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एंटी करप्शन डे स्पेशल: ये हैं वो 10 बड़े फैसले जो बताते है क्यों मान सरकार है पंजाब की सबसे ईमानदार सरकार

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी है, वह न केवल प्रदेश की तस्वीर बदल रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक नई मिसाल भी पेश कर रही है। सत्ता में आने के बाद से मान सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसे तो कईं बड़े और क्रांतिकारी कदम उठाए है, उनसे आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के इस नए युग में पंजाब तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज पंजाब की जनता खुले दिल से कह रही है कि ‘यही तो सरकार चाहिए थी, जो हमारे लिए काम करे, हमें लूटे नहीं।’

एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9501200200 का शुभारंभ, जो 23 मार्च 2022 को शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर लॉन्च किया गया था

पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए सबसे क्रांतिकारी 10 कदमों का हम ज़िक्र कर रहे है जिसमें पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9501200200 का शुभारंभ, जो 23 मार्च 2022 को शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर लॉन्च किया गया था। मुख्यमंत्री ने इसे अपना ‘पर्सनल व्हाट्सएप नंबर’ बताते हुए कहा था कि यदि कोई अधिकारी रिश्वत मांगे, तो इनकार न करें, बल्कि उसका वीडियो या ऑडियो बनाकर इस नंबर पर भेज दें। यह साहसिक पहल दिल्ली मॉडल से प्रेरित थी और आज यह हेल्पलाइन पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से हजारों शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और दर्जनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

दूसरा बड़ा कदम है ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ पोर्टल का शुभारंभ, जिससे संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन आया है। नवंबर 2024 में लॉन्च की गई इस योजना के तहत अब नागरिक अपने ज़िले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति का पंजीकरण करवा सकते है और पूरी प्रक्रिया 48 घंटे में पूरी हो जाती है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि दशकों से संपत्ति पंजीकरण एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया मानी जाती थी, जिसमें रिश्वतखोरी का बोलबाला था। अब केवल 500 रुपये में ऑनलाइन सेल डीड तैयार हो जाती है और व्हाट्सएप के जरिए रियल टाइम अपडेट मिलते रहते हैं। यह भारत में अपनी तरह की पहली पहल है जो संपत्ति पंजीकरण में पारदर्शिता ला रही है।

तीसरा महत्वपूर्ण कदम है जमाबंदी और भूमि अभिलेखों का पूर्ण डिजिटलीकरण। पंजाब सरकार ने jamabandi.punjab.gov.in पोर्टल के माध्यम से संपत्ति रिकॉर्ड को ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है। नागरिक अब केवल 20 रुपये के नाममात्र शुल्क में अपने दस्तावेज घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। पहले राजस्व विभाग में दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों का जाल था, जहां हर छोटे-बड़े काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी। अब सारा काम ऑनलाइन होने से रिश्वतखोरी की गुंजाइश खत्म हो गई है। राजस्व विभाग के लिए विशेष हेल्पलाइन 8184900002 और एनआरआई के लिए 9464100168 नंबर भी जारी किए गए है।

हर तहसील में रोजाना चार कैंप लगाए जाते हैं

चौथा बड़ा कदम है ‘आप दी सरकार, आप दे द्वार’ और ‘भगवंत मान सरकार तुहाड़े द्वार’ योजनाओं का क्रियान्वयन। फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना के तहत पंजाब भर में 11,600 से अधिक कैंप आयोजित किए गए, जहां 44 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं जैसे आवासीय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, पेंशन, श्रम पंजीकरण आदि गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला में उपलब्ध करवाई गईं। मुख्यमंत्री ने कहा, “अब लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकारी अधिकारी लोगों के द्वार पर जाकर सेवाएं देंगे।” हर तहसील में रोजाना चार कैंप लगाए जाते हैं, जहां एसडीएम, तहसीलदार, डीएसएसओ, डीएफएसओ, एसएचओ जैसे महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहते है।

पांचवां कदम है मुख्यमंत्री विंडो (सीएम विंडो) की स्थापना, जो जून 2024 में सभी जिलों में शुरू की गई। यह एक अभूतपूर्व पहल है जो नागरिकों और सरकार के बीच सीधा संवाद सुनिश्चित करती है। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों (डीसी) और एसएसपी को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया है और स्पष्ट किया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में होने वाली किसी भी भ्रष्टाचार या लापरवाही की घटना के लिए वे सीधे जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, “प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर कड़ी निगरानी रखनी होगी और किसी भी दुराचार पर तत्काल कार्रवाई करनी होगी।” यह दृष्टिकोण भ्रष्टाचार के खिलाफ मान सरकार की सख्ती को दर्शाता है।

अगस्त 2024 में एक सहकारी निरीक्षक को 15,000 रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया

