Connect with us

Punjab

Punjab की मान सरकार ने बना द‍िया इतना सख्‍त कानून, बेअदबी पर अब उम्रकैद की सजा और… क्‍या है कानूनी पेचीदगियां?

Published

on

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा ने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के सत्कार के लिए आज सर्वसम्मति से ‘जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ पास कर दिया, जिससे गुरू साहिब की बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इस निर्णायक कदम के तहत भगवंत मान सरकार ने बेअदबी के लिए उम्र कैद की सजा का प्रावधान किया है, जिससे बेअदबी से निपटने के लिए देश के सबसे सख्त कानूनों में से एक बनाया गया है।

इस कानून को पिछली सरकारों की नाकामियों में ऐतिहासिक सुधार करार देते हुए मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि नया कानून पिछली सरकारों की कमियों को दूर करने के साथ-साथ तेजी से जांच सुनिश्चित बनाता है, अपराधों को गैर-जमानती बनाता है और 5 साल से लेकर उम्र कैद तक सख्त सजाओं के साथ-साथ 20 लाख रुपए तक के जुर्माने की व्यवस्था करता है, जबकि बेअदबी में सहायता करने वालों को भी बराबर जवाबदेह बनाता है।

पिछली सरकारों से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जहां अकाली-भाजपा और कांग्रेस गुरू साहिब के नाम पर वोट मांगते थे, वहीं यह ‘आप’ सरकार है, जिसने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी दोबारा ऐसे अपराध करने की हिम्मत न करे।

बहस में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं इस अजीम सदन को भरोसा दिलाता हूं कि यह बिल भविष्य में बेअदबी के अंत को दर्शाता है क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी ऐसे घिनौने अपराध में शामिल होने की हिम्मत नहीं करेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले समय में श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घिनौनी कार्रवाइयों राज्य में सख्त मेहनत से बनाई शांति, सद्भावना, भाईचारा और फिर्कू सद्भावना