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हमें उम्मीद थी कि अमित शाह पंजाब के लिए MSP, कर्ज माफी या खास पैकेज की बात करेंगे, लेकिन वह सिर्फ पंजाबियों को भला-बुरा कहकर ही चलते बने: CM मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान राज्य के मुख्य मुद्दों का कोई हल न करने के लिए कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोगों को एमएसपी, किसान कर्ज माफी और खास पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन लोगों के हाथ सिर्फ निराशा ही लगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पंजाब के साथ लगातार पक्षपात कर रही है, राज्य के हकदार फंड रोक रही है, किसानों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है और राज्य के बाहर जब्त की गई नशे की बड़ी खेपों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि पंजाब को बदनाम कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद पंजाब सरकार नशे पर काबू पाने, अर्थव्यवस्था मजबूत करने और निवेश आकर्षित करने के लिए उचित कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन को उद्योग जगत से बड़ा समर्थन मिल रहा है और निवेशक राज्य में नए कारोबारी अवसरों की तलाश कर रहे हैं।
प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के अवसर पर आज मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के किसानों और नागरिकों को उम्मीद थी कि उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद थी कि अमित शाह पंजाब के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, कर्ज माफी या विशेष पैकेज के बारे में बात करेंगे, लेकिन वह सिर्फ पंजाबियों को भला-बुरा कहकर चले गए।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के लोग फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, कृषि ऋणों की माफी और किसानों के लिए अन्य उपायों जैसे बड़े एलानों की उम्मीद कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा पंजाब के वैध फंडों को रोके जाने की भी आलोचना की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मोदी सरकार ने पंजाब के आरडीएफ और जीएसटी फंड रोक दिए हैं और अभी तक 1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत राशि भी जारी नहीं की है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1,600 करोड़ रुपये बाढ़ राहत के बारे में किए गए बड़े-बड़े दावों के बावजूद, पंजाब को उनके एलान से 16 रुपये भी नहीं मिले। उन्होंने आगे कहा कि विनाशकारी बाढ़ के दौरान केंद्र के नेता पंजाब सिर्फ “पर्यटन” के लिए आए और तस्वीरें खिंचवाकर चले गए।
गैंगस्टरवाद का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर इस समस्या को हल करने में विफल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को भाजपा सरकार ने गुजरात जेल में शरण दे रखी है और उसे पंजाब लाने की इजाजत भी नहीं दी जा रही है।” उन्होंने गैंगस्टरवाद को एक राष्ट्रीय मुद्दा बताया, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा है और इसे रोकने में विफल रहने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की।
नशों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से तस्करी को रोकना मुख्य रूप से केंद्र की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सीमा पार से नशों की तस्करी रोकना केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी हमारी सरकार इसे रोकने के लिए अपने फंडों से एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से कोई समर्थन न मिलने के बावजूद सीमा पार से तस्करी रोकने के लिए सीमा पर 550 किलोमीटर लंबी एंटी-ड्रोन तकनीक स्थापित की है।
उन्होंने पंजाब के बाहर नशीले पदार्थों की बड़ी जब्ती के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गुजरात में लाखों टन नशीले पदार्थ जब्त किए जा रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि पंजाब ने नशों के खिलाफ देश का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है।” उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर लगभग 3,000 किलो नशीला पदार्थ जब्त किया गया था, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में फूट डालने वाली राजनीति कभी भी सफल नहीं होगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की मिट्टी उपजाऊ है, लेकिन भाजपा के धर्म और नफरत की राजनीति के बीज यहां कभी नहीं उगेंगे।”
राज्य में भाजपा की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर व्यंग्य करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टिप्पणी की, “पंजाब में भाजपा ‘स्कूटर पार्टी’ तक सीमित है, जो 2027 में कांग्रेस की मदद से सत्ता पर काबिज होने का सपना देख रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अमित शाह का पंजाब दौरा लोगों के सामने आ रहे वास्तविक मुद्दों को हल करने में विफल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अमित शाह सिर्फ हमारे बारे में बुरा-भला कहने के लिए पंजाब आए थे और बिना कुछ किए चले गए।”
