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Punjab

9 साल बाद कनाडा से लौटी दुल्हन एयरपोर्ट से पकड़ी गई, लुधियाना के लड़के के साथ कर चुकी थी धोखा

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बहन की शादी के चक्कर में लुधियाना के दूल्हे को धोखा देने वाली कुरुक्षेत्र की दुल्हन 9 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गई। कनाडा में रहने वाली इस दुल्हन को भारत उतरते ही पुलिस ने पकड़ लिया। महिला जसविन ने जगराओं के एक युवक के साथ कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की थी, लेकिन कनाडा चली गई और उसने युवक को फोन नहीं किया, जिसके बाद उसके खिलाफ 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया.

कुरूक्षेत्र की जसवीन की शादी जगराओं के रायकोट के जगरूप से हुई। लड़की ने आईईएलटीएस में अच्छे बैंड स्कोर किए थे। वह कनाडा जाना चाहती थी, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। रायकोट के जगरूप के पास पैसा तो था लेकिन आईईएलटीएस बैंड नहीं था। इसके बाद दोनों का रिश्ता इस समझौते पर तय हुआ कि वे जगरूप और जसविन से शादी कर लें. जसविन कनाडा जाएगी और फिर लड़के को जीवनसाथी वीजा पर वहां ले जाएगी।

कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की शर्तों के साथ यह भी तय हुआ कि लड़के के कनाडा आने के बाद अगर लड़का और लड़की साथ रहना चाहें तो ठीक, नहीं तो अलग-अलग रह सकते थे। इस रिश्ते को आगे भी जारी रखना उनकी चाहत होगी. इसके बाद 4 नवंबर 2015 को दोनों ने शादी कर ली।

जगरूप ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद वह जसविन को कनाडा भेजने की तैयारी करने लगा। उसने उसकी खरीदारी और टिकट का भुगतान किया। इतना ही नहीं, उन्होंने उसकी शिक्षा आदि का खर्च भी उठाया। इसमें उसे करीब 28 लाख रुपये का खर्च आया, जिसके बाद लड़की कनाडा चली गई।

जगरूप ने पुलिस को बताया कि कनाडा जाने के बाद जसविन उससे बात करती रही। तब तक वह वीजा पर रह रही थी। इसके बाद जब उन्हें कनाडा की स्थायी नागरिकता (पीआर) मिल गई, तब भी उन्हें कनाडा नहीं बुलाया गया. इसके विपरीत, उसने उससे बात करना बंद कर दिया और बहाने बनाकर उससे बात करने से बचने लगा। यहां तक ​​कि कनाडा बुलाने के नाम पर भी वह झिझकने लगी.

जब उनके परिजन लड़की के माता-पिता से मिले तो उन्होंने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जब उसे धोखे का एहसास हुआ तो उसने पुलिस से शिकायत की। साल 2021 में पुलिस ने जसवीन और अन्य के खिलाफ रायकोट थाने में मामला दर्ज किया था. जसविन कनाडा में था, जिसके कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका.

हालाँकि पुलिस रिकॉर्ड में जसविन को भगोड़ा दिखाया गया था, पुलिस ने उसके लिए लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था। शादी के 9 साल और करीब 3 साल तक केस चलने के बाद जसविन को लगा कि मामला ठंडा हो गया है. इसी के चलते वह अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए कनाडा से आई थीं। जैसे ही वह दिल्ली हवाईअड्डे पर उतरीं, आव्रजन अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों की जांच की। फिर लुक आउट सर्कुलर की जांच के बाद पुष्टि हुई कि यह जसविन ही है, जो लुधियाना मामले में वांछित है।

दिल्ली हवाई अड्डे पर जसविन को हिरासत में लिए जाने के बाद आव्रजन अधिकारियों ने लुधियाना पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने जब एफआईआर रिकॉर्ड खंगाला तो उन्हें जसविन के बारे में पूरी जानकारी मिल गई, जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया. जसविन मूल रूप से अजीत नगर, कुरूक्षेत्र की रहने वाली हैं। पहले वह लुधियाना के दोराहा में अपनी दादी के साथ रहती थीं। हालांकि, जब उन्हें अफेयर के बारे में पता चला तो वह करनाल में रहने चले गए।

जगरूप ने कहा कि शादी के समय तय हुआ था कि वह मुझे अपने पति के रूप में आमंत्रित करेगी, लेकिन जसविन ने वहां से विजिटर वीजा के लिए आवेदन कर दिया. जब मैंने उन पर नज़र डाली तो मुझे एहसास हुआ कि दस्तावेज़ों में कुछ और ग़लत जानकारी थी। इसके बाद उन्होंने इसकी पूरी जानकारी पुलिस को दी. हालाँकि, वह फ़ाइल भी अस्वीकार कर दी गई थी।

