Punjab
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आप पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा के 8 सवाल:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मोगा रैली से पहले, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने शनिवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से आठ मुश्किल सवाल पूछे। उन्होंने पंजाब के रोके गए फंड, जीएसटी का भारी नुकसान, बाढ़ राहत, इंडस्ट्री, नशा तस्करी, रोज़गार और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दों पर साफ जवाब मांगे।
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह दौरा सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ पंजाबी केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं और वे पंजाब की गंभीर आर्थिक और प्रशासनिक चिंताओं पर खोखले नारों या “जुमलों” के बजाय ठोस जवाब के हकदार हैं।
चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप पंजाब प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाबियों की मेहमानों का सम्मान के साथ स्वागत करने की पुरानी परंपरा है, लेकिन इस बार पंजाब के लोग केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही की उम्मीद रखते हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पंजाब की धरती पर आए हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। लेकिन तीन करोड़ पंजाबियों की चिंता सीधी है—खोखले वादे न करें और जुमले न सुनाएं।
आप पंजाब प्रधान ने नोट किया कि दो दिन पहले उन्होंने पंजाब से जुड़े कई ज़रूरी मुद्दे उठाए थे और उम्मीद जताई थी कि भाजपा की पंजाब लीडरशिप अमित शाह के दौरे से पहले कोई जवाब देगी या कोई घोषणा करेगी। अमन अरोड़ा ने कहा कि हालांकि, पिछले दो दिनों में, भाजपा पंजाब के एक भी नेता ने इन चिंताओं पर बात नहीं की है। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे अमित शाह और भाजपा पंजाब नेताओं से पंजाब के लोगों द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर सवाल पूछें।
पंजाब का 8,300 करोड़ रुपये का आरडीएफ और एमडीएफ फंड रोके गए
पहला मुद्दा उठाते हुए, अमन अरोड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री से यह साफ़ करने को कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले चार सालों से ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) और मार्केट विकास फंड (एमडीएफ) के तहत पंजाब का 8,300 करोड़ रुपये किस कानून के तहत रोक रखे है। अमन अरोड़ा ने पूछा कि यह पैसा पंजाब के मेहनती किसानों और लोगों का है। यह ग्रामीण विकास के लिए है। केंद्र ने इसे क्यों रोका है और यह कब जारी किया जाएगा?
पंजाब को 60,000 करोड़ रुपये का जीएसटी नुकसान
जीएसटी सिस्टम के तहत पंजाब को हुए वित्तीय नुकसान पर रोशनी डालते हुए, अमन अरोड़ा ने कहा कि मुआवज़ा प्रणाली सिर्फ़ पाँच साल तक चला, जिससे पंजाब को बहुत बड़ा नुकसान हुआ। अमन अरोड़ा ने सवाल किया कि जीएसटी मुआवज़ा सिर्फ़ पाँच साल के लिए दिया गया था, लेकिन पंजाब को लगभग 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। केंद्र सरकार पंजाब को इस बड़े नुकसान की भरपाई कैसे करने की योजना बना रही है?
1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत अभी तक जारी नहीं हुई
पंजाब में आई भयानक बाढ़ का ज़िक्र करते हुए कैबिनेट मंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान 1,600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था। अमन अरोड़ा ने कहा कि अमित शाह आज अपने साथ क्या वे 1,600 करोड़ रुपये का चेक लेकर आ रहे हैं? अगर हाँ, तो उन्हें पंजाब को सौंप देना चाहिए। अगर नहीं, तो उन्हें अपनी रैली में बताना चाहिए कि पैसा अभी तक जारी क्यों नहीं किया गया।
एकतरफ़ा भारत-यूएस ट्रेड डील
आप पंजाब प्रधान ने भारत-यूएस ट्रेड डील को एकतरफ़ा कहने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। अमन अरोड़ा ने कहा कि डील बराबर के लोगों के बीच होती है, लेकिन जिस तरह से भाजपा सरकार ने यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे घुटने टेके हैं, वह डील से ज़्यादा एक आदेश जैसा लग रहा है। इस डील से देश भर के करोड़ों किसानों और छोटे कारोबारियों को नुकसान होगा। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा सरकार को ऐसी शर्तें मानने की क्या मजबूरी थी और अमित शाह से पंजाब के लोगों को यह मुद्दा करें।
पड़ोसी राज्यों में टैक्स में छूट से पंजाब की इंडस्ट्री को नुकसान
पंजाब के उद्योगिक क्षेत्र की हालत का ज़िक्र करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि केंद्र की तरफ़ से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पड़ोसी राज्यों को दी गई टैक्स में छूट से पंजाब के उद्योगों पर बुरा असर पड़ा है। अमन अरोड़ा ने पूछा कि सीमा पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार रूट बंद होने से पंजाब पहले से ही परेशान है। इसके साथ ही, पड़ोसी राज्यों को छूट देने से पंजाब के उद्योग और व्यापारी संकट में पड़ गए हैं। केंद्र पंजाब की इंडस्ट्री को क्या राहत या मुआवज़ा देगा?”