आगामी विधानसभा चुनावों के संबंध में भाजपा के दावों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पार्टी के पास अकेले चुनाव लड़ने के लिए संगठनात्मक ताकत की कमी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने के लिए 117 उम्मीदवार कहां से लाएगी?” उन्होंने आगे कहा कि चूंकि भाजपा के पास राज्य में नेता नहीं हैं, इसलिए संभावना है कि वह चुनाव लड़ने के लिए दूसरी पार्टियों के नेताओं को शामिल करने की कोशिश करेगी।
नशों का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूछा, “गुजरात के एक बंदरगाह पर 3,000 किलो नशीला पदार्थ जब्त किया गया था, वहां कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इतनी बड़ी जब्ती के बावजूद नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब के लोग भाजपा की राजनीतिक फितरत से अच्छी तरह वाकिफ हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब, भाजपा को अच्छी तरह जानता है; पंजाब में नफरत की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।” उन्होंने याद दिलाया कि कैसे कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान पंजाब के किसानों को अपमानित किया गया था और उस संघर्ष के दौरान 700 से अधिक किसान शहीद हुए थे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि उसने पहले ही राज्य के युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जबकि भाजपा का दो करोड़ नौकरियां देने का वादा अभी भी अधूरा है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि वादे के मुताबिक 15 लाख रुपये कभी भी आम नागरिकों के बैंक खातों में नहीं आए।
केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने आरडीएफ, जीएसटी, एनएचएम और अन्य फंडों में पंजाब के वैध हिस्से को रोक लिया है, जिससे राज्य के विकास पर असर पड़ रहा है। उन्होंने इसे पंजाब की प्रगति, शांति और खुशहाली को पटरी से उतारने की कोशिश बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों के हित के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की बार-बार सिफारिश की है, लेकिन केंद्र ने उस पर कार्रवाई नहीं की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे चेतावनी दी कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका समझौता किसानों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब भी उन्हीं स्रोतों से फंड उधार लेता है, जिनसे भाजपा शासित राज्य लेते हैं और इस उत्पादक ऋण का उपयोग लोगों को सेवाएं और सुविधाएं देने के लिए किया जाता है। उन्होंने टिप्पणी की कि पंजाब सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों को भाजपा हजम नहीं कर पा रही है।
केंद्र सरकार के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश ऐसी स्थिति का सामना कर रहा है, जहां केंद्र सरकार के पास राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट विदेश नीति का अभाव दिखता है।
इस बीच प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन को उद्योगपतियों और निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन को भारी समर्थन मिला है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन ने सहयोग और निवेश के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “निवेशक एक दूसरे के साथ पंजाब में व्यापारिक अवसरों पर चर्चा कर रहे हैं।”
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Punjab News: सम्मेलन को निवेशकों से मिल रहा जबरदस्त उत्साह पंजाब की प्रगति का प्रमाण: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन को निवेशकों और उद्योग जगत के नामी उद्यमियों से भरपूर समर्थन मिल रहा है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पंजाब तेजी से निवेश और आर्थिक विकास के लिए पसंदीदा स्थान के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “निवेशक सम्मेलन को निवेशकों की ओर से जबरदस्त उत्साह मिल रहा है
प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “निवेशक सम्मेलन को निवेशकों की ओर से जबरदस्त उत्साह मिल रहा है, जो पंजाब की प्रगति का प्रमाण है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ऐसा विकास मॉडल बनाने पर केंद्रित है, जो राज्य के मजबूत कृषि आधार को औद्योगिक विकास के साथ जोड़ता है, जिससे किसानों और युवाओं के लिए अधिक अवसर सुनिश्चित होते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारा उद्देश्य पंजाब की कृषि शक्ति को उद्योग के साथ जोड़ना है ताकि किसानों और पंजाब के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकें।”
