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अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई से बिजली के खंभे लगाने के मौके पर होने वाली सियासत भी खत्म हो जाएगी – CM भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को देश का पहला खंभा-मुक्त गांवों वाला राज्य बनाने के लिए आज अपने पैतृक गांव सतौज में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड (जमीनदोज) करने के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करके अपनी तरह की अनूठी और ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की।
किसानों और गांवों के लोगों को बड़ी राहत देते हुए भगवंत मान सरकार ने फसलों में आग लगने की घटनाओं और जानलेवा हादसों को रोकने तथा ऊपर से गुजरने वाली तारों (ओवरहेड लाइनों) के कारण बार-बार होने वाले बिजली कटौती को खत्म करने के लिए बिजली की तारों को जमीनदोज करना शुरू कर दिया है, जिससे गांवों को खतरनाक खंभों और उलझी हुई तारों के जाल से मुक्ति मिलेगी।
इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत सतौज में 384 बिजली के खंभे हटा दिए जाएंगे और सड़कों को खोदे बिना जमीनदोज केबलें बिछाई जाएंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस प्रोजेक्ट को आधुनिक बुनियादी ढांचे, निर्विघ्न बिजली सप्लाई और सुरक्षित गांवों पर आधारित “रोशन पंजाब” की शुरुआत बताया।
‘सतौज मॉडल’ को पूरे देश के लिए मिसाल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने पंजाब के किसानों से गांवों को तार-मुक्त करने का अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि जमीनदोज बिजली सप्लाई से गांवों में बिजली के खंभे लगाने को लेकर होने वाली सियासत भी खत्म हो जाएगी।
इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के गांवों के लिए ऐतिहासिक दिन है क्योंकि गांवों को बिजली की तारों के जाल और अनावश्यक खंभों से मुक्त करने का व्यापक प्रोजेक्ट यहीं से शुरू किया जा रहा है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत सतौज में बिजली की ऊपर से गुजरने वाली तारों को करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से जमीनदोज किया जाएगा। यह देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है और इस पहल से पंजाब पूरे देश के लिए मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में उभरेगा।”
प्रोजेक्ट के तकनीकी विवरण के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, “इस प्रोजेक्ट के तहत 7 किलोमीटर हाई टेंशन (एच.टी.) लाइनें, 9.5 किलोमीटर लो टेंशन (एल.टी.) लाइनें और 800 उपभोक्ताओं के घरों को जोड़ने वाली 41 किलोमीटर सर्विस केबल जमीनदोज बिछाई जाएगी। सतौज के 66 के.वी. ग्रिड से गांव से जुड़े तीन 11 के.वी. फीडर और इससे जुड़े 28 ट्रांसफार्मरों की सारी हाई टेंशन लाइनें जमीनदोज हो जाएंगी। इसके बाद 28 ट्रांसफार्मरों से मीटर बॉक्सों तक की सारी लो टेंशन लाइनें भी जमीनदोज की जाएंगी।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मीटर बॉक्सों को सारे घरों से जोड़ने वाली केबलों को भी जमीनदोज किया जाएगा, जिससे 384 अनावश्यक बिजली के खंभे हटा दिए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि जमीनदोज केबलें बिछाने के लिए सड़कें खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि जमीनदोज पाइप डालने के लिए ट्रेंचलेस (बिना खुदाई) ड्रिलिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। ये पाइप जमीन से तीन फुट नीचे बिछाए जाएंगे, जो आम लोगों के लिए वरदान साबित होंगे।”
बिजली की ऊपरी तारों के खतरों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बिजली के खंभों और ऊपरी तारों से पशुओं और लोगों खासकर बच्चों को करंट लगने का खतरा बना रहता है। ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य वाहनों के ऊपरी तारों से संपर्क में आने पर अक्सर हादसे होते हैं। इसी तरह फसलों में आग लगने की घटनाओं से किसानों को भारी नुकसान होता है। बारिश, तूफान और तेज हवाओं से खंभे और तारें टूट जाती हैं, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित होती है और पावर कॉर्पोरेशन को वित्तीय नुकसान होता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंभों और तारों का जाल गांवों की सुंदरता को भी प्रभावित करता है।
