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भारत ने लगातार 8वीं टी-20 सीरीज जीती:साउथ अफ्रीका को 5वें मैच में 30 रन से हराया

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भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज 3-1 से जीत ली है। टीम ने शुक्रवार को खेले गए 5वें मैच में अफ्रीका को 30 रन से हराया। टीम इंडिया ने लगातार 8वीं सीरीज जीती है।

अहमदाबाद में 232 रन का टारगेट चेज रही साउथ अफ्रीका 20 ओवर में 8 विकेट पर 201 रन ही बना सकी। वरुण चक्रवर्ती ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके। जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट लिए। क्विंटन डी कॉक ने 35 बॉल पर 65 रन बनाए।

इससे पहले भारतीय टीम ने तिलक वर्मा और हार्दिक पंड्या के अर्धशतकों के सहारे 20 ओवर में 5 विकेट पर 231 रन का स्कोर बनाया। तिलक ने 42 बॉल पर 73 रन बनाए, जबकि पंड्या ने 25 बॉल पर 63 रन की पारी खेली। संजू सैमसन ने 37 और अभिषेक शर्मा ने 34 रन बनाए।

हार्दिक को प्लेयर ऑफ द मैच और वरुण को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।

पंड्या ने 16 बॉल पर फिफ्टी लगाई

पंड्या ने 16 बॉल पर फिफ्टी पूरी की। यह भारत की ओर से टी-20 इंटरनेशनल में दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। टीम इंडिया की ओर से सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड युवराज सिंह (12 बॉल) के नाम है।

तिलक-पंड्या में 105 रन की साझेदारी

भारतीय टीम ने 115 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे। यहां तिलक वर्मा और हार्दिक पंड्या ने चौथे विकेट के लिए 44 बॉल पर 104 रन की साझेदारी की।

टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप, वनडे और टी-20 में जीत

आखिरी टी-20 के साथ साउथ अफ्रीका का 35 दिन का भारतीय दौरा समाप्त हो गया। इसकी शुरुआत 2 टेस्ट की सीरीज के साथ हुआ। इसमें साउथ अफ्रीका ने 2-0 से क्लीन स्वीप किया। फिर भारत ने वनडे सीरीज में 2-1 से और 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 3-1 की जीत हासिल की। इस सीरीज का एक मैच कोहरे के कारण रद्द कर दिया गया।

दोनों टीमों प्लेइंग-XI

भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह।

साउथ अफ्रीका: ऐडन मार्करम (कप्तान), रीजा हेंड्रिक्स, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, डोनोवन फरेरा, जॉर्ज लिंडे, मार्को यानसन, कॉर्बिन बॉश, लुंगी एनगिडी और ओर्टनील बार्टमैन।

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National

गुजरात टाइटंस ने पंजाब किंग्स को 4 विकेट से हराया, Punjab की लगातार दूसरी हार

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Gujarat Titans ने रविवार को अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए रोमांचक मुकाबले में Punjab Kings को 4 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत में गेंदबाजों का दमदार प्रदर्शन और Sai Sudharsan की संयमित अर्धशतकीय पारी निर्णायक साबित हुई।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी Punjab Kings की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को पहले ही ओवर में प्रियांश आर्य (2) और कूपर कोनॉली (0) के रूप में दो बड़े झटके लगे। इसके बाद प्रभसिमरन सिंह ने पारी संभालने की कोशिश की और कप्तान Shreyas Iyer (19) के साथ 33 रन की साझेदारी की, लेकिन उनका विकेट गिरने के बाद टीम दबाव में आ गई और 47 रन पर 5 विकेट गंवा बैठी।

इस मुश्किल स्थिति में सुर्यांश शेडगे ने शानदार अर्धशतक जड़ते हुए टीम को संभाला। उनकी पारी की बदौलत पंजाब ने 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 163 रन बनाए। गुजरात की ओर से Jason Holder सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट झटके। इसके अलावा Mohammed Siraj और Kagiso Rabada ने 2-2 विकेट लिए, जबकि Rashid Khan को 1 सफलता मिली।

164 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी Gujarat Titans की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और कप्तान Shubman Gill सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद Sai Sudharsan और Jos Buttler ने दूसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़कर पारी को संभाला। बटलर ने 26 रन का योगदान दिया।

साई सुदर्शन ने इसके बाद भी जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचाया। उन्होंने 41 गेंदों में 57 रन की शानदार पारी खेली। अंत में गुजरात ने 19.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 167 रन बनाते हुए मुकाबला जीत लिया।

