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एंटी करप्शन डे स्पेशल: ये हैं वो 10 बड़े फैसले जो बताते है क्यों मान सरकार है पंजाब की सबसे ईमानदार सरकार

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी है, वह न केवल प्रदेश की तस्वीर बदल रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक नई मिसाल भी पेश कर रही है। सत्ता में आने के बाद से मान सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसे तो कईं बड़े और क्रांतिकारी कदम उठाए है, उनसे आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के इस नए युग में पंजाब तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज पंजाब की जनता खुले दिल से कह रही है कि ‘यही तो सरकार चाहिए थी, जो हमारे लिए काम करे, हमें लूटे नहीं।’

एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9501200200 का शुभारंभ, जो 23 मार्च 2022 को शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर लॉन्च किया गया था

पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए सबसे क्रांतिकारी 10 कदमों का हम ज़िक्र कर रहे है जिसमें पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9501200200 का शुभारंभ, जो 23 मार्च 2022 को शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर लॉन्च किया गया था। मुख्यमंत्री ने इसे अपना ‘पर्सनल व्हाट्सएप नंबर’ बताते हुए कहा था कि यदि कोई अधिकारी रिश्वत मांगे, तो इनकार न करें, बल्कि उसका वीडियो या ऑडियो बनाकर इस नंबर पर भेज दें। यह साहसिक पहल दिल्ली मॉडल से प्रेरित थी और आज यह हेल्पलाइन पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से हजारों शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और दर्जनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

दूसरा बड़ा कदम है ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ पोर्टल का शुभारंभ, जिससे संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन आया है। नवंबर 2024 में लॉन्च की गई इस योजना के तहत अब नागरिक अपने ज़िले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति का पंजीकरण करवा सकते है और पूरी प्रक्रिया 48 घंटे में पूरी हो जाती है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि दशकों से संपत्ति पंजीकरण एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया मानी जाती थी, जिसमें रिश्वतखोरी का बोलबाला था। अब केवल 500 रुपये में ऑनलाइन सेल डीड तैयार हो जाती है और व्हाट्सएप के जरिए रियल टाइम अपडेट मिलते रहते हैं। यह भारत में अपनी तरह की पहली पहल है जो संपत्ति पंजीकरण में पारदर्शिता ला रही है।

तीसरा महत्वपूर्ण कदम है जमाबंदी और भूमि अभिलेखों का पूर्ण डिजिटलीकरण। पंजाब सरकार ने jamabandi.punjab.gov.in पोर्टल के माध्यम से संपत्ति रिकॉर्ड को ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है। नागरिक अब केवल 20 रुपये के नाममात्र शुल्क में अपने दस्तावेज घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। पहले राजस्व विभाग में दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों का जाल था, जहां हर छोटे-बड़े काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी। अब सारा काम ऑनलाइन होने से रिश्वतखोरी की गुंजाइश खत्म हो गई है। राजस्व विभाग के लिए विशेष हेल्पलाइन 8184900002 और एनआरआई के लिए 9464100168 नंबर भी जारी किए गए है।

हर तहसील में रोजाना चार कैंप लगाए जाते हैं

चौथा बड़ा कदम है ‘आप दी सरकार, आप दे द्वार’ और ‘भगवंत मान सरकार तुहाड़े द्वार’ योजनाओं का क्रियान्वयन। फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना के तहत पंजाब भर में 11,600 से अधिक कैंप आयोजित किए गए, जहां 44 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं जैसे आवासीय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, पेंशन, श्रम पंजीकरण आदि गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला में उपलब्ध करवाई गईं। मुख्यमंत्री ने कहा, “अब लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकारी अधिकारी लोगों के द्वार पर जाकर सेवाएं देंगे।” हर तहसील में रोजाना चार कैंप लगाए जाते हैं, जहां एसडीएम, तहसीलदार, डीएसएसओ, डीएफएसओ, एसएचओ जैसे महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहते है।

