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एंटी करप्शन डे स्पेशल: ये हैं वो 10 बड़े फैसले जो बताते है क्यों मान सरकार है पंजाब की सबसे ईमानदार सरकार

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी है, वह न केवल प्रदेश की तस्वीर बदल रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक नई मिसाल भी पेश कर रही है। सत्ता में आने के बाद से मान सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसे तो कईं बड़े और क्रांतिकारी कदम उठाए है, उनसे आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के इस नए युग में पंजाब तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज पंजाब की जनता खुले दिल से कह रही है कि ‘यही तो सरकार चाहिए थी, जो हमारे लिए काम करे, हमें लूटे नहीं।’

एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9501200200 का शुभारंभ, जो 23 मार्च 2022 को शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर लॉन्च किया गया था

पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए सबसे क्रांतिकारी 10 कदमों का हम ज़िक्र कर रहे है जिसमें पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9501200200 का शुभारंभ, जो 23 मार्च 2022 को शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर लॉन्च किया गया था। मुख्यमंत्री ने इसे अपना ‘पर्सनल व्हाट्सएप नंबर’ बताते हुए कहा था कि यदि कोई अधिकारी रिश्वत मांगे, तो इनकार न करें, बल्कि उसका वीडियो या ऑडियो बनाकर इस नंबर पर भेज दें। यह साहसिक पहल दिल्ली मॉडल से प्रेरित थी और आज यह हेल्पलाइन पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से हजारों शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और दर्जनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

दूसरा बड़ा कदम है ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ पोर्टल का शुभारंभ, जिससे संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन आया है। नवंबर 2024 में लॉन्च की गई इस योजना के तहत अब नागरिक अपने ज़िले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति का पंजीकरण करवा सकते है और पूरी प्रक्रिया 48 घंटे में पूरी हो जाती है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि दशकों से संपत्ति पंजीकरण एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया मानी जाती थी, जिसमें रिश्वतखोरी का बोलबाला था। अब केवल 500 रुपये में ऑनलाइन सेल डीड तैयार हो जाती है और व्हाट्सएप के जरिए रियल टाइम अपडेट मिलते रहते हैं। यह भारत में अपनी तरह की पहली पहल है जो संपत्ति पंजीकरण में पारदर्शिता ला रही है।

तीसरा महत्वपूर्ण कदम है जमाबंदी और भूमि अभिलेखों का पूर्ण डिजिटलीकरण। पंजाब सरकार ने jamabandi.punjab.gov.in पोर्टल के माध्यम से संपत्ति रिकॉर्ड को ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है। नागरिक अब केवल 20 रुपये के नाममात्र शुल्क में अपने दस्तावेज घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। पहले राजस्व विभाग में दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों का जाल था, जहां हर छोटे-बड़े काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी। अब सारा काम ऑनलाइन होने से रिश्वतखोरी की गुंजाइश खत्म हो गई है। राजस्व विभाग के लिए विशेष हेल्पलाइन 8184900002 और एनआरआई के लिए 9464100168 नंबर भी जारी किए गए है।

हर तहसील में रोजाना चार कैंप लगाए जाते हैं

चौथा बड़ा कदम है ‘आप दी सरकार, आप दे द्वार’ और ‘भगवंत मान सरकार तुहाड़े द्वार’ योजनाओं का क्रियान्वयन। फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना के तहत पंजाब भर में 11,600 से अधिक कैंप आयोजित किए गए, जहां 44 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं जैसे आवासीय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, पेंशन, श्रम पंजीकरण आदि गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला में उपलब्ध करवाई गईं। मुख्यमंत्री ने कहा, “अब लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकारी अधिकारी लोगों के द्वार पर जाकर सेवाएं देंगे।” हर तहसील में रोजाना चार कैंप लगाए जाते हैं, जहां एसडीएम, तहसीलदार, डीएसएसओ, डीएफएसओ, एसएचओ जैसे महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहते है।

पांचवां कदम है मुख्यमंत्री विंडो (सीएम विंडो) की स्थापना, जो जून 2024 में सभी जिलों में शुरू की गई। यह एक अभूतपूर्व पहल है जो नागरिकों और सरकार के बीच सीधा संवाद सुनिश्चित करती है। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों (डीसी) और एसएसपी को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया है और स्पष्ट किया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में होने वाली किसी भी भ्रष्टाचार या लापरवाही की घटना के लिए वे सीधे जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, “प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर कड़ी निगरानी रखनी होगी और किसी भी दुराचार पर तत्काल कार्रवाई करनी होगी।” यह दृष्टिकोण भ्रष्टाचार के खिलाफ मान सरकार की सख्ती को दर्शाता है।