छठा महत्वपूर्ण कदम है पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को मजबूत बनाना और उसे स्वायत्तता प्रदान करना। विजिलेंस ब्यूरो ने 2024 में दर्जनों बड़े भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई की है। सितंबर 2024 में एक एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, अगस्त 2024 में एक सहकारी निरीक्षक को 15,000 रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया, एक पीएसपीसीएल जूनियर इंजीनियर को गूगल पे के ज़रिए 11,500 रुपये की रिश्वत लेने पर पकड़ा गया, एक पुलिस इंस्पेक्टर को 6 लाख रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया, और जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के भूमि अधिग्रहण घोटाले में 5.49 करोड़ रुपये के मामले में एक सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। ये कार्रवाइयां भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ पैदा कर रही हैं।

सातवां बड़ा कदम है डोरस्टेप डिलीवरी सर्विस (डीएसडी), जो दिसंबर 2023 में ‘भगवंत मान सरकार तुहाड़े द्वार’ के नाम से शुरू की गई। इस योजना के तहत नागरिक 1076 नंबर पर कॉल करके अपनी सुविधानुसार अपॉइंटमेंट ले सकते है और 43 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं अपने घर पर प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना गवर्नमेंट टू सिटीजन (जी2सी) सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोगों को सरकारी कार्यालयों में घंटों इंतजार न करना पड़े। अब सरकार उनके घर तक पहुंचेगी।” इस योजना से लाखों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

आठवां कदम है पंजाब एंटी रेड टेप एक्ट 2021 और पंजाब एंटी रेड टेप रूल्स 2022 का कड़ाई से पालन। इन नियमों के तहत सरकारी विभागों में अनावश्यक लालफीताशाही और देरी को खत्म करने के प्रावधान किए गए है। अब सभी सेवाओं के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है और यदि कोई अधिकारी बिना वैध कारण के काम में देरी करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। यह कानून बेवजह की देरी और भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर साबित हो रहा है।

ऑनलाइन टेंडरिंग को अनिवार्य कर दिया है

नौवां महत्वपूर्ण कदम है ई-प्रोक्योरमेंट और ई-टेंडरिंग सिस्टम का कड़ाई से पालन। पंजाब सरकार ने सभी विभागों में ऑनलाइन टेंडरिंग को अनिवार्य कर दिया है, जिससे टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। पहले मैनुअल टेंडरिंग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था, ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत होती थी, और अधिक दरों पर काम दिए जाते थे। अब ऑनलाइन प्रक्रिया से हर चरण में जवाबदेही तय है और देश के किसी भी कोने से योग्य ठेकेदार बिड कर सकते है।

दसवां और सबसे प्रभावी कदम है पुलिस और नशा तस्करों से मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई। मान सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिश्वत लेने वाले और नशा माफिया के साथ साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस सख्ती का असर यह हुआ है कि भ्रष्ट अधिकारियों में डर का माहौल है और वे अब खुलेआम रिश्वत मांगने से कतराते है।

इन दस बड़े कदमों का असर पंजाब के राजस्व में भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। अगस्त 2024 में पंजाब सरकार को भूमि और संपत्ति पंजीकरण से 440.92 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो अगस्त 2023 के 349.26 करोड़ रुपये की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि इस बात का सबूत है कि भ्रष्टाचार कम होने से न केवल जनता को राहत मिली है, बल्कि सरकारी खजाने में भी इजाफा हुआ है। पहले बिचौलिए और भ्रष्ट अधिकारी पैसा हड़प लेते थे, अब वह पैसा सरकारी खजाने में जा रहा है।

पंजाब की जनता मान सरकार की इन पहलों से काफी खुश है। लुधियाना के एक किसान बलविंदर सिंह कहते हैं, “पहले जमाबंदी निकलवाने के लिए पटवारी को रिश्वत देनी पड़ती थी। अब मैं घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन निकाल लेता हूं। यह सरकार सचमुच ईमानदार है।” जालंधर की एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता सुखविंदर कौर बताती हैं, “आप दी सरकार, आप दे द्वार योजना ने गांव की गरीब महिलाओं को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। अधिकारी खुद गांव में आकर पेंशन और अन्य सर्टिफिकेट बना देते हैं।”

मान सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम दूरगामी परिणाम देंगे

विशेषज्ञों का मानना है कि मान सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम दूरगामी परिणाम देंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमरजीत सिंह कहते है, “तकनीकी का उपयोग करके सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाना एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल भ्रष्टाचार रोकता है, बल्कि जनता में सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ाता है। मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकता है।”

मान सरकार की इन पहलों ने न केवल पंजाब में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी चर्चा का विषय बना दिया है। कई राज्यों ने पंजाब मॉडल को अपनाने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारा सपना है कि पंजाब भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बने। हमने जो दस बड़े कदम उठाए हैं, वे इसी दिशा में हैं। हम जनता से वादा करते हैं कि जो भी भ्रष्टाचार में लिप्त होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब को लंदन, पेरिस या कैलिफोर्निया नहीं, असली पंजाब बनाना है, जहां ईमानदारी और मेहनत की कद्र हो।”