अंतरराष्ट्रीय सीमा और गुजरात के बंदरगाहो से द्वारा पंजाब में दाखिल हो रहा है नशा
नशा तस्करी की चुनौती के बारे में बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पूरे पंजाब में नशा के ख़िलाफ़ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि नशा अक्सर केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा या गुजरात जैसे राज्यों में मौजूद बंदरगाहो से आता हैं। अमन अरोड़ा ने पूछा, “नशा तस्करी को रोकने के लिए केंद्र सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है, और वह इस लड़ाई में पंजाब सरकार का कैसे सहयोग करेगी?
मनरेगा को खत्म करना
अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार के 20 साल पुरानी ग्रामीण रोजगार योजना महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा) को बंद करने और उसकी जगह ‘वीबी-जी राम जी’ नाम की नई योजना लाने के फैसले पर चिंता जताई। अमन अरोड़ा ने पूछा, “मनरेगा देश भर के लाखों गरीब मजदूरों के लिए सहारा बन गया था। केंद्र सरकार इस स्कीम को खत्म करके ऐसा गोलमोल कानून क्यों ला रही है जिससे करोड़ों लोग बेरोज़गार हो सकते हैं?”
एलपीजी संकट और बढ़ती कीमतें
एलपीजी संकट और गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कई जगहों पर एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं। उन्होंने बरनाला की एक दुखद घटना का ज़िक्र किया, जहाँ सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े एक व्यक्ति की कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अमन अरोड़ा ने कहा कि यह स्थिति लोगों को नोटबंदी के दर्दनाक दिनों की याद दिलाती है, जब कई नागरिक लाइनों में खड़े-खड़े मर गए थे।
अमन अरोड़ा ने आगे कहा कि यह संकट केंद्र सरकार की घरेलू और विदेशी नीतियों की नाकामी को दर्शाता है। अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार यूएस के दबाव में आत्मसमर्पण करते हुए ईरान और रूस जैसे दोस्त देशों के साथ भी संतुलित रिश्ते बनाए रखने में असफल रही है। यह नीतियां पूरे देश को नुकसान पहुंचा रही है।
आखिर में, अमन अरोड़ा ने कहा कि उठाए गए आठ सवाल पंजाब के लोगों की चिंताओं को दर्शाता हैं और अमित शाह के दौरे के दौरान इनका जवाब दिया जाना चाहिए। अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर अमित शाह सच में लोगों के प्रति ज़िम्मेदार महसूस करते हैं, तो उन्हें अपने दौरे के दौरान इन आठ सवालों का जवाब देना चाहिए। पंजाब को जवाब मिलना चाहिए, खोखले नारे नहीं।
Punjab
चंडीगढ़ में बढ़ रही LPG की मांग, 4 साल में 21 हजार से ज्यादा नए कनेक्शन; खपत के आंकड़े भी चौंकाने वाले
चंडीगढ़ में घरेलू रसोई गैस यानी LPG की मांग लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले चार वर्षों में शहर में 21,578 नए घरेलू LPG कनेक्शन जुड़े हैं। 1 अप्रैल 2022 को चंडीगढ़ में घरेलू LPG उपभोक्ताओं की संख्या 2,86,442 थी, जो 1 अप्रैल 2026 तक बढ़कर 3,08,020 हो गई। यानी इस अवधि में उपभोक्ताओं की संख्या में करीब 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में LPG उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। वर्ष 2023 में शहर में 2,87,723 घरेलू LPG उपभोक्ता थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 3,00,133 और 2025 में 3,06,663 हो गई। इसके बाद अप्रैल 2026 तक यह आंकड़ा 3.08 लाख से अधिक पहुंच गया।
चंडीगढ़ में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा LPG खपत
चंडीगढ़ में केवल LPG कनेक्शनों की संख्या ही नहीं बढ़ रही, बल्कि गैस की औसत खपत भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने चंडीगढ़ में औसतन 7.2 सिलिंडर प्रति वर्ष इस्तेमाल किए, जबकि देश का राष्ट्रीय औसत 4.8 सिलिंडर रहा।
वहीं, गैर-उज्ज्वला घरेलू LPG उपभोक्ताओं की औसत वार्षिक खपत चंडीगढ़ में 9.6 सिलिंडर रही। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे उपभोक्ताओं की औसत खपत 6.8 सिलिंडर थी। यानी चंडीगढ़ में सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं की LPG खपत भी राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक रही।
पंजाब और हरियाणा में लाखों घरेलू LPG उपभोक्ता
वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 91,60,891 और हरियाणा में 74,75,277 घरेलू LPG उपभोक्ता थे। दिल्ली में यह संख्या 51,53,568, जम्मू-कश्मीर में 34,75,859 और हिमाचल प्रदेश में 21,14,690 थी। वहीं राजस्थान में घरेलू LPG उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.71 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 4.52 करोड़ से अधिक थी।
केंद्र सरकार के अनुसार, 1 जुलाई 2026 तक देश में कुल 33.13 करोड़ घरेलू LPG उपभोक्ता थे। इनमें करीब 10.58 करोड़ कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं।
LPG को किफायती रखने के लिए सरकार दे रही मुआवजा
केंद्र सरकार के अनुसार, गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए घरेलू LPG को किफायती बनाए रखने के उद्देश्य से तेल विपणन कंपनियों को मुआवजा दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसके लिए करीब 22 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
30 जून 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की घरेलू LPG पर संचित अंडर-रिकवरी 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच भी जारी रही गैस सप्लाई
