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पंजाब में समान विकास सुनिश्चित करने के लिए पहली बार जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करवाया जाएगा:CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब सरकार की ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ श्रृंखला के हिस्से के रूप में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग का चार साल का व्यापक रिपोर्ट कार्ड पेश किया, जिसमें यह दिखाया गया कि निरंतर नीतिगत हस्तक्षेप ने गांवों के बुनियादी ढांचे को कैसे बदला है, जमीनी स्तर पर प्रशासन को मजबूत किया है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं।

ग्रामीण विकास को समग्र विकास के केंद्रीय स्तंभ के रूप में बताते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब के पहले जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण की शुरुआत से लेकर बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा निर्माण, पारदर्शी भूमि प्रबंधन के माध्यम से राजस्व उत्पन्न करने और युवा-केंद्रित विकास कार्यक्रमों सहित प्रमुख पहलों की रूपरेखा पेश की।

पहली अप्रैल से शुरू होने वाले जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण को समानता और नीति निर्माण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए सभी समुदायों के जीवन स्तर का मूल्यांकन करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास रिपोर्ट कार्ड एक व्यापक शासन ढांचे का हिस्सा है, जिसके तहत ‘आप’ सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सिंचाई, कृषि और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सेक्टर-वार प्रदर्शन के साथ-साथ जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणामों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।

ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार वर्षों में गांवों का पूर्ण विकास हुआ है, जिसमें बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य, तालाबों की सफाई शामिल है क्योंकि राज्य ने सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाकर और अन्य तरीकों से पैसा कमाया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के सख्त प्रयासों के कारण पंचायत चुनावों में सर्वसम्मति में वृद्धि हुई है। पंजाब में 13,236 पंचायतों के लिए चुनाव 2024 में हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं। 2018 में लगभग 1,870 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गई थीं, लेकिन 2024 में 2,970 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं थी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “1,100 से अधिक पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं, जिससे गांवों में सामुदायिक सौहार्द मजबूत होता है और गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने सरपंचों का मानभत्ता 1,200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ग्रामीण विकास के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2025-26 में ग्रामीण विकास पर 2,367.64 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जो 2024-25 के मुकाबले दोगुने थे। वर्ष 2017-22 के दौरान पांच वर्षों में गांवों के विकास पर 1,883 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि राज्य सरकार ने इस नेक कार्य के लिए पिछले चार वर्षों में 3,847 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंचायत इमारतों, लाइब्रेरियों, आंगनवाड़ी केंद्रों, खेल मैदानों, गलियों, नालियों और अन्य विकास कार्यों पर 1,030.94 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पीने के पानी, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य जरूरी सेवाओं पर 1,336.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और यह फंड जिला परिषदों, पंचायत समितियों और पंचायतों के माध्यम से जारी किए गए थे।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने गांवों में शामलात जमीनों को लीज पर देकर आय में वृद्धि की है। पंचायती जमीनों से अवैध कब्जे हटाए गए हैं, जिससे राज्य का राजस्व बढ़ा है। चार वर्षों में राज्य सरकार ने शामलात जमीन को लीज पर देकर 1,842.78 करोड़ रुपये कमाए हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वर्ष 2025-26 में पिछले साल के मुकाबले राजस्व 50.75 करोड़ रुपये बढ़ा है। लगभग 1.35 लाख एकड़ जमीन लीज पर दी गई, जिससे 520.54 करोड़ रुपये का राजस्व आया, जबकि 2024-25 में 469.79 करोड़ रुपये आए थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नौजवानों की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए लगभग 3,000 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और इस पर 1,166 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ये मैदान 6,500 एकड़ क्षेत्र में फैले होंगे, जिनके लिए 3,148 स्थानों की पहचान की गई है।”

उन्होंने कहा, “2,400 मैदानों पर काम पहले ही शुरू हो चुका है और इनमें से अधिकांश इस वर्ष जून तक पूरे हो जाएंगे, जिनमें वॉलीबॉल कोर्ट, फुटबॉल मैदान, बच्चों के खेलने का सामान और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं होंगी।”

