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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दौरे के दौरान पंजाब के रोके गए फंड जरूर जारी करें: Baltej Pannu

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के जनरल सचिव और प्रदेश मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने जोर देकर कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने पंजाब दौरे के दौरान राज्य के रोके गए फंड जारी करवाएं। बलतेज पन्नू आज पटियाला स्थित ग्रीनफील्ड संत एन्क्लेव में ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत कार्ड बनाने के लिए लगाए गए तीन दिवसीय पंजीकरण शिविर के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

इस अवसर पर बलतेज पन्नू ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य के 65 लाख परिवारों के स्वास्थ्य योजना कार्ड बनाए जाने हैं और अब तक करीब 15 लाख लोगों के ये कार्ड बन चुके हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि गृह मंत्री पंजाब में रैली करने आए हैं, तो उन्हें राज्य का केंद्र की ओर से रोका गया आर.डी.एफ. और अन्य योजनाओं का फंड भी साथ लेकर आना चाहिए।

केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि केंद्र ने हमेशा पंजाब के साथ भेदभाव ही किया है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकार और पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र ने हमेशा राज्य को उलझाकर रखा है। पन्नू ने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे अमित शाह से इन गंभीर मुद्दों के बारे में जरूर सवाल पूछें।

उन्होंने आगे याद दिलाया कि बाढ़ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं पंजाब का हवाई दौरा कर नुकसान की भरपाई के लिए 1600 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन अफसोस की बात है कि वह फंड आज तक पंजाब को नहीं मिला।

विपक्षी नेताओं पर टिप्पणी करते हुए पन्नू ने सुखपाल सिंह खैहरा के बारे में कहा कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। वहीं शिरोमणि अकाली दल को घेरते हुए उन्होंने कहा कि अकाली सरकार के समय पंजाब में नशा और गैंगस्टरवाद चरम पर पहुंच गया था, जिसने राज्य को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, “आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार अकाली दल द्वारा बोए गए कांटों को हटाकर पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाने की कोशिश कर रही है।”

बलतेज पन्नू ने बताया कि मोहाली में आयोजित तीन दिवसीय पंजाब प्रगतिशील निवेशक सम्मेलन-2026 के पहले ही दिन बड़े उद्योगपतियों द्वारा राज्य में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के वादे किए जाना और कारोबार बढ़ाने का ऐलान करना मान सरकार की बड़ी उपलब्धि है।

बलतेज पन्नू ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ रोजगार, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘आप’ सरकार दिन-रात पंजाब के विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने मान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार पंजाब की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस मौके पर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट नाभा के चेयरमैन जस्सी सोहियां वाला, मेघ चंद शेरमाजरा और गुरविंदर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।

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चंडीगढ़ में बढ़ रही LPG की मांग, 4 साल में 21 हजार से ज्यादा नए कनेक्शन; खपत के आंकड़े भी चौंकाने वाले

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चंडीगढ़ में घरेलू रसोई गैस यानी LPG की मांग लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले चार वर्षों में शहर में 21,578 नए घरेलू LPG कनेक्शन जुड़े हैं। 1 अप्रैल 2022 को चंडीगढ़ में घरेलू LPG उपभोक्ताओं की संख्या 2,86,442 थी, जो 1 अप्रैल 2026 तक बढ़कर 3,08,020 हो गई। यानी इस अवधि में उपभोक्ताओं की संख्या में करीब 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में LPG उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। वर्ष 2023 में शहर में 2,87,723 घरेलू LPG उपभोक्ता थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 3,00,133 और 2025 में 3,06,663 हो गई। इसके बाद अप्रैल 2026 तक यह आंकड़ा 3.08 लाख से अधिक पहुंच गया।

चंडीगढ़ में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा LPG खपत

चंडीगढ़ में केवल LPG कनेक्शनों की संख्या ही नहीं बढ़ रही, बल्कि गैस की औसत खपत भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने चंडीगढ़ में औसतन 7.2 सिलिंडर प्रति वर्ष इस्तेमाल किए, जबकि देश का राष्ट्रीय औसत 4.8 सिलिंडर रहा।

वहीं, गैर-उज्ज्वला घरेलू LPG उपभोक्ताओं की औसत वार्षिक खपत चंडीगढ़ में 9.6 सिलिंडर रही। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे उपभोक्ताओं की औसत खपत 6.8 सिलिंडर थी। यानी चंडीगढ़ में सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं की LPG खपत भी राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक रही।