पांचवां कदम है मुख्यमंत्री विंडो (सीएम विंडो) की स्थापना, जो जून 2024 में सभी जिलों में शुरू की गई। यह एक अभूतपूर्व पहल है जो नागरिकों और सरकार के बीच सीधा संवाद सुनिश्चित करती है। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों (डीसी) और एसएसपी को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया है और स्पष्ट किया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में होने वाली किसी भी भ्रष्टाचार या लापरवाही की घटना के लिए वे सीधे जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, “प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर कड़ी निगरानी रखनी होगी और किसी भी दुराचार पर तत्काल कार्रवाई करनी होगी।” यह दृष्टिकोण भ्रष्टाचार के खिलाफ मान सरकार की सख्ती को दर्शाता है।

अगस्त 2024 में एक सहकारी निरीक्षक को 15,000 रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया

छठा महत्वपूर्ण कदम है पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को मजबूत बनाना और उसे स्वायत्तता प्रदान करना। विजिलेंस ब्यूरो ने 2024 में दर्जनों बड़े भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई की है। सितंबर 2024 में एक एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, अगस्त 2024 में एक सहकारी निरीक्षक को 15,000 रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया, एक पीएसपीसीएल जूनियर इंजीनियर को गूगल पे के ज़रिए 11,500 रुपये की रिश्वत लेने पर पकड़ा गया, एक पुलिस इंस्पेक्टर को 6 लाख रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया, और जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के भूमि अधिग्रहण घोटाले में 5.49 करोड़ रुपये के मामले में एक सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। ये कार्रवाइयां भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ पैदा कर रही हैं।

सातवां बड़ा कदम है डोरस्टेप डिलीवरी सर्विस (डीएसडी), जो दिसंबर 2023 में ‘भगवंत मान सरकार तुहाड़े द्वार’ के नाम से शुरू की गई। इस योजना के तहत नागरिक 1076 नंबर पर कॉल करके अपनी सुविधानुसार अपॉइंटमेंट ले सकते है और 43 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं अपने घर पर प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना गवर्नमेंट टू सिटीजन (जी2सी) सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोगों को सरकारी कार्यालयों में घंटों इंतजार न करना पड़े। अब सरकार उनके घर तक पहुंचेगी।” इस योजना से लाखों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

आठवां कदम है पंजाब एंटी रेड टेप एक्ट 2021 और पंजाब एंटी रेड टेप रूल्स 2022 का कड़ाई से पालन। इन नियमों के तहत सरकारी विभागों में अनावश्यक लालफीताशाही और देरी को खत्म करने के प्रावधान किए गए है। अब सभी सेवाओं के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है और यदि कोई अधिकारी बिना वैध कारण के काम में देरी करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। यह कानून बेवजह की देरी और भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर साबित हो रहा है।

ऑनलाइन टेंडरिंग को अनिवार्य कर दिया है

नौवां महत्वपूर्ण कदम है ई-प्रोक्योरमेंट और ई-टेंडरिंग सिस्टम का कड़ाई से पालन। पंजाब सरकार ने सभी विभागों में ऑनलाइन टेंडरिंग को अनिवार्य कर दिया है, जिससे टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। पहले मैनुअल टेंडरिंग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था, ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत होती थी, और अधिक दरों पर काम दिए जाते थे। अब ऑनलाइन प्रक्रिया से हर चरण में जवाबदेही तय है और देश के किसी भी कोने से योग्य ठेकेदार बिड कर सकते है।

दसवां और सबसे प्रभावी कदम है पुलिस और नशा तस्करों से मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई। मान सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिश्वत लेने वाले और नशा माफिया के साथ साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस सख्ती का असर यह हुआ है कि भ्रष्ट अधिकारियों में डर का माहौल है और वे अब खुलेआम रिश्वत मांगने से कतराते है।

इन दस बड़े कदमों का असर पंजाब के राजस्व में भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। अगस्त 2024 में पंजाब सरकार को भूमि और संपत्ति पंजीकरण से 440.92 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो अगस्त 2023 के 349.26 करोड़ रुपये की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि इस बात का सबूत है कि भ्रष्टाचार कम होने से न केवल जनता को राहत मिली है, बल्कि सरकारी खजाने में भी इजाफा हुआ है। पहले बिचौलिए और भ्रष्ट अधिकारी पैसा हड़प लेते थे, अब वह पैसा सरकारी खजाने में जा रहा है।