उन्होंने कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार पंचायत घरों का निर्माण किया गया है। दूसरे चरण में 125 करोड़ रुपये के बजट से 500 आधुनिक पंचायत घर बनाए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रति इमारत 25 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं और पहले चरण में 373 इमारतें पहले ही पूरी हो चुकी हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने गांवों में 251 लाइब्रेरियां बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिनमें से 231 पहले ही पूरी हो चुकी हैं। इसका उद्देश्य गांवों के लोगों को साहित्य से जोड़ना और नौजवानों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मनरेगा योजना के बारे में बात करते हुए कहा, “2017-2022 तक केवल 4,708 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि 2022 से अब तक 5,146 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 8.96 लाख लोगों को रोजगार मिला है और 2.40 करोड़ दिहाड़ियों का रोजगार सृजित हुआ है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “2025-26 में लगभग 63,357 नए जॉब कार्ड जारी किए गए थे, जिनमें से 2,480 दिव्यांग व्यक्तियों के लिए थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब मनरेगा योजना में तर्कहीन संशोधनों का सख्त विरोध करता है। पंजाब विधानसभा ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए परिवर्तनों का विरोध किया था, जो ग्रामीण रोजगार को कम कर सकते हैं। ऐसी प्रतिबंध-आधारित संशोधन गैर-वाजिब हैं क्योंकि ये संशोधन ऐसी योजनाओं के मकसद पर गंभीर सवालिया निशान लगाते हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने ग्रामीण परिवारों के लिए आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनुकरणीय पहल की हैं। इस वर्ष 76 हजार घरों के लिए मंजूरी दी गई थी, जिनमें 30 हजार बाढ़ प्रभावित परिवार शामिल थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “2016-2022 तक राज्य में केवल 39 हजार घर बनाए गए थे, जबकि इस वर्ष राज्य सरकार ने समाज के गरीब वर्ग के लिए एक लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने 17,080 गांवों के तालाबों की सफाई के लिए बड़ी योजना शुरू की है। 13,414 तालाबों से पानी निकाला गया है और 4,706 तालाबों से गाद निकालने का काम पूरा हो गया है, जिसके लिए 235 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सभी जातियों और उप-जातियों के जीवन स्तर का मूल्यांकन करना है ताकि उनकी भलाई के लिए नीतियां बनाई जा सकें। इस उद्देश्य के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें 28,000 गणनाकार तैनात किए जाएंगे और प्रत्येक को 62,500 रुपये मानभत्ता मिलेगा।”

उन्होंने कहा, “नशों के विरुद्ध जंग में राज्य के सभी गांवों ने अपना समर्थन दिया है। मैं पंचायतों और वॉलंटियरों का नशा विरोधी प्रयासों में सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए दिल से धन्यवाद करता हूं क्योंकि पहले ही 1.25 लाख सदस्य इस मुहिम में शामिल हो चुके हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “12 हजार विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं और वॉलंटियर ‘गांव के सरपरस्त’ के रूप में काम कर रहे हैं। कई नशा तस्करों को इन कमेटियों की रिपोर्टों के आधार पर गिरफ्तार किया जाता है।”

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 23 जिलों की 100 अग्रणी महिला उद्यमियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्हों से सम्मानित किया गया। उन्हें 25,000 रुपये प्रति व्यक्ति भी दिए गए।”

उन्होंने कहा, “117 विधानसभा क्षेत्रों में 11,700 महिलाओं को सम्मानित किया गया है और 2,300 महिलाओं को जिला स्तर के कार्यक्रमों में सम्मानित किया गया है। मिशन के तहत 58,303 स्व-सहायता समूह बनाए गए हैं और 5.89 लाख परिवारों को जोड़ा गया है, जिन्हें 147 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला सशक्तिकरण पहल के हिस्से के रूप में महिलाओं को डेयरी फार्मिंग से जोड़ने के लिए नई योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 1,100 दूध सहकारी समितियां रजिस्टर्ड की गई हैं और महिलाओं को 18 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण दिए गए हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये समितियां मिल्कफेड को रोजाना एक लाख लीटर दूध सप्लाई कर रही हैं। पूरे पंजाब में सखी शक्ति मेले लगाए गए थे, जिनमें 1,500 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया और उनके द्वारा तैयार किए गए नौ करोड़ रुपये के उत्पाद बेचे गए।”

उन्होंने कहा, “समन्वय को बेहतर बनाने के लिए पहली बार विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार ब्लॉकों का पुनर्गठन किया गया है। ग्रामीण विकास अधिकारियों और पंचायत सचिवों को राज्य कैडर में शामिल कर दिया गया है। कार्य कुशलता में सुधार लाने के लिए राज्य में 3,327 पंचायत विकास सचिवों के लिए प्रांतीय कैडर बनाया गया है।”

एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेली मां वाला सलूक कर रही है। आरडीएफ, जीएसटी, एनएचएम और अन्य ग्रांट्स को केंद्र ने रोक रखा है। इसका एकमात्र कारण यह है कि पंजाब में भाजपा को वोट नहीं मिलते, जिस कारण केंद्र सरकार पंजाब के साथ अन्याय कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “केंद्र द्वारा आवंटित आपदा प्रबंधन फंड बहुत कम है और जनता के बड़े हित में इसमें संशोधन की आवश्यकता है। राज्य इस भेदभाव का सख्त विरोध करेगा और राज्य का जायज हिस्सा प्राप्त करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मुद्दे को कानूनी और प्रशासनिक रूप से हर प्लेटफॉर्म पर उठाया जाएगा।”

एक और सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह हैरान करने वाली बात है कि पंजाब कांग्रेस के नेता अपनी पार्टी की अगुवाई वाली हिमाचल सरकार द्वारा एंट्री टैक्स लगाए जाने पर चुप्पी साधे बैठे हैं, जबकि यह मुद्दा पंजाबियों के एक बड़े हिस्से से संबंधित है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “एक तरफ राज्य सरकार टोल टैक्स खत्म कर रही है और आम आदमी को राहत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी राज्य लोगों पर बिना जरूरी टैक्स लगा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार गेहूं की फसल की सुचारू और परेशानी मुक्त खरीद तथा लिफ्टिंग के लिए वचनबद्ध है और इसके लिए व्यापक प्रबंध पहले ही कर लिए गए हैं। सुचारू खरीद को खतरे में डालने के लिए अपनाई जा रही ब्लैकमेलिंग की रणनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी ताकतों के विरुद्ध अनुकरणीय कार्रवाई की जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार एक अच्छी सरकार काम कर रही है, जबकि पहले वाली सरकारें लोगों को लूटने तक सीमित थीं।”

उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार किसानों की जमीन से गुजरने वाली हाई टेंशन तारों को जमीनदोज करने की संभावना की पड़ताल कर रही है और रणनीति बनाई जा रही है। यह किसानों के लिए राहत होगी क्योंकि ये तारें फसलों के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा करती हैं।”

इस मौके पर ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद तथा अन्य भी मौजूद थे।

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काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना से पहली बार नहरी पानी पहुंचा बलाचौर के कंडी इलाके तक, सूखे से मिली राहत

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दशकों के इंतज़ार के बाद आखिरकार पंजाब के कंडी इलाके के खेतों तक नहरी पानी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुरू की गई काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना अब उस इलाके की तस्वीर बदल रही है जो लंबे समय से पानी की कमी और अनिश्चित खेती की समस्या से जूझ रहा था। बिस्त दोआब नहर से जुड़ा यह प्रोजेक्ट उन क्षेत्रों तक नहरी सिंचाई पहुंचा रहा है जहां पिछले करीब 30 सालों से पानी की सुविधा नहीं पहुंच पाई थी।

पीढ़ियों से इस अर्ध-पहाड़ी इलाके के किसान सिर्फ बारिश और लगातार नीचे जा रहे भूजल स्तर के भरोसे खेती कर रहे थे। पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन के कारण ट्यूबवेल भी ज्यादा कारगर साबित नहीं होते थे जिससे बड़ी मात्रा में जमीन सूखे की मार झेलती थी और फसलें खराब हो जाती थीं। अब हालात बदल रहे हैं और पहली बार बलाचौर के खेतों में लगातार नहरी पानी पहुंचना शुरू हुआ है।

शहीद भगत सिंह नगर जिले में नहर के दाहिने किनारे पर स्थित यह योजना इलाके के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं मानी जा रही। इस योजना से 38 गांवों की करीब 11,500 एकड़ जमीन को पक्की सिंचाई सुविधा मिलेगी, जो पहले पानी की भारी किल्लत से जूझ रही थी।

इलाके की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट के तहत पानी को करीब 300 फुट ऊंचाई तक उठाकर 221 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। बंद पाइपलाइन सिस्टम होने के कारण पानी की बर्बादी भी नहीं होगी और उसका सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा। जो इलाके कभी नहरी सिंचाई से पूरी तरह वंचित माने जाते थे… वहां अब अच्छी खेती की उम्मीद जगी है।

इस प्रोजेक्ट में टिकाऊ विकास का भी खास ध्यान रखा गया है। योजना के साथ 1300 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया गया है, जिससे इसे चलाने का खर्च काफी कम होगा। सरकार का कहना है कि यह पानी प्रबंधन को लेकर आधुनिक और दूरदर्शी सोच का हिस्सा है।

इस योजना का असर पूरे इलाके पर बड़े स्तर पर दिखाई देगा। बलाचौर के कंडी क्षेत्र में नहरी सिंचाई का दायरा अब 72 गांवों की 28,205 एकड़ जमीन से बढ़कर 110 गांवों की 39,705 एकड़ तक पहुंच जाएगा। भूजल स्तर लगातार नीचे जाने के कारण जो इलाके लंबे समय से ‘डार्क ज़ोन’ घोषित थे, उनके लिए यह योजना बड़ी राहत मानी जा रही है।