इस प्रोजेक्ट को लोगों के लिए हर पहलू से फायदेमंद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई टेंशन और लो टेंशन लाइनों के जमीनदोज होने से बिजली की लीकेज खत्म हो जाएगी, जिससे ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन का घाटा कम होगा। गांवों को निर्विघ्न बिजली सप्लाई मिलेगी, जमीनदोज तारों से हादसों में कमी आएगी, बिजली की तारों से फसलों में आग लगने की घटनाएं रुकेंगी और बारिश व तेज हवाएं अब बिजली सप्लाई में बाधा नहीं डाल सकेंगी। अनावश्यक खंभों और उलझी तारों को हटाने से गांवों की सुंदरता और बेहतर हो जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को पंजाब के इतिहास में मील का पत्थर माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह प्रोजेक्ट मेरी जन्मभूमि से शुरू किया जा रहा है और आज का दिन पंजाब के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। इस गांव से पंजाब सरकार ने ऐसा प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके बारे में देश के किसी अन्य राज्य ने अभी तक सोचा भी नहीं है। यह प्रोजेक्ट इसलिए संभव हो पाया क्योंकि आज मेरा सपना साकार हो रहा है। इस प्रोजेक्ट का सपना बहुत साल पहले देखा गया था।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज की यह पहल सीधे तौर पर आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी हुई है। आने वाले दिनों में ये बिजली के खंभे इतिहास बन जाएंगे।”
अपने गांव की दुखद घटना को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “इस गांव के तीन नौजवानों की कंबाइन मशीन के साथ बिजली का करंट लगने से जान चली गई थी। वे अपने परिवारों के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। यह प्रोजेक्ट उन नौजवानों को श्रद्धांजलि है क्योंकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं कभी नहीं होनी चाहिए।”
इस पहल को देश के लिए बदलाव का मॉडल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “गांवों और शहरों के लोगों को बड़ी राहत देने के लिए पूरे देश में ‘सतौज मॉडल’ जाना जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया मंगल ग्रह पर कॉलोनियां बसाने की बातें कर रही है, जबकि हमारे लोग अभी भी गलियों-नालियों के मुद्दों में उलझे हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में डिजिटल क्रांति की शुरुआत की है। आर.टी.ओ. सेवाओं को डिजिटलाइज किया गया है और सरल भाषा में ‘ईजी रजिस्ट्री’ (ईजी रजिस्ट्री) प्रणाली लागू की गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “पहले रजिस्ट्री के दस्तावेज जटिल भाषा में तैयार किए जाते थे, जो आम लोगों की समझ में नहीं आते थे, जिस कारण उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब लोग अपने जिले की किसी भी तहसील से अपनी रजिस्ट्री करवा सकते हैं।”
पंजाब सरकार के बेअदबी विरोधी कानून का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है, ताकि भविष्य में कोई भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने की हिम्मत न कर सके। अकाल पुरख ने मुझे ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026’ के माध्यम से मानवता की सेवा करने का मौका बख्शा है, जिसमें बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पिछली सरकारों के पास बेअदबी को रोकने के लिए कानून बनाने की न तो नियत थी और न ही इच्छाशक्ति, जिस कारण उनके शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी आम बात बन गई थी। लेकिन पंजाब सरकार द्वारा पास किया गया यह एक्ट इसे पूरी तरह खत्म कर देगा क्योंकि कोई भी इस न अक्षम्य अपराध को करने की हिम्मत नहीं करेगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान के लिए तथा बेअदबी की घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। सरकार सिख मूल्यों और लोगों की भावनाओं के प्रति प्रतिबद्ध है। इस धरती ने वह दौर देखा है जिसने समूची सिख संगत के दिलों को अंदर तक झकझोर दिया था। पंजाब सरकार ने अब यह कानून बनाया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। केवल कुछ चुनिंदा लोग, जो खुद को ही पंथ समझते हैं, इसका विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनके हाथ बेअदबी की घटनाओं से रंगे हुए हैं।”
पंजाब सरकार की स्वास्थ्य सुविधा पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। हर परिवार 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं, जबकि 1.65 लाख लोग इस योजना के तहत मुफ्त इलाज करवा चुके हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन कार्डों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ शुरू की है, जिसके तहत हर महिला को 1,000 रुपए प्रति माह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह सम्मान राशि दी जाएगी। सम्मान राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इसके योग्य होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए पंजाब सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और तरुणप्रीत सिंह सौंध सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
एक्स पर कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सपनों के ‘रोशन पंजाब’ बनाने की ओर एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए आज गांव सतौज में बिजली की तारों को जमीनदोज करने के अत्याधुनिक प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। यह पहल न केवल गांवों और शहरों की सुंदरता को निखारेगी, बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली कटौती तथा तूफान और तेज हवाओं के दौरान होने वाले हादसों से भी पूरी सुरक्षा प्रदान करेगी।”