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच LPG की आपूर्ति को लेकर चिंता जरूर बढ़ी थी, लेकिन केंद्र सरकार के अनुसार घरेलू गैस की सप्लाई जारी रही। जानकारी के मुताबिक, 1 मार्च 2026 से 18 करोड़ से अधिक घरेलू गैस सिलिंडर वितरित किए गए।
इस दौरान LPG की ऑनलाइन बुकिंग का हिस्सा भी करीब 97 प्रतिशत तक पहुंच गया। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भी घरेलू LPG की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी देते हुए लोगों से घबराकर अतिरिक्त सिलिंडर बुक करने या जरूरत से ज्यादा स्टॉक रखने से बचने की अपील की गई थी।
उज्ज्वला और सामान्य LPG उपभोक्ताओं में अंतर
उज्ज्वला उपभोक्ता: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र गरीब परिवारों की महिलाओं को LPG कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है।
गैर-उज्ज्वला उपभोक्ता: ऐसे सामान्य घरेलू LPG ग्राहक, जिनका कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नहीं है।
कुल मिलाकर, चंडीगढ़ में पिछले चार वर्षों के दौरान LPG कनेक्शनों की लगातार बढ़ती संख्या और राष्ट्रीय औसत से अधिक खपत यह दिखाती है कि शहर में घरेलू रसोई गैस का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
Punjab
पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी रोक, 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को मिलेगी राहत
पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने और अभिभावकों को राहत देने के लिए विधानसभा में एक अहम विधेयक पेश किया है। सरकार का कहना है कि शिक्षा को मुनाफाखोरी का साधन नहीं बनने दिया जाएगा और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता के हितों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार के अनुसार, प्रस्तावित प्रावधानों से पंजाब के करीब 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। नए नियमों के तहत कोई भी निजी स्कूल तीन साल तक विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। इसके अलावा स्कूल अभिभावकों को किसी एक विशेष दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस कदम से अभिभावकों पर बार-बार बढ़ने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ कम होगा। अक्सर यूनिफॉर्म या किताबों में बदलाव के कारण माता-पिता को हर साल नया सामान खरीदना पड़ता है। अब ऐसे मामलों में स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।
सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। सरकार के मुताबिक, पंजाब आज शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल है। सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों का NEET परीक्षा पास करना इसका एक बड़ा उदाहरण बताया गया है।
सरकार का कहना है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव है। इसलिए सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
पंजाब सरकार ने कहा है कि वह राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
Punjab
पंजाब में फिर बदलेगा मौसम: सोमवार को 3 जिलों में बारिश का अलर्ट, गुरुवार से मानसून फिर होगा सक्रिय
पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं, लेकिन आने वाले दिनों में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश नहीं हुई, जिसके चलते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन तीनों जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मंगलवार और बुधवार को पंजाब के किसी भी जिले के लिए मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इन दोनों दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। हालांकि, गुरुवार से एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके बाद पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।
रविवार को बारिश की गतिविधियां कम रहने के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले औसतन 3.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई। चंडीगढ़ और श्री आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लुधियाना में 35.4, पटियाला में 35.1, पठानकोट और जालंधर में 35.5, होशियारपुर में 33.6, अमृतसर में 31.3 और बठिंडा में 32 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
रविवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में बारिश नहीं हुई। पठानकोट में केवल बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि रूपनगर और थेन बांध क्षेत्र में 0.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब और संगरूर समेत ज्यादातर इलाकों में बारिश नहीं हुई।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में बारिश की संभावना है। मंगलवार और बुधवार को मौसम सामान्य रहने के आसार हैं, जबकि 13 अगस्त यानी गुरुवार से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना बन रही है। इससे प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
-
Religious3 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious3 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious3 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious3 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी