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हमें उम्मीद थी कि अमित शाह पंजाब के लिए MSP, कर्ज माफी या खास पैकेज की बात करेंगे, लेकिन वह सिर्फ पंजाबियों को भला-बुरा कहकर ही चलते बने: CM मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान राज्य के मुख्य मुद्दों का कोई हल न करने के लिए कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोगों को एमएसपी, किसान कर्ज माफी और खास पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन लोगों के हाथ सिर्फ निराशा ही लगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पंजाब के साथ लगातार पक्षपात कर रही है, राज्य के हकदार फंड रोक रही है, किसानों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है और राज्य के बाहर जब्त की गई नशे की बड़ी खेपों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि पंजाब को बदनाम कर रही है।

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद पंजाब सरकार नशे पर काबू पाने, अर्थव्यवस्था मजबूत करने और निवेश आकर्षित करने के लिए उचित कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन को उद्योग जगत से बड़ा समर्थन मिल रहा है और निवेशक राज्य में नए कारोबारी अवसरों की तलाश कर रहे हैं।

प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के अवसर पर आज मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के किसानों और नागरिकों को उम्मीद थी कि उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद थी कि अमित शाह पंजाब के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, कर्ज माफी या विशेष पैकेज के बारे में बात करेंगे, लेकिन वह सिर्फ पंजाबियों को भला-बुरा कहकर चले गए।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के लोग फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, कृषि ऋणों की माफी और किसानों के लिए अन्य उपायों जैसे बड़े एलानों की उम्मीद कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा पंजाब के वैध फंडों को रोके जाने की भी आलोचना की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मोदी सरकार ने पंजाब के आरडीएफ और जीएसटी फंड रोक दिए हैं और अभी तक 1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत राशि भी जारी नहीं की है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1,600 करोड़ रुपये बाढ़ राहत के बारे में किए गए बड़े-बड़े दावों के बावजूद, पंजाब को उनके एलान से 16 रुपये भी नहीं मिले। उन्होंने आगे कहा कि विनाशकारी बाढ़ के दौरान केंद्र के नेता पंजाब सिर्फ “पर्यटन” के लिए आए और तस्वीरें खिंचवाकर चले गए।

गैंगस्टरवाद का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर इस समस्या को हल करने में विफल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को भाजपा सरकार ने गुजरात जेल में शरण दे रखी है और उसे पंजाब लाने की इजाजत भी नहीं दी जा रही है।” उन्होंने गैंगस्टरवाद को एक राष्ट्रीय मुद्दा बताया, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा है और इसे रोकने में विफल रहने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की।

नशों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से तस्करी को रोकना मुख्य रूप से केंद्र की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सीमा पार से नशों की तस्करी रोकना केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी हमारी सरकार इसे रोकने के लिए अपने फंडों से एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से कोई समर्थन न मिलने के बावजूद सीमा पार से तस्करी रोकने के लिए सीमा पर 550 किलोमीटर लंबी एंटी-ड्रोन तकनीक स्थापित की है।

उन्होंने पंजाब के बाहर नशीले पदार्थों की बड़ी जब्ती के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गुजरात में लाखों टन नशीले पदार्थ जब्त किए जा रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि पंजाब ने नशों के खिलाफ देश का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है।” उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर लगभग 3,000 किलो नशीला पदार्थ जब्त किया गया था, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में फूट डालने वाली राजनीति कभी भी सफल नहीं होगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की मिट्टी उपजाऊ है, लेकिन भाजपा के धर्म और नफरत की राजनीति के बीज यहां कभी नहीं उगेंगे।”

राज्य में भाजपा की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर व्यंग्य करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टिप्पणी की, “पंजाब में भाजपा ‘स्कूटर पार्टी’ तक सीमित है, जो 2027 में कांग्रेस की मदद से सत्ता पर काबिज होने का सपना देख रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अमित शाह का पंजाब दौरा लोगों के सामने आ रहे वास्तविक मुद्दों को हल करने में विफल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अमित शाह सिर्फ हमारे बारे में बुरा-भला कहने के लिए पंजाब आए थे और बिना कुछ किए चले गए।”

आगामी विधानसभा चुनावों के संबंध में भाजपा के दावों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पार्टी के पास अकेले चुनाव लड़ने के लिए संगठनात्मक ताकत की कमी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने के लिए 117 उम्मीदवार कहां से लाएगी?” उन्होंने आगे कहा कि चूंकि भाजपा के पास राज्य में नेता नहीं हैं, इसलिए संभावना है कि वह चुनाव लड़ने के लिए दूसरी पार्टियों के नेताओं को शामिल करने की कोशिश करेगी।

नशों का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूछा, “गुजरात के एक बंदरगाह पर 3,000 किलो नशीला पदार्थ जब्त किया गया था, वहां कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इतनी बड़ी जब्ती के बावजूद नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब के लोग भाजपा की राजनीतिक फितरत से अच्छी तरह वाकिफ हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब, भाजपा को अच्छी तरह जानता है; पंजाब में नफरत की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।” उन्होंने याद दिलाया कि कैसे कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान पंजाब के किसानों को अपमानित किया गया था और उस संघर्ष के दौरान 700 से अधिक किसान शहीद हुए थे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि उसने पहले ही राज्य के युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जबकि भाजपा का दो करोड़ नौकरियां देने का वादा अभी भी अधूरा है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि वादे के मुताबिक 15 लाख रुपये कभी भी आम नागरिकों के बैंक खातों में नहीं आए।

केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने आरडीएफ, जीएसटी, एनएचएम और अन्य फंडों में पंजाब के वैध हिस्से को रोक लिया है, जिससे राज्य के विकास पर असर पड़ रहा है। उन्होंने इसे पंजाब की प्रगति, शांति और खुशहाली को पटरी से उतारने की कोशिश बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों के हित के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की बार-बार सिफारिश की है, लेकिन केंद्र ने उस पर कार्रवाई नहीं की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे चेतावनी दी कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका समझौता किसानों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब भी उन्हीं स्रोतों से फंड उधार लेता है, जिनसे भाजपा शासित राज्य लेते हैं और इस उत्पादक ऋण का उपयोग लोगों को सेवाएं और सुविधाएं देने के लिए किया जाता है। उन्होंने टिप्पणी की कि पंजाब सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों को भाजपा हजम नहीं कर पा रही है।

केंद्र सरकार के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश ऐसी स्थिति का सामना कर रहा है, जहां केंद्र सरकार के पास राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट विदेश नीति का अभाव दिखता है।

इस बीच प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन को उद्योगपतियों और निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन को भारी समर्थन मिला है।”

उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन ने सहयोग और निवेश के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “निवेशक एक दूसरे के साथ पंजाब में व्यापारिक अवसरों पर चर्चा कर रहे हैं।”

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ED की रेड करा पंजाब के हिन्दू व्यापारियों को तंग कर रही ईडी पार्टी- केजरीवाल

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पंजाब के हिन्दू व्यापारियों के यहां मंगलवार को एक बार फिर ईडी की रेड पड़ने पर आम आदमी पार्टी और उसकी पंजाब सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब सरकार ने व्यापारियों को पंजाब के विकास की रीढ़ की हड्डी बताते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही है। उधर, ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी पार्टी पंजाब के हिन्दू व्यापारियों पर ईडी की रेड कराकर उन्हें तंग कर रही है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी घबराए नहीं, पूरा पंजाब आपके साथ खड़ा है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ईडी पार्टी मंगलवार को एक बार फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ईडी की रेड कर रही है। ईडी पार्टी पंजाब के छोटे-छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है कि घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर चल रही चर्चा पर कहा कि सुना है कि ईडी पार्टी पंजाब की बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी से गठबन्धन करने को बहुत बेचौन है, पर बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी उनको घास नहीं डाल रही है।

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ईडी की रेड पर कहा कि पंजाब के हिंदू व्यापारी हमारे राज्य के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी हैं और ‘रंगला पंजाब’ बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। ईडी पार्टी सेंट्रल एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके हमारे व्यापारियों को परेशान करना चाहती है। ऐसा करके वे राजनीतिक दबाव डालकर उन्हें अपने साथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसको पंजाबी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अपने व्यापारियों के साथ खड़े हैं।

इस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मेरे द्वारा ‘ईडी पार्टी’ और बेअदबी पार्टी / चिट्टा पार्टी के खिलाफ बोलने पर इतनी तकलीफ क्यों हो रही है? कांग्रेस खुलकर उनके बचाव में सामने आ गई है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि व्यापारियों को ईडी रेड से बर्बाद कर दिया और युवाओं को परीक्षा घोटालों से, मोदी जी आप महान हैं। लेकिन देश को इनोवेशन इकोनॉमी चाहिए, ईडी इकोनॉमी नहीं। लच्छेदार भाषण और मीडिया मैनेजमेंट से अर्थव्यवस्था का सच ज्यादा दिन तक नहीं छिप सकता।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि 26 साल में पहली बार एमएससीआई इमर्जिंग मर्केट्स इंडेक्स की टॉन 10 कंपनियों में से भारत की कंपनियां बाहर हो गई हैं। एमएससीआई इमरर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स दुनिया के सबसे बड़े निवेश सूचकांकों में से एक है। दुनिया भर के सैकड़ों अरब डॉलर के फंड इसी इंडेक्स को देखकर निवेश करते हैं। और दुनिया का पैसा कहां जा रहा है- एआई, सेमीकंडक्टर्स, फ्यूचर टेक्नोलॉजी, टीएसएमसी, एसके हाइनिक्स और मीडिया टेक जैसी कंपनियां आगे बढ़ रही हैं।

लेकिन भारत में नई सोच – नई तकनीक और नए उद्यमों को बढ़ावा देने की जगह एक अलग ही मॉडल चल रहा है। जो भी कंपनी आगे बढ़ती है, उसके यहाँ पहले ईडी की रेड कराओ, फिर पार्टी के लिए चंदा वसूलो। नतीजा – निवेश घट रहा है। नई नौकरियां कम पैदा हो रही हैं। अच्छी सैलरी वाली नौकरियों के अवसर सिमट रहे हैं।

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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

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पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।

Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।

क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।

इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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जयपुर में 24 घंटे के लिए डिजिटल कर्फ्यू, इंटरनेट सेवाएं बंद

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। यह प्रतिबंध बीती रात 12 बजे से लागू हो गया है और आज रात 12 बजे तक जारी रहेगा।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शहर के संवेदनशील इलाकों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

प्रशासन को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलाए जा सकते हैं, जिससे माहौल खराब होने का खतरा है। इसी को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा SMS और MMS सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक या गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।

पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना फैलाने, शांति भंग करने या जारी आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात सामान्य रहने पर प्रतिबंध हटाने को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा।

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