मान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि जनहित में चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे पास पुरानी सरकारों जैसी लाल डायरी नहीं है, केवल हरी डायरी है। हम किसी से बदला नहीं लेंगे, लेकिन जो पंजाब की जनता और खजाने को लूटेगा, उसे उसके पापों का हिसाब देना होगा।” यह बयान जनता में बड़ी उम्मीद जगाता है कि मान सरकार सचमुच भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है।

सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाया जाएगा और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुदृढ़ किया जाएगा

पंजाब सरकार अब भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को और मजबूत करने की योजना बना रही है। जल्द ही अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाया जाएगा और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसके जरिए नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे और उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे। इसके अलावा, सभी विभागों में कैमरा सर्विलांस और डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।

पंजाब में मान सरकार द्वारा शुरू किया गया भ्रष्टाचार विरोधी अभियान एक ऐतिहासिक पहल है, जो आने वाले समय में पंजाब को देश का सबसे पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। दस बड़े कदमों के जरिए मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तकनीकी का सही इस्तेमाल किया जाए, और जनता को साथ लिया जाए, तो भ्रष्टाचार जैसी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है। पंजाब की जनता आज गर्व से कह सकती है कि “यह सरकार है हमारे लिए, हमारे द्वार पर, हमारी सेवा में।”

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CM भगवंत मान ने डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र पर रखा नींव पत्थर

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। पंजाब सरकार की ओर से बनाए जाने वाले इस केंद्र पर करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस केंद्र का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, बाणी और उनकी महान शिक्षाओं से जोड़ना है।

इस अध्ययन केंद्र में बच्चों को श्री गुरु रविदास जी की जीवनी, उनकी बाणी और मानवता को दिए गए संदेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उनकी शिक्षाओं में समानता, भाईचारे, सेवा, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को विशेष महत्व दिया गया है। केंद्र के माध्यम से नई पीढ़ी को इन विचारों से परिचित कराने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र में हॉस्टल और स्टाफ के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को यहां रहकर अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी। केंद्र में अध्ययन और शोध के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाएं केवल एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी बाणी समाज में समानता, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश देती है। ऐसे में इस केंद्र के जरिए इन महान विचारों को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र आने वाले समय में श्री गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन से जुड़े अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। पंजाब सरकार का कहना है कि इस पहल से नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और गुरु साहिब की शिक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

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Politics

दिल्ली में CM मान की अहम बैठकें, धान से लेकर बिजली और गुरबाणी तक उठाए पंजाब के मुद्दे

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्र सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इन बैठकों के दौरान खास तौर पर आने वाले धान के सीजन से पहले पंजाब में पड़े पुराने अनाज के स्टॉक को उठाने, राज्य की बिजली जरूरतों और गुरबाणी के प्रसारण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने पंजाब से जुड़े इन महत्वपूर्ण मामलों को केंद्र के सामने रखते हुए जल्द समाधान की मांग की।

धान के सीजन से पहले पुराने अनाज का स्टॉक उठाने की मांग

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर पंजाब में पड़े पुराने गेहूं और चावल के स्टॉक को जल्द उठाने का मुद्दा उठाया। पंजाब में बड़ी मात्रा में पुराना अनाज मौजूद है, जिसके कारण आने वाले धान खरीद सीजन में मंडियों और गोदामों में भंडारण को लेकर चिंता बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई धान की फसल मंडियों में पहुंचने से पहले पुराने स्टॉक को हटाना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

ताजा जानकारी के अनुसार, केंद्र की ओर से पंजाब में पड़े करीब 18 लाख मीट्रिक टन पुराने अनाज के स्टॉक को 20 सितंबर तक उठाने पर सहमति दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे आगामी धान खरीद सीजन से पहले पंजाब के लिए बड़ी राहत बताया। उनके अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने यह भी भरोसा दिया है कि बचा हुआ स्टॉक 30 सितंबर तक उठाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इससे पंजाब की मंडियों और भंडारण केंद्रों पर दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए क्यों अहम है पुराना स्टॉक हटाना?

