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श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के 891 दिन हो गए, लेकिन अमित शाह रामलला के दर्शन करने नहीं गए, क्यों?- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भगवान राम के नाम पर वोट मांगने वाले देश के गृहमंत्री अमित शाह को लेकर बड़ा सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हुए 891 दिन हो गए हैं। इन 891 दिनों में गृहमंत्री अमित शाह श्री राम मंदिर में रामलला के दर्शन करने नहीं गए। क्यों? इन ढाई सालों में अमित शाह ने 42 से ज्यादा बार अपने भाषणों और इंटरव्यू में भगवान राम और मंदिर का ज़िक्र किया, जिसमे कई बार राम और मंदिर के नाम पर वोट मांगा, लेकिन दर्शन करने नहीं गए। इनके लिए राम केवल सत्ता हासिल करने और पैसे कमाने का ज़रिया है। इनकी राम में कोई आस्था नहीं है।

अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों की तरफ से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से 5 सवाल पूछा कि आप अभी तक राम मंदिर क्यों नहीं गए? क्या भगवान राम के दर्शन करने का आपका मन नहीं करता? क्या राम मंदिर जाने का आपका मन नहीं करता? क्या आपको भगवान राम का आशीर्वाद नहीं चाहिए? क्या आप राम को भगवान मानते हो? उन्होंने कहा कि पूरे देश में सिर्फ आम आदमी पार्टी ही सनातन धर्म के लिए सच्चे भाव से काम कर रही है। पंजाब में ‘‘आप’’ की सरकार हर शहर में भजन संध्या और मुफ्त तीर्थ यात्रा करा रही है। अमृतसर में लव-कुश और माता जानकी का भव्य मंदिर बनाया जाएगा।

बुधवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन 22 जून 2024 को हुआ था। तब से लेकर आज तक ढाई साल हो गए हैं। अगर सटीक तौर पर देखें तो 891 दिन हो गए हैं। इन ढाई साल में, यानी श्री राम मंदिर बनने के बाद से, देश के नंबर दो गृह मंत्री अमित शाह एक बार भी राम मंदिर में श्री राम के चरणों में अपना माथा टेकने नहीं गए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले जब कुछ लोगों ने मुझे यह बताया तो मुझे यकीन नहीं हुआ कि सबसे ज्यादा भगवान राम के नाम का दुरुपयोग करने वाले लोग मंदिर बनने के बाद दर्शन करने ही नहीं गए। मैंने नेट, चैट जीपीटी, परप्लेक्सिटी और यूपी के कई पत्रकारों से फोन करके चेक किया। सब जगह से यही जानकारी मिली कि अमित शाह के राम मंदिर जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। अगर वह गए होते तो उनकी टाइमलाइन पर कहीं कोई तस्वीर जरूर होती। इन 891 दिनों में अमित शाह ने 42 से ज्यादा बार अपने भाषणों और इंटरव्यू में राम मंदिर का जिक्र किया है और अधिकतर बार भगवान राम और राम मंदिर के नाम पर वोट मांगे हैं। उनके पास भगवान राम के नाम पर वोट मांगने का समय है, लेकिन भगवान राम के चरणों में आशीर्वाद लेने जाने का समय नहीं है।

