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बेअदबी के दोषियों को 15 साल तक शरण देने वालों को संगत कभी माफ नहीं कर सकती-CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्पष्ट रूप से कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के दोषियों को 15 साल तक शरण देने वालों को संगत कभी माफ नहीं कर सकती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस घिनौने अपराध के जिम्मेदार लोग जल्द ही जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
पटियाला जिले के विधानसभा क्षेत्र समाणा के गांव गाजेवास में ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ बेअदबी करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए कठोर से कठोर सजा का प्रावधान करेगा।
मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के जन-पक्षीय शासन का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों पर खर्च किया जा रहा है, जबकि 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 68,000 से अधिक युवाओं ने बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां हासिल की हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा: “आज समाणा विधानसभा क्षेत्र के गांव गाजेवास में ‘लोक मिलनी’ के दौरान लोगों से संपर्क स्थापित किया। लोगों की ओर से भरपूर समर्थन और अपार प्यार मिला। गांव गाजेवास के विकास के लिए गांव के सरपंच को 51 लाख रुपये की अनुदान राशि का चेक सौंपा। महिलाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं और हर गांव में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना हमारी मुख्य प्राथमिकता है।”
पोस्ट के अंत में लिखा, “हमारा एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर घर को बेहतर सुविधाएं मिलें और पंजाब को हर क्षेत्र में नंबर एक राज्य बनाया जा सके। लोगों के आशीर्वाद और सहयोग से हम एक बार फिर रंगला पंजाब बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। इंकलाब जिंदाबाद।”
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन अपराधियों को सिख पंथ और गुरु साहिबान के साथ की गई गद्दारी के लिए कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “बादलों के राज के दौरान बेअदबी की सबसे ज्यादा घटनाएं हुईं, लेकिन किसी को भी सजा नहीं दी गई। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष सिख संगत पर गोली चलाने के आदेश दिए गए। बादलों के बाद सत्ता में आए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस घिनौने अपराध के दोषियों को सजा देकर सिख संगत की भावनाओं को शांत करने के लिए कुछ नहीं किया।”
उन्होंने कहा कि असल में ये लोग मानवता के खिलाफ अक्षम्य अपराध करने वाले समाज विरोधी तत्वों से मिले हुए थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यही कारण है कि ये लोग और इनके कठपुतलियाँ हुए अब ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वे अपने पापों के लिए कानून की कटघरे में बेनकाब हो जाएंगे। इन नेताओं को अपने पापों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और वे जल्द ही जेल की सलाखों के पीछे होंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल को सत्ता में आने के सपने देखने बंद कर देने चाहिए, क्योंकि अब सिख कौम के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए उनकी जेल जाने की बारी है। उन्होंने कहा, “मैं ईश्वर का आभारी हूं जिन्होंने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ बनाने का अवसर प्रदान किया। जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, करोड़ों लोगों की मानसिकता को गहरा आघात पहुंचा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ईश्वर ने उन्हें कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद यह विधेयक लाने की बुद्धि और शक्ति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने इस विधेयक को बहुत सावधानी से तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या कमियां इसे कमजोर न कर सकें। यह विधेयक समाज विरोधी तत्वों के लिए भविष्य में ऐसा कोई भी पाप करने से रोकने का काम करेगा और कोई भी कभी भी इस तरह का घिनौना अपराध करने की हिम्मत नहीं कर सकेगा। पहले लोग यह कहकर फांसी के फंदे से बच जाते थे कि ‘उनका दिमाग खराब है’ या ‘वह मानसिक रूप से बीमार है’, और आरोपी आजाद घूमते थे।”
हालांकि, मुख्यमंत्री ने सवाल किया, “अगर कोई वास्तव में मानसिक रूप से ठीक नहीं है तो वह सिर्फ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही निशाना क्यों बनाता है? वह किसी रेल इंजन से क्यों नहीं टकराता या बिजली की नंगी तारों को हाथ क्यों नहीं लगाता? सच्चाई यह है कि ऐसी हरकतें अक्सर जानबूझकर और साजिश के तहत की जाती थीं। इसलिए हमने कानून में एक धारा जोड़ी है कि अगर किसी को चिकित्सकीय रूप से मानसिक रोगी घोषित किया जाता है, तो उनके संरक्षक, माता-पिता, अभिभावक या देखभाल करने वालों को भी आपराधिक मामलों का सामना करना पड़ेगा।”
