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प्रधानमंत्री राम मंदिर में चंदा चोरी के असली गुनहगारों को बचा रहे हैं?- केजरीवाल
भगवान श्री राम के मंदिर में चंदा चोरी मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री प्रभु श्री राम के मंदिर में चंदा चोरी के असली गुनहगारों को बचा रहे हैं? क्योंकि मोदी जी ने खुद ट्रस्ट बनाया, एक-एक व्यक्ति को खुद चुना और अपने खास चंपत राय को मंदिर का सर्वेसर्वा भी बनाया। ऐसे में क्या देश के लोगों को भरोसा है कि मोदी जी असली चोरों को सजा दिलवा पाएंगे? क्योंकि पूरा घटनाक्रम तो यही दिखाता है कि मोदी जी मामले को रफ़ा-दफ़ा करने और दोषियों को बचाने में लगे हुए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि श्री राम मंदिर की जमीन खरीद, निर्माण और चढ़ावा में इतने बड़े-बड़े घोटाले हो गए, मोदी जी को पता कैसे नहीं चला? सच तो ये है कि उनको सब पता था, लेकिन वह धृतराष्ट्र बने रहे। जब देश के सामने सच आने लगा तो लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए फर्जी एसआईटी बना दी। उन्होंने कहा कि जब हमारे सांसद संजय सिंह जमीन घोटाले के सबूत दिए, तब एसआईटी ने कहा कि वह जमीन घोटाले की जांच नहीं कर रही है। आखिर एसआईटी क्या कर रही है? पहले भी एसआईटी बनी, कुछ नहीं हुआ, इस बार भी एसआईटी बनी है, कुछ नहीं होगा।
गुरुवार को “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई है, अब यह सब लोग मान रहे हैं। पर क्या असली दोषियों को, जो बड़े-बड़े प्रभावशाली और ताकतवर लोग इसमें शामिल हैं, उनको सजा मिल पाएगी? उनकी गिरफ्तारियां होंगी? क्या उनके खिलाफ एक्शन होगा? हर जगह खूब हल्ला मचाया गया है कि मोदी जी हैं, मोदी जी किसी को छोड़ेंगे नहीं, मोदी जी किसी को बख्शेंगे नहीं। मैं लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या उन्हें भी भरोसा है कि मोदी जी असली चोरों को सजा दिलवा पाएंगे? मैं यह नहीं कह सकता और मेरे पास इस बात का कोई सबूत भी नहीं है कि पैसा मोदी जी तक पहुंचा। इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। लेकिन पूरा घटनाक्रम यह जरूर दिखाता है कि मोदी जी ने पूरे मामले को रफा-दफा करने, उसको ढकने और दोषियों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने खुद पर्सनली एक ट्रस्ट बनाया। इस ट्रस्ट के अंदर का एक-एक व्यक्ति प्रधानमंत्री जी ने खुद चुना है। इस ट्रस्ट में प्रधानमंत्री जी के अपने लोग हैं। चंपत राय प्रधानमंत्री जी के बहुत खास माने जाते हैं। मोदी जी ने चंपत राय को श्री राम मंदिर का जनरल सेक्रेटरी और सर्वेसर्वा बनाया। चंपत राय उनके अपने आदमी माने जाते हैं। 2021 में वहां जमीनों के खूब घोटाले हुए। एक पाठक परिवार ने 2 करोड़ की जमीन इनकी पार्टी के एक व्यक्ति को बेची और 10 मिनट के अंदर उस व्यक्ति ने वही जमीन 18 करोड़ रुपए में मंदिर ट्रस्ट को बेच दी। 10 मिनट के अंदर 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ की हो गई। क्या प्रधानमंत्री को इसका पता नहीं चला? पूरी दुनिया को पता था, मीडिया में भी आया था। इसी तरह से 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में ट्रस्ट को बेच दी गई। 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ में बेच दी गई। 14 करोड़ की जमीन 95 करोड़ में मंदिर ट्रस्ट ने खरीदी। क्या प्रधानमंत्री इसका पता नहीं चला? यह सब सार्वजनिक डोमेन में हैं, फिर भी क्या प्रधानमंत्री पता नहीं चला?
