षा संबंधी प्रस्ताव पर बहस में भाग लेते हुए, स्कूल शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने जुलाई 2022 में पदभार संभालने के समय स्कूलों की खराब स्थिति को याद करवाया।

बुनियादी ढांचे के प्रारंभिक सर्वेक्षण के नतीजों के बारे में बताते हुए स. बैंस ने कहा कि 8,000 से अधिक स्कूलों में चारदीवारी नहीं थी, 3,200 में उपयोग योग्य बाथरूम नहीं थे और लगभग 4 लाख बच्चे जमीन पर बैठने को मजबूर थे। पाठ्यपुस्तकें अक्टूबर-नवंबर में स्कूलों तक पहुंचती थीं, जिससे शैक्षणिक सत्र के कई महीने बर्बाद हो जाते थे।

किसी भी सरकारी शिक्षक से इसकी पुष्टि करने की चुनौती देते हुए उन्होंने आगे कहा, “अब वही पाठ्यपुस्तकें 15 फरवरी तक जिला मुख्यालयों तक पहुंच जाती हैं और 31 मार्च तक वितरित कर दी जाती हैं।”

अपने शासन मॉडल के बारे में बताते हुए स. बैंस ने कहा कि उन्होंने पंजाब के हर जिले के 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का निजी तौर पर दौरा किया है, जिनमें सीमावर्ती स्कूल, जीरो-लाइन से सटे गांव और दूर-दराज के क्षेत्र शामिल हैं।

उन्होंने सदन को बताया कि सरकार का प्रमुख ‘मिशन समरथ’ भारत के सबसे बड़े बुनियादी शिक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभरा है। इसके लेवल बेस्ड टीचिंग मॉडल के तहत, हर बच्चे को अच्छी तरह पढ़ना, लिखना और गणित सिखाना सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों को ग्रेड के बजाय उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार समूहों में बांटा जाता है।

स. हरजोत बैंस ने कहा, “जब मैंने सितंबर-अक्टूबर 2022 में स्कूलों का दौरा किया, तो मैंने 8वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थी भी देखे जो सामान्य वाक्य भी नहीं लिख सकते थे। कुछ विद्यार्थी सामान्य जोड़ और घटाव नहीं कर सकते थे। हमने इन विद्यार्थियों की पहचान की और इन्हें तीसरी कक्षा के सिलेबस के स्तर से पढ़ाया। आज वे बहुत सुधार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब सालाना लगभग 12 लाख विद्यार्थियों और 70,000 से अधिक शिक्षकों को कवर किया जाता है।

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन में हुए सुधार के बारे में स. हरजोत बैंस ने सदन को बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों से नीट-यू.जी. परीक्षा पास करने वालों की संख्या वर्ष 2021 में मात्र 80 से बढ़कर वर्ष 2026 में 882 हो गई है। उन्होंने कहा कि ये नतीजे ‘पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस’ (पेस) पहल का स्पष्ट परिणाम हैं।

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार की शिक्षा क्रांति ने विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है।” स. बैंस ने आगे कहा कि मजीठा में सरकारी स्कूलों के छह विद्यार्थियों और दीनानगर में 17 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है। ये कोई प्राइवेट कोचिंग के आंकड़े नहीं, बल्कि हमारे सरकारी स्कूलों की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

उन्होंने एक साधारण परिवार से संबंधित लड़की हरनूरप्रीत कौर का विशेष जिक्र किया, जिसने अपनी श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक 3140 हासिल की, जो आज के सरकारी स्कूलों की काबिलियत को दर्शाता है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने पलटवार किया, “अगर आप चाहते हैं तो मुझे व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाएं। सरकारी स्कूलों को क्यों निशाना बना रहे हो? कुछ नकारात्मक सोच वाले लोगों द्वारा गढ़े गए झूठे प्रचार ने लोगों को पहले ही सरकारी स्कूलों से दूर कर दिया है।”

सरकारी स्कूलों में घटती दाखिला दर से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए स. बैंस ने कहा कि यह रुझान सिर्फ पंजाब तक ही सीमित नहीं था, बल्कि कोविड के बाद देश भर में देखा गया है।

उन्होंने आगे कहा, “ऑल इंडिया आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले की संख्या 1.76 करोड़ तक घटी है। कोविड के दौरान, सरकारी स्कूलों में दाखिला वास्तव में बढ़ा था। परंतु उसके बाद, हर जगह यह संख्या घटी है।”

उदाहरण देते हुए स. बैंस ने कहा कि बिहार में 2.49 करोड़ विद्यार्थी थे, जो पहले घटकर 2.13 करोड़ रह गए और इस साल यह और घटकर 1.95 करोड़ रहने का अनुमान है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में, यह संख्या पहले 4.44 करोड़ से घटकर 4.16 करोड़ हो गई है, जो इस साल 4.1 करोड़ रहने का अनुमान है। इसके अलावा महाराष्ट्र में यह संख्या 2.32 करोड़ से घटकर 2.13 करोड़ रह गई।

स. बैंस ने कहा, “उन्होंने भारत सरकार की 2023 में शुरू की गई अपार आई.डी. पहल का भी हवाला दिया। ‘अब हर विद्यार्थी के पास एक अनोखी आई.डी. है। पहले एक बच्चा छह स्कूलों में दाखिल होता था परंतु किसी में भी नहीं पढ़ रहा था। इसी कारण अब ये आंकड़े सही हो रहे हैं।’”