अकालियों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब वे सत्ता में थे तो वे कभी भी ऐसा कानून बनाने के लिए इच्छुक नहीं थे। उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि उनकी नीयत में खोट थी। अकालियों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए बेअदबी की घटनाएं होने दीं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल अब ननद-भाभी की पार्टी बनकर रह गया है क्योंकि ननद सांसद है और भाभी विधायक है। उन्होंने कहा, “सुखबीर बादल साल 2022 की हार के सदमे से अभी तक बाहर नहीं आ सके। पूर्व उप मुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्होंने अपने सभी विधायकों को विधानसभा में न जाने के निर्देश दिए हैं, वे यह भूल गए हैं कि शिरोमणि अकाली दल का सिर्फ एक ही विधायक बचा है और वह भी उनका करीबी रिश्तेदार है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा यह अच्छी तरह जानते हैं कि वे राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने फर्जी (नकली) वीडियो के जरिए धार्मिक आधार पर उनकी छवि खराब करने के लिए गठजोड़ कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेताओं ने अपने लंबे और दमनकारी शासनकाल के दौरान पंजाब को बेरहमी से लूटा तथा आम लोगों पर अनेक अक्षम्य अत्याचार किए। उन्होंने कहा, “उन्होंने पंजाबियों के दिलों को गहरे घाव दिए और राज्य को बर्बाद करने के लिए माफिया को संरक्षण दिया। अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों के भविष्य को बर्बाद करने का जिम्मेदार है। उनके संरक्षण में नशे का कारोबार फला-फूला और उनके लंबे कुशासन के दौरान यह पूरे प्रदेश में फैल गया।”
सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व जनता के बीच अपना आधार खो चुका है और अब अपनी रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए पैसे देकर लोगों को लाया जाता है। उन्होंने कहा, “अकाली दल की हर रैली में वही लोग दिखाई देते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दल लगातार किसी न किसी आरोप के माध्यम से उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारों के बाहर मेरे बहिष्कार के पोस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन जब अकाली दल और सुखबीर बादल ने बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी, तब उनके खिलाफ ऐसे पोस्टर क्यों नहीं लगाए गए?”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सवाल किया, “2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सुखबीर बादल ने अपने गुनाह स्वीकार किए, गलत कार्यों को माना, गोलीबारी की घटनाओं की जिम्मेदारी ली और यह भी माना कि संगत के खिलाफ आदेश दिए गए थे। क्या उस समय किसी ने गुरुद्वारों के बाहर उनके बहिष्कार के पोस्टर लगाए थे?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि संगत समझदार है और जनता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, “ये लोग अहंकार में काम कर रहे हैं क्योंकि उनके पास मेरे खिलाफ उठाने के लिए कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। जब मैं गांवों, सामाजिक कार्यक्रमों और जनसभाओं में जाता हूं तो भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। विपक्ष इस जनसमर्थन को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। इसी हताशा में पारंपरिक राजनीतिक दल मेरे खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाकर बेहद निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने अंतिम दौर में है और बहुत जल्द समाप्त हो जाएगी क्योंकि उसके पास न तो जनता के लिए कोई दृष्टि है और न ही पंजाब के विकास का कोई स्पष्ट विजन। उन्होंने कहा, “इनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल कर पंजाब के खजाने को लूटना है, लेकिन उनके ये सपने कभी पूरे नहीं होंगे।”

सत्ता हासिल करने के सपने देखने वाले कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस एक बिखरा हुआ घर बन चुकी है, जो अपनी अंदरूनी कलह के कारण स्वयं ढह जाएगी। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन्हें एकजुट करने आने वाले शीर्ष कांग्रेस नेताओं को इनके नामों का सही उच्चारण तक नहीं आता।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी खजाने के प्रत्येक पैसे का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ जनता के कल्याण के लिए कर रही है। उन्होंने कहा, “राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जनता के टैक्स का पैसा जनता का है और हम उसे विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के निर्माण पर खर्च कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के हित में अनेक ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इनमें घरों को मुफ्त बिजली, 68,000 से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां, बेहतर सड़कें, टोल प्लाजा बंद कर प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं तथा मजबूत बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार बनी थी, तब सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था, जो आज बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। गांवों के विकास के लिए भी लगातार अनुदान दिए जा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह गर्व की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना के तहत अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज करा चुके हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘मावां धीयां सतिकार योजना’ के तहत 1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह तथा अन्य सभी वर्गों की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसकी जानकारी लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर भेजी जाएगी। उन्होंने कहा, “राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना की पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और इसके लिए राज्य सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।”
National
बेंगलुरु के 3-Star और 5-Star होटलों में बड़ी फूड सेफ्टी जांच, Expired दूध-मांस और खराब सब्जियां मिलने से मचा हड़कंप