स्थानीय किसानों में भी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साह है। बलाचौर के एक किसान ने बताया, “पहले हम सिर्फ बारिश का इंतजार करते थे। अगर बारिश न होती तो फसल खराब हो जाती थी। अब खेतों तक नहरी पानी पहुंच गया है, जिससे खेती को लेकर भरोसा और सुरक्षा दोनों बढ़े हैं।”

काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना सिर्फ एक सरकारी प्रोजेक्ट नहीं बल्कि पंजाब के कंडी इलाके के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है जो किसानों की जिंदगी में स्थिरता, भरोसा और बेहतर भविष्य लेकर आ रही है।

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मोदी सरकार ने प्रतिबंधों और महंगाई के जरिए देश में अघोषित लॉकडाउन लागू किया: CM भगवंत सिंह मान

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लगातार बढ़ती महंगाई, नागरिकों पर प्रतिबंधों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से कथित छेड़छाड़ को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश को “अघोषित लॉकडाउन” में धकेल दिया है और लोगों से अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थितियों को छुपाया जा रहा है। यह बताते हुए कि केंद्र ने चुनावों तक तेल की कीमतों को दिखावे के लिए जानबूझकर स्थिर रखा, उन्होंने कहा कि अब जब चुनाव समाप्त हो गए हैं, तो नागरिकों पर इसका बोझ डाला जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मांग की कि केंद्र सरकार देश के तेल, गैस और सोने के भंडारों की वास्तविक स्थिति का सार्वजनिक रूप से खुलासा करे।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) यह सुनिश्चित करेगी कि पंजाब में विशेष गहन संशोधन (एस.आई.आर.) प्रक्रिया के दौरान किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं काटा जाए और न ही किसी नकली मतदाता का नाम शामिल किया जाए। जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कानून ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान संबंधी कड़ी सजा सुनिश्चित करके दुनिया भर की सिख संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है।

प्रधानमंत्री मोदी को देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति के बारे में सबको बताना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश में अघोषित लॉकडाउन लगा दिया है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों के परिणाम पूरे देश को भुगतने पड़ रहे हैं, जबकि केंद्र लोगों से देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थितियों को छुपा रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के तेल, गैस और सोने के भंडारों का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना चाहिए ताकि नागरिक देश की वास्तविक स्थिति से अवगत हो सकें। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को आर्थिक स्थिति के बारे में सच जानने का अधिकार है। केंद्र को तथ्य छुपाने के बजाय तेल, गैस और सोने के भंडारों के बारे में पूरी जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए।

केंद्र महंगाई के बोझ को सही ठहराने के लिए वैश्विक स्तर पर बनी परिस्थितियों को ढाल बना रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

तेल की कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर विभिन्न राज्यों में विधान सभा चुनावों से पहले केवल दिखावे के लिए तेल की कीमतों में वृद्धि नहीं की, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी, जो आने वाले दिनों में और भी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा, “खाड़ी देशों में युद्ध के बहाने बार-बार ईंधन की कीमतों में वृद्धि के जरिए लोगों को महंगाई के बोझ तले दबाया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और विदेश नीति के बारे में नहीं बता सकते तो उन्हें अपने मित्र, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से इस बारे में पूछना चाहिए।

प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों के दौरान नागरिकों पर प्रतिबंध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

नागरिकों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद तो विदेश यात्रा में व्यस्त हैं लेकिन लोगों को विदेश यात्रा से बचने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश अजीब स्थितियों से गुजर रहा है, जहां ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन असल सच्चाई लोगों से छुपाई जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नेताओं के मनमानेपन के कारण लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस स्थिति को बहुत अनुचित करार दिया।

आप वॉलंटियर्स को पंजाब में एस.आई.आर. प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष संशोधन (एस.आई.आर.) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रक्रिया 15 जून से राज्य में शुरू होगी और आम आदमी पार्टी ने अपने सभी वॉलंटियर्स को इस प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “न तो वास्तविक मतदाताओं को हटाने दिया जाएगा और न ही पंजाब में जाली मतदाताओं को जोड़ने की इजाजत दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मतदाता सूचियों में जाली मतदाताओं को जोड़ते समय वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने की आदत बन गई है, लेकिन पंजाब में ऐसी घटनाओं की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतंत्र का मुंह बंद करने की किसी भी कोशिश का सख्त विरोध किया जाएगा और उचित जवाब दिया जाएगा।

