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जो ‘राम‘ के ना हुए, वो ‘राष्ट्र’ के क्या होंगे, चंदा चोर पार्टी का सामाजिक बहिष्कार हो- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीराम के घर में अरबों रुपए की चोरी करने वाले सभी राक्षसों को सरेआम फांसी पर लटकाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जो ‘राम‘ के ना हुए, वो ‘राष्ट्र’ के क्या होंगे। पूरे देश में चंदा चोर पार्टी का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। क्योंकि ट्रस्ट, ट्रस्ट के लोग और राम के घर डकैती करने वाले सब चंदा चोर पार्टी के हैं। चंदा चोर पार्टी छोटे प्यादों को फंसाकर राम के घर बड़ी डकैती करने वालों को बचा रही है। ऐसे में करोड़ों हिन्दुओं की आत्मा को तभी शांति मिलेगी, जब बड़े डकैतों को फांसी की सजा होगी। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन्होंने चोरी की, उन्हीं पर कार्रवाई की जिम्मेदारी है। फर्जी एसआईटी, फर्जी एफआईआर और फर्जी गिरफ्तारी, छोटे प्यादों को फंसाकर बड़े अपराधियों को बचाया गया।
अयोध्या में प्रेसवार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम के घर में महा डकैती हो गई है। भगवान राम के आभूषण, उनका हार, उनकी पादुका, उन पर चढ़ाए गए चांदी, सोना, हीरे-जवाहरात, करोड़ों-अरबों रुपए का कैश और ना जाने क्या-क्या चोरी हो गया है। इस चोरी में बहुत बड़े-बड़े राक्षस शामिल हैं। भगवान राम पर करोड़ों-करोड़ों लोगों की आस्था है और उन करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। लोग आहत हुए हैं। मैं स्वयं बहुत आहत हुआ और इसीलिए आज मैं भगवान राम के दर्शन करने के लिए राम मंदिर गया।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जिन लोगों ने चोरी की है और जो इस महा डकैती में शामिल हैं, बदकिस्मती से उन्हीं को कार्रवाई भी करनी है। जाहिर तौर पर वह अपने खिलाफ तो कार्रवाई करेंगे नहीं, वह पूरी तरह से अपने को बचाने में लगे हुए हैं। ये जो फर्जी एसआईटी बनी और गुरुवार को जो फर्जी एफआईआर हुई, उस फर्जी एफआईआर में आठ छोटे-छोटे प्यादों को आरोपी शामिल किया गया। कोई बड़े नाम नहीं हैं। एक तरफ तो इतनी बड़ी महा डकैती हुई और दूसरी तरफ इसमें जितने बड़े-बड़े राक्षस शामिल हैं, उनको बचाने की कोशिश की जा रही है। यह एक तरह से सभी हिंदुओं के जले पर नमक छिड़कने वाली बात है। लोगों का कहना है कि उनकी आत्मा को तब तक शांति नहीं मिलेगी जब तक चोरी करने वाले इन बड़े-बड़े लोगों को सरेआम फांसी की सजा नहीं दी जाएगी।
अरविंद केजरीवाल ने कुछ उदाहरण देते हुए कहा कि सिंधी एसोसिएशन ने 26 जनवरी 2021 को 200 किलो चांदी दान में दी। उन्हें रसीद नहीं मिली और उन्होंने रसीद की जिद भी नहीं की। उन्हें पूरा यकीन था कि भगवान के यहां चंदा चढ़ा रहे हैं, इसमें रसीद की क्या जरूरत है। बहुत लोग जाते हैं भगवान के यहां चंदा चढ़ाते हैं, रसीद कौन मांगता है। 5 साल हो गए उन्होंने कभी रसीद की जिद नहीं की, लेकिन अब जब उन्होंने यह सारा मामला जाना तो उनकी भी रूह कांप गई। अब वे पूछ रहे हैं कि हमारी 200 किलो चांदी कहां गई? उनका विश्वास डगमगा गया। भगवान राम पर उनकी अटूट श्रद्धा है, लेकिन मंदिर को चलाने वाले और उनके ऊपर के आकाओं के ऊपर उनका विश्वास डगमगा गया है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रोज लाखों श्रद्धालु मंदिर में आते हैं और चढ़ावा चढ़ाते हैं। बताया जा रहा है कि रोज 12 से 14 लाख रुपए का चंदा मंदिर में आया करता था। जब से यह खबरें मीडिया में आई हैं, यह घटकर 1 लाख रुपए से भी कम हो गया है। लोगों की आस्था को बहुत भारी ठेस पहुंची है। ऐसे ढेरों उदाहरण हैं। किसी रस्तोगी जी ने दो दीपक दान में दिए, जिसमें से एक दीपक पर अखंड ज्योति जलाई गई। बता रहे हैं कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद उस दीपक का कोई अता-पता नहीं है। बहुत सारे लोग अब अपने-अपने चंदे का हिसाब मांग रहे हैं। जिन लोगों ने अपनी जमीनें, गहने और अपने घर का पूरा सामान बेचकर सब कुछ भगवान राम पर लुटा दिया, आज उनकी आस्था को भारी ठेस पहुंची है।