अगस्त 2024 में एक सहकारी निरीक्षक को 15,000 रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया

छठा महत्वपूर्ण कदम है पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को मजबूत बनाना और उसे स्वायत्तता प्रदान करना। विजिलेंस ब्यूरो ने 2024 में दर्जनों बड़े भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई की है। सितंबर 2024 में एक एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, अगस्त 2024 में एक सहकारी निरीक्षक को 15,000 रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया, एक पीएसपीसीएल जूनियर इंजीनियर को गूगल पे के ज़रिए 11,500 रुपये की रिश्वत लेने पर पकड़ा गया, एक पुलिस इंस्पेक्टर को 6 लाख रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया, और जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के भूमि अधिग्रहण घोटाले में 5.49 करोड़ रुपये के मामले में एक सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। ये कार्रवाइयां भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ पैदा कर रही हैं।

सातवां बड़ा कदम है डोरस्टेप डिलीवरी सर्विस (डीएसडी), जो दिसंबर 2023 में ‘भगवंत मान सरकार तुहाड़े द्वार’ के नाम से शुरू की गई। इस योजना के तहत नागरिक 1076 नंबर पर कॉल करके अपनी सुविधानुसार अपॉइंटमेंट ले सकते है और 43 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं अपने घर पर प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना गवर्नमेंट टू सिटीजन (जी2सी) सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोगों को सरकारी कार्यालयों में घंटों इंतजार न करना पड़े। अब सरकार उनके घर तक पहुंचेगी।” इस योजना से लाखों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

आठवां कदम है पंजाब एंटी रेड टेप एक्ट 2021 और पंजाब एंटी रेड टेप रूल्स 2022 का कड़ाई से पालन। इन नियमों के तहत सरकारी विभागों में अनावश्यक लालफीताशाही और देरी को खत्म करने के प्रावधान किए गए है। अब सभी सेवाओं के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है और यदि कोई अधिकारी बिना वैध कारण के काम में देरी करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। यह कानून बेवजह की देरी और भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर साबित हो रहा है।

ऑनलाइन टेंडरिंग को अनिवार्य कर दिया है

नौवां महत्वपूर्ण कदम है ई-प्रोक्योरमेंट और ई-टेंडरिंग सिस्टम का कड़ाई से पालन। पंजाब सरकार ने सभी विभागों में ऑनलाइन टेंडरिंग को अनिवार्य कर दिया है, जिससे टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। पहले मैनुअल टेंडरिंग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था, ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत होती थी, और अधिक दरों पर काम दिए जाते थे। अब ऑनलाइन प्रक्रिया से हर चरण में जवाबदेही तय है और देश के किसी भी कोने से योग्य ठेकेदार बिड कर सकते है।

दसवां और सबसे प्रभावी कदम है पुलिस और नशा तस्करों से मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई। मान सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिश्वत लेने वाले और नशा माफिया के साथ साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस सख्ती का असर यह हुआ है कि भ्रष्ट अधिकारियों में डर का माहौल है और वे अब खुलेआम रिश्वत मांगने से कतराते है।

इन दस बड़े कदमों का असर पंजाब के राजस्व में भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। अगस्त 2024 में पंजाब सरकार को भूमि और संपत्ति पंजीकरण से 440.92 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो अगस्त 2023 के 349.26 करोड़ रुपये की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि इस बात का सबूत है कि भ्रष्टाचार कम होने से न केवल जनता को राहत मिली है, बल्कि सरकारी खजाने में भी इजाफा हुआ है। पहले बिचौलिए और भ्रष्ट अधिकारी पैसा हड़प लेते थे, अब वह पैसा सरकारी खजाने में जा रहा है।

पंजाब की जनता मान सरकार की इन पहलों से काफी खुश है। लुधियाना के एक किसान बलविंदर सिंह कहते हैं, “पहले जमाबंदी निकलवाने के लिए पटवारी को रिश्वत देनी पड़ती थी। अब मैं घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन निकाल लेता हूं। यह सरकार सचमुच ईमानदार है।” जालंधर की एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता सुखविंदर कौर बताती हैं, “आप दी सरकार, आप दे द्वार योजना ने गांव की गरीब महिलाओं को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। अधिकारी खुद गांव में आकर पेंशन और अन्य सर्टिफिकेट बना देते हैं।”

