Punjab
नशा मुक्त राज्य बनने की ओर बढ़ रहा पंजाब, CM भगवंत सिंह मान ने नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘सूरमे’ के रूप में किया सम्मानित
पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपनी सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम को अगले पड़ाव पर ले जाते हुए ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्त हुए नौजवानों को विशेष तौर पर तैयार की गई ‘सूरमा’ छाप (रिंग) और टी-शर्ट से सम्मानित किया।
इसे सूबे की नशा विरोधी मुहिम का अगला पड़ाव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपराले का उद्देश्य नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘उम्मीद के दूत’ के रूप में पेश करना है, जो जमीनी स्तर पर नशों के खिलाफ जंग की अगवानी करेंगे। दो साल से अधिक समय से नशा मुक्त रहने वाले व्यक्तियों का सम्मान करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि ये नौजवान न सिर्फ दूसरों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे, बल्कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें रोजगार के मौके भी मुहैया करवाए जाएंगे।
खेलों को नशों की बीमारी के खिलाफ सबसे कारगर हथियार बताते हुए उन्होंने ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू कर दिए जाएंगे ताकि नौजवानों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की ओर से मानक शिक्षा, सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, खेलों के बुनियादी ढांचे और पुनर्वास पर एक साथ ध्यान दिया जा रहा है जो नशा-मुक्त और रंगला पंजाब की नींव रख रहा है।
कुछ मुख्य नुक्ते साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज हमने ‘सूरमा मुहिम’ की शुरुआत की है और उन नौजवानों को सम्मानित किया है जो नशों के चंगुल में से निकलकर नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं। दूसरों के लिए रोल मॉडल बने इन प्रेरणादायक नौजवानों को पंजाब सरकार की ओर से रोजगार के मौके भी दिए जाएंगे। 15 जुलाई तक पंजाब भर के नौजवानों के लिए 3,100 नए खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे। आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में पहले नंबर पर है और 47 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज के लिए 10 लाख रुपये के ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना कार्ड’ मिल चुके हैं।
सड़क सुरक्षा फोर्स (एस.एस.एफ.) ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को 50 फीसदी तक कम कर दिया है, जिससे हर साल करीब 2,700 कीमती जानें बच रही हैं। जब नीयत साफ हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। आओ सब मिलकर रंगला पंजाब बनाएं।” इकट्ठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि समागम में मौजूद नौजवानों ने नशों की वजह से सब कुछ गंवाने के बाद इस दलदल में से बाहर निकलकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि आज इनका सम्मान इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सामाजिक बदनामी के बावजूद इन्होंने नशे को हराने का असाधारण साहस दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “नशे की लत एक सामाजिक कलंक है। जब लोगों को पता चलता है कि कोई नशा करता है तो वे उस शख्स से बात करना भी बंद कर देते हैं। इन नौजवानों ने उस दर्द और मानसिक पीड़ा को झेला है, लेकिन आज वे नई शुरुआत करने और समाज की सेवा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “ये नौजवान नशे की बीमारी पर जीत हासिल कर चुके हैं और अब अपने तजुर्बे साझा करके दूसरों की मदद कर सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए लगातार कोशिशें कर रही है और राज्य भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्व स्तरीय पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू हो जाएंगे ताकि नौजवानों की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में बदला जा सके। समागम में मौजूद नशा मुक्त हुए सभी नौजवानों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दुखद अतीत को पीछे छोड़कर सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार इस नेक मिशन में उन्हें हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा, “रंगला पंजाब के सपने को पूरा करने के लिए अब सिर्फ एक ही रंग बाकी रह गया है और वह भी जल्द ही भर दिया जाएगा क्योंकि पंजाब जल्द ही पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा।”
