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जगतार सिंह हवारा की पैरोल को लेकर CM भगवंत मान की राज्यपाल से मुलाकात, 10 दिन की पैरोल की मांग

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जगतार सिंह हवारा की पैरोल के मामले को लेकर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। मुख्यमंत्री राजभवन पहुंचे और इस दौरान उन्होंने हवारा की पैरोल से जुड़े मामले पर राज्यपाल के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक में पंजाब सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई और पैरोल से संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी बातचीत हुई।

मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि राज्यपाल की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया है कि पैरोल से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करके केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। पंजाब सरकार की ओर से जगतार सिंह हवारा के लिए 10 दिन की पैरोल की मांग की गई है।

CM मान ने कहा कि इस मामले को मानवीय आधार पर भी देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, हवारा की मां पिछले लंबे समय से अपने बेटे की प्रतीक्षा कर रही हैं। इसी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने पैरोल की मांग रखी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी जिम्मेदारी और सुरक्षा की गारंटी दी है। यदि पैरोल मंजूर होती है तो इस दौरान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो, इसके लिए सरकार की ओर से आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

CM भगवंत मान ने कहा कि अब इस मामले में अगली कार्रवाई केंद्र सरकार की ओर से की जानी है। राज्यपाल द्वारा दस्तावेज केंद्र को भेजे जाने के बाद ही पैरोल को लेकर आगे का फैसला होगा।

जगतार सिंह हवारा फिलहाल जेल में बंद है और उसकी पैरोल को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की राज्यपाल से हुई इस मुलाकात के बाद अब पूरे मामले की अगली प्रक्रिया केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी।

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भाजपा मशीनरी पंजाब और उसके युवाओं को बदनाम करने के लिए फर्जी वीडियो फैला रही है: हरपाल सिंह चीमा

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आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राजस्थान का एक वीडियो शेयर करने, उसे गलत तरीके से पंजाब से जोड़ने और राज्य और उसके युवाओं को बदनाम करने की कोशिश करने के लिए पूर्व इंडियन क्रिकेटर और राज्यसभा मेंबर हरभजन सिंह पर निराशा जताई है।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस बात पर दुख जताया कि हरभजन सिंह, जिन्हें आप ने पंजाब के हितों को रिप्रेजेंट करने और राज्य के युवाओं के लिए काम करने के लिए राज्यसभा भेजा था, अब भाजपा के कैंपेन को प्रमोट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हरभजन सिंह को पंजाब के युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने के लिए और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए था, न कि गुमराह करने वाला कंटेंट शेयर करना चाहिए था जो पंजाब की छवि को ठेस पहुंचाता है।”

हरभजन सिंह के शेयर किए गए वीडियो का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया, “पंजाब पुलिस ने वीडियो की जांच की और पाया कि यह असल में भाजपा शासित राजस्थान के श्री गंगानगर का है और इसका पंजाब से कोई लेना-देना नहीं है।”

हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा, “तथ्यों की जांच करने के बजाय, भाजपा की आईटी मशीनरी दूसरे राज्यों से वीडियो उठाकर उन्हें पंजाब की घटनाओं के तौर पर दिखा रही है ताकि हमारे राज्य और उसके युवाओं को बदनाम किया जा सके।”

पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम पर ज़ोर देते हुए, कैबिनेट मंत्री ने कहा, “भाजपा, नशों के विरुद्ध लड़ाई में भगवंत मान सरकार की तरक्की को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक ढृड़ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम शुरू किया है, और सरकार ड्रग्स को खत्म करने और पंजाब के युवाओं को बेहतर मौके देने के लिए हर लेवल पर काम कर रही है।”

पंजाब में भाजपा के रिकॉर्ड की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा को अपना रिकॉर्ड भी देखना चाहिए। 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के 10 सालों के दौरान ड्रग्स का खतरा बढ़ गया था। इसी दौरान ‘चिट्टा’ और ‘स्मैक’ जैसे शब्द पंजाब से बड़े पैमाने पर जुड़ गए, जिसकी वजह से अनगिनत युवाओं की ज़िंदगी ड्रग्स की गिरफ़्त में आकर बर्बाद हो गई।”