बेंगलुरु के बड़े और लग्जरी होटलों की रसोइयों में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एफएसएसएआई की टीमों ने शहर के 26 होटलों में अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, खराब मांस और मछली, सड़ी हुई सब्जियां, फंगस लगी सब्जियां और एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद पाए गए।
इस कार्रवाई के लिए 30 निरीक्षण टीमें तैनात की गई थीं। अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 35 सैंपल लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, जो खाद्य सामग्री एक्सपायर्ड या इस्तेमाल के लायक नहीं पाई गई, उसे जब्त कर नष्ट कर दिया गया।
जांच के दौरान द ललित अशोक से करीब 76 किलो मांस, 200 किलो सब्जियां और 32 लीटर एक्सपायर्ड दूध बरामद किया गया। ताज यशवंतपुर से करीब 72 किलो मांस और मछली, जबकि फोर सीजन्स होटल से लगभग 19 किलो मांस मिला। शांगरी-ला होटल से करीब 15 किलो मांस और विवांता बेंगलुरु व्हाइटफील्ड से लगभग 3 किलो एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद हटाए गए।
सबसे बड़ी बरामदगी में से एक रेडिसन ब्लू एट्रिया से हुई, जहां करीब 105 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली। इसमें लगभग 50 किलो चिकन, 25 किलो मांस, 23 किलो मछली और 7 किलो सब्जियां शामिल थीं। इसके अलावा कुछ होटलों की रसोई और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर कमियां भी सामने आईं।
अधिकारियों को कुछ सब्जियों पर फंगस मिली, जबकि कई जगह खाद्य सामग्री को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने में भी लापरवाही सामने आई। कुछ उत्पादों पर जरूरी लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था।
निरीक्षण के दौरान चिकन, मटन, मछली, दूध, खाना पकाने के तेल, मसाले, चीज और सॉस समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ फूड सेफ्टी मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया है, वहां होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बड़े और लग्जरी होटलों से इसलिए की गई है, ताकि यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि होटल चाहे कितना भी बड़ा या महंगा हो, फूड सेफ्टी के नियम सभी के लिए समान हैं।
अब अधिकारियों की नजर उन फूड स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों पर भी है, जहां से होटलों और कैटरिंग संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई होती है। बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम तस्वीर प्रयोगशाला रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।
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मोहाली में ‘पंजाब यूथ रन 2026’ मैराथन, नशामुक्ति और फिटनेस का दिया संदेश
आम आदमी पार्टी पंजाब के यूथ विंग की ओर से मोहाली में आज सुबह ‘पंजाब Youth Run 2026’ के नाम से एक भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से व्यायाम एवं खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना रहा। मैराथन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि युवाओं के साथ-साथ बड़ी उम्र के लोगों ने भी जोश और उत्साह के साथ दौड़ में भाग लिया और स्वस्थ पंजाब का संदेश दिया।
मैराथन के दौरान प्रतिभागियों ने नशामुक्त पंजाब, स्वस्थ पंजाब और फिट पंजाब का संदेश लोगों तक पहुंचाया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, व्यायाम और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
इस मौके पर आम आदमी पार्टी के सांसद मीत हेयर और मलविंदर सिंह कंग सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने मैराथन में हिस्सा लेने वाले युवाओं और अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही दिशा और बेहतर मंच उपलब्ध करवाया जाए, ताकि वे खेल, शिक्षा और स्वस्थ गतिविधियों के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।
‘आप’ नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही सफल हो सकती है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल मैदानों, फिटनेस गतिविधियों और सामाजिक अभियानों को बढ़ावा देना जरूरी है। ‘पंजाब Youth Run 2026’ जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में लोगों को जागरूक करने और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने का काम करते हैं।
मैराथन में युवाओं के साथ बुजुर्गों की भागीदारी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। प्रतिभागियों ने दौड़ के जरिए यह संदेश दिया कि स्वस्थ रहने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है और हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बना सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने फिटनेस, स्वास्थ्य और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाने की इस पहल की सराहना की।
पार्टी नेताओं ने बताया कि ‘पंजाब Youth Run 2026’ को केवल मोहाली तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आने वाले समय में पंजाब के अन्य शहरों में भी इसी तरह की मैराथन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और नशामुक्त पंजाब के निर्माण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
National
अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा
पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।
आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।
कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।
रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।
वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”
श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।
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