“इस प्रोजेक्ट के साथ घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और खेतों को निर्विघ्न और सुरक्षित बिजली सप्लाई मिलेगी, जिससे हर नागरिक के जीवन स्तर में सुधार होगा। यह पहल पंजाब को सही मायनों में ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां हर स्तर पर पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता वाले काम को सुनिश्चित किया जा रहा है। ‘आप’ सरकार आपकी सेवा में और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन के साथ दिन-रात काम कर रही है।”
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चंडीगढ़ में गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान, 23 मई से स्कूल बंद
उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लगातार तापमान बढ़ रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तेज गर्मी और हीटवेव को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया है ताकि बच्चों की सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।
इसी बीच चंडीगढ़ प्रशासन ने भी स्कूली छात्रों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए समर वेकेशन घोषित कर दी है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार चंडीगढ़ के सभी सरकारी, प्राइवेट और एडेड स्कूलों में 23 मई 2026 से गर्मियों की छुट्टियां शुरू होंगी।

जानकारी के मुताबिक इस बार स्कूलों में कुल 39 दिनों की छुट्टियां रहेंगी। ये छुट्टियां 30 जून 2026 तक जारी रहेंगी और सभी स्कूल 1 जुलाई 2026 से दोबारा खुलेंगे। प्रशासन ने स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए।
मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। इसके चलते लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
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नीट परीक्षार्थियों के आए हजारों संदेश, केजरीवाल ने दिया हर हाल में डॉक्टर बनने का संकल्प लेने का मंत्र
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का नीट परीक्षा रद्द होने के बाद तनाव में जी रहे छात्रों को बाहर निकालने का प्रयास सफल हो रहा है। दो दिन पहले की गई अरविंद केजरीवाल की अपील को न सिर्फ 50 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है बल्कि हजारों परीक्षार्थियों ने उनके साथ अपनी भावनाएं और नीट को पारदर्शी बनाने को लेकर सुझाव भी साझा किया है। छात्रों से आए जबरदस्त रिस्पॉन्स को मंगलवार को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने उन्हें सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि मैं आपके साथ खड़ा हूं। सभी छात्र ये संकल्प लें कि आपको हर हाल में डॉक्टर बनना है। आप अपना इरादा मजबूत रखें। आपका यह दृढ़ संकल्प ही आपको डॉक्टर बनने की राह को आसान करेगा। उन्होंने कहा कि 21 जून को दोबारा होने जा रही नीट परीक्षा को देने वाले छात्रों के लिए पंजाब में सरकार फ्री बस सेवा उपलब्ध कराएगी।
मंगलवार को एक वीडियो संदेश जारी कर अरविंद केजरीवाल ने नीट परीक्षार्थियों से कहा कि अभी दो दिन पहले मैंने नीट के एग्जाम के बारे में एक वीडियो डाला था, जिसमें आप लोगों की भावनाएं और सुझाव आमंत्रित किए थे। 50 लाख से ज्यादा लोग अभी तक उसे देख चुके हैं। हजारों की संख्या में आपके कमेंट और मैसेज आए हैं। आप में से बहुत सारे लोगों ने अपनी अंदर की भावनाएं साझा की हैं। आपने मुझ पर इतना भरोसा किया, इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूं। बहुत सारे लोगों ने धन्यवाद बोला है। सुजाता सूजी कहती हैं, “थैंक यू सर। आप ही स्टूडेंट्स की सच में फिक्र करते हो।” राहुल नायक कहते हैं, “हमें सच में इस समय इस सपोर्ट की जरूरत थी सर। थैंक यू केजरीवाल जी।” मैं पूछता हूं कि थैंक यू किस लिए? आप सब तो मेरे बच्चे हो। मेरे दो बच्चे हैं और वे दोनों आईआईटी दिल्ली से पढ़े हैं। अगर उनके एग्जाम कैंसिल हो जाते, तो मैं उनके लिए भी यही कर रहा होता और उनके लिए भी लड़ रहा होता। आप सब मेरे बच्चे हैं, इसलिए मैं आपके लिए भी उसी तरह से लड़ रहा हूं जैसे अपने बच्चों के लिए लड़ रहा होता।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ बच्चों ने अपनी बहुत गहरी भावनाएं साझा की हैं। जैसे अबू बशर लिखते हैं, “हेलो सर, यह मेरा तीसरा प्रयास है। मैंने 2024 में 1.5 लाख कोचिंग फीस देकर पेपर दिया। अच्छे अंक लाए, पर तब भी पेपर लीक हो गया। अब इस साल सिर्फ सेल्फ स्टडी करके दिया। एग्जाम अच्छा गया और परिवार के साथ सेलिब्रेट भी कर लिया, पर पेपर कैंसिल हो गया। सच में सर, बहुत डिप्रेस्ड हूं।” विकास यादव लिखते हैं, “यह मेरा पांचवां अटेम्प्ट था। मैंने इस एग्जाम के लिए बहुत मेहनत की थी। पिछले 2 महीने में कभी-कभी केवल 3 घंटे सोया था सर। 3 मई के लिए हम मानसिक रूप से तैयार थे, अब 21 जून के लिए मोटिवेशन कहां से लाऊं सर?” एक बच्चे ने लिखा है, “अब मुझ में हिम्मत नहीं बची।” यह क्या है बच्चे? हिम्मत नहीं बची का क्या मतलब है?
