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CM भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के चार वर्ष पूर्ण: प्रारंभिक देखभाल से लेकर लिवर ट्रांसप्लांट तक—पंजाब ने स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के चार वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दौरान राज्य का स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पूरी तरह परिवर्तित हुआ है, जिसमें जमीनी स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर सुपर-स्पेशियलिटी देखभाल तक एक सुदृढ़ और व्यवस्थित इकोसिस्टम विकसित किया गया है।

सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है जो प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान कर रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री ने घोषणा की कि 17 मार्च 2026 को 100 नए आम आदमी क्लीनिक (एएसी) का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यरत क्लीनिकों की कुल संख्या 993 हो जाएगी और 450 अन्य क्लीनिक वर्तमान में विचाराधीन हैं।

उन्होंने बताया कि मौजूदा 883 एएसी पहले ही 1.6 करोड़ से अधिक पंजाबियों को सेवाएं प्रदान कर चुके हैं और इन क्लीनिकों में 5 करोड़ से अधिक मरीजों की आमद दर्ज की गई है। इन क्लीनिकों में 107 आवश्यक दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक परीक्षण पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि इन क्लीनिकों में हर महीने 30,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव-पूर्व देखभाल प्रदान की जा रही है और 1.1 लाख से अधिक लोगों को मधुमेह और उच्च रक्तचाप के लिए नियमित उपचार मिल रहा है।

मंत्री ने दोहराया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये की सुरक्षा प्रदान की जाती है और यह देश की सबसे बड़ी राज्य-वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना के तहत 2,300 से अधिक सर्जरी और रोग प्रबंधन पैकेज—जिनमें कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और ट्रॉमा शामिल हैं—कवर किए जाते हैं। इस योजना के अंतर्गत 600 से अधिक प्रमुख निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है ताकि राज्य के गरीब परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार तक आसान पहुंच मिल सके।

तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी उपलब्धि का उल्लेख करते हुए मंत्री ने पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (पीआईएलबीएस) को कार्यशील बनाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां नवंबर 2025 में सरकारी सुविधा के अंतर्गत राज्य का पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था।

इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। सभी जिला अस्पतालों को एमआरआई सेवाओं से लैस किया जाएगा और सीटी स्कैन सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। साथ ही अमृतसर, फरीदकोट, मोहाली और पटियाला में नई पीईटी स्कैन सुविधाएं शुरू की जाएंगी।

राज्य के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती मुहिम के बारे में मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने 2022 से अब तक 948 जनरल डॉक्टरों और 627 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की है, जो सरकारी डॉक्टरों की कुल संख्या का लगभग 35 प्रतिशत है। इसके अलावा नर्सों और फार्मासिस्टों सहित पैरामेडिकल स्टाफ की भी बड़े पैमाने पर भर्ती की गई है।

पंजाब को चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने और छात्रों के विदेशों में पढ़ाई के रुझान को कम करने के लिए सरकार द्वारा होशियारपुर, कपूरथला, संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर, लहरागागा, मलेरकोटला और लुधियाना में सात नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इन कॉलेजों का निर्माण शीघ्र शुरू होगा, जिससे राज्य में 600 नई एमबीबीएस सीटें जोड़ी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट के मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को भी पोस्ट-ग्रेजुएट सुपर-स्पेशियलिटी संस्थानों में अपग्रेड किया जा रहा है।

आपातकालीन और क्रिटिकल केयर को दी जा रही प्राथमिकता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि ‘फरिश्ते’ योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल कैशलेस उपचार उपलब्ध कराकर 600 से अधिक लोगों की जान बचाई गई है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण का कार्य भी जारी है, जिसमें 50 बिस्तरों वाले 22 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों का निर्माण शामिल है।

‘सीएम दी योगशाला’ पहल के अंतर्गत प्रतिदिन लगभग 5,000 पर्यवेक्षित योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे लगभग 1.5 लाख नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान के तहत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत 548 ओट क्लीनिक स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क द्वारा 10.63 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

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पंजाब में फिर बढ़ने लगी गर्मी, पारा पहुंचा 43 डिग्री

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पंजाब और चंडीगढ़ में एक बार फिर गर्मी बढ़ने लगी है। मंगलवार के मुकाबले तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि यह सामान्य से 1.9 डिग्री कम बना हुआ है। फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार हिमाचल प्रदेश से सटे तीन जिलों — पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में आज बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने येलो वेदर वार्निंग जारी की है। कल भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। वहीं इस महीने अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