राज्य की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में मानक शिक्षा यकीनी बनाकर शिक्षा के क्षेत्र का काया-कल्प किया है, जिसके कारण पंजाब, केरल और कई अन्य सूबों को पछाड़कर 27वें नंबर से पहले नंबर पर आया है। उन्होंने कहा कि गरीबी को खत्म करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। “हमारे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कल ऊंचे अधिकारी बनेंगे और अपने परिवारों को गरीबी में से निकालने में मदद करेंगे। सिर्फ कार्ड या मुफ्त की सुविधाएं गरीबी खत्म नहीं कर सकतीं, लेकिन शिक्षा में ऐसा करने की ताकत और समर्थता जरूर है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के करीब 65 लाख परिवारों में से 17.47 लाख परिवारों को पहले ही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड’ मिल चुके हैं, जिससे वे मुफ्त इलाज का फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक करीब 650 करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज मुहैया करवाया जा चुका है। राज्य सरकार की अन्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब अब सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग कर रहा है, किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) ने अब तक सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 3,000 लोगों की जान बचाई है, लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को बड़ा लाभ पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह में उन लोगों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने नशे की लत पर सफलतापूर्वक काबू पाया है और दो वर्षों से अधिक समय से नशा मुक्त (संयमित) जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति वास्तविक ‘सूरमा’ हैं क्योंकि इन्होंने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ नशे पर विजय प्राप्त की है। आज का यह समारोह पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में एक नए अध्याय की शुरुआत है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये सूरमा अब ‘एम्बेसडर ऑफ रिकवरी’ के रूप में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे, जो अन्य लोगों को नशे की लत से छुटकारा पाने और अपने जीवन की नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरमा कार्यक्रम की शुरुआत पूरे पंजाब में व्यापक पुनर्वास कार्यक्रमों और मजबूत सामाजिक सहायता प्रणालियों के सकारात्मक प्रभाव का एक बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंजाब की विरासत में गहराई से रचा-बसा ‘सूरमा’ शब्द अदम्य साहस का प्रतीक है, जो इन व्यक्तियों द्वारा अपनी अटूट इच्छाशक्ति के बल पर अपने जीवन को पुनः संवारने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। सरकार के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार नशों के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित कर रही है कि नशे से प्रभावित प्रत्येक परिवार को उपचार के लिए आवश्यक सहायता मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह केवल इन व्यक्तियों की रिकवरी का नहीं, बल्कि उनके नए जीवन को समर्पित है। उन्होंने कहा, “ये सूरमा अपने परिवारों और समाज के लिए आशा की किरण हैं। इनकी यात्रा यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, पारिवारिक सहयोग और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के माध्यम से नशे से मुक्ति संभव है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को उचित उपचार मिले और वह समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सूरमा इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि समय पर सहायता मिलने से उन जीवनों को फिर से संवारा जा सकता है, जो शायद नशे के कारण बर्बाद हो सकते थे। उन्होंने कहा, “स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों को विशेष रूप से तैयार की गई ‘प्रॉमिस रिंग्स’ (छल्लों) और बाज के प्रतीक वाली वर्दियों से सम्मानित किया गया है, जो नशा मुक्त पंजाब के मिशन में साहस, शक्ति और पंजाबियत के प्रतीक हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सूरमा पहल पंजाब सरकार की नशों के खात्मे के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसने पिछले कई वर्षों से राज्य में तबाही मचा रखी थी। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की वास्तविक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनकी कड़ी मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प रंगला पंजाब के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सूरमा को सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे अब दूसरों को नशे की लत से छुटकारा दिलाने में मदद करके आशा के दूत बनेंगे। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार नशा मुक्ति केंद्रों, कौशल विकास कार्यक्रमों में निवेश करना जारी रखेगी और नशे की लत से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के लिए प्रयासरत रहेगी, ताकि प्रत्येक स्वस्थ हो चुका व्यक्ति बेहतर रोजगार के अवसरों के साथ सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी दोहराया कि जहां सरकार नशों के माध्यम से पंजाब को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, वहीं सहायता मांगने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पूरा सहयोग देना भी जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “यही ‘युद्ध नशों विरुद्ध चरण-2’ का वास्तविक उद्देश्य है।”