यह हमारे किसानों के मुनाफे में काफी वृद्धि करेगी
कृषि और सहायक क्षेत्रों की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब में फल और सब्जियों के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। यदि यहां फूड प्रोसेसिंग सफल हो जाती है, तो यह हमारे किसानों के मुनाफे में काफी वृद्धि करेगी।”मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब नए आर्थिक मार्ग की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है, जो अपनी कृषि उत्पादकता को वैश्विक बाजारों और आधुनिक उद्योगों के साथ जोड़ता है।
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने निवेशकों के बीच अविश्वास का माहौल पैदा किया था। मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले सरकारें उद्योग से हिस्सा मांगती थीं, लेकिन ‘आप’ सरकार उद्यमियों के लिए पारदर्शी और अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब सरकार राज्य में निवेश के अनुकूल व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उद्योग, किसान और युवा इसका लाभ उठा सकें।
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पंजाब को ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनाने की तैयारी, CM मान ने की 125% सब्सिडी और तीन बड़े प्रदर्शनी केंद्रों की घोषणा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि पंजाब सरकार राज्य में उद्योग और वाणिज्य को बड़ा प्रोत्साहन देने के लिए लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ (मोहाली) और अमृतसर में तीन विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करेगी।
मोहाली में चल रहे प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन में विभिन्न सत्रों के दौरान उद्योगपतियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रतिभागियों की सराहना की कि उन्होंने पंजाब को प्रभावित करने वाले प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से विचार-विमर्श किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब में बड़े प्रदर्शनी केंद्र नहीं हैं, जिसके कारण उद्योग को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए उचित स्थान नहीं मिलते।
पंजाब में स्थापित होंगे तीन विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कमी को दूर करने के लिए पंजाब सरकार नई दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ और अमृतसर में तीन विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करने जा रही है, ताकि उद्योग को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत मंच मिल सके।
प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन एक सुव्यवस्थित मंच बन गया है, जहां निवेशक विचार साझा करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर अवसरों की खोज कर रहे हैं।
पंजाबी नए विचारों को तेजी से अपनाते हैं:भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पंजाब और निवेशकों दोनों को लाभ होगा क्योंकि हम मिलकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम करते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार राज्य की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पंजाब को पारंपरिक कृषि उत्पादन से मूल्यवर्धित निर्यात की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब क्रांति की धरती है और पंजाबी नए विचारों को तेजी से अपनाते हैं। इसी कारण पंजाबियों ने दुनिया भर में हर क्षेत्र में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं और बड़ा नाम कमाया है।
50 वर्षों के आर्थिक विकास के लिए राज्य को तैयार करने की योजना
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य पंजाब की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को और मजबूत करना है क्योंकि राज्य में पारंपरिक कृषि से मूल्यवर्धित उत्पादों की ओर जाने की विशाल संभावना है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार अगले 50 वर्षों के आर्थिक विकास के लिए राज्य को तैयार कर रही है, जिसका स्पष्ट दृष्टिकोण पंजाब को वैश्विक निर्यात केंद्र में बदलना है।
देश के लिए पंजाबियों की कुर्बानियां 90 प्रतिशत से अधिक
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले पचास वर्षों की जरूरतों के लिए पंजाब को तैयार करना है। हम पंजाब को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना चाहते हैं। मैं निवेशकों से अपील करता हूं कि वे पंजाब की तुलना देश के किसी अन्य राज्य से करें और वे देखेंगे कि पंजाब निवेश के लिए सबसे अनुकूल माहौल प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि हमारी आबादी देश की कुल आबादी का केवल 2 प्रतिशत है, लेकिन देश के लिए पंजाबियों की कुर्बानियां 90 प्रतिशत से अधिक हैं।