पंजाब की जनता मान सरकार की इन पहलों से काफी खुश है। लुधियाना के एक किसान बलविंदर सिंह कहते हैं, “पहले जमाबंदी निकलवाने के लिए पटवारी को रिश्वत देनी पड़ती थी। अब मैं घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन निकाल लेता हूं। यह सरकार सचमुच ईमानदार है।” जालंधर की एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता सुखविंदर कौर बताती हैं, “आप दी सरकार, आप दे द्वार योजना ने गांव की गरीब महिलाओं को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। अधिकारी खुद गांव में आकर पेंशन और अन्य सर्टिफिकेट बना देते हैं।”

मान सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम दूरगामी परिणाम देंगे

विशेषज्ञों का मानना है कि मान सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम दूरगामी परिणाम देंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमरजीत सिंह कहते है, “तकनीकी का उपयोग करके सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाना एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल भ्रष्टाचार रोकता है, बल्कि जनता में सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ाता है। मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकता है।”

मान सरकार की इन पहलों ने न केवल पंजाब में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी चर्चा का विषय बना दिया है। कई राज्यों ने पंजाब मॉडल को अपनाने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारा सपना है कि पंजाब भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बने। हमने जो दस बड़े कदम उठाए हैं, वे इसी दिशा में हैं। हम जनता से वादा करते हैं कि जो भी भ्रष्टाचार में लिप्त होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब को लंदन, पेरिस या कैलिफोर्निया नहीं, असली पंजाब बनाना है, जहां ईमानदारी और मेहनत की कद्र हो।”

मान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि जनहित में चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे पास पुरानी सरकारों जैसी लाल डायरी नहीं है, केवल हरी डायरी है। हम किसी से बदला नहीं लेंगे, लेकिन जो पंजाब की जनता और खजाने को लूटेगा, उसे उसके पापों का हिसाब देना होगा।” यह बयान जनता में बड़ी उम्मीद जगाता है कि मान सरकार सचमुच भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है।

सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाया जाएगा और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुदृढ़ किया जाएगा

पंजाब सरकार अब भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को और मजबूत करने की योजना बना रही है। जल्द ही अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाया जाएगा और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसके जरिए नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे और उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे। इसके अलावा, सभी विभागों में कैमरा सर्विलांस और डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।

पंजाब में मान सरकार द्वारा शुरू किया गया भ्रष्टाचार विरोधी अभियान एक ऐतिहासिक पहल है, जो आने वाले समय में पंजाब को देश का सबसे पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। दस बड़े कदमों के जरिए मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तकनीकी का सही इस्तेमाल किया जाए, और जनता को साथ लिया जाए, तो भ्रष्टाचार जैसी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है। पंजाब की जनता आज गर्व से कह सकती है कि “यह सरकार है हमारे लिए, हमारे द्वार पर, हमारी सेवा में।”

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मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने 10 प्रमुख प्रक्रियाओं के तहत 2.44 लाख मरीज़ों को दिया कैशलेस उपचार, ₹316.50 करोड़ से अधिक ख़र्च

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गंभीर बीमारी केवल मरीज़ के स्वास्थ्य की परीक्षा नहीं लेती, बल्कि अक्सर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी झकझोर देती है। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब में इस स्थिति को लगातार बदल रही है और महँगे चिकित्सा उपचार की लागत को परिवारों की चिंता से बाहर करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

आंकड़े खुद पूरी कहानी बयाँ करते हैं। योजना के तहत सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली प्रमुख 10 चिकित्सा प्रक्रियाओं में ही अब तक 2,44,468 कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिन पर ₹316.50 करोड़ से अधिक का ख़र्च किया गया है। सप्ताह में कई बार डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीज़ों से लेकर हृदय की सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) या आपातकालीन सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने वाली महिलाओं तक—योजना ऐसे उपचारों को कवर कर रही है, जिनका ख़र्च कई परिवारों के लिए वहन करना मुश्किल हो सकता था।