मुख्यमंत्री ने नशों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को समर्पित एक प्रेरणादायक गीत भी लॉन्च किया और घोषणा की कि सूरमा कार्यक्रम अब पंजाब के प्रत्येक जिले और गांव तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों ने नशा मुक्ति उपचार सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और कम से कम दो वर्षों से नशे से दूर हैं, वे व्हाट्सएप पर 9779142200 पर “Soorma” संदेश भेजकर इस कार्यक्रम के लिए स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पात्र व्यक्तियों को उनके अद्वितीय साहस के लिए सम्मानित किया जाएगा और वे पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में चैंपियन के रूप में सेवा देंगे। उन्होंने कहा, “सूरमा पहल के माध्यम से पंजाब सरकार एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रही है, जो नशे के कारण फैली निराशा को चुनौती देते हुए पीड़ितों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने और उनका सम्मान बहाल करने में मदद करेगा।”
उन्होंने कहा कि लगभग एक वर्ष तीन महीने पहले ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की शुरुआत से लेकर अब तक पंजाब ने अपने नशा विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आधुनिक उपचार सुविधाओं, परामर्श सेवाओं और फॉलो-अप सहायता से लैस अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘सूरमा रिकग्निशन प्रोग्राम’ नशे और रिकवरी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर कर इन उपलब्धियों को और मजबूत करता है तथा ऐसा सहयोगी नेटवर्क तैयार करता है, जो नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे अन्य लोगों को उपचार के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
Punjab
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और CM भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर में बसों को दिखाई हरी झंडी
सेवा और श्रद्धा भावना को मुख्य रखते हुए भगवंत सिंह मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का विस्तार किया है, जिसके तहत अब श्रद्धालु श्री खाटू श्याम-सालासर बालाजी, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा जी-वृंदावन धाम जैसे पवित्र स्थानों की यात्रा कर रहे हैं। बुधवार को इन स्थानों के लिए श्रद्धालुओं को ले जाने वाली 15 बसों को ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिन्होंने बसों के अंदर जाकर प्रबंधों का जायजा भी लिया और श्रद्धालुओं से बातचीत की।
इस योजना के तहत 50 साल और उससे अधिक उम्र के श्रद्धालु यात्रा कर सकते हैं, जिसमें एक परिवार के अधिकतम दो सदस्य यात्रा करने के योग्य हैं, जबकि सरकार द्वारा ए.सी. स्लीपर बस यात्रा, रहने और खाने-पीने का प्रबंध मुफ़्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के पहले चरण में अब तक 4 लाख श्रद्धालु श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब-नैना देवी पर नतमस्तक हो चुके हैं।
श्रद्धालुओं की बसों को हरी झंडी दिखाने से पहले ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “लोगों के लिए यह उनके जीवन में तीर्थ यात्रा पर जाने का एक बहुत बड़ा अवसर है। हम अभी बसों के अंदर भी गए थे। बसें बहुत ही शानदार, आरामदायक और ए.सी. हैं। लोगों को कुछ भी खर्च करने की जरूरत नहीं है। भगवंत मान सरकार यात्रा, रहने और खाने-पीने का सारा खर्च खुद उठाएगी। श्रद्धालुओं के लिए बहुत अच्छे होटलों के प्रबंध किए गए हैं। वहां पहुंचने के बाद भी अच्छी बसों का प्रबंध किया गया है, इसलिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।”
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने बताया, “आज 15 बसें हरिद्वार-ऋषिकेश, मथुरा जी-वृंदावन धाम और सालासर-श्री खाटू श्याम जा रही हैं। हमने बसों के अंदर लोगों से बात की, जिनमें से कई को पहली बार सालासर और श्री खाटू श्याम जाने का अवसर मिल रहा है। आने वाले महीनों में पंजाब के कुल 1.5 लाख लोगों को विभिन्न तीर्थ स्थानों पर ले जाया जाएगा।”
श्रद्धालुओं की यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मैं सभी को बधाई देता हूं और सुखद यात्रा के लिए प्रार्थना करता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि श्रद्धालु ऐसी आशीषें लेकर लौटें जिससे पंजाब समृद्ध हो, पंजाब के लोग खुश रहें, और पंजाब में खुशी और शांति हो। मैं सभी की खुशी, अच्छी सेहत और एक सफल यात्रा की कामना करता हूं।”