पंजाब और हरियाणा में लाखों घरेलू LPG उपभोक्ता

वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 91,60,891 और हरियाणा में 74,75,277 घरेलू LPG उपभोक्ता थे। दिल्ली में यह संख्या 51,53,568, जम्मू-कश्मीर में 34,75,859 और हिमाचल प्रदेश में 21,14,690 थी। वहीं राजस्थान में घरेलू LPG उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.71 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 4.52 करोड़ से अधिक थी।

केंद्र सरकार के अनुसार, 1 जुलाई 2026 तक देश में कुल 33.13 करोड़ घरेलू LPG उपभोक्ता थे। इनमें करीब 10.58 करोड़ कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं।

LPG को किफायती रखने के लिए सरकार दे रही मुआवजा

केंद्र सरकार के अनुसार, गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए घरेलू LPG को किफायती बनाए रखने के उद्देश्य से तेल विपणन कंपनियों को मुआवजा दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसके लिए करीब 22 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया गया है।

30 जून 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की घरेलू LPG पर संचित अंडर-रिकवरी 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच भी जारी रही गैस सप्लाई

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच LPG की आपूर्ति को लेकर चिंता जरूर बढ़ी थी, लेकिन केंद्र सरकार के अनुसार घरेलू गैस की सप्लाई जारी रही। जानकारी के मुताबिक, 1 मार्च 2026 से 18 करोड़ से अधिक घरेलू गैस सिलिंडर वितरित किए गए।

इस दौरान LPG की ऑनलाइन बुकिंग का हिस्सा भी करीब 97 प्रतिशत तक पहुंच गया। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भी घरेलू LPG की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी देते हुए लोगों से घबराकर अतिरिक्त सिलिंडर बुक करने या जरूरत से ज्यादा स्टॉक रखने से बचने की अपील की गई थी।

उज्ज्वला और सामान्य LPG उपभोक्ताओं में अंतर

उज्ज्वला उपभोक्ता: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र गरीब परिवारों की महिलाओं को LPG कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है।

गैर-उज्ज्वला उपभोक्ता: ऐसे सामान्य घरेलू LPG ग्राहक, जिनका कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नहीं है।

कुल मिलाकर, चंडीगढ़ में पिछले चार वर्षों के दौरान LPG कनेक्शनों की लगातार बढ़ती संख्या और राष्ट्रीय औसत से अधिक खपत यह दिखाती है कि शहर में घरेलू रसोई गैस का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।

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पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी रोक, 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को मिलेगी राहत

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पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने और अभिभावकों को राहत देने के लिए विधानसभा में एक अहम विधेयक पेश किया है। सरकार का कहना है कि शिक्षा को मुनाफाखोरी का साधन नहीं बनने दिया जाएगा और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता के हितों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार के अनुसार, प्रस्तावित प्रावधानों से पंजाब के करीब 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। नए नियमों के तहत कोई भी निजी स्कूल तीन साल तक विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। इसके अलावा स्कूल अभिभावकों को किसी एक विशेष दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे।

सरकार का कहना है कि इस कदम से अभिभावकों पर बार-बार बढ़ने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ कम होगा। अक्सर यूनिफॉर्म या किताबों में बदलाव के कारण माता-पिता को हर साल नया सामान खरीदना पड़ता है। अब ऐसे मामलों में स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।

सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। सरकार के मुताबिक, पंजाब आज शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल है। सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों का NEET परीक्षा पास करना इसका एक बड़ा उदाहरण बताया गया है।

सरकार का कहना है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव है। इसलिए सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

पंजाब सरकार ने कहा है कि वह राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

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पंजाब में फिर बदलेगा मौसम: सोमवार को 3 जिलों में बारिश का अलर्ट, गुरुवार से मानसून फिर होगा सक्रिय

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पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं, लेकिन आने वाले दिनों में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश नहीं हुई, जिसके चलते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन तीनों जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मंगलवार और बुधवार को पंजाब के किसी भी जिले के लिए मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इन दोनों दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। हालांकि, गुरुवार से एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके बाद पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।

रविवार को बारिश की गतिविधियां कम रहने के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले औसतन 3.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई। चंडीगढ़ और श्री आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लुधियाना में 35.4, पटियाला में 35.1, पठानकोट और जालंधर में 35.5, होशियारपुर में 33.6, अमृतसर में 31.3 और बठिंडा में 32 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

रविवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में बारिश नहीं हुई। पठानकोट में केवल बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि रूपनगर और थेन बांध क्षेत्र में 0.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब और संगरूर समेत ज्यादातर इलाकों में बारिश नहीं हुई।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में बारिश की संभावना है। मंगलवार और बुधवार को मौसम सामान्य रहने के आसार हैं, जबकि 13 अगस्त यानी गुरुवार से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना बन रही है। इससे प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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