मान सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम दूरगामी परिणाम देंगे

विशेषज्ञों का मानना है कि मान सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम दूरगामी परिणाम देंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमरजीत सिंह कहते है, “तकनीकी का उपयोग करके सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाना एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल भ्रष्टाचार रोकता है, बल्कि जनता में सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ाता है। मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकता है।”

मान सरकार की इन पहलों ने न केवल पंजाब में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी चर्चा का विषय बना दिया है। कई राज्यों ने पंजाब मॉडल को अपनाने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारा सपना है कि पंजाब भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बने। हमने जो दस बड़े कदम उठाए हैं, वे इसी दिशा में हैं। हम जनता से वादा करते हैं कि जो भी भ्रष्टाचार में लिप्त होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब को लंदन, पेरिस या कैलिफोर्निया नहीं, असली पंजाब बनाना है, जहां ईमानदारी और मेहनत की कद्र हो।”

मान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि जनहित में चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे पास पुरानी सरकारों जैसी लाल डायरी नहीं है, केवल हरी डायरी है। हम किसी से बदला नहीं लेंगे, लेकिन जो पंजाब की जनता और खजाने को लूटेगा, उसे उसके पापों का हिसाब देना होगा।” यह बयान जनता में बड़ी उम्मीद जगाता है कि मान सरकार सचमुच भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है।

सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाया जाएगा और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुदृढ़ किया जाएगा

पंजाब सरकार अब भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को और मजबूत करने की योजना बना रही है। जल्द ही अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाया जाएगा और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसके जरिए नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे और उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे। इसके अलावा, सभी विभागों में कैमरा सर्विलांस और डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।

पंजाब में मान सरकार द्वारा शुरू किया गया भ्रष्टाचार विरोधी अभियान एक ऐतिहासिक पहल है, जो आने वाले समय में पंजाब को देश का सबसे पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। दस बड़े कदमों के जरिए मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तकनीकी का सही इस्तेमाल किया जाए, और जनता को साथ लिया जाए, तो भ्रष्टाचार जैसी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है। पंजाब की जनता आज गर्व से कह सकती है कि “यह सरकार है हमारे लिए, हमारे द्वार पर, हमारी सेवा में।”

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पंजाब सरकार के विरोध के बाद हिमाचल ने बदला रुख, बढ़े एंट्री टैक्स पर फिर होगा विचार

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एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार अब नरम रुख अपनाती नजर आ रही है। पंजाब सरकार के कड़े विरोध और प्रदर्शन के बाद हिमाचल कैबिनेट ने बढ़ाई गई एंट्री टैक्स दरों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है।

हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद एक संतुलित और लोगों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने पर काम किया जा रहा है।

सरकार ने बताया कि एंट्री टैक्स से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब आम जनता और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है, जिससे दोनों राज्यों के बीच समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंजाब चाहे तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकता है। वहीं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।

कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी तनातनी के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।

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‘मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार’, लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CM Bhagwant Singh Mann का सख्त संदेश

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पंजाब में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भुल्लर से मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था। जानकारी के अनुसार, भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद ही गिरफ्तारी दी।

इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार है। अगर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हमारी सरकार किसी की भी पैरवी या सिफारिश को स्वीकार नहीं करती।”

मुख्यमंत्री ने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार और पार्टी में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानून के सामने सभी को बराबर माना जा रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा रही।

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Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains

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एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का एंट्री टैक्स लगाना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद पंजाब में इसका विरोध तेज हो गया है। इस फैसले के खिलाफ पंजाब में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही, पंजाब विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और हिमाचल द्वारा लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की जा रही है।

पंजाब सरकार इस मामले में जवाबी कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यदि हिमाचल सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो पंजाब भी हिमाचल की कमर्शियल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।

इस पूरे विवाद पर बोलते हुए आनंदपुर साहिब के विधायक और शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि चंडीगढ़ से गुजरने वाला मार्ग एक नेशनल हाईवे है, जिस पर किसी भी राज्य का एकतरफा अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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