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बसों को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पवित्र अवसर पर मैं होशियारपुर, पठानकोट, मुकेरियां और आस-पास के इलाकों से आए सभी लोगों को दिल से बधाई देता हूं, जो खाटू श्याम, सालासर, वृंदावन, मथुरा, ऋषिकेश तथा अन्य स्थानों के दर्शनों के लिए जा रहे हैं। इससे पहले भी दरबार साहिब, राम तीर्थ, अमृतसर साहिब, वाघा बॉर्डर और फतेहगढ़ साहिब जैसे धार्मिक स्थानों के लिए तीर्थ यात्रा बसें चल रही हैं। सभी धर्मों के धार्मिक स्थान इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज होशियारपुर से वृंदावन, सालासर, खाटू श्याम, ऋषिकेश और मथुरा के लिए 15 बसें जा रही हैं। हम श्रद्धालुओं से मिले और बसों में बैठे श्रद्धालु बहुत खुश हैं और पहले ही भजन गा रहे हैं। मैं अरदास करता हूं कि उनकी यात्रा शुभ हो, वे खुशी-खुशी, गाते हुए और आनंद मनाते हुए जाएं और पंजाब की भलाई और तरक्की के लिए अरदास करके लौटें। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे दर्शनों के लिए जाएं और पंजाब की बेहतरी, तरक्की और अच्छी सेहत के लिए अरदास, दुआ और आरती करके लौटें।”

उन्होंने कहा, “सभी श्रद्धालुओं की यात्रा के लिए एसी स्लीपर बसों का प्रबंध किया गया है और उनके रहने के लिए ए.सी. कमरों का प्रबंध किया जाएगा। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन और देखभाल प्रदान की जाएगी। प्रत्येक श्रद्धालु का चिकित्सा बीमा सुनिश्चित किया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ़्त इलाज करवा सकें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रत्येक बस में एक अटेंडेंट मौजूद रहेगा और प्रत्येक मंजिल पर एक विशेष टीम तैनात की गई है ताकि दर्शन करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “यात्रा पूरी होने पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद और यादगार के रूप में पीतल का गिलास भी दिया जाएगा। किसी भी क्षेत्र, जाति या धर्म के लोग इन धार्मिक यात्राओं की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। पंजाब सरकार का यह प्रयास उन वरिष्ठ नागरिकों की इच्छाओं को पूरा कर रहा है जो विभिन्न धार्मिक स्थानों के दर्शन करके आशीर्वाद लेना चाहते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पांच जिलों होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, पठानकोट और गुरदासपुर के श्रद्धालुओं को लेकर कुल 15 बसें होशियारपुर से विभिन्न धार्मिक स्थानों के लिए रवाना हुई हैं। होशियारपुर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर और कपूरथला से 10 बसें ऋषिकेश-हरिद्वार जाएंगी। इसी तरह फगवाड़ा और गुरदासपुर से 2 बसें श्रद्धालुओं को मथुरा-वृंदावन लेकर जाएंगी जबकि जालंधर और गुरदासपुर से 3 बसें श्रद्धालुओं को श्री खाटू श्याम-सालासर लेकर जाएंगी।”
उन्होंने कहा, “योजना के पहले चरण में अब तक 4 लाख श्रद्धालु श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब-नैना देवी पर नतमस्तक हो चुके हैं। इस तीर्थ यात्रा के लिए विभिन्न जिलों से क्लस्टर बनाए गए हैं। इस तीर्थ यात्रा पर अब तक 148 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और इन यात्राओं पर 10 लाख श्रद्धालुओं को ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस विशेष तीर्थ यात्रा के लिए श्री आनंदपुर साहिब पर एक टेंट सिटी भी स्थापित की गई है और यात्रा बहुत ही सुचारू रूप से चल रही है।”
इस अवसर पर ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया तथा अन्य भी उपस्थित थे।
Politics
CM भगवंत सिंह मान ने जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और जगतार सिंह हवारा को मानवीय आधार पर 10 दिन की पैरोल देने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 साल बाद उनकी बीमार माता के अपने बेटे से मिलने की उम्मीद फिर से जगी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस मामले में राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक है, क्योंकि मामले की सुनवाई दिल्ली में चल रही है। उन्होंने साथ ही भरोसा दिलाया कि यदि हवारा को पैरोल दी जाती है तो पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़ने देने के लिए पूरी जिम्मेदारी निभाएगी।
राज्यपाल से मानवीय आधार पर इस मामले पर विचार करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जगतार सिंह हवारा पिछले 31 वर्षों से जेल में बंद हैं। उनकी माता वृद्धावस्था में हैं, उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं और इस समय अर्ध-बेहोशी की अवस्था में हैं। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मैंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे जगतार सिंह हवारा को जल्द से जल्द 10 दिन की पैरोल देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें, ताकि वह अपनी माता से मिल सकें।”