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि आज मैं देश की जनता की तरफ से अमित शाह से पांच अहम प्रश्न पूछ रहा हूं। पहला, आप राम मंदिर क्यों नहीं गए? क्या आपका भगवान राम के दर्शन करने का मन नहीं करता? क्या आपका राम मंदिर जाने का मन नहीं करता? क्या आपको भगवान राम के आशीर्वाद की जरूरत है और पांचवां और सबसे अहम प्रश्न कि क्या आप रामचंद्र जी को भगवान मानते हैं?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये लोग भगवान रामचंद्र जी को भगवान मानते ही नहीं हैं। अगर भगवान मानते, तो कभी चढ़ावे और भगवान के सामने दिए गए दान की चोरी नहीं करते। इनको अंदर से डर लगता कि भगवान सर्वव्यापी हैं, वे हमारी चोरी देख रहे हैं और हमें महापाप लगेगा। हमारी भविष्य और आने वाली जिंदगियां खराब हो जाएंगी। लेकिन इन्हें कोई डर नहीं है। ये खुलेआम चोरी कर रहे हैं। इन्होंने दशकों से केवल सत्ता में आने के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया है। भगवान राम ने इन्हें क्या नहीं दिया? भगवान राम ने इनकी 21 राज्यों और केंद्र में सरकार बना दी। अमित शाह कम से कम भगवान का धन्यवाद करने राम मंदिर चले जाते, 101 रुपए का ही प्रसाद चढ़ा आते, लेकिन वे वहां नहीं गए, क्योंकि उन्हें भगवान राम के आशीर्वाद की जरूरत ही नहीं है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज हर सनातनी इस चंदा चोरी से पीड़ित और दुखी है। जो चोरी सामने आई है वह तो बस छोटी-सी झलक है, अभी तो बहुत कुछ निकलना बाकी है। जब लोगों को पता चलेगा कि अमित शाह देश भर में घूम-घूम कर राम के नाम पर वोट तो मांगते हैं लेकिन दर्शन करने नहीं जाते, तो सोचिए हर सनातनी के दिल पर क्या गुजरेगी? इन्होंने सनातन को केवल सत्ता और पैसे के लिए इस्तेमाल किया है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज केवल आम आदमी पार्टी है, जो सनातन के लिए सच्ची भावना से काम कर रही है। पंजाब के हर शहर में भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों लोग आ रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि हमने आज तक सनातन के लिए इस तरह का काम करने वाला नहीं देखा। हमारी सरकार लोगों को खाटू श्याम जी, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन जैसे तीर्थ स्थानों के दर्शन फ्री में करा रही है। जब हमारी दिल्ली में सरकार थी, तब हम लोगों को अयोध्या जी सहित अन्य कई तीर्थ स्थानों के दर्शन फ्री में कराते थे।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पंजाब के पटियाला में काली माई के मंदिर का पुनरुद्धार किया जा रहा है और लव-कुश का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। सनातन के आदर्शों के हिसाब से बहुत बड़े स्तर पर गरीबों के लिए अच्छे स्कूल और अस्पताल व मोहल्ला क्लीनिक बनाए जा रहे हैं। लोगों का पैसा जोड़-जोड़ कर उन्हें अच्छी बिजली, सड़कें और भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया जा रहा है। आज अगर देश में सच्ची सनातनी पार्टी कोई है, तो वह आम आदमी पार्टी है। मैं अमित शाह से निवेदन करूंगा कि आज के बाद एक बार कृपया भगवान राम के दर्शन करने अयोध्या जरूर जाएं।

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मुकेरियां में कांग्रेस को बड़ा झटका, कई सीनियर नेता आप में हुए शामिल

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आम आदमी पार्टी (आप) का परिवार लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में मुकेरियां के कई सीनियर कांग्रेस नेता पार्टी में शामिल हुए। आप में शामिल होने वालों में सरपंच अनिल ठाकुर, बेअंत सिंह रंधावा, पूनम रत्तू, सरपंच तजिंदर पाल सिंह, राजेश रत्तू, सरपंच लखवीर सिंह, शेर सिंह शेरा और अकाली दल के पूर्व विधानसभा उम्मीदवार सरबजोत सिंह साबी शामिल हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी की नीतियों और सोच पर भरोसा जताया और अपने समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नेताओं का पार्टी में औपचारिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आप की जनपक्षीय सरकार, ईमानदार राजनीति और पंजाब के विकास के लिए प्रतिबद्धता की वजह से अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के नेता और वर्कर आप की तरफ खीचे चले आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप परिवार की यह लगातार बढ़ोतरी पार्टी की नीतियां और पंजाब सरकार के काम में लोगों के बढ़ते भरोसे को दिखाती है। उन्होंने आगे कहा कि जो नेता सच में लोगों की सेवा करना चाहते हैं, वे आगे आकर आप के साथ जुड़ रहे हैं।

नए शामिल हुए नेताओं ने कहा कि वे मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में दी जा रही ईमानदार और पारदर्शी सरकार से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि आप अकेली ऐसी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है जो पंजाब की भलाई और तरक्की के लिए ईमानदारी से काम कर रही है, इसीलिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इन अनुभवी ज़मीनी नेताओं के आने से मुकेरियां में पार्टी का ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर और मजबूत होगा और सरकार के लोगों के हक में लिए गए फैसलों को घर-घर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी नए मेंबर्स को पार्टी में सही सम्मान और जिम्मेदारी का भरोसा दिलाया और ‘आप’ परिवार में उनका दिल से स्वागत किया।