अरविंद केजरीवाल ने याद दिलाया कि भगवान राम ने अपने पिता दशरथ और माता कैकेयी के कहने पर सवेरे होने वाले अपने राज्याभिषेक को छोड़कर एक मिनट के अंदर सत्ता को लात मार दी और मुस्कुराते हुए 14 साल का वनवास स्वीकार कर लिया। ऐसे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम का गलत इस्तेमाल करके और पिछले 30 साल से भगवान राम का मंदिर बनाने के नाम पर चंदा चोर पार्टी सत्ता में आई। जब से ये सत्ता में आए हैं, तब से इन्होंने राम मंदिर को अपनी पैसे की हवस का शिकार बना दिया है। रोज कुछ ना कुछ निकल रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि राम मंदिर के नाम पर जमीनों की भी चोरी हुई है और जमीनों के जरिए इन्होंने पैसे को साइफन ऑफ किया है। इसका एक उदाहरण है कि कुसुम पाठक और हरीश पाठक ने 18 मार्च 2021 को अपनी सवा हेक्टेयर जमीन 2 करोड़ रुपए में चंदा चोर पार्टी से संबंधित दो लोगों को बेची। मात्र 10 मिनट के अंदर मंदिर के ट्रस्ट ने 2 करोड़ की वही जमीन चंदा चोर पार्टी के लोगों से 18 करोड़ रुपए में खरीद ली। इसका मतलब 16 करोड़ रुपए ट्रस्ट ने भगवान राम के साइफन ऑफ कर दिए। ऐसे ढेरों उदाहरण हैं जिनकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जिन लोगों को कार्रवाई करनी है, वे अपने खिलाफ एक्शन नहीं लेंगे। वे छोटे-छोटे कैशियर, चौकीदार और माली को पकड़ेंगे, ऊपर बैठे हुए बड़े लोगों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण में भी आरोप लग रहे हैं कि हर टेंडर के अंदर कमीशन खाया गया और 2 रुपए का काम 10-20 रुपए में कराया गया। और अब जो निकल कर आ रहा है कि मंदिर बनने के समय और मंदिर चालू होने के बाद जितना चढ़ावा आया, उस चढ़ावे की बड़े स्तर के ऊपर चोरी की गई है।
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हिंदुओं ने चंदा चोर पार्टी को प्यार देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन चंदा चोर पार्टी ने हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। चंदा चोर पार्टी ने हिंदुओं को जिस तरह का धोखा दिया है, शायद ही भारत के इतिहास में किसी ने हिंदुओं के साथ इतना बड़ा छल किया होगा। यह जो ट्रस्ट है, यह इनका है, इसके मेंबर और ट्रस्टी सब इनके हैं। मंदिर का सारा मैनेजमेंट इनका है। मंदिर में बहुत बड़े पैमाने पर चोरी और महा डकैती हुई है और अब उस डकैती पर पर्दा ढाकने का काम भी यही लोग कर रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर रोज चोरी हो रही थी, तो क्या बड़े लोगों को पता नहीं था? अगर किसी मंदिर की मूर्ति चोरी हो जाए, तो वह एक घटना मानी जा सकती है, लेकिन जहां रोज इतने बड़े स्तर पर चोरी हो रही हो, शिकायतें हो रही हों और 8 महीने के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग गायब कर दी गई हो, तो इसका मतलब है कि यह बहुत ऊपर तक की बात है। मुख्य प्रश्न यह है, जो पूरा देश और हिंदू समाज जानना चाहता है कि कितने करोड़ और अरबों रुपए की चोरी हुई और वह सारा पैसा गया कहां? वह सारा पैसा ये आठ कैशियर नहीं ले गए जिनके खिलाफ एफआईआर हुई है। जो अरबों रुपए का पैसा, सारे हीरे-जवाहरात, चांदी, पादुका, हार और भगवान के आभूषण चोरी हो गए, वह अयोध्या के बाहर गया, कहां गया और उसका डेस्टिनेशन कहां है? इसके तार बहुत ऊपर तक हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चोरी