इस जीत के साथ Gujarat Titans ने प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। टीम ने 10 में से 6 मैच जीतकर 12 अंक हासिल कर लिए हैं और अंक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। वहीं Punjab Kings को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है।

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Art & Culture

Punjab में ‘खेल क्रांति’ से बड़ा बदलाव: International Hockey Tournament की मेजबानी के साथ राज्य बना Sports Hub

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल’ कार्यक्रम के तहत खेल विभाग का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि उनकी सरकार की “खेल क्रांति” ने राज्य की खेल व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है और पंजाब को अंतरराष्ट्रीय खेल नक्शे पर मजबूत पहचान दिलाई है। उन्होंने बताया कि पहली बार पंजाब को हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी मिली है, जिसमें भारत, पाकिस्तान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन जैसी शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर में मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आयोजित होगा, जहां मैचों के साथ-साथ पंजाबी संस्कृति को दर्शाने के लिए भांगड़ा और गिद्धा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी में शानदार इतिहास होने के बावजूद पंजाब को पहले कभी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं मिली थी, इसलिए यह उपलब्धि राज्य के लिए बेहद खास है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लगभग 40 वर्षों बाद पंजाब को राष्ट्रीय बैडमिंटन अंडर-13 चैंपियनशिप की मेजबानी भी मिली है, जो जालंधर में आयोजित होगी और इससे राज्य में खेलों को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने खेलों के क्षेत्र में किए गए बड़े सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने खेल बजट को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1791 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2458 कर दी गई है और नए कोचों की भर्ती की गई है, जिनमें कई पूर्व खिलाड़ी भी शामिल हैं। खिलाड़ियों को ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है, जबकि ओलंपिक, पैरा-ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ रुपये तक का इनाम दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में करीब 100 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है और कई खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां’ योजना के तहत खेलों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों की संख्या डेढ़ लाख से बढ़कर पांच लाख तक पहुंच चुकी है और हर साल हजारों खिलाड़ियों को पदक व नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में 3100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, 3000 जिम आधुनिक उपकरणों से लैस किए जा रहे हैं और खिलाड़ियों को 17,000 खेल किट वितरित की गई हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए डाइट अलाउंस बढ़ाकर 480 रुपये किया गया है और 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बेहतर पोषण सुविधाएं दी जा रही हैं। खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी एस्ट्रोटर्फ बदले गए हैं और मोहाली में नया सिंथेटिक ट्रैक भी बनाया गया है। स्पोर्ट्स मेडिसिन को बढ़ावा देने के लिए 113 पद सृजित किए गए हैं, जिनमें डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट को प्रमुख शहरों में तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब की समृद्ध खेल विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने हरमनप्रीत सिंह, शुभमन गिल, हरमनप्रीत कौर, गुरप्रीत सिंह संधू और अर्शदीप सिंह जैसे कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं और पंजाबी खिलाड़ियों के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना अधूरी है। उन्होंने बताया कि 50 से अधिक पंजाबी खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं और कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर साल चार देशों का हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे राज्य में खेलों का स्तर और ऊंचा होगा। उन्होंने पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले खेल संस्कृति को नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब उनकी सरकार इसे फिर से पटरी पर ला रही है। अंत में उन्होंने कहा कि खेल नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेलों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, इसलिए सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि पंजाब देश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स हब बन सके।

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Punjab को मिला इंटरनेशनल हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का बड़ा मौका, CM भगवंत मान ने किया ऐलान

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पंजाब पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मुकाबलों की मेजबानी करेगा। राज्य को पुरुष एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने का अवसर मिला है। इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी मिलना पंजाब के लिए गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि इस टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष 6 टीमें हिस्सा लेंगी और भारत के भी इसमें भाग लेने की पूरी उम्मीद है।

टूर्नामेंट के मुकाबले 26-27 अक्टूबर से शुरू होंगे, जिनका आयोजन मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। इससे पहले 1997 में जालंधर में पाकिस्तान के साथ एक टेस्ट मैच खेला गया था। आयोजन से पहले संबंधित टीम द्वारा सभी तैयारियों का निरीक्षण भी किया जा चुका है।

इसके अलावा, हॉकी टीम ने हर साल चार देशों के टूर्नामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिसे भविष्य में इस आयोजन के साथ जोड़ा जा सकता है।

खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि के तहत पंजाब को 44 साल बाद बैडमिंटन अंडर-13 राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी का अधिकार भी मिला है। इस प्रतियोगिता के सभी मुकाबले जालंधर में आयोजित किए जाएंगे।

यह उपलब्धि पंजाब को खेलों के क्षेत्र में एक नए मुकाम तक ले जाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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