यह पैटर्न कोई संयोग नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में स्वास्थ्य प्रणालियाँ हृदय रोग, डायबिटीज़ और किडनी संबंधी विकारों जैसी दीर्घकालिक बीमारियों में तेज़ वृद्धि देख रही हैं। पंजाब भी इससे अलग नहीं है। योजना के तहत डायलिसिस, हृदय उपचार और जोड़ प्रत्यारोपण (जॉइंट रिप्लेसमेंट)की बढ़ती माँग ऐसे स्वास्थ्य तंत्र को दर्शाती है, जो ऐसी बीमारियों की बढ़ती चुनौती का सामना कर रहा है, जो एक बार अस्पताल जाने से समाप्त नहीं होतीं; बल्कि इनके लिए निरंतर, विशेषज्ञ और अक्सर महँगे उपचार की आवश्यकता होती है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA), पंजाब, के आंकड़ों के अनुसार, क्रॉनिक हीमोडायलिसिस, योजना के तहत सबसे अधिक ली जाने वाली प्रक्रिया बनी हुई है। कुल 1,87,656 डायलिसिस सत्र, जिनकी लागत ₹30.65 करोड़ से अधिक है, उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया गया है कि क्रॉनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीज़ हर बार अस्पताल जाने के लिए पैसे जुटाने की लगातार चिंता किए बिना अपना उपचार जारी रख सकें।

योजना के तहत 17,698 लैप्रोस्कोपिक गॉल ब्लैडर सर्जरी भी की गई हैं, जो दूसरी सबसे अधिक करवाई जाने वाली प्रक्रिया है। इसके बाद 10,751 टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई हैं, जिससे हज़ारों बुज़ुर्ग मरीज़ों को दोबारा चलने-फिरने और आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिली है। इसके अलावा, 9,317 महिलाओं को कैशलेस सीज़ेरियन डिलीवरी की सुविधा मिली, जिससे परिवारों पर उस महत्त्वपूर्ण समय में पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम हुआ, जब उन्हें सबसे अधिक सुरक्षा और सहायता की आवश्यकता होती है।

हृदय उपचार भी योजना का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। कुल 8,734 मरीज़ों की पर्क्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (PTCA) के साथ डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी की गई, जबकि 554 मरीज़ों की कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) की गई, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली कि लागत के कारण जीवनरक्षक हृदय उपचार में देरी न हो।

योजना के तहत किडनी स्टोन के उपचार के लिए 5,770 पर्क्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PCNL) प्रक्रियाएँ, 2,247 लोअर यूरेटर सर्जरी, 911 सीमेंटलेस टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी और 830 रेडिकल सर्जिकल प्रक्रियाएँ भी कवर की गई हैं। यह विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में उन्नत और महँगे उपचार उपलब्ध करवाने की योजना की क्षमता को दर्शाता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रम की वास्तविक सफलता का पैमाना कागज़ों पर दर्ज लाभार्थियों की संख्या नहीं, बल्कि उन परिवारों की संख्या है, जिन्हें आर्थिक संकट में पड़े बिना समय पर इलाज मिलता है। किसी स्वास्थ्य योजना की सफलता इसके द्वारा बदली गई ज़िंदगियों में दिखाई देती है।ये आंकड़े उन हज़ारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें अस्पताल के बिलों की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण उपचार मिला। चाहे आजीवन डायलिसिस की आवश्यकता वाला मरीज़ हो, नी रिप्लेसमेंट करवाने वाला बुज़ुर्ग व्यक्ति हो , सुरक्षित सीज़ेरियन डिलीवरी की आवश्यकता वाली महिला हो या आपातकालीन हृदय उपचार की ज़रूरत वाला मरीज़ हो —मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक बाधाएँ स्वास्थ्य सेवा हासिल करने में कभी रुकावट न बनें।”

उन्होंने कहा कि योजना के तहत कवर की जाने वाली विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाएँ पंजाब में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों को दर्शाती हैं जो केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि गंभीर और जटिल बीमारियों के महँगे इलाज में भी मरीज़ों को सहायता प्रदान करने में सक्षम है।