अरविंद केजरीवाल ने आगे छात्रों को एक मंत्र दिया अपना इरादा मजबूत कर लो कि मुझे डॉक्टर बनना ही बनना है, किसी भी हालत में बनना है। चाहे कितनी भी कठिनाइयां आएं, चाहे कितना भी संघर्ष करना पड़े। एक बार जब आप दृढ़ निश्चय कर लेते हो, तो इस ब्रह्मांड की सारी शक्तियां आपकी मदद करती हैं और भगवान भी आपकी मदद करता है। आप सब डॉक्टर बनोगे। किसी भी हालत में हिम्मत नहीं हारनी है। 21 जून की अच्छे से तैयारी करो।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कुछ लोगों ने मुझे लिखा है कि सर पेपर लीक होना बंद हो सकता है क्या? बिल्कुल हो सकता है। आम आदमी पार्टी की 10 साल दिल्ली में सरकार थी, एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। 4 साल से पंजाब में सरकार है, एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। ऐसा इसलिए क्योंकि हम लोग ईमानदार हैं। अगर सिस्टम के टॉप पर बैठे हुए लोग ईमानदार हों, तो पेपर लीक नहीं होंगे। और अगर सिस्टम के टॉप पर बैठे लोग बेईमान और भ्रष्ट हों, तो रोज पेपर लीक होंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ बच्चों ने लिखा है, “सर हमारे पास इतने भी पैसे नहीं हैं कि हम बस का किराया वहन कर सकें।” तो मैं बुधवार को पंजाब जा रहा हूं और मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात करूंगा। कम से कम पंजाब में जिस दिन आपका पेपर होगा, हम बसों में आपका आने-जाने का खर्चा फ्री कर देंगे। हिम्मत मत हारिए। हम आपके साथ हैं और भगवान आपके साथ है। आप सब डॉक्टर जरूर बनेंगे।
“आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि प्यारे नीट के छात्रों, आपके अनगिनत संदेशों और आपकी भावनाओं की गहराई ने मुझे बहुत भावुक कर दिया है। आपने मुझ पर जो अटूट भरोसा जताया है, उसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। इस समय पूरी मजबूती के साथ डटे रहें। आज ही यह दृढ़ संकल्प लें कि हम डॉक्टर बनकर ही रहेंगे। ईश्वर आप सभी का कल्याण करे।
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बेअदबी विरोधी सख्त कानून से प्रभावित होकर अकाली दल और कांग्रेस के सैकड़ों नेता व कार्यकर्ता ‘आप’ में शामिल
भगवंत मान सरकार द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी को रोकने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के उद्देश्य से लागू किए गए जगत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल 2026′ को जनता और राजनीतिक हलकों से भारी समर्थन मिल रहा है।
इस कानून से प्रभावित होकर मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता अपनी पार्टियां छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। इन सभी नेताओं को मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन ने औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल करवाया।
पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं ने कहा कि पिछली सरकारों ने बेअदबी के संवेदनशील मुद्दे पर सिर्फ राजनीति की और दोषियों को बचाने का काम किया। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने इस बिल को लाकर यह साबित कर दिया है कि उनके मन में गुरु साहिब के प्रति अगाध श्रद्धा है। इस सख्त कानून के आने से बेअदबी की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा होगा और पंजाब की धार्मिक सहनशीलता व शांति बरकरार रहेगी।
दूसरी ओर, ओएसडी घुम्मन ने पार्टी में शामिल हुए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि ‘आप’ में उन्हें पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा।
पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में कीतू ग्रेवाल (पूर्व महिला अध्यक्ष पंजाब कांग्रेस और सदस्य महिला एवं बाल कल्याण व सांसद चुनाव प्रभारी जम्मू-कश्मीर), सतपाल सिंह (पूर्व चेयरमैन पनग्रेन), कमलदीप सिंह राणा वरका (महासचिव पंजाब कांग्रेस), समनदीप कौर (अध्यक्ष महिला सेल कांग्रेस मलोट), हरदेव सिंह (पूर्व चेयरमैन ब्लॉक समिति व बीसी विंग प्रभारी अटारी), चरणजीत कौर (ब्लॉक समिति सदस्य), गुरमेल सिंह (महासचिव देहाती व उम्मीदवार जिला परिषद तलवंडी साबो), हरदेव सिंह (पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य व पूर्व सरपंच), जसकरन सिंह जथवाल (पूर्व महासचिव कांग्रेस), वशन सिंह और सुरजीत सिंह (पूर्व सरपंच, गांव गुरुनानकपुरा, ब्यास) शामिल हैं।
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