पंजाब हमेशा से देश का अन्न भंडार
देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब के योगदान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हमेशा से देश का अन्न भंडार रहा है, जो लगभग 185 लाख मीट्रिक टन चावल और 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादित करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के इस योगदान के कारण ही राज्य को गर्व से देश का अन्नदाता कहा जाता है।
प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन को शानदार सफलता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन के दौरान योजनाबद्ध सभी तीस सत्रों में बड़ी भागीदारी देखी गई, जो पंजाब की विकास कहानी में व्यापारिक समुदाय की गहरी रुचि को दर्शाता है।
फूड प्रोसेसिंग में पंजाब की अथाह संभावनाओं को उजागर किया
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके साथ ही हमें इस चुनौती को समझते हुए कि मूल्यवर्धन के बिना बंपर कृषि उत्पादन अक्सर आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन पैदा करता है, इसके समाधान के लिए उचित प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने फूड प्रोसेसिंग में पंजाब की अथाह संभावनाओं को उजागर किया और विभिन्न क्षेत्रों की विशेष कृषि उपज के उदाहरण दिए। पंजाब में फूड प्रोसेसिंग के लिए अथाह संभावना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पठानकोट की लीची, होशियारपुर के आम और जालंधर के आलू उन फसलों के उदाहरण हैं जहां फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से मूल्यवृद्धि किसानों की आय में काफी वृद्धि कर सकती है।
किसान गेहूं-धान के चक्र से निकलकर आगे बढ़ना चाहते हैं
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि गेहूं-धान के फसल चक्र से निकलने के लिए कृषि विविधीकरण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान गेहूं-धान के चक्र से निकलकर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन चुनौती व्यावहारिक विकल्पों की कमी है। फूड प्रोसेसिंग एक व्यावहारिक समाधान पेश करती है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि यदि किसान धान के बराबर आय प्राप्त करते हैं तो वे मक्का जैसी फसलों की खेती को स्वतः अपनाएंगे। इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फसल विविधीकरण किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक और व्यावहारिक हो।
भूजल स्तर में 57 प्रतिशत तक सुधार
कृषि विविधीकरण के प्रोत्साहन देने वाले उदाहरणों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में सब्जियों की खेती ने भूजल स्तर में सुधार किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में सब्जियों की खेती से 0-4 मीटर की रेंज में भूजल स्तर में 57 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। यह दर्शाता है कि व्यावहारिक फसल विविधीकरण किसानों और पर्यावरण दोनों को लाभ पहुंचा सकता है।
उन्होंने निवेशकों और प्रतिनिधियों को पंजाब सरकार की निर्णय लेने वाली टीमों से सीधे अपने विचार साझा करने का निमंत्रण दिया और नाभा में किसान कैचप प्लांट की सफलता पर भी प्रकाश डाला।
पहले महाराष्ट्र से आता था टमाटर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब नाभा में किसान कैचप प्लांट पहली बार स्थापित किया गया था तो उस समय टमाटर महाराष्ट्र से मंगवाया जा रहा था और किसानों द्वारा उपयुक्त किस्में अपनाने के बाद आज लगभग साठ प्रतिशत टमाटर स्थानीय रूप से पंजाब से ही आ रहा है, जो यह ठोस उदाहरण है कि कृषि और उद्योग कैसे साथ मिलकर काम कर सकते हैं।
फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए सब्सिडी अब 125 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति के तहत बढ़ाई गई सब्सिडी की भी घोषणा की। नई औद्योगिक नीतियों के तहत फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए सब्सिडी अब 125 प्रतिशत तक बढ़ा दी जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि हम फूलों की खेती को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य इसे 16 प्रतिशत तक बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने बासमती चावल उत्पादकों के लिए कीटनाशकों के अवशेष की जांच के लिए मोहाली में एक लैबोरेटरी भी स्थापित की है और यदि बाजार की कीमतें न्यूनतम स्तर से नीचे आती हैं तो हम एमएसपी सहायता देने और इससे संबंधित उचित कदम उठाने को सुनिश्चित करेंगे।