सामने आए 18 दिन हो गए। जब मैं गुरुवार को लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरा और अयोध्या की तरफ आ रहा था, एफआईआर उसके बाद हुई है। एफआईआर करने के लिए भी इतनी जद्दोजहद करनी पड़ी। मैंने सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए सुना कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने चंपत राय से रिकॉर्ड और हिसाब-किताब मांगा, लेकिन चंपत राय ने देने से मना कर दिया। इस देश में एक ऐसा व्यक्ति भी है जो मोदी जी को मना भी कर सकता है और मोदी जी ने उसे मान भी लिया, कोई रिमाइंडर तक नहीं भेजा। इससे समझा जा सकता है कि इसके तार कहां तक हैं। चंपत राय के पास ऐसी क्या जानकारी है जिसके सामने मोदी जी भी बेबस हैं?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिस चंदा चोर पार्टी ने इस मुद्दे को सबसे ज्यादा भुनाया, उसके एक भी नेता ने चंदा चोरी की आलोचना नहीं की और इसके खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला। पूरे हिंदू समाज की एक ही मांग है कि जिन राक्षसों ने यह काम किया है, उन्हें सरेआम फांसी पर लटकाया जाए। चंदा चोरी, लोगों की आस्था और विश्वास के साथ खिलवाड़ एक महापाप है और इसे करने वाले सभी राक्षसों को सरेआम फांसी पर लटकाया जाए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसा देखने में आ रहा है, ये लोग कुछ नहीं करेंगे, ऊपर से नीचे तक सब मिले हुए हैं। अगर प्रधानमंत्री जी चंपत राय के सामने इतने बेबस हैं, तो सोचा जा सकता है कि कौन कहां कितना मिला हुआ है। लेकिन मेरी समाज से विनती कि कानून अपना काम करे या ना करे, हम सब मिलकर कानून से काम कराएंगे। भगवान राम भी इन लोगों को दंड देंगे। आज मैं भगवान राम के सामने नतमस्तक हुआ, वे भी इनको दंड देंगे। लेकिन यह पूरे समाज की भी जिम्मेदारी है कि जितने भी चंदा चोर, उनके सहयोगी या समर्थक हैं, उन सबका सामाजिक बहिष्कार करना शुरू कर दीजिए, नहीं तो आप भी पाप के भागीदार बनेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन लोगों को लगता था कि राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति मिट्टी की है। बड़ी इन्हें यह पता नहीं है कि भगवान राम कितने शक्तिशाली हैं और उनकी ताकत क्या है। इन्हें लगता था कि बड़ी आसानी से डकैती कर लेंगे। मैं इनको कहना चाहता हूं कि ये राम के सहारे आए थे, अब भगवान राम ही इनको भगाएंगे। पूरे हिंदू समाज की मांग है कि ट्रस्ट के अंदर बैठे इन नेताओं और अफसरों का मंदिर से क्या लेना-देना है? इन्होंने अपने प्यादों को बिठा रखा है। आज हम हनुमानगढ़ी गए थे, जिसका संचालन साधु-संत करते हैं। साधु-संत निर्माेही होते हैं। वहां सदियों से करोड़ों का चंदा चढ़ता है, लेकिन आज तक एक नए पैसे का आरोप नहीं लगा। वह मंदिर सदियों से चल रहा है। भगवान राम का मंदिर भी साधु-संतों और धर्माचार्यों को सौंपा जाए। इन अफसरों और नेताओं को उसके चंगुल से हटाया जाए और ट्रस्ट में केवल धर्माचार्यों को ही रखा जाए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि जो राम के नहीं हुए, जिन्होंने भगवान राम को लूट लिया, वे आपके क्या होंगे? कुछ अंधभक्तों को लगता था कि ये लोग बड़े ईमानदार हैं और उन्हें इनकी ईमानदारी पर बड़ा भरोसा था, वे अंधभक्त जान लें कि जिन्होंने राम को नहीं छोड़ा, वे राष्ट्र को क्या छोड़ेंगे? मैं पूरे देश से अपील करना चाहता हूं कि यह धर्म युद्ध है, इसके लिए सब लोगों को उठना और खड़ा होना पड़ेगा। सब लोगों को इस धर्म युद्ध की लड़ाई लड़नी पड़ेगी। आज मैं तो भगवान राम के मंदिर में कसम खाकर आया हूं कि जब तक इन राक्षसों को फांसी पर नहीं चढ़वा दूंगा, तब तक चैन की सांस नहीं लूंगा।