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि मंदिर निर्माण में इंजीनियर्स का आरोप है कि उनसे टेंडरों पर 40-40 फीसद कमीशन मांगा जाता था। क्या प्रधानमंत्री जी को इसका पता नहीं चला? 40 दिन में 70 बार सीसीटीवी कैमरों के अंदर चोरी पकड़ी गई, क्या उन्हें पता नहीं चला? 8 महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी गई, क्या प्रधानमंत्री जी को पता नहीं चला? इतनी चोरी इतने लंबे समय तक चली और क्या उन्हें इसका पता नहीं चला? उस ट्रस्ट के अंदर केंद्र सरकार के होम डिपार्टमेंट का एक अधिकारी भी मौजूद था, उसके बावजूद भी क्या उन्हें पता नहीं चला? प्रधानमंत्री जी को इस देश के हर बूथ के बारे में पता है कि कौन वोटर किस पार्टी का है, किसका नाम एसआईआर में कटवाना है और किसका नाम जुड़वाना है, यहां तक उन्हें पता है। और अगर वे कहें कि उन्हें इस चोरी का पता नहीं चला, तो ये हम मानने को तैयार नहीं हैं। प्रधानमंत्री को इस चोरी का पता था।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सूत्रों से मुझे पता चला है कि आईबी ने कम से कम 12 रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी हैं, जिसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह से कंस्ट्रक्शन में, जमीनों में और चढ़ावे के अंदर बहुत बड़े स्तर पर राम मंदिर में चोरी हो रही है। उन्हें सब कुछ पता था, लेकिन वे धृतराष्ट्र की तरह चुप रहे, आंखों पर पट्टी बांधे रहे। और जब पानी सिर से ऊपर चला गया, जब मजबूरी हो गई और बहुत ज्यादा मुद्दा उठने लग गया, तो उन्होंने लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक एसआईटी बना दी। बिना एफआईआर के एसआईटी बन कैसे सकती है? तब तक एफआईआर ही नहीं हुई थी। बिना एफआईआर के एसआईटी बन ही नहीं सकती। उन्होंने लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक एसआईटी बना दी। उसी दिन देश के लोगों को पता चल गया था कि प्रधानमंत्री जी लीपापोती कर रहे हैं और असली गुनहगारों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसके बाद उन्होंने एक फर्जी एफआईआर की। फर्जी एफआईआर में आठ छोटे-छोटे लोगों को पकड़ के जेल में डाल दिया। उसमें भी उन आठ छोटे-छोटे लोगों को पुलिस कस्टडी नहीं दिलवाई गई। पुलिस ने कस्टडी मांगी ही नहीं और उन्हें सीधे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। किसी भी चोरी के मामले में पुलिस कहती है कि हमें पूछताछ करनी है, हमें चोर से पूछना है कि माल कहां है, किसके कहने से चोरी की, कोई मास्टरमाइंड तो नहीं है, कुल कितनी चोरी की? लेकिन यहां पुलिस ने उन आठ लोगों से कोई पूछताछ नहीं की, उनकी पुलिस कस्टडी नहीं ली गई। उनको आश्वासन दिया गया कि चिंता ना करो, दो-चार दिन में बेल करा देंगे। ये चल क्या रहा है प्रधानमंत्री जी?