आंकड़ों से परे, यह डेटा एक बड़े बदलाव की ओर भी संकेत करता है। अधिक लोग आर्थिक रूप से सुलभ उपचार के कारण दीर्घकालिक बीमारियों से उबर रहे हैं। अधिक बुज़ुर्ग मरीज़ दोबारा चलने-फिरने में सक्षम हो रहे हैं। अधिक महिलाओं को अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं और अधिक परिवार अस्पताल के बिलों के लिए पैसे जुटाने के बजाय मरीज़ के स्वस्थ होने पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

योजना के विस्तार के साथ यह पंजाब के सबसे मज़बूत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभर रही है, जो केवल स्वास्थ्य उपचार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं करवाती, बल्कि गंभीर बीमारी के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक झटके से भी उन्हें बचाने का काम कर रही है।

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‘आप’ आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार, 117 सीटों पर बूथ स्तर की तैयारियां शुरू

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आम आदमी पार्टी (आप) ने पूरे राज्य में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज़ करते हुए आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें पार्टी के बूथ स्तर नेटवर्क को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स को चुनाव मैदान के लिए तैयार करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में, आप के सीनियर नेता और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स के साथ जिलेवार मीटिंग करना शुरू कर दिया है।

ये मीटिंग ज़मीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और पंजाब सरकार के काम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर फोकस हैं। इस संगठनात्मक कवायद के तहत, पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ इंचार्ज की मीटिंग होंगी।

पटियाला ग्रामीण के अपने दौरे के दौरान मनीष सिसोदिया ने संगठन के साथियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की, जिसमें आने वाली तैयारियों पर खुलकर चर्चा हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अपनी बातचीत को याद करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा, “अपने साथियों के बीच बैठना एक अनोखा अनुभव था, जिससे पुरानी यादें ताज़ा हो गईं और आगे के सफर के लिए जोश दोगुना हो गया।”

पार्टी की संगठन टीमों को भगवंत मान सरकार द्वारा पिछले 4.5 सालों में किए गए कामों को सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा है। कैंपेन का मुख्य फोकस सरकार की ज़रूरी पहलों को घर-घर तक पहुंचाना होगा, जिसमें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, 300 यूनिट मुफ़्त बिजली योजना, खेती के लिए नहर का पानी और ‘मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को दी जा रही आर्थिक मदद शामिल है।

चल रहे अभ्यास के तहत पटियाला में बूथ इंचार्जों की एक मीटिंग भी हुई, जिसमें कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और पार्टी के सीनियर नेता शामिल हुए। इसी तरह, भदौर में भी बूथ इंचार्जों की मीटिंग हुई, जिसमें विधायक लाभ सिंह उगोके और पार्टी के सीनियर नेता शामिल हुए।

इन मीटिंग के ज़रिए आप अपने बूथ स्तर के संगठन को मज़बूत कर रही है और अपने वर्करों और वॉलंटियर्स को आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए सभी 117 विधानसभा सीटों पर लोगों से जुड़े रहने और पंजाब सरकार के काम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए तैयार कर रही है।

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CM भगवंत मान ने डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र पर रखा नींव पत्थर

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। पंजाब सरकार की ओर से बनाए जाने वाले इस केंद्र पर करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस केंद्र का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, बाणी और उनकी महान शिक्षाओं से जोड़ना है।

इस अध्ययन केंद्र में बच्चों को श्री गुरु रविदास जी की जीवनी, उनकी बाणी और मानवता को दिए गए संदेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उनकी शिक्षाओं में समानता, भाईचारे, सेवा, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को विशेष महत्व दिया गया है। केंद्र के माध्यम से नई पीढ़ी को इन विचारों से परिचित कराने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र में हॉस्टल और स्टाफ के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को यहां रहकर अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी। केंद्र में अध्ययन और शोध के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाएं केवल एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी बाणी समाज में समानता, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश देती है। ऐसे में इस केंद्र के जरिए इन महान विचारों को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र आने वाले समय में श्री गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन से जुड़े अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। पंजाब सरकार का कहना है कि इस पहल से नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और गुरु साहिब की शिक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

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