पंजाब कृषि रसायनों और उर्वरकों के लिए एक महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पहले से ही काम कर रही बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मौजूदगी राज्य के औद्योगिक माहौल में विश्व उद्योग के विश्वास को दर्शाती है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब कच्चे माल की उपलब्धता, स्थापित औद्योगिक क्लस्टर और प्रमुख बाजारों से निकटता जैसे मजबूत लाभ प्रदान कर रहा है। राज्य में टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट, एफएमसीजी उत्पाद और निर्माण सामग्री जैसे मजबूत क्षेत्र पहले से ही मौजूद हैं।
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब कृषि रसायनों और उर्वरकों के लिए एक महत्वपूर्ण हब के रूप में भी उभर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की बड़ी कृषि अर्थव्यवस्था कृषि रसायनों और उर्वरकों की बड़ी मांग पैदा करती है और राज्य पहले से ही इस क्षेत्र में प्रमुख उद्योगपतियों का समर्थन कर रहा है।
उद्योग और व्यापार विकास नीति 2026 शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हाल ही में उद्योग और व्यापार विकास नीति 2026 शुरू की है, जिसे उन्होंने भारत में सबसे प्रगतिशील नीति ढांचों में से एक बताया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उद्योग और व्यापार विकास नीति 2026 निवेशकों के लिए मजबूत सहायता प्रदान करती है और इन्वेस्ट पंजाब अनुमतियों से लेकर प्रोजेक्ट क्रियान्वयन तक हर चरण पर उद्योगों की सहायता के लिए समर्पित सुविधा के रूप में काम करता है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पंजाब की ऐतिहासिक भूमिका को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और सहायक क्षेत्र राज्य के कार्यबल का समर्थन करते आए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से भारत का अन्नदाता रहा है और हमारे किसानों ने देश के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। कृषि और सहायक क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ हैं।
पंजाब की कृषि का भविष्य केवल फसलों के उत्पादन में नहीं
उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि विकास का अगला चरण मूल्यवृद्धि पर केंद्रित होना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की कृषि का भविष्य केवल फसलों के उत्पादन में ही नहीं है, बल्कि उन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए प्रोसेस्ड और ब्रांडेड खाद्य उत्पादों में तैयार करने में है।
उन्होंने कहा कि रेडी-टू-ईट फूड, पैकेज्ड उत्पाद, हेल्थ फूड्स और प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों की बढ़ती मांग के साथ वैश्विक खाद्य उपभोग के रुझान तेजी से बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वैश्विक उपभोग पैटर्न में यह बदलाव पंजाब के लिए कृषि उत्पादों से खाद्य उत्पादों की ओर संक्रमण का बड़ा अवसर पेश करता है।
पंजाब के पास पहले से ही मजबूत बुनियादी ढांचा
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस बदलाव का समर्थन करने के लिए पंजाब के पास पहले से ही मजबूत बुनियादी ढांचा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब के पास मेगा फूड पार्क, कोल्ड स्टोरेज, फूड स्टोरेज डिपो और मजबूत लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी है, जो आधुनिक फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन का समर्थन करती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का विजन किसानों और उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी बनाना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब किसान, फूड प्रोसेसर, निर्यातक और लॉजिस्टिक्स प्रदाता साथ मिलकर काम करते हैं, तो यह किसानों की आय बढ़ाता है, युवाओं के लिए रोजगार पैदा करता है और पंजाब के लिए निर्यात के अवसरों का विस्तार करता है।
7 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य की वस्तुओं का निर्यात
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब लंबे समय से उद्यम, निर्माण क्षमता और मजबूत वैश्विक व्यापार संबंधों के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब सरकार एक निर्यात-आधारित औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में पंजाब की स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब वर्तमान में 7 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य की वस्तुओं का निर्यात करता है और कृषि, इंजीनियरिंग सामान, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट और फार्मास्यूटिकल जैसे क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि चौदह लाख से अधिक एमएसएमई के साथ पंजाब के पास उद्यमों का मजबूत आधार है जो निर्यात, रोजगार और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