उन्होंने आगे कहा, “चंडीगढ़ के प्रशासक होने के नाते इस संबंध में फैसला लेने के लिए राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक है। इसलिए मामले के मानवीय पहलू और जगतार सिंह हवारा की माता की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए मैंने राज्यपाल से जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील की है।”
राज्यपाल को कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए पंजाब सरकार की पूरी जिम्मेदारी का भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जगतार सिंह हवारा के अपने घर आने के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने की राज्य सरकार पूरी गारंटी लेती है। उनके समर्थकों और परिवार के सदस्यों ने भी इस संबंध में राज्य सरकार को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।”
उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पंजाब में कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्य में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। मैंने राज्यपाल को इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा भी दिया है।”
Punjab
‘बेअदबी पार्टी’ पूरी तरह से ‘ईडी पार्टी’ और ED की प्रवक्ता बन चुकी है: हरपाल सिंह चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर लीडर हरपाल सिंह चीमा ने बेअदबी पार्टी’ (शिरोमणि अकाली दल) और ‘ईडी पार्टी’ (भाजपा) पर तीखा हमला किया। उन्होंने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) के बीच हुए लेटर के बारे में अकाली दल के बयानों की कड़ी निंदा की।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “‘चिट्टा पार्टी’ (अकाली दल) ने अपने सभी उसूल छोड़ दिए हैं और अब ‘ईडी पार्टी’ (भाजपा) और सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों के लिए माउथपीस के तौर पर काम कर रही है। यह हैरानी की बात है कि अकाली दल ईडी द्वारा डीजीपी को भेजे गए लेटर को आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “इससे साफ पता चलता है कि शिरोमणि अकाली दल भाजपा की एक विंग और माउथपीस के तौर पर काम कर रहा है, जो अपनी खोई हुई राजनितिक ज़मीन वापस पाने की बेकार कोशिश कर रही है।”
2007 से 2017 के बुरे दौर को याद करते हुए, उन्होंने पंजाब के सामाजिक ताने-बाने, अर्थव्यवस्था और युवाओं को बर्बाद करने के लिए सीधे तौर पर उस समय की अकाली-भाजपा सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग ड्रग्स (चिट्टा) की बीमारी, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार को नहीं भूले हैं, जिसकी वजह से राज्य को ‘उड़ता पंजाब’ की दर्दनाक पीड़ा झेलनी पड़ी।”
मंत्री ने दावा किया, “अकाली-भाजपा के 10 साल के शासन में, पंजाब हर तरह से बर्बाद हो गया। माता-पिता को अपनी ज़मीन, घर और ज़िंदगी भर की कमाई बेचकर अपने बच्चों को विदेश भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा, इस डर से कि सरकार द्वारा पाले-पोसे गए ड्रग माफिया उनका भविष्य बर्बाद कर देंगे।”
केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए, आप नेता ने डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को केंद्र द्वारा योजनाबद्ध तरीके से नुकसान पहुंचाने की निंदा की। उन्होंने कहा, “ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी सेंट्रल एजेंसियों का इस्तेमाल अक्सर विपक्षी नेताओं को डराने, स्थानीय प्रशासन को धमकाने और देश भर में चुनी हुई राज्य सरकारों को गिराने के लिए किया जाता है, जैसा कि पश्चिम बंगाल, बिहार में किया जा रहा है और आप लीडरशिप को टारगेट किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “भाजपा का डेमोक्रेटिक वैल्यू या संविधान में कोई भरोसा नहीं है। जब भी चुनाव पास आते हैं या कोई विपक्षी सरकार मज़बूती से सत्ता में होती है, तो सेंट्रल एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने और सरकारों को गिराने के लिए किया जाता है।”
अपने भाषण के अंत में, हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग अकाली दल की मौकापरस्त राजनीति और भाजपा के साथ उसके ऐतिहासिक गठबंधन को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा, “जो पार्टी कभी पंजाब के हितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती थी, वह अब अपनी राजनीतिक खाल बचाने के लिए सेंट्रल एजेंसियों के इशारों पर चल रही है। पंजाब के लोग इन सस्ती राजनीतिक चालों को अच्छी तरह समझते हैं। न तो ईडी और न ही अकाली दल पंजाबियों को गुमराह करने या आप सरकार के प्रगतिशील शासन को पटरी से उतारने में कामयाब होगा।”
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