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National

पंजाब में बाजवा के ‘बैंड’ वाले बयान पर सियासत गर्म: वित्त मंत्री हरपाल चीमा का अल्टीमेटम—24 घंटे में माफी मांगें, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें

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कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को लेकर बैंड बजाने वाली की गई टिप्पणी पर पंजाब की सियासत गर्मा गई है। इस मामले में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बाजवा से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ। फाइल फोटो

कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ। फाइल फोटो

फाइनेंस मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चार प्वाइंट उठाएं है जानिए –

ईटीओ मेहनत से यहां तक पहुंचे

चीमा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता व विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ गलत टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि ईटीओ ने बड़ी मशक्कत कर, गरीबी से उठकर, मेहनत कर एक मिसाल कायम की है। किस तरह उन्होंने सिविल सर्विसेज का एग्जाम पास किया, कैसे अलाइड सर्विसेज में आए, ईटीओ बने और फिर उन्होंने सोचा कि समाज में और सेवा करनी है, तो नौकरी से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी में आए। इसके बाद आम आदमी पार्टी की तरफ से चुने गए। सरकार ने सम्मान दिया और वह मंत्री बने।

दलित मंत्री, कांग्रेस के निशाने पर

लेकिन आज प्रताप सिंह बाजवा ने बड़े गलत शब्दों का प्रयोग किया। कांग्रेस पार्टी दलित विरोधी पार्टी है। जितने भी दलित मंत्री हैं, वे कांग्रेस के निशाने पर हैं। कभी कहते हैं कि “मैटेरियल आ गए”, तो कभी कहते हैं कि “माझे वाले आ गए”। जिस भाषा का प्रयोग दलितों के लिए किया जा रहा है, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

जाति का नाम लेकर टिप्पणी की

प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस पार्टी इस बयान के लिए 24 घंटे में माफी मांगें, वरना एक्शन के लिए तैयार रहें। क्योंकि यह दलित भाईचारे का बहुत बड़ा अपमान है। जो पंजाब में मेहनत कर आगे आते हैं, उन्हें हतोत्साहित करना गलत बात है। वहीं, एक जाति का नाम लेकर इस तरह आपत्तिजनक टिप्पणी करना उन्हें शोभा नहीं देता। वह तुरंत समाज के लोगों से माफी मांगें।

रैलियों में अपमानित कर रहे

अब सार्वजनिक रैलियों में दलितों का अपमान किया जा रहा है। आज पंजाब में 95 विधायक हैं, जिनमें से कई हंबल बैकग्राउंड से आते हैं, गरीब घरों से आते हैं। गरीब घरों के बच्चों को जाति के आधार पर बेइज्जत करना गलत है।

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा रैली को संबोधित करते हुए। फाइल फोटो

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा रैली को संबोधित करते हुए। फाइल फोटो

अब यह पंजाब का बैंड बजा रहा है

जंडियाला गुरु में रैली के दौरान कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा था कि यहां वाला हरभजन सिंह ईटीओ पहले बैंड बजाता रहा है। उसकी बैंड हम बजाएंगे। जितनी बड़ी लूट हरभजन सिंह ईटीओ ने यहां की है, हमारे पास एक-एक चीज की जानकारी है।

मेरे भाइयों, शायद आपको पता नहीं होगा कि बड़े स्तर पर जो महकमा उसके पास है, उसमें लूट हो रही है। अब यह बैंड बजाने वाला नहीं रह गया है। इसने तो पंजाब का बैंड बजाना शुरू कर दिया है। इसलिए इसका बैंड अच्छी तरह बजाएंगे। यह हमारी वचनबद्धता है सभी से। नोट कर लो, हम भागने वाले नहीं हैं।

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Punjab में दो दिन में तेज हवाएं चलेंगी:पूरा सप्ताह मौसम ड्राई रहेगा, धुंध का कोई अलर्ट नहीं है, अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़ा

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पंजाब और चंडीगढ़ में आज मौसम साफ रहेगा। किसी भी तरह की बारिश या धुंध का कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि दिन में तेज हवाएं चलेंगी। धूप के बावजूद ठंड का अहसास बना रहेगा। गत 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब यह सामान्य तापमान से ऊपर बना हुआ है। सबसे अधिक तापमान 25.6 डिग्री फरीदकोट में दर्ज किया गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री होशियारपुर में दर्ज किया गया है।