पंजाब को उत्तरी भारत के प्रमुख निर्यात केंद्र में बदलना उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य निर्माण क्षमता को लॉजिस्टिक्स प्रणालियों से जोड़कर पंजाब को उत्तरी भारत के प्रमुख निर्यात केंद्र में बदलना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि हम उद्योगपतियों, निर्यातकों और लॉजिस्टिक कंपनियों को विश्व स्तरीय पैर पसारने में पंजाब के साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित करते हैं।
टिकाऊ विकास के महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब के स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा की ओर संक्रमण के बारे में भी बात की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब हमारी लंबी अवधि की विकास रणनीति के हिस्से के रूप में स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा की ओर लगातार बढ़ रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा बढ़ती औद्योगिक मांग, कृषि जरूरतों और बिजली की गतिशीलता जैसे उभरते क्षेत्रों को पूरा करने में मुख्य भूमिका निभाएगी।
मजबूत कृषि आधार के कारण बायोएनर्जी में प्राकृतिक लाभ
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब को अपनी मजबूत कृषि आधार के कारण बायोएनर्जी में प्राकृतिक लाभ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में हर साल लगभग बीस मिलियन टन धान की पराली उत्पन्न होती है। जिसे कभी चुनौती के रूप में देखा जाता था लेकिन अब बायोमास पावर, कम्प्रेस्ड बायोगैस और अवशेषों से ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से संभावना के रूप में बदला जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि बायोएनर्जी पराली प्रबंधन का समाधान, ग्रामीण आय में वृद्धि, उद्योगों के लिए स्वच्छ ईंधन तैयार करने और एक चक्रीय अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेगी जहां कृषि अवशेष एक ऊर्जा स्रोत बन जाएगा।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
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170 दिन के बाद जेल से रिहा होंगे सोनम वांगचुक, सरकार ने हिरासत रद्द करने का लिया फैसला
केंद्र सरकार ने शनिवार को लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की NSA के तहत हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह फैसला लगभग 6 महीने की हिरासत के बाद लिया गया है, जो लद्दाख में तनाव कम करने और बातचीत बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बता दें कि वांगचुक को सितंबर 2025 में लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद हिरासत में ले लिया गया था। उनकी रिहाई को लेकर उस समय कई विपक्षी दलों ने आवाज उठाई थी।
वांगचुक की तत्काल रिहाई का आदेश
गृह मंत्रालय ने NSA की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सोनम वांगचुक को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। वांगचुक को पिछले साल 26 सितंबर 2025 को लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसक प्रदर्शनों के बाद की गई थी, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। ये प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल करने, भूमि अधिकारों, नौकरियों और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर हो रहे थे।
वांगचुकी की रिहाई पर जारी हुआ बयान
गृह मंत्रालय ने कहा है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी पक्षों के साथ सार्थक और रचनात्मक बातचीत हो सके। बयान में कहा गया, ‘इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए और विचार-विमर्श के बाद, सरकार ने NSA के तहत उपलब्ध शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया है।’ मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि वांगचुक ने NSA के तहत अधिकतम हिरासत अवधि का लगभग आधा समय पहले ही पूरा कर लिया था।
हाई पावर्ड कमिटी और आगे की बातचीत
सरकार ने लद्दाख के लिए ‘सभी जरूरी सुरक्षा उपाय’ देने का वादा दोहराया है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि वांगचुक की रिहाई से बातचीत फिर से तेज होगी। पहले से गठित हाई पावर्ड कमिटी में केंद्रीय मंत्री और स्थानीय नेता शामिल हैं, जो मांगों पर चर्चा कर रही है। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने इसमें देरी की शिकायत की थी। अब उम्मीद है कि लद्दाख के मुद्दों जैसे 33 प्रतिशत स्थानीय नौकरी आरक्षण, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण पर सकारात्मक प्रगति होगी। यह फैसला 2019 में लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद से चली आ रही मांगों और आंदोलनों के बीच आया है, जहां लेह एपेक्स बॉडी जैसे संगठन सक्रिय रहे हैं।
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