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शिरोमणि अकाली दल को बड़ा झटका, पूर्व विधायक वरिंदर कौर लूंबा और करण सिंह DTO सैकड़ों समर्थकों के साथ AAP में शामिल

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पंजाब की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। पातड़ां विधानसभा क्षेत्र में शिरोमणि अकाली दल (SAD) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी की पूर्व विधायक वरिंदर कौर लूंबा और वरिष्ठ नेता करण सिंह डीटीओ अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। दोनों नेताओं ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नए नेताओं और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी का परिवार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं के पार्टी में शामिल होने से संगठन को नई ताकत मिलेगी और क्षेत्र में पार्टी का जनाधार और अधिक मजबूत होगा।

सीएम मान ने कहा कि बड़ी संख्या में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आम आदमी पार्टी से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि राज्य की जनता सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और विकास कार्यों पर भरोसा जता रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार और भ्रष्टाचार के खिलाफ कई अहम फैसले लिए हैं, जिनका सकारात्मक असर जनता के बीच दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करना है। उन्होंने नए शामिल हुए नेताओं से अपेक्षा जताई कि वे पार्टी की नीतियों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का काम करेंगे तथा पंजाब के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

वहीं, पार्टी में शामिल होने के बाद पूर्व विधायक वरिंदर कौर लूंबा और करण सिंह डीटीओ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि पंजाब में विकास और पारदर्शी शासन की सोच को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे पूरी निष्ठा के साथ पार्टी को मजबूत करने और जनता की सेवा करने का काम करेंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पातड़ां क्षेत्र के इन प्रमुख नेताओं के आम आदमी पार्टी में शामिल होने से इलाके की सियासी समीकरणों पर असर पड़ सकता है और आने वाले समय में इसका लाभ पार्टी को चुनावी स्तर पर भी मिल सकता है।

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महिलाओं के बैंक खातों में आए 1000 रुपये

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पंजाब भर की लाखों महिलाओं का इंतजार आज उस वक्त खत्म हो गया, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले दी गई अपनी आखिरी चुनाव गारंटी को पूरा करते हुए ‘मुख्यमंत्री मांवां-धियाँ सत्कार योजना’ की शुरुआत की। धूरी में विशेष वेब पोर्टल के जरिए इस योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में तीन महीने की सम्मान राशि सीधे ट्रांसफर करने की घोषणा की, जिसके तहत प्रत्येक महिला को 3,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये मिले हैं। कार्यक्रम के दौरान ही लाभार्थियों को भुगतान शुरू हो गया और महिलाओं को उनके मोबाइल फोन पर एस.एम.एस. के जरिए पैसे खाते में आने का संदेश मिला।

इस कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज धूरी में ‘मांवां-धियाँ सत्कार योजना’ की ऐतिहासिक शुरुआत की गई। इस योजना के तहत हर महिला को 1,000 प्रति माह ‘सत्कार राशि’ मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1,500 प्रति माह मिलेंगे। योजना के लागू होने के साथ, जुलाई, अगस्त और सितंबर महीनों की एकत्रित राशि पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर कर दी गई है। कार्यक्रम के दौरान ही महिलाओं को पैसे आने के एस.एम.एस. मिलने शुरू हो गए थे।”

उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, “हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी योजनाबद्धता के साथ यह योजना शुरू की है कि यह आने वाले वर्षों में बिना किसी रुकावट के जारी रहे। यह वित्तीय सहायता आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ा सहारा देगी और साथ ही हमारी मां-बेटियों के सम्मान के रूप में भी काम करेगी।”

योजना की शुरुआत करने के बाद तालियों की गूंज में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि राज्य सरकार ने यह बड़ी पहल शुरू की है, जिसके तहत 40 लाख से अधिक महिलाएं पहले ही पंजीकृत हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, “सत्कार राशि जुलाई महीने से शुरू हो गई है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण का रास्ता आसान बनाएगी। यह महत्वपूर्ण योजना है और हमने इसे पूरी योजनाबद्धता के साथ शुरू किया है ताकि यह स्थायी रूप से जारी रहे।”