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हमारे सांसद संजय सिंह जब जमीनों के घोटाले के कागज लेकर एसआईटी के पास गए, तो एसआईटी ने जो कहा वह चौंकाने वाला था। एसआईटी ने कहा कि वे जमीनों के घोटाले की तो जांच ही नहीं कर रहे हैं, वे तो केवल चढ़ावे की जांच कर रहे हैं। तो यह एसआईटी कर क्या रही है? यह कंस्ट्रक्शन और जमीनों के घोटाले की जांच नहीं कर रही है, तो फिर वह जांच कौन करेगा? 2021 में यूपी सरकार ने जमीनों के घोटाले पर एक एसआईटी बनाई थी, जो रफा-दफा हो गई। किसी को पता भी नहीं चला कि उसकी रिपोर्ट कब आई और कब गई, उस एसआईटी का क्या हुआ। ऐसे ही इन लोगों ने दोबारा एसआईटी बना दी है। 2021 में कोई जेल नहीं गया, कोई एफआईआर नहीं हुई और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इस एसआईटी का भी यही हाल होगा, सबको बचाने की कोशिश की जा रही है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों ने इस्तीफे दिए हैं, उनके बारे में कहा जा रहा है कि आज भी मंदिर वही चला रहे हैं। कागजों में इस्तीफा दे दिया गया है, लेकिन मंदिर आज भी उन्हीं लोगों के हाथ में है और वही लोग इसे चला रहे हैं। इनके एक बड़े नेता बृजभूषण हैं, जिनका बयान मैं सोशल मीडिया पर देख रहा था। बृजभूषण का कहना है कि अगर उन्होंने मुंह खोला तो बहुत बड़े-बड़े नाम आएंगे और उन्हें खतरा है। ऐसे कौन से नाम हैं जिनसे बृजभूषण को भी बोलने में डर लग रहा है? बाबा बागेश्वर धाम ने कहा कि इसमें बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं और अगर उन्होंने मुंह खोला तो उन पर भी आंच आ सकती है। जब देश के इतने ताकतवर और बड़े लोग नाम लेने से डर रहे हैं, तो इसका मतलब यह है कि जिन आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे तो सिर्फ आंखों में धूल झोंकने के लिए हैं। असली लोग कोई और हैं और जिन्हें पकड़ा गया है, वे सिर्फ प्यादे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी जी से कहा कि देश की जनता यह जानना चाहती है कि वे किसको बचा रहे हैं, क्यों बचा रहे हैं और उनकी क्या मजबूरी है? देश के करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है।
प्रधानमंत्री देश को बताएं, क्या आपको इन घोटालों की जानकारी नहीं थीं?
- भाजपा के एक व्यक्ति ने 2 करोड़ में जमीन खरीदी और 10 मिनट में 18 करोड़ में ट्रस्ट को बेच दी
- 3 करोड़ की जमीन 24 करोड में ट्रस्ट ने खरीदी़
- 9 करोड़ की जमीन 55 करोड में ट्रस्ट ने खरीदी
- 14 करोड़ की जमीन 95 करोड़ में ट्रस्ट ने खरीदी
- म्ंदिर निर्माण में टेंडरों पर 40 फीसद कमीशन मांगा गया
- 40 दिन में सीसीटीवी कैमरे में 70 बार चोरी पकड़ी गई
- आठ महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी गई
- इतने लंबे समय तक चढ़ावे की चोरी चली
- ट्रस्ट में गृहमंत्रालय का एक अधिकारी भी था, फिर भी आपको कैसे पता नहीं चला?
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समय पर उपचार के लिए पैसों की व्यवस्था न होने के कारण अब कोई भी परिवार अपने सदस्य को नहीं खोएगा — डॉ. बलबीर सिंह
जब मालेरकोटला निवासी शेख ज़ीशान कुरैशी को गंभीर हृदय संबंधी समस्या हुई, तब उन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता पड़ी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए), जिसे सामान्यतः एंजियोप्लास्टी कहा जाता है, के साथ डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम किया।
पीटीसीए एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से हृदय की धमनियों में आई रुकावट को दूर कर रक्त प्रवाह को पुनः सामान्य किया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक के दौरान हर मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उपचार में देरी से हृदय को स्थायी क्षति पहुंच सकती है और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन अनेक परिवारों के लिए आपातकालीन उपचार हेतु तत्काल धन की व्यवस्था करना कठिन होता है, जिसके कारण इलाज में देरी हो जाती है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना इस आर्थिक बाधा को समाप्त करते हुए पात्र परिवारों को कैशलेस उपचार उपलब्ध करा रही है। शेख ज़ीशान कुरैशी के मामले में 80,320 रुपये के उपचार का पूरा खर्च मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत वहन किया गया।
शेख ज़ीशान कुरैशी ने कहा, “मेरे और मेरे परिवार के लिए यह बहुत बड़ी राहत थी कि मेरा इलाज समय पर और बिना किसी आर्थिक बोझ के हो गया। मुख्यमंत्री सेहत योजना ने पूरे पंजाब में लोगों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और आसान बना दिया है।”
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब के अनुसार, पिछले पांच महीनों में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 6,000 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाएं की गई हैं। इनमें अधिकांश पीटीसीए प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल के खर्च की चिंता किए बिना तुरंत उपचार मिल सका।
डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम सहित पीटीसीए मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत 64.82 करोड़ रुपये के व्यय के साथ दूसरी सबसे अधिक खर्च वाली उपचार श्रेणी है, जो केवल घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) के बाद आती है। अब तक पंजाब के 6,138 मरीज इस उपचार का लाभ उठा चुके हैं और मरीजों की संख्या के आधार पर यह योजना में छठे स्थान पर है। प्रति मामले औसत उपचार लागत 1,05,611 रुपये (लगभग 1.06 लाख रुपये) रही है, हालांकि प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार की लागत अलग-अलग हो सकती है।
हार्ट अटैक के दौरान पीटीसीए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जीवनरक्षक उपचार है, जिसे समय पर किया जाना मरीज की जान बचाने के लिए अनिवार्य होता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उपलब्ध कैशलेस सुविधा के कारण अस्पताल आर्थिक औपचारिकताओं की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत उपचार शुरू कर सकते हैं।
इसी प्रकार गुरदासपुर जिले की 60 वर्षीय हरजिंदर कौर ने भी मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ लिया। अमृतसर के महाजन अस्पताल में उनकी पीटीसीए, डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम तथा अस्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण किया गया। उनके पुत्र गुरमीत सिंह, जो एक किसान हैं, ने बताया कि वे अपने स्तर पर इस उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकते थे।
उन्होंने कहा, “यदि मेरे पास स्वास्थ्य कार्ड नहीं होता तो मैं अपनी मां का इलाज नहीं करा पाता। उपचार का खर्च हमारी सामर्थ्य से बाहर था। आज मेरी मां मुख्यमंत्री सेहत योजना की बदौलत स्वस्थ हो रही हैं।”
सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा कि पीटीसीए हार्ट अटैक के मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आपातकालीन उपचारों में से एक है।
उन्होंने कहा, “इलाज में हर मिनट की देरी से हृदय को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस उपचार उपलब्ध होने से डॉक्टर परिवार द्वारा पैसों की व्यवस्था किए जाने की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत इलाज शुरू कर सकते हैं।”
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पूरे पंजाब में आपातकालीन हृदय उपचार तक लोगों की पहुंच को बेहतर बना रही है।
उन्होंने कहा, “कैशलेस उपचार की सुविधा से मेडिकल आपातकाल के दौरान मरीजों और उनके परिवारों की हिचकिचाहट कम हुई है। अब अधिक से अधिक लोग समय पर अस्पताल पहुंच रहे हैं और डॉक्टर बिना किसी आर्थिक देरी के तत्काल उपचार शुरू कर पा रहे हैं। इससे अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा रही है।”
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत बढ़ रही कार्डियक प्रक्रियाओं की संख्या इस बात का प्रमाण है कि लोगों में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है और सरकार समर्थित स्वास्थ्य सेवाओं पर उनका विश्वास मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत पंजाब के परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है, जिसमें अत्याधुनिक हृदय उपचार सहित अनेक प्रकार की चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।
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श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए सिख विधायक और मंत्री, पंजाब सरकार ने गहरी श्रद्धा व्यक्त की और सुझावों पर विचार करने का दिया भरोसा
नम्रता और श्रद्धा की भावना के साथ, पंजाब के सिख विधायक और मंत्री सोमवार को अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सिखों की सर्वोच्च संस्था के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा दोहराई और कहा कि पंजाब सरकार श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और पवित्रता को पूरी तरह कायम रखते हुए मिले सुझावों पर पूरा विचार करेगी।
श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने और कैबिनेट मंत्रियों तथा विधायक के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि उन्हें गुरु रामदास जी का आशीर्वाद लेने और आदरणीय जत्थेदार साहिब के साथ सार्थक विचार विमर्श करने का सौभाग्य प्रप्त हुआ। उन्होंने कहा, “मैं खुशकिस्मत था कि मुझे श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने और उससे पहले, जत्थेदार साहिब के बुलावे पर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने का मौका मिला। पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों और विधायक के साथ, हमारी आदरणीय जत्थेदार साहिब के साथ लंबी, एक सार्थक और रचनात्मक चर्चा हुई । मैं अरदास करता हूं कि गुरू साहिब हम सब पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखें।”
श्री अकाल तख्त साहिब के सर्वोच्च सम्मान पर ज़ोर देते हुए, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब एक पवित्र संस्था है जिसका पंजाब के लोगों और पंजाब सरकार के दिलों में बहुत सम्मान है। हम जत्थेदार साहिब, इस संस्था, सिख पंथ और श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सर्वोच्च सम्मान करते हैं।”
उन्होंने कहा कि संस्था की मर्यादा और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए, विचार विमर्श की जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब में जिन मामलों पर चर्चा हुई, उन्हें सरकार के ध्यान में लाया जाएगा ताकि उन पर सही तरीके से विचार किया जा सके। हालांकि, इस पवित्र संस्था की मर्यादा और सम्मान को मुख्य रखते हुए, चर्चा के ब्यौरे में जाना उचित नहीं होगा।”
इस बीच, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब ने पंजाब सरकार को प्रस्तावित बदलावों और सुझावों पर विचार करने के लिए एक महीने का समय दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलावों और सुझावों को पंजाब विधानसभा के स्पीकर के ज़रिए औपचारिक रूप सांझा किया जाएगा। उन्होंने कहा, “ एक बार जब श्री अकाल तख्त साहिब से प्रस्तावित संशोधन प्राप्त हो जाएंगे, तो सरकार उनका विस्तार से समीक्षा करेगी और सोच-विचार के बाद सही फैसला लेगी।”
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अकाली बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें अपने पिछले गुनाहों की कीमत चुकानी पड़ेगी: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि अकाली बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें अपने पिछले गुनाहों का हिसाब देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए जिम्मेदार ताकतों के साथ हाथ मिलाया था। फरीदकोट में आयोजित एक “लोक मिलनी” कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक राजनीतिक दलों को पंजाब को लूटने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
जनकल्याण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्कूली शिक्षा में पंजाब के देश का अग्रणी राज्य बनने, बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां देने, नहरी सिंचाई को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत से अधिक करने, एक जुलाई से पात्र महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता शुरू करने तथा “मुख्यमंत्री सेहत योजना” के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली बेअदबी विरोधी एक्ट का पूरी तरह विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें अतीत में किए गए गुनाहों की कीमत चुकानी पड़ेगी। अकाली उन राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ मिले हुए थे जिन्होंने पहले बेअदबी की साजिशें रची थीं। अब उन्हें अपने बुरे कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ रहा है, इसलिए वे और उनके समर्थक इस बेअदबी विरोधी एक्ट का विरोध कर रहे हैं। लेकिन इससे मुझे जनता की भलाई के लिए काम करने से कोई नहीं रोक सकता और मैं इसके लिए हरसंभव प्रयास करता रहूंगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझसे पहले के मुख्यमंत्री कभी आम लोगों से नहीं मिले क्योंकि वे मौसम देखकर ही अपने आरामदायक घरों से बाहर निकलते थे, जबकि मैं जनता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध हूं। इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति अर्जित की और अवैध रूप से बड़े-बड़े महल बनाए। उनकी आलीशान कोठियों की ऊंची दीवारें थीं और उनके दरवाजे आम जनता के लिए हमेशा बंद रहते थे। वे लोगों की पहुंच से दूर रहे और अंततः जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।”
उन्होंने कहा, “पंजाब की जनता ने उन नेताओं को नकार दिया है जिन्होंने बारी-बारी से राज्य को लूटा। इन नेताओं ने लंबे समय तक लोगों को गुमराह किया, लेकिन अब पंजाब के जागरूक लोग इनके झूठे प्रचार में आने वाले नहीं हैं। इन अहंकारी नेताओं ने हमेशा जनता को हल्के में लिया और अंततः जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया। अब जब जनता उन्हें समर्थन नहीं दे रही, तो वे बौखलाए हुए हैं। इनका एजेंडा हमेशा जनता की भलाई के बजाय केवल अपने परिवारों की भलाई तक सीमित रहा है।”
कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्होंने सत्ता की लालसा में लंबे समय तक जनता को गुमराह किया। इन दलों के पास राज्य की संपत्ति लूटने और आम लोगों का शोषण करने के अलावा कोई एजेंडा नहीं था। पंजाब की जनता सर्वोपरि है और वह राज्य सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है, जिसने उनकी भलाई के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। माजा क्षेत्र का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने वाले तस्करों ने पंजाब की पीढ़ियों को बर्बाद किया है और आने वाले विधानसभा चुनावों में जनता को उन्हें सबक सिखाना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम साधारण बिस्कुट खाते हैं, जबकि पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े ये नेता हमेशा अपने पूर्वजों द्वारा तस्करी किए गए सोने के बिस्कुट इस्तेमाल करते रहे हैं। इन नेताओं के पास न कोई विचारधारा है और न ही आम आदमी की सेवा की भावना। वे केवल सत्ता हासिल करने की अंधी दौड़ में लगे हुए हैं। इन शाही नेताओं का आम लोगों से कोई सरोकार नहीं है। उनकी गाड़ियां, ओवरकोट, अलमारियां और जीवनशैली हमारी तरह बिल्कुल नहीं है।”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “सत्ता संभालने के बाद मैंने पंजाब की प्रगति और समृद्धि, विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया। पिछली सरकारों ने सरकारी स्कूलों को केवल मिड-डे मील केंद्र बनाकर छोड़ दिया था, लेकिन आज इन्हें उत्कृष्ट शिक्षा केंद्रों में बदल दिया गया है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और गरीब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के मिशन पर कार्य कर रही है।”
