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केंद्रीय बजट 2026 में हरियाणा को क्या मिला? CM नायब सैनी ने दी प्रतिक्रिया; बोले- युवाओं के सपने होंगे पूरे

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय आम बजट को विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने वाला दूरदर्शी और ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट सही मायनों में जनहित और अंत्योदय की भावना को समर्पित है। इस समावेशी बजट से हरियाणा में औद्योगिक, इन्फ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, बायोफार्मा, स्वास्थ्य, ग्रामीण उद्योग, कृषि एवं खेल क्षेत्र के विकास को तेज गति मिलेगी।

स्टार्टअप्स के लिए ‘फंड आफ फंड्स’ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब की स्थापना के प्रस्तावों से हरियाणा के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंचकूला में केंद्रीय बजट टीवी पर सुनने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा समेत भाजपा के कई पदाधिकारियों के साथ पंचकूला स्थित पार्टी कार्यालय में लाइव बजट देखा और सुना।

नायब सैनी ने कहा कि यह बजट सबका साथ-सबका विकास की भावना को चरितार्थ करता है। इस जनकल्याणकारी बजट के लिए वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने रफ्तार, क्षमता और सबका साथ को इस बजट के तीन मुख्य विजन बनाया है।

मुख्यमंत्री ने रफ्तार का अर्थ बताते हुए कहा कि प्राडक्टिविटी (उत्पादकता) बढ़ाकर आर्थिक विकास की गति को तेज किया जाएगा। क्षमता का मतलब लोगों की काबिलियत को निखारने से है, ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बनें और सबका साथ से आशय हर परिवार और क्षेत्र के पास कमाई के पर्याप्त संसाधन और मौके उपलब्ध कराने से है।

नायब सैनी ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। भारत ने खुद की मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई है,जिससे विदेश से सामान मंगाने की निर्भरता कम हुई है। मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पिछले 12 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और बजट का तीन आयामी दृष्टिकोण आर्थिक विकास, आकांक्षाओं की पूर्ति और सबका साथ समाज के हर वर्ग को सशक्त बना रहा है।

वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत का सात प्रतिशत की विकास दर हासिल करना प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व का प्रमाण है। वर्ष 2027 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक पूंजीगत व्यय और सिटी इकोनामिक रीजन का विकास हरियाणा जैसे औद्योगिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर केंद्रित राज्य की प्रगति को नई उड़ान देगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रविधान हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

इससे फरीदाबाद, गुरुग्राम और पानीपत जैसे औद्योगिक केंद्रों में नई जान आएगी और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर बनेंगे। यह सर्वसमावेशी बजट किसान, युवा, महिला और गरीब सहित 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला है।

मुख्यमंत्री की नजर में हरियाणा को कैसे मिलेगा फायदा

  • खेलो इंडिया मिशन पर जोर हमारे खिलाड़ियों को और प्रोत्साहित करेगा
  • 15 पुरातात्विक स्थलों के विकास से हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहरों जैसे राखीगढ़ी को वैश्विक पहचान मिलेगी
  • एआई और क्वांटम मिशन में निवेश गुरुग्राम को ग्लोबल टेक-हब के रूप में मजबूती देगा – मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई पर फोकस प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोलेगा
  • कृषि क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाकर और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन पर जोर देकर केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है
  • हरियाणा के लवणीय और जलभराव वाली भूमि के सुधार के लिए केंद्रीय सहायता का प्रविधान हमारे राज्य के किसानों के लिए वरदान साबित होगा
  • विशेष रूप से गुरुग्राम और पंचकूला जैसे शहरों में आइटी और एआई सेक्टर को नई गति मिलेगी
  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लाजिस्टिक्स हब के विकास और बुनियादी ढांचे के लिए पूंजीगत व्यय में वृद्धि से हरियाणा में निवेश के नए द्वार खुलेंगे
  • महिलाओं के कौशल विकास और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के विस्तार से हरियाणा की मातृशक्ति आर्थिक रूप से और अधिक स्वावलंबी बनेगी।

एक जिला एक उत्पाद योजना हरियाणा में पहले से चल रही नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार इस बजट के प्रविधानों को धरातल पर उतारने और अपने राज्य के प्रत्येक नागरिक तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बजट में देश में बड़े टैक्सटाइल पार्क बनाने तथा सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का प्रविधान है। पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 11.4 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वन डिस्टिक्ट-वन प्रोडक्ट को भी बढ़ावा दिया गया है। हरियाणा में यह योजना पहले से चल रही है।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, क्लास-IV कर्मचारियों को मिलेगा 27 हजार का ब्याजमुक्त एडवांस, 7 मई तक करें आवेदन

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हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदने के लिए नियमित क्लास-IV राज्य सरकारी कर्मचारियों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹27,000 का ब्याज-मुक्त अग्रिम (advance) देने का फैसला किया है. यह सुविधा विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपने या अपने परिवार के उपभोग के लिए गेहूं खरीद रहे हैं.

मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश


मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इच्छुक स्थायी/अस्थायी क्लास-IV कर्मचारी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 7 मई, 2026 (गुरुवार) तक लेखा और विभाजन शाखा (Accounts and Partition Branch) में जमा कर सकते हैं. आवेदन केवल शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच स्वीकार किए जाएंगे. उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र मुख्य सचिवालय की वेबसाइट www.csharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है.

क्या हैं मुख्य शर्तें?


अग्रिम की पूरी राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 मार्च, 2027) के अंत से पहले किस्तों में वसूल कर ली जाएगी.अस्थायी कर्मचारियों को यह अग्रिम केवल एक स्थायी कर्मचारी की जमानत (surety) देने पर ही दिया जाएगा. जिन मामलों में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनमें से केवल एक ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिए पात्र होगा.जो कर्मचारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, साथ ही वर्क-चार्ज, आकस्मिक, दैनिक-मजदूरी और संविदा कर्मचारी, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. अग्रिम राशि प्राप्त होने के एक महीने के भीतर, कर्मचारी को एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि राशि का उपयोग केवल गेहूं खरीदने के लिए किया गया है.

सरकार ने अधिकारियों को जारी किए निर्देश


यह व्यवस्था वित्त विभाग के आदेश संख्या 46/1/2011-WM(6)/1557-1562 (दिनांक 16 अप्रैल, 2026) के तहत स्थापित की गई है.वसूली की प्रक्रिया मई 2026 के वेतन (जिसका भुगतान जून में होगा) के साथ शुरू होगी.सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (Drawing and Disbursing Officers) को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऐसे संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी जो किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम स्वीकृत करता है. खर्च से संबंधित विवरण 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को जमा किए जाने चाहिए.

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