योजना का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को 1,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता के बारे में मोबाइल पर नोटिफिकेशन मिलेंगे। उन्होंने कहा, “फंड सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने बजट में इस उद्देश्य के लिए 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं।”

इस पहल के बड़े सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही यह वित्तीय सहायता महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान जरूर देगी। उन्होंने कहा, “महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। हमारी माताओं और बहनों का आशीर्वाद हमें दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद कर सकता है। महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह बहुत जरूरी है।”

इस योजना के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की महिलाओं के भाई, बेटा और भतीजा होने के नाते वह हर लाभार्थी को आश्वस्त करते हैं कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी क्योंकि यह लोगों में जताए गए विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “महिलाओं के मोबाइल फोन नोटिफिकेशन के साथ बीप करना शुरू कर देंगे, जो खुशहाली के नए युग की शुरुआत है, जहां महिलाएं गर्व और सम्मान के साथ जिएंगी। यह महिलाओं के प्रति हमारे सम्मान को दर्शाता है और राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”

अपनी सरकार के लोक-पक्षीय शासन मॉडल के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों से इकट्ठा किया गया टैक्स का पैसा उन्हीं का है और सरकार इसे उनकी भलाई के लिए समझदारी से खर्च कर रही है। उन्होंने कहा, “लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस आ रहा है। राज्य सरकार सिर्फ लोगों के लिए काम कर रही है। हमने घरों को मुफ्त बिजली दी है, बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों को सुधारा है, टोल प्लाजा बंद करके रोजाना 70 लाख रुपये बचाए हैं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को मजबूत किया है, बुनियादी ढांचा बनाया है और कई अन्य बड़ी पहल की हैं। आज महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की राशि ट्रांसफर कर दी गई है और यह उनके सशक्तिकरण को मजबूत करने में बहुत सहायक होगी।”

मांवां-धियाँ सत्कार योजना की शुरुआत को ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब सरकार ने आधिकारिक तौर पर राज्य के लोगों से की गई सभी प्रमुख गारंटियाँ पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा, “यह वित्तीय सहायता पंजाब की महिलाओं के प्रति विश्वास का प्रगटावा है। आज का दिन न केवल पंजाब की महिलाओं के लिए बल्कि देश भर की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि यह शासन के ऐसे मॉडल को दर्शाता है, जो सच्चे अर्थों में अपने नागरिकों की कद्र करता है। स्वास्थ्य और शिक्षा में ढांचागत सुधारों को सीधे जन-कल्याण से जोड़कर पंजाब सरकार ने अपने आलोचकों को चुप करा दिया है और भारत में जन-कल्याण की राजनीति के लिए नया मापदंड स्थापित किया है।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलजीत कौर, वरिष्ठ आप नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री मावां-धियाँ सत्कार योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें

पात्र लाभार्थी महिलाएँ निर्धारित सरकारी केंद्रों पर ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से ‘मुख्यमंत्री मावां-धियाँ सत्कार योजना’ के लिए आवेदन कर सकती हैं। पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है।

आवेदन कहाँ करें

  • निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र
  • सेवा केंद्र
  • नगर परिषद (म्यूनिसिपल काउंसिल) कार्यालय
  • संबंधित ब्लॉक कार्यालय

आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • पंजाब का मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी)
  • आधार से लिंक बैंक खाते का विवरण/पासबुक
  • आय प्रमाण पत्र (जहाँ लागू हो)
  • पासपोर्ट आकार का फोटो
  • अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र (अतिरिक्त लाभ पाने वाले आवेदकों के लिए)

आवेदन की प्रक्रिया

  • निकटतम निर्धारित पंजीकरण केंद्र पर जाएँ।
  • मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करें।
  • सभी आवश्यक विवरण सावधानीपूर्वक भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।
  • पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र निर्धारित अधिकारी के पास जमा करें।
  • भविष्य के संदर्भ के लिए रसीद प्राप्त करें।

क्या आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है?

जिन महिलाओं ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे अब भी आवेदन कर सकती हैं। बाद में पंजीकरण कराने वाली महिलाओं को भी सफल सत्यापन और स्वीकृति के बाद 1 जुलाई से लागू सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण की कोई अंतिम तिथि निर्धारित नहीं है तथा पात्र लाभार्थियों को योजना लागू होने की तिथि से ही इसका लाभ दिया जाएगा।

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