खेल ढांचे पर सरकार के फोकस के बारे में बताते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “भगवंत मान सरकार युवाओं को पॉजिटिव विकल्प देने के लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत कर रही है। पंजाब में 3,000 से ज़्यादा स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाए गए हैं, जबकि 6,000 और तैयार किए जा रहे हैं। हम स्पोर्ट्स में इन्वेस्ट कर रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि पंजाब के युवा नशों से दूर रहें और एक हेल्दी और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ें।”

मंत्री ने कहा, “पंजाब के युवा और किसान भाजपा के प्रोपेगैंडा से गुमराह नहीं होंगे। पंजाब के लोग आप सरकार के जमीनी स्तर पर किए गए काम और भाजपा की सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाली पोस्ट के ज़रिए राज्य को बदनाम करने की कोशिशों के बीच का अंतर समझते हैं।”

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दिल्ली में CM मान की अहम बैठकें, धान से लेकर बिजली और गुरबाणी तक उठाए पंजाब के मुद्दे

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्र सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इन बैठकों के दौरान खास तौर पर आने वाले धान के सीजन से पहले पंजाब में पड़े पुराने अनाज के स्टॉक को उठाने, राज्य की बिजली जरूरतों और गुरबाणी के प्रसारण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने पंजाब से जुड़े इन महत्वपूर्ण मामलों को केंद्र के सामने रखते हुए जल्द समाधान की मांग की।

धान के सीजन से पहले पुराने अनाज का स्टॉक उठाने की मांग

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर पंजाब में पड़े पुराने गेहूं और चावल के स्टॉक को जल्द उठाने का मुद्दा उठाया। पंजाब में बड़ी मात्रा में पुराना अनाज मौजूद है, जिसके कारण आने वाले धान खरीद सीजन में मंडियों और गोदामों में भंडारण को लेकर चिंता बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई धान की फसल मंडियों में पहुंचने से पहले पुराने स्टॉक को हटाना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

ताजा जानकारी के अनुसार, केंद्र की ओर से पंजाब में पड़े करीब 18 लाख मीट्रिक टन पुराने अनाज के स्टॉक को 20 सितंबर तक उठाने पर सहमति दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे आगामी धान खरीद सीजन से पहले पंजाब के लिए बड़ी राहत बताया। उनके अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने यह भी भरोसा दिया है कि बचा हुआ स्टॉक 30 सितंबर तक उठाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इससे पंजाब की मंडियों और भंडारण केंद्रों पर दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए क्यों अहम है पुराना स्टॉक हटाना?

पंजाब में हर साल बड़ी मात्रा में धान की फसल मंडियों में पहुंचती है। धान खरीद के दौरान किसानों की फसल को मंडियों में रखने, खरीद करने और बाद में चावल मिलों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होती है। अगर गोदाम और भंडारण केंद्र पहले से ही पुराने अनाज से भरे हों तो नई फसल की खरीद और भंडारण में परेशानी पैदा हो सकती है। इसी वजह से पंजाब सरकार लगातार केंद्र से पुराने अनाज को जल्द उठाने की मांग कर रही है।

मनमोहर लाल खट्टर से बिजली के मुद्दे पर चर्चा

इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी मुलाकात की। बैठक में पंजाब की बिजली जरूरतों और बिजली से जुड़े विभिन्न मामलों पर चर्चा हुई। पंजाब में कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की मांग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए नियमित बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है। इसके अलावा घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी भरोसेमंद बिजली व्यवस्था जरूरी है।

मुख्यमंत्री मान ने केंद्रीय मंत्री के सामने पंजाब की बिजली से जुड़ी जरूरतों और समस्याओं को रखा तथा राज्य के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। हालांकि, बैठक के बाद किसी नए बड़े बिजली प्रोजेक्ट या किसी विशेष क्षमता के आवंटन को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