पंजाब में हर साल बड़ी मात्रा में धान की फसल मंडियों में पहुंचती है। धान खरीद के दौरान किसानों की फसल को मंडियों में रखने, खरीद करने और बाद में चावल मिलों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होती है। अगर गोदाम और भंडारण केंद्र पहले से ही पुराने अनाज से भरे हों तो नई फसल की खरीद और भंडारण में परेशानी पैदा हो सकती है। इसी वजह से पंजाब सरकार लगातार केंद्र से पुराने अनाज को जल्द उठाने की मांग कर रही है।

मनमोहर लाल खट्टर से बिजली के मुद्दे पर चर्चा

इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी मुलाकात की। बैठक में पंजाब की बिजली जरूरतों और बिजली से जुड़े विभिन्न मामलों पर चर्चा हुई। पंजाब में कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की मांग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए नियमित बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है। इसके अलावा घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी भरोसेमंद बिजली व्यवस्था जरूरी है।

मुख्यमंत्री मान ने केंद्रीय मंत्री के सामने पंजाब की बिजली से जुड़ी जरूरतों और समस्याओं को रखा तथा राज्य के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। हालांकि, बैठक के बाद किसी नए बड़े बिजली प्रोजेक्ट या किसी विशेष क्षमता के आवंटन को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

गुरबाणी के प्रसारण का मुद्दा भी उठाया

दिल्ली में हुई बातचीत के दौरान गुरबाणी के प्रसारण का मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरबाणी के प्रसारण को किसी एक संस्था या प्लेटफॉर्म के नियंत्रण तक सीमित रखने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि गुरबाणी दुनिया भर में रहने वाली सिख संगत तक आसानी से पहुंचनी चाहिए।

यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी के लाइव प्रसारण और उसकी री-स्ट्रीमिंग को लेकर एसजीपीसी और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बीच बहस चल रही है। एक तरफ एसजीपीसी का रुख है कि श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी का अनधिकृत या बिना अनुमति री-स्ट्रीम नहीं किया जाना चाहिए, जबकि दूसरी तरफ गुरबाणी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और इसे किसी एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखने की मांग भी उठती रही है।

केंद्र के सामने पंजाब के तीन बड़े मुद्दे

मुख्यमंत्री भगवंत मान की दिल्ली में हुई इन बैठकों से साफ है कि पंजाब सरकार ने इस समय राज्य से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र के सामने रखे हैं। पहला मुद्दा आने वाले धान खरीद सीजन से पहले पुराने अनाज के स्टॉक को हटाने का है, ताकि किसानों की नई फसल के लिए मंडियों और गोदामों में पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके। दूसरा मुद्दा पंजाब की बिजली जरूरतों और बिजली व्यवस्था से जुड़ा है। वहीं तीसरा महत्वपूर्ण मुद्दा गुरबाणी के प्रसारण को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने से संबंधित है।

इनमें सबसे अहम आगामी धान खरीद सीजन को माना जा रहा है। पंजाब में धान की बड़ी मात्रा में खरीद होती है और ऐसे में पुराने अनाज की समय पर निकासी तथा नई फसल के लिए पर्याप्त भंडारण व्यवस्था बनाना राज्य सरकार के लिए बड़ी प्राथमिकता है। यदि तय समय के अनुसार पुराने स्टॉक की निकासी होती है तो आने वाले धान सीजन में मंडियों और भंडारण व्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

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मोहाली में ‘पंजाब यूथ रन 2026’ मैराथन, नशामुक्ति और फिटनेस का दिया संदेश

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आम आदमी पार्टी पंजाब के यूथ विंग की ओर से मोहाली में आज सुबह ‘पंजाब Youth Run 2026’ के नाम से एक भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से व्यायाम एवं खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना रहा। मैराथन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि युवाओं के साथ-साथ बड़ी उम्र के लोगों ने भी जोश और उत्साह के साथ दौड़ में भाग लिया और स्वस्थ पंजाब का संदेश दिया।

मैराथन के दौरान प्रतिभागियों ने नशामुक्त पंजाब, स्वस्थ पंजाब और फिट पंजाब का संदेश लोगों तक पहुंचाया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, व्यायाम और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

इस मौके पर आम आदमी पार्टी के सांसद मीत हेयर और मलविंदर सिंह कंग सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने मैराथन में हिस्सा लेने वाले युवाओं और अन्य प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही दिशा और बेहतर मंच उपलब्ध करवाया जाए, ताकि वे खेल, शिक्षा और स्वस्थ गतिविधियों के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।

‘आप’ नेताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही सफल हो सकती है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल मैदानों, फिटनेस गतिविधियों और सामाजिक अभियानों को बढ़ावा देना जरूरी है। ‘पंजाब Youth Run 2026’ जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में लोगों को जागरूक करने और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने का काम करते हैं।

मैराथन में युवाओं के साथ बुजुर्गों की भागीदारी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। प्रतिभागियों ने दौड़ के जरिए यह संदेश दिया कि स्वस्थ रहने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है और हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बना सकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने फिटनेस, स्वास्थ्य और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाने की इस पहल की सराहना की।

पार्टी नेताओं ने बताया कि ‘पंजाब Youth Run 2026’ को केवल मोहाली तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आने वाले समय में पंजाब के अन्य शहरों में भी इसी तरह की मैराथन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और नशामुक्त पंजाब के निर्माण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

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