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब प्राईमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। सरकार ने प्राईमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाया है, शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है और नीति आयोग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर सबसे आगे निकल गया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों तथा स्मार्ट क्लासरूमों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब शीर्ष स्थान पर है। पहले केरल प्रथम स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से नंबर एक रैंक हासिल कर ली है। आने वाले वर्षों में भी ऐसे और प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा वह प्रकाश है जो अंधकार को दूर कर संसार को प्रकाशित करता है। इसलिए राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए विशेष जोर दे रही है।”
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार का मानना है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से क्यों न हो। हम शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें। शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने और समृद्ध पंजाब के निर्माण का सबसे मजबूत माध्यम है। राज्य सरकार इसे और अधिक मजबूत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति (एस.सी.) की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता संबंधी नोटिफिकेशन मिलने शुरू हो जाएंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इसके लिए पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।”
इस योजना के व्यापक सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वित्तीय सहायता भले ही महिलाओं को समृद्ध न बनाए, लेकिन यह उन्हें सम्मान और आत्मसम्मान अवश्य प्रदान करेगी। महिलाएं सर्वोच्च सम्मान की अधिकारिणी हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। माताओं और बहनों का आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती का सामना करने की शक्ति देता है। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना परिवार के कल्याण में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा सामाजिक एवं आर्थिक निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं अकाल पुरख का आभारी हूं जिन्होंने मुझे ‘जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026’ पारित करने का अवसर प्रदान किया। जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची। परमात्मा ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह कानून लाने की बुद्धि और शक्ति प्रदान की है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार ने इस कानून को बहुत सोच-समझकर तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या कमी इसे कमजोर न कर सके। यह कानून भविष्य में ऐसी बेअदबी की घटनाएं करने का प्रयास करने वाले समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और कोई भी व्यक्ति इस घृणित अपराध को अंजाम देने का साहस नहीं कर सकेगा। पहले लोग यह दावा करके सजा से बच जाते थे कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था या वे मानसिक रूप से बीमार थे। लेकिन यदि कोई वास्तव में मानसिक रूप से अस्थिर है, तो वह केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही क्यों निशाना बनाता है? वह किसी रेल इंजन से क्यों नहीं टकराता या बिजली के खुले तारों को क्यों नहीं छूता?”
मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार जनता की सेवा के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। हमने घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई है, युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों का नवीनीकरण किया है, टोल प्लाज़े बंद करके प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत सुनिश्चित की है, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की है, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है, आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है तथा अनेक अन्य महत्वपूर्ण पहलें की हैं। जब राज्य सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब पंजाब में सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। आज यह बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। राज्य सरकार गांवों के विकास के लिए अनुदान प्रदान कर निरंतर कार्य कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को भी काफी हद तक कम किया है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इस योजना के अंतर्गत अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार प्राप्त कर चुके हैं।”
इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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