केजरीवाल का योगी पर पलटवार, ‘चंदा चोरों का साथ छोड़िए, ये आपकी कुर्सी भी नहीं छोड़ेंगे’
अरविंद केजरीवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए कहा कि कि महाराज जी, ये जो चंदा चोर हैं, ये आपको भी हटाने का पूरा षड्यंत्र रच रहे हैं और आपकी भी कुर्सी के पीछे पड़े हैं। आप महापाप करने वालों का साथ क्यों दे रहे हैं? मेरा संघर्ष यह है कि इन चंदा चोरों और राक्षसों को सरेआम फांसी दी जानी चाहिए। इसमें मेरा साथ दीजिए और इन महापापियों का साथ मत दीजिए। उन्होंने एक्स पर कहा कि महाराज जी, आप चंदा चोरों का क्यो साथ दे रहे हो? ये चंदा चोर आपको भी हटाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। आपकी कुर्सी भी नहीं छोड़ेंगे। भगवान राम के घर हुई महा डकैती के राक्षसों को सरे आम फांसी दिलवाने के मेरे संघर्ष में आप मेरा साथ दीजिए। इस महापाप में भागीदार मत बनिए।
उधर, “आप” के राज्यसभा सदस्य व उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि गुरुवार को जब अरविंद केजरीवाल प्रभु श्री राम के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे, तो आनन-फानन में चंदा चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जब अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को मजबूती से उठाया, तो आज यह जानकारी मिल रही है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी हो गया है। राम मंदिर में हुई इस चंदा चोरी की घटना से अरविंद केजरीवाल और हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले देश के करोड़ों लोग बेहद आहत और पीड़ित हैं।
National
बेंगलुरु के 3-Star और 5-Star होटलों में बड़ी फूड सेफ्टी जांच, Expired दूध-मांस और खराब सब्जियां मिलने से मचा हड़कंप
बेंगलुरु के बड़े और लग्जरी होटलों की रसोइयों में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एफएसएसएआई की टीमों ने शहर के 26 होटलों में अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, खराब मांस और मछली, सड़ी हुई सब्जियां, फंगस लगी सब्जियां और एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद पाए गए।
इस कार्रवाई के लिए 30 निरीक्षण टीमें तैनात की गई थीं। अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 35 सैंपल लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, जो खाद्य सामग्री एक्सपायर्ड या इस्तेमाल के लायक नहीं पाई गई, उसे जब्त कर नष्ट कर दिया गया।
जांच के दौरान द ललित अशोक से करीब 76 किलो मांस, 200 किलो सब्जियां और 32 लीटर एक्सपायर्ड दूध बरामद किया गया। ताज यशवंतपुर से करीब 72 किलो मांस और मछली, जबकि फोर सीजन्स होटल से लगभग 19 किलो मांस मिला। शांगरी-ला होटल से करीब 15 किलो मांस और विवांता बेंगलुरु व्हाइटफील्ड से लगभग 3 किलो एक्सपायर्ड बेकरी उत्पाद हटाए गए।
सबसे बड़ी बरामदगी में से एक रेडिसन ब्लू एट्रिया से हुई, जहां करीब 105 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली। इसमें लगभग 50 किलो चिकन, 25 किलो मांस, 23 किलो मछली और 7 किलो सब्जियां शामिल थीं। इसके अलावा कुछ होटलों की रसोई और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर कमियां भी सामने आईं।
अधिकारियों को कुछ सब्जियों पर फंगस मिली, जबकि कई जगह खाद्य सामग्री को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने में भी लापरवाही सामने आई। कुछ उत्पादों पर जरूरी लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था।
निरीक्षण के दौरान चिकन, मटन, मछली, दूध, खाना पकाने के तेल, मसाले, चीज और सॉस समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ फूड सेफ्टी मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया है, वहां होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बड़े और लग्जरी होटलों से इसलिए की गई है, ताकि यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि होटल चाहे कितना भी बड़ा या महंगा हो, फूड सेफ्टी के नियम सभी के लिए समान हैं।