गुरबाणी के प्रसारण का मुद्दा भी उठाया

दिल्ली में हुई बातचीत के दौरान गुरबाणी के प्रसारण का मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरबाणी के प्रसारण को किसी एक संस्था या प्लेटफॉर्म के नियंत्रण तक सीमित रखने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि गुरबाणी दुनिया भर में रहने वाली सिख संगत तक आसानी से पहुंचनी चाहिए।

यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी के लाइव प्रसारण और उसकी री-स्ट्रीमिंग को लेकर एसजीपीसी और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बीच बहस चल रही है। एक तरफ एसजीपीसी का रुख है कि श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी का अनधिकृत या बिना अनुमति री-स्ट्रीम नहीं किया जाना चाहिए, जबकि दूसरी तरफ गुरबाणी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और इसे किसी एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखने की मांग भी उठती रही है।

केंद्र के सामने पंजाब के तीन बड़े मुद्दे

मुख्यमंत्री भगवंत मान की दिल्ली में हुई इन बैठकों से साफ है कि पंजाब सरकार ने इस समय राज्य से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र के सामने रखे हैं। पहला मुद्दा आने वाले धान खरीद सीजन से पहले पुराने अनाज के स्टॉक को हटाने का है, ताकि किसानों की नई फसल के लिए मंडियों और गोदामों में पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके। दूसरा मुद्दा पंजाब की बिजली जरूरतों और बिजली व्यवस्था से जुड़ा है। वहीं तीसरा महत्वपूर्ण मुद्दा गुरबाणी के प्रसारण को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने से संबंधित है।

इनमें सबसे अहम आगामी धान खरीद सीजन को माना जा रहा है। पंजाब में धान की बड़ी मात्रा में खरीद होती है और ऐसे में पुराने अनाज की समय पर निकासी तथा नई फसल के लिए पर्याप्त भंडारण व्यवस्था बनाना राज्य सरकार के लिए बड़ी प्राथमिकता है। यदि तय समय के अनुसार पुराने स्टॉक की निकासी होती है तो आने वाले धान सीजन में मंडियों और भंडारण व्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

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अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई से बिजली के खंभे लगाने के मौके पर होने वाली सियासत भी खत्म हो जाएगी – CM भगवंत सिंह मान

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को देश का पहला खंभा-मुक्त गांवों वाला राज्य बनाने के लिए आज अपने पैतृक गांव सतौज में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड (जमीनदोज) करने के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करके अपनी तरह की अनूठी और ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की।

किसानों और गांवों के लोगों को बड़ी राहत देते हुए भगवंत मान सरकार ने फसलों में आग लगने की घटनाओं और जानलेवा हादसों को रोकने तथा ऊपर से गुजरने वाली तारों (ओवरहेड लाइनों) के कारण बार-बार होने वाले बिजली कटौती को खत्म करने के लिए बिजली की तारों को जमीनदोज करना शुरू कर दिया है, जिससे गांवों को खतरनाक खंभों और उलझी हुई तारों के जाल से मुक्ति मिलेगी।

इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत सतौज में 384 बिजली के खंभे हटा दिए जाएंगे और सड़कों को खोदे बिना जमीनदोज केबलें बिछाई जाएंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस प्रोजेक्ट को आधुनिक बुनियादी ढांचे, निर्विघ्न बिजली सप्लाई और सुरक्षित गांवों पर आधारित “रोशन पंजाब” की शुरुआत बताया।

‘सतौज मॉडल’ को पूरे देश के लिए मिसाल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने पंजाब के किसानों से गांवों को तार-मुक्त करने का अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि जमीनदोज बिजली सप्लाई से गांवों में बिजली के खंभे लगाने को लेकर होने वाली सियासत भी खत्म हो जाएगी।

इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के गांवों के लिए ऐतिहासिक दिन है क्योंकि गांवों को बिजली की तारों के जाल और अनावश्यक खंभों से मुक्त करने का व्यापक प्रोजेक्ट यहीं से शुरू किया जा रहा है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत सतौज में बिजली की ऊपर से गुजरने वाली तारों को करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से जमीनदोज किया जाएगा। यह देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है और इस पहल से पंजाब पूरे देश के लिए मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में उभरेगा।”

प्रोजेक्ट के तकनीकी विवरण के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, “इस प्रोजेक्ट के तहत 7 किलोमीटर हाई टेंशन (एच.टी.) लाइनें, 9.5 किलोमीटर लो टेंशन (एल.टी.) लाइनें और 800 उपभोक्ताओं के घरों को जोड़ने वाली 41 किलोमीटर सर्विस केबल जमीनदोज बिछाई जाएगी। सतौज के 66 के.वी. ग्रिड से गांव से जुड़े तीन 11 के.वी. फीडर और इससे जुड़े 28 ट्रांसफार्मरों की सारी हाई टेंशन लाइनें जमीनदोज हो जाएंगी। इसके बाद 28 ट्रांसफार्मरों से मीटर बॉक्सों तक की सारी लो टेंशन लाइनें भी जमीनदोज की जाएंगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मीटर बॉक्सों को सारे घरों से जोड़ने वाली केबलों को भी जमीनदोज किया जाएगा, जिससे 384 अनावश्यक बिजली के खंभे हटा दिए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि जमीनदोज केबलें बिछाने के लिए सड़कें खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि जमीनदोज पाइप डालने के लिए ट्रेंचलेस (बिना खुदाई) ड्रिलिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। ये पाइप जमीन से तीन फुट नीचे बिछाए जाएंगे, जो आम लोगों के लिए वरदान साबित होंगे।”

बिजली की ऊपरी तारों के खतरों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बिजली के खंभों और ऊपरी तारों से पशुओं और लोगों खासकर बच्चों को करंट लगने का खतरा बना रहता है। ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य वाहनों के ऊपरी तारों से संपर्क में आने पर अक्सर हादसे होते हैं। इसी तरह फसलों में आग लगने की घटनाओं से किसानों को भारी नुकसान होता है। बारिश, तूफान और तेज हवाओं से खंभे और तारें टूट जाती हैं, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित होती है और पावर कॉर्पोरेशन को वित्तीय नुकसान होता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि खंभों और तारों का जाल गांवों की सुंदरता को भी प्रभावित करता है।

इस प्रोजेक्ट को लोगों के लिए हर पहलू से फायदेमंद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई टेंशन और लो टेंशन लाइनों के जमीनदोज होने से बिजली की लीकेज खत्म हो जाएगी, जिससे ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन का घाटा कम होगा। गांवों को निर्विघ्न बिजली सप्लाई मिलेगी, जमीनदोज तारों से हादसों में कमी आएगी, बिजली की तारों से फसलों में आग लगने की घटनाएं रुकेंगी और बारिश व तेज हवाएं अब बिजली सप्लाई में बाधा नहीं डाल सकेंगी। अनावश्यक खंभों और उलझी तारों को हटाने से गांवों की सुंदरता और बेहतर हो जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को पंजाब के इतिहास में मील का पत्थर माना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह प्रोजेक्ट मेरी जन्मभूमि से शुरू किया जा रहा है और आज का दिन पंजाब के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। इस गांव से पंजाब सरकार ने ऐसा प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके बारे में देश के किसी अन्य राज्य ने अभी तक सोचा भी नहीं है। यह प्रोजेक्ट इसलिए संभव हो पाया क्योंकि आज मेरा सपना साकार हो रहा है। इस प्रोजेक्ट का सपना बहुत साल पहले देखा गया था।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज की यह पहल सीधे तौर पर आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी हुई है। आने वाले दिनों में ये बिजली के खंभे इतिहास बन जाएंगे।”