भाजपा के पास सिर्फ दो विधायक होने के बावजूद सात राज्यसभा सदस्य होना लोकतंत्र का सीधा कत्ल है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रपति से मिलकर इन पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्य है कि इतिहास में पहली बार पंजाब में भाजपा के सिर्फ दो विधायक हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य से पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य होना सीधे-सीधे लोकतंत्र का कत्ल है।

आप सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान को रोकने के लिए बनाए गए कानून के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने इतना कड़ा कानून लागू किया है कि अब कोई भी अपमान करने के बारे में सोचने की हिम्मत भी नहीं कर सकेगा। उन्होंने आगे कहा, “जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 के लागू होने से, दुनिया भर के सिखों की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर की संगत ने इस कानून का दिल से स्वागत किया है, जिसका उद्देश्य अपमान के जघन्य अपराध में शामिल लोगों को कड़ी सजा देना है। उन्होंने कहा, “पवित्र गुरबानी सर्वभूत के कल्याण के लिए है और इसकी पवित्रता, सम्मान और प्रतिष्ठा को बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार कानून को इसकी वास्तविक भावना से लागू करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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मनीष सिसोदिया ने श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं पर चलने के लिए युवाओं को सामाजिक और आर्थिक असमानता खत्म करने का दिया न्यौता

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पंजाब सरकार ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए जो समारोह घोषित किए हैं, उनके तहत सोमवार को सीटी यूनिवर्सिटी में श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं पर एक खास सेमिनार आयोजित किया गया।

सेमिनार को संबोधित करते हुए, दिल्ली के पूर्व उपमुख्मंत्री मनीष सिसोदिया, जो इस समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर शामिल हुए, ने युवाओं से समानता, विश्वव्यापी भाईचारे और सामाजिक न्याय के समर्थक श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का पालन करके समाज से सामाजिक और आर्थिक असमानता को खत्म करने अगुवाई करने का न्यौता दिया। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा और आर्थिकता समेत कई क्षेत्रों में भेदभाव और असमानता अभी तक जारी है।

आर्थिक असमानता को उजागर करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि भारत की आबादी 140 करोड़ है और देश की लगभग 40 प्रतिशत दौलत सिर्फ़ 1.5 करोड़ लोगों के हाथों में है, जबकि 50 प्रतिशत आबादी के पास देश की सिर्फ़ 6 प्रतिशत संपत्ति है। उन्होंने आगे कहा कि देश का शिक्षा प्रणाली “पूरी तरह से खराब” है और युवाओं के भविष्य के लिए देश को तैयार करने के लिए बड़े सुधारों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

युवाओं से असमानता और भेदभाव के खिलाफ़ आवाज़ उठाने की अपील करते हुए, सिसोदिया ने कहा कि युवा पीढ़ी को श्री गुरु रविदास जी के सपने के मुताबिक, सभी तरह के भेदभाव से मुक्त एक बराबरी वाला समाज बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, जो सामाजिक बंटवारे और अन्याय से मुक्त हो। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार, गुरु साहिब के संदेश और दर्शन का प्रचार करने के लिए श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए पूरे साल ऐसे समारोह कर रही है। उन्होंने हर पंजाबी के लिए अच्छी सर्विस पक्का करने के लिए शिक्षा और हेल्थकेयर सेक्टर को मज़बूत करने पर पंजाब सरकार के फोकस पर भी ज़ोर दिया। इस मौके पर उन्होंने युवाओं के लिए एक मिस्ड-कॉल मुहिम (9090029090) भी शुरू की।

इसी प्रकार, पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री के सलाहकार दीपक बाली ने भी लोगों को संबोधित किया और बताया कि ये समारोह युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं और फिलॉसफी से जोड़ने के मकसद से आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु साहिब के आदर्शों के अनुसार एक सबको साथ लेकर चलने वाला समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सेमिनार और चर्चाओं से युवा विद्यार्थियों के मन में आर्थिक असमानता, भेदभाव और सामाजिक अन्याय के बारे में उठने वाले सवालों के जवाब देने में मदद मिलेगी।

इस मौके पर श्री खुरालगढ़ साहिब से संत केवल सिंह भी मौजूद थे और उन्होंने युवा पीढ़ी से गुरु जी की शिक्षाओं पर चलने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम सभी को 650 साल पहले श्री गुरु रविदास जी द्वारा बताए गए बराबरी और समान मौकों के सिद्धांतों को अपनी असल ज़िंदगी में अपनाना चाहिए।

इस मौके पर सीटी यूनिवर्सिटी के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो. चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, एसडीएम लुधियाना वेस्ट कुलदीप बावा और अन्य भी मौजूद थे।

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