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Uttar Pradesh

CM योगी उत्तराखंड दौरे पर: यमकेश्वर इंटर कॉलेज का लोकार्पण, ग्रामीण शिक्षा पर दिया जोर

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तराखंड दौरे के दौरान पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होता, बल्कि यह केवल आवश्यकताओं को पूरा करने का साधन है। सच्चा विकास वही है, जो सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ आगे बढ़े।

शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहे: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को इस सोच के साथ आगे बढ़ना होगा कि विद्यालय केवल किताबों का ज्ञान न दें, बल्कि संस्कार, कौशल और जीवन निर्माण के केंद्र बनें। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यालय के मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।

ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा ढांचा सरकार की प्राथमिकता

लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया और भव्य भवन अब छात्रों और शिक्षकों को समर्पित है। जल्द ही यहां फर्नीचर और अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की उत्तराखंड सरकार का फोकस ग्रामीण इलाकों में भी आधुनिक शिक्षा और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के लिए गांव छोड़कर शहर न जाना पड़े।

रजत जयंती वर्ष में उत्तराखंड के लिए नया अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यह समय केवल भौतिक विकास का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण के साथ आगे बढ़ने का अवसर है। यदि संस्कृति सुरक्षित नहीं रहेगी, तो भौतिक प्रगति भी अर्थहीन हो जाएगी।

सनातन परंपरा और सकारात्मक सोच से ही प्रगति संभव

मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोत्र व्यवस्था हमारी ऋषि परंपरा के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। प्राचीन गुरुकुल केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं थे, बल्कि कृषि, आयुर्वेद, कौशल और जीवन मूल्यों के प्रशिक्षण के केंद्र थे। वहां से निकला विद्यार्थी किसी भी परिस्थिति में खुद को असहाय नहीं समझता था। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता वही पाता है, जो सकारात्मक सोच और निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ता है। नकारात्मक सोच व्यक्ति को पतन की ओर ले जाती है।

मेहनत करने वालों पर होती है मां सरस्वती की कृपा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग विद्यालयों में मां सरस्वती की प्रार्थना पर सवाल उठाते हैं, जबकि मां सरस्वती किसी जाति या संप्रदाय की नहीं हैं। जो मेहनत करता है और सही दिशा में सोचता है, उस पर उनकी कृपा स्वतः होती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति शिक्षा को स्किल डेवलपमेंट और समग्र व्यक्तित्व निर्माण से जोड़ती है।

आज बेहतर संपर्क व्यवस्था से जुड़ा है यमकेश्वर क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्ष 1965 में जब यह इंटर कॉलेज स्थापित हुआ था, तब न बिजली थी, न सड़कें और न आधुनिक सुविधाएं। आज गांव-गांव में बिजली, पेयजल, सड़कें और बेहतर कनेक्टिविटी मौजूद है। यमकेश्वर महादेव मंदिर, जहां पहले केवल पैदल जाया जाता था, आज सड़क और संपर्क सुविधा से जुड़ा है।

शिक्षकों और छात्रों की समान जिम्मेदारी

उन्होंने कहा कि पहले विद्यालय का भवन जर्जर था, आज नया और भव्य भवन उपलब्ध है। सरकार ने सुविधाएं दी हैं, अब शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाएं और छात्रों का दायित्व है कि वे पूरी लगन से पढ़ाई करें। विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता के आधार स्तंभ होने चाहिए।

गांवों को आत्मनिर्भर बनाना समय की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। यहां का युवा देश की सीमाओं की रक्षा करता है और हर क्षेत्र में योगदान देता है। हिमालय से निकलने वाला जल पूरे उत्तर भारत को उपजाऊ बनाता है। उन्होंने कहा कि गांव हमारी सभ्यता की जड़ हैं। जड़ जितनी मजबूत होगी, समाज उतना ही मजबूत होगा। गांवों को शिक्षा, नवाचार, शोध और आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा।

विद्यालय भवन का उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में हो

मुख्यमंत्री ने आदित्य बिरला समूह के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह भवन समय पर बनकर तैयार हुआ। उन्होंने कहा कि इस भवन का उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष कक्षाओं और कौशल विकास के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘अभ्युदय कोचिंग’ मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल और फिजिकल माध्यम से ग्रामीण और गरीब छात्रों को आईआईटी-जेईई, नीट जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सकता है।

स्थानीय संसाधनों के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने विद्यालयों को पर्यटन, बागवानी, कृषि और स्थानीय संसाधनों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यमकेश्वर क्षेत्र में शुद्ध जल और प्राकृतिक संपदा मौजूद है, जिसका संरक्षण और सही उपयोग जरूरी है। सकारात्मक प्रयास ही समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं और शिक्षण संस्थान इस प्रेरणा के केंद्र होते हैं।

कार्यक्रम में ये प्रमुख नेता रहे मौजूद

इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मीनू बिष्ट और भाजपा जिला अध्यक्ष राजगौरव नौटियाल भी उपस्थित रहे।

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लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।

पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।

वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।

उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।

गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-

सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।

पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।

भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।

सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।

देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।

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स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल

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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.

उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

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सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

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