अपने गांव की दुखद घटना को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “इस गांव के तीन नौजवानों की कंबाइन मशीन के साथ बिजली का करंट लगने से जान चली गई थी। वे अपने परिवारों के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। यह प्रोजेक्ट उन नौजवानों को श्रद्धांजलि है क्योंकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं कभी नहीं होनी चाहिए।”

इस पहल को देश के लिए बदलाव का मॉडल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “गांवों और शहरों के लोगों को बड़ी राहत देने के लिए पूरे देश में ‘सतौज मॉडल’ जाना जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया मंगल ग्रह पर कॉलोनियां बसाने की बातें कर रही है, जबकि हमारे लोग अभी भी गलियों-नालियों के मुद्दों में उलझे हुए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में डिजिटल क्रांति की शुरुआत की है। आर.टी.ओ. सेवाओं को डिजिटलाइज किया गया है और सरल भाषा में ‘ईजी रजिस्ट्री’ (ईजी रजिस्ट्री) प्रणाली लागू की गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “पहले रजिस्ट्री के दस्तावेज जटिल भाषा में तैयार किए जाते थे, जो आम लोगों की समझ में नहीं आते थे, जिस कारण उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब लोग अपने जिले की किसी भी तहसील से अपनी रजिस्ट्री करवा सकते हैं।”

पंजाब सरकार के बेअदबी विरोधी कानून का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है, ताकि भविष्य में कोई भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने की हिम्मत न कर सके। अकाल पुरख ने मुझे ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026’ के माध्यम से मानवता की सेवा करने का मौका बख्शा है, जिसमें बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पिछली सरकारों के पास बेअदबी को रोकने के लिए कानून बनाने की न तो नियत थी और न ही इच्छाशक्ति, जिस कारण उनके शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी आम बात बन गई थी। लेकिन पंजाब सरकार द्वारा पास किया गया यह एक्ट इसे पूरी तरह खत्म कर देगा क्योंकि कोई भी इस न अक्षम्य अपराध को करने की हिम्मत नहीं करेगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान के लिए तथा बेअदबी की घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। सरकार सिख मूल्यों और लोगों की भावनाओं के प्रति प्रतिबद्ध है। इस धरती ने वह दौर देखा है जिसने समूची सिख संगत के दिलों को अंदर तक झकझोर दिया था। पंजाब सरकार ने अब यह कानून बनाया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। केवल कुछ चुनिंदा लोग, जो खुद को ही पंथ समझते हैं, इसका विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनके हाथ बेअदबी की घटनाओं से रंगे हुए हैं।”

पंजाब सरकार की स्वास्थ्य सुविधा पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। हर परिवार 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं, जबकि 1.65 लाख लोग इस योजना के तहत मुफ्त इलाज करवा चुके हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन कार्डों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ शुरू की है, जिसके तहत हर महिला को 1,000 रुपए प्रति माह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह सम्मान राशि दी जाएगी। सम्मान राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इसके योग्य होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए पंजाब सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।”

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और तरुणप्रीत सिंह सौंध सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

एक्स पर कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सपनों के ‘रोशन पंजाब’ बनाने की ओर एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए आज गांव सतौज में बिजली की तारों को जमीनदोज करने के अत्याधुनिक प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। यह पहल न केवल गांवों और शहरों की सुंदरता को निखारेगी, बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली कटौती तथा तूफान और तेज हवाओं के दौरान होने वाले हादसों से भी पूरी सुरक्षा प्रदान करेगी।”

“इस प्रोजेक्ट के साथ घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और खेतों को निर्विघ्न और सुरक्षित बिजली सप्लाई मिलेगी, जिससे हर नागरिक के जीवन स्तर में सुधार होगा। यह पहल पंजाब को सही मायनों में ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां हर स्तर पर पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता वाले काम को सुनिश्चित किया जा रहा है। ‘आप’ सरकार आपकी सेवा में और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन के साथ दिन-रात काम कर रही है।”

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