प्रदेश में तापमान फिर तेजी से बढ़ने लगा है। दो जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। फरीदकोट में सबसे अधिक 43 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि बठिंडा 40.1 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा फाजिल्का में 39.7 डिग्री, फिरोजपुर में 37.4 डिग्री, लुधियाना में 36.8 डिग्री, पटियाला में 36.7 डिग्री, पठानकोट में 36.6 डिग्री और अमृतसर में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके असर से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं 15 मई से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंचने की संभावना है, जिससे बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 14 मई तक पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। अगले सात दिनों में पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। आज और कल कुछ इलाकों में बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।

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पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी को पीछे धकेलने की साजिश, भाजपा की सोच पंजाब विरोधी: दीपक बाली

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आम आदमी पार्टी (आप) के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने केंद्र की भाजपा सरकार पर पंजाब विरोधी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को पीछे धकेलने और संस्कृत को प्राथमिकता देने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “पंजाबियत खत्म करने की साजिश” बताया।

दीपक बाली ने कहा कि पंजाब में स्थित आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को चौथे स्थान पर लाकर संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से पंजाब की भाषा, संस्कृति और पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

 

बाली ने कहा कि भाजपा लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिनसे पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाबी केवल एक भाषा नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं, इतिहास और संस्कृति की पहचान है। ऐसे में पंजाबी भाषा को शिक्षा व्यवस्था में कमजोर करना सीधे तौर पर पंजाब और पंजाबियत पर हमला है।

उन्होंने कहा, “यह पंजाब की धरती है और पंजाबी यहां के लोगों की मातृभाषा है। भाजपा द्वारा पंजाबी को शिक्षा व्यवस्था में पीछे धकेलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।”

 

दीपक बाली ने कहा कि पंजाब भाषा एक्ट स्पष्ट रूप से कहता है कि पंजाब में पंजाबी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक पंजाबी विषय जरूरी है और यह कानूनन व्यवस्था का हिस्सा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर ऐसी नीतियां लागू कर रही है जिनसे पंजाबी भाषा का महत्व कम हो और नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर हो जाए।

‘आप’ नेता ने कहा कि पंजाबी हमारे गुरुओं की भाषा है और इसका सम्मान करना हर पंजाबी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और भाजपा की किसी भी “साजिश” को सफल नहीं होने देगी।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में ऐसा कोई स्कूल नहीं होने दिया जाएगा जहां पंजाबी भाषा अनिवार्य न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर जोरदार विरोध करेगी और पंजाब सरकार ऐसे स्कूलों पर तुरंत एक्शन लेगी।

दीपक बाली ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार हर समय पंजाब को कमजोर करने की मानसिकता से काम करती दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अपनी भाषा और संस्कृति के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे और पंजाबी भाषा के सम्मान की लड़ाई हर स्तर पर जारी रहेगी।

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सीबीआई और ईडी के छापे राजनीति से प्रेरित, भाजपा विरोधी आवाज़ों और सरकारों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है: अमन अरोड़ा

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री और ‘आप’ पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि यह कार्रवाई भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की राजनीतिक बदले की भावना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विरोधी आवाज़ों और उन सरकारों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का योजनाबद्ध तरीके से दुरुपयोग किया जा रहा है, जो केंद्र के सामने झुकने से इनकार करती हैं।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बजाय अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का खुलकर इस्तेमाल कर रही है। ये छापे राजनीति से प्रेरित हैं और इनका मकसद पंजाब के प्रशासन पर दबाव बनाना है। पंजाब की धरती पर भ्रष्टाचार को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन किसी भी जांच में उचित प्रक्रिया और स्थापित नियमों का पालन होना चाहिए।

संवैधानिक चिंताओं पर जोर देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि संघीय ढांचे की अपनी मर्यादा और संतुलन होता है, जिसे केंद्र सरकार जानबूझकर कमजोर कर रही है। उन्होंने समन्वय व्यवस्था को नजरअंदाज करने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब को दूसरे राज्यों की तरह डराया या नियंत्रित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र ने संस्थागत मर्यादाओं को पूरी तरह तोड़ दिया है और सीबीआई के हस्तक्षेप के जरिए पंजाब विजिलेंस को निशाना बनाया जा रहा है। पंजाब सरकार अपने अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़ी है और सत्ता के दुरुपयोग या डराने-धमकाने की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने केंद्र सरकार से संवैधानिक सीमाओं का सम्मान करने और राजनीतिक बदले की भावना से जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को बंद करने की अपील की।

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