शिक्षा मंत्री ने विस्तार से बताया कि 19,125 सरकारी स्कूलों में 2,638 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के काम किए गए हैं। इस साल विश्व बैंक से और सुधारों के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी ली गई है।

स. हरजोत बैंस ने कई ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की सूची दी, जिनका पूरी तरह कायाकल्प किया गया है। उन्होंने लुधियाना के शहीद सुखदेव थापर के नाम पर बने स्कूल ऑफ एमिनेंस का हवाला दिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि कभी इसे पूरी तरह उपेक्षित कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “आज इस स्कूल को विश्व स्तरीय बनाने के लिए 18 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस साल स्कूल के 17 विद्यार्थी नीट परीक्षा भी पास कर चुके हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों को आखिरी विकल्प से पहली पसंद में बदल रही है। हम यहीं नहीं रुक रहे। हम हर साल और ऊंचे लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं।

स. बैंस ने कहा, “शिक्षकों को अब सरकारी स्कूल चलाने के लिए फंड मांगने की जरूरत नहीं। हमने स्कूलों के लिए आवश्यक फंड मुहैया करवाए हैं, पिछली सरकारों की तरह नहीं जब शिक्षकों को फंड मांगने जाना पड़ता था। अपमान का दौर अब खत्म हो गया है।”

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केजरीवाल की मोदी सरकार को चुनौती, E-20 पर कोई रिसर्च रिपोर्ट है तो सार्वजनिक करे

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मोदी सरकार से ई-20 लागू करने से पहले की कोई वैज्ञानिक रिसर्च रिपोर्ट है तो उसे सार्वजनिक करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ई-20 बिना वैज्ञानिक अध्ययन के ही लागू किया, अब वैसे ही ये लोग ई-50 भी लागू कर देंगे। इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले को धमका कर चुप करा दिया जा रहा है। इसकी असल वजह ये है कि मोदी जी ट्रम्प के दबाव में हैं और इसी कारण तमाम वैज्ञानिक सबूतों के खिलाफ जाकर जबरदस्ती देश पर एथेनॉल थोप रहे हैं। मोदी जी ने कभी साइंस, इंजीनियरिंग या रिसर्च का सम्मान नहीं किया। वे सिर्फ अपना हिडन एजेंडा पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार डीजल में भी मिलावट करने वाली है। इसलिए लोग अभी कुछ वर्ष पेट्रोल और डीजल की नई गाड़ियां खरीदने से बचें।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-20 से आगे पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। भविष्य में यदि कभी ऐसा प्रस्ताव आता भी है, तो वह व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण और वाहन निर्माताओं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों तथा अन्य हितधारकों से परामर्श के बाद ही होगा। ई-20 कोई जल्दबाज़ी में लिया गया फैसला नहीं है। भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम दो दशकों से अधिक समय से चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा है। ई-20 लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण और सभी संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा किया गया।

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा नेता अमित मालवीय पर पलटवार करते हुए कहा कि आप ख़ुद ही कह रहे हैं कि ई-20 से आगे पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का “अभी” कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आप माहौल ठंडा होने का इंतज़ार कर रहे हैं। जैसे ही माहौल ठंडा होगा, आप उसे लागू कर देंगे। मुझे खुशी है कि आपने स्वीकार किया कि निर्णय “अभी” नहीं लिया गया।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे ई-20 बिना किसी वैज्ञानिक अध्ययन के लागू किया गया, किसी की नहीं सुनी गई, धमकियां देकर सबको चुप करवा दिया गया, वैसे ही आप ई-50 भी लागू कर देंगे। यही आपका काम करने का स्टाइल है। आप कहां विज्ञान, साइंस और इंजीनियरिंग को मानते हैं। अगर आपने ई-20 लागू करने के पहले कोई अध्ययन करवाया है तो उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं करते? छुपा क्यो रहे हैं?

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि मोदी सरकार का क्या प्लान है? पता चल रहा है कि पेट्रोल में 50 फीसद से ज्यादा की मिलावट करेंगे। अभी बस माहौल शांत होने का इंतज़ार कर रहे हैं। पहले आपकी ई-0 और ई-10 गाड़ियों में ज़बरदस्ती ई-20 पेट्रोल डालकर कबाड़ा किया। आज अगर आप ई-20 नई गाड़ी खरीदते हैं तो सरकार कुछ दिन बाद उसमे ज़बरदस्ती ई-50 पेट्रोल डालकर उसका कबाड़ा कर देगी। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही डीजल में भी मिलावट करने वाली है। इसलिए अभी कुछ वर्ष आप पेट्रोल और डीजल की नई गाड़ियां खरीदने से बचें।

एक अन्य पोस्ट में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने सियाम को अपनी रिपोर्ट वापस लेने के लिए मजबूर किया। यह मोदी जी का टिपिकल गुंडागर्दी वाला स्टाइल है। मोदी जी ने कभी साइंस, इंजीनियरिंग या रिसर्च का सम्मान नहीं किया, वे केवल अपना हिडन एजेंडा पूरा करते हैं। मोदी जी अमेरिका से एथेनॉल खरीदने के लिए ट्रंप के दबाव में हैं। उस दबाव को बर्दाश्त न कर पाने की वजह से वे तमाम वैज्ञानिक सबूतों के खिलाफ जाकर पूरे देश पर जबरदस्ती एथेनॉल थोप रहे हैं।

मोदी सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल में भी इथेनॉल मिलाने की बना रही योजना- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सूत्रों से पता चला है कि मोदी सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) में भी एथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।

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