इस समय हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा में बह रही हैं, यानी पहाड़ों से मैदानों की तरफ चल रही हैं। ये हवाएं पूर्वी पंजाब के 15 जिलों अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और पठानकोट, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर, लुधियाना, रूपनगर, मोहाली और पटियाला में चल रही हैं। अगले दो दिन भी इस तरह की हवाएं चलती रहेंगी। वहीं, तापमान बढ़ गया है। सभी जिलों का अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री से लेकर 25.6 डिग्री तक दर्ज किया गया है। इसी तरह न्यूनतम तापमान भी 6.8 डिग्री से 11.2 डिग्री तक पहुंच गया है।

इस तरह के मौसम की स्थिति

उत्तर अफगानिस्तान और आसपास के इलाके में बना पश्चिमी विक्षोभ अब खिसककर उत्तर पाकिस्तान और उसके आसपास पहुंच गया है। यह समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर ऊंचाई पर चक्रवाती हवाओं के रूप में सक्रिय है।

इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी हवाओं की एक द्रोणिका (ट्रफ) भी बनी हुई है। इसके अलावा, 8 फरवरी की रात से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पहुंचा। इससे पहाड़ों पर मौसम की कुछ एक्टिविटी हो सकती है। लेकिन पंजाब में कोई असर नहीं डालेगा।

लुधियाना में मौसम साफ है, सुबह के समय गुलरते वाहन।

लुधियाना में मौसम साफ है, सुबह के समय गुलरते वाहन।

सात दिन मौसम ड्राई रहेगा

मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि आने वाले 7 दिनों तक मौसम सूखा रहने की संभावना है। अगले 2 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, इसके बाद तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। साथ ही, अगले 2 दिनों तक कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने के आसार हैं।

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प्रभावी शिक्षा पहल: CM मान सरकार ने एक दिन में पंजाब के सभी सरकारी स्कूलों में माता-पिताओं, शिक्षकों और अधिकारियों को एकजुट किया

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पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दूसरी राज्यव्यापी स्कूल-स्तरीय पैरेंट्स (माता-पिता) वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यभर से 17.50 लाख से अधिक माता-पिता शामिल हुए।

इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) के नेतृत्व में शुरू की गई यह मेगा पहल पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में माता-पिताओं की सक्रिय भागीदारी के लिए एक नया मानक स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि यह पहल पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की सहभागी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

स्कूल और माता-पिता की साझेदारी पर जोर

शिक्षा मंत्री श्री बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र के सरकारी हाई स्कूल मानकपुर (नंगल) में आयोजित वर्कशॉप में भाग लिया और माता-पिताओं व छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य स्कूलों और माता-पिताओं के बीच साझेदारी को मजबूत करना और छात्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने बताया कि वर्कशॉप के दौरान माता-पिताओं को

  • तनाव-मुक्त परीक्षा तैयारी की रणनीतियों,
  • सकारात्मक सोच के जरिए बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने,
  • तथा पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत नशा रोकथाम, शीघ्र पहचान और सहायता से जुड़े विषयों पर जागरूक किया गया।

मंत्रियों और विधायकों की सक्रिय भागीदारी

श्री बैंस ने बताया कि इस राज्यव्यापी पहल में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर, श्री लालचंद कटारूचक, श्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और श्री हरदीप सिंह मुंडियां सहित 40 से अधिक विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वर्कशॉपों में भाग लिया। इससे शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता और सामुदायिक भागीदारी का स्पष्ट संदेश गया।

पहली वर्कशॉप की सफलता के बाद दूसरी पहल

शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिसंबर 2025 में आयोजित पहली पैरेंट्स वर्कशॉप की शानदार सफलता के आधार पर दूसरी वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस पहल ने स्कूलों और अभिभावकों के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया और माता-पिताओं को अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति व घर पर सीखने के सहयोग के महत्व से अवगत कराया।

सुचारू संचालन के लिए व्यापक प्रबंध

वर्कशॉप की सफलता सुनिश्चित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) शामिल थे, की तैनाती की। इसके साथ ही, पहले से लगभग 40,000 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था ताकि इस पहल का सकारात्मक प्रभाव वास्तविक रूप से सामने आ सके।

सहयोगी माहौल से शिक्षा में बदलाव

श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा के स्वरूप को बदलने और एक शिक्षित व जागरूक युवा पीढ़ी तैयार करने के लिए स्कूल और माता-पिताओं के बीच तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह वर्कशॉप बच्चों की शैक्षणिक सफलता और समग्र स्वास्थ्य के लिए एक सहयोगी घरेलू माहौल बनाने के सरकार के मिशन का अहम आधार है।

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