अब अधिकारियों की नजर उन फूड स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों पर भी है, जहां से होटलों और कैटरिंग संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई होती है। बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम तस्वीर प्रयोगशाला रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।
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मोहाली में ‘पंजाब यूथ रन 2026’ मैराथन, नशामुक्ति और फिटनेस का दिया संदेश
आम आदमी पार्टी पंजाब के यूथ विंग की ओर से मोहाली में आज सुबह ‘पंजाब Youth Run 2026’ के नाम से एक भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से व्यायाम एवं खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना रहा। मैराथन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि युवाओं के साथ-साथ बड़ी उम्र के लोगों ने भी जोश और उत्साह के साथ दौड़ में भाग लिया और स्वस्थ पंजाब का संदेश दिया।
मैराथन के दौरान प्रतिभागियों ने नशामुक्त पंजाब, स्वस्थ पंजाब और फिट पंजाब का संदेश लोगों तक पहुंचाया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, व्यायाम और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
इस मौके पर आम आदमी पार्टी के सांसद मीत हेयर और मलविंदर सिंह कंग सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने मैराथन में हिस्सा लेने वाले युवाओं और अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही दिशा और बेहतर मंच उपलब्ध करवाया जाए, ताकि वे खेल, शिक्षा और स्वस्थ गतिविधियों के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।
‘आप’ नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही सफल हो सकती है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल मैदानों, फिटनेस गतिविधियों और सामाजिक अभियानों को बढ़ावा देना जरूरी है। ‘पंजाब Youth Run 2026’ जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में लोगों को जागरूक करने और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने का काम करते हैं।
मैराथन में युवाओं के साथ बुजुर्गों की भागीदारी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। प्रतिभागियों ने दौड़ के जरिए यह संदेश दिया कि स्वस्थ रहने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है और हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बना सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने फिटनेस, स्वास्थ्य और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाने की इस पहल की सराहना की।
पार्टी नेताओं ने बताया कि ‘पंजाब Youth Run 2026’ को केवल मोहाली तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आने वाले समय में पंजाब के अन्य शहरों में भी इसी तरह की मैराथन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और नशामुक्त पंजाब के निर्माण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा
पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।
आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।
कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।
रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।
वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”
श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।
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