Connect with us

Haryana

CGC यूनिवर्सिटी, मोहाली में साहित्यम 2026 का उद्घाटन सीएम नायब सिंह सैनी ने किया

Published

on

मोहाली (पंजाब) [भारत], 6 फरवरी: सीजीसी विश्वविद्यालय , मोहाली, अपने आधिकारिक साहित्य महोत्सव, साहित्यम 2026 की मेजबानी करते हुए बौद्धिक आदान-प्रदान, सांस्कृतिक उत्सव और राष्ट्रीय संवाद के एक जीवंत केंद्र के रूप में उभरा। दो दिवसीय बौद्धिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में आयोजित यह महोत्सव, विकसित भारत की विचारधारा के अनुरूप आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मक अभिव्यक्ति और नेतृत्व को पोषित करने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रमाण है।

इस महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किया, जिनकी उपस्थिति साहित्यम 2026 के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। अपने संबोधन में, माननीय मुख्यमंत्री ने शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, नवाचार और नैतिक शासन पर आधारित सामूहिक राष्ट्रीय उत्तरदायित्व के रूप में विकसित भारत की परिकल्पना को स्पष्ट किया। उन्होंने विश्वविद्यालयों की विचारों के उद्गम स्थल और राष्ट्र निर्माण के सूत्रधार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि साहित्यम जैसे मंच किस प्रकार सूचित संवाद, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और नागरिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देते हैं, जो भारत के एक विकसित, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र बनने की यात्रा के आधार स्तंभ हैं।

भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी (सेवानिवृत्त) की विशिष्ट उपस्थिति ने इस अवसर को और भी गरिमामय बना दिया। उनके भाषण में नेतृत्व, अनुशासन और लोक सेवा के गहन पहलुओं पर प्रकाश डाला गया, जो विकसित भारत के मूल्यों से गहराई से मेल खाता है। महोत्सव का एक महत्वपूर्ण आकर्षण किरण बेदी लीडरशिप लर्निंग प्रोग्राम (केबीएलएल) का शुभारंभ था – यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य सिद्धांतवादी, दृढ़ निश्चयी और भविष्य के लिए तैयार नेताओं का पोषण करना है।

साहित्यम 2026 में नवाचार और उद्यमिता का एक महत्वपूर्ण आयाम जोड़ते हुए, सीजीसी विश्वविद्यालय, मोहाली में विकसित कई स्टार्टअप्स को प्रतिष्ठित अनुदान सहायता प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया – जो स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार-संचालित राष्ट्र निर्माण के लिए उत्प्रेरक के रूप में विश्वविद्यालय की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। ईडीएस वैगन टेक प्राइवेट लिमिटेड को आईआईटी मद्रास से ₹10,00,000 का सीड ग्रांट प्राप्त हुआ, जबकि टेकहेल्थ एपेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने स्टार्टअप पंजाब, पंजाब राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (एसआईएसएफ) से ₹6.5 लाख का सीड फंड प्राप्त किया। विद्युतम वर्डे एनसीईएसओएल प्राइवेट लिमिटेड को स्टार्टअप पंजाब से ₹3 लाख का सीड फंड प्राप्त हुआ, और आस्यरा को एआईसीटीई से अनुदान सहायता मिली। ये उपलब्धियां विश्वविद्यालय के मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप उद्यमशीलता नेतृत्व को पोषित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

Haryana

भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

Published

on

हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

Continue Reading

Haryana

हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

Published

on

भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

Continue Reading

Haryana

जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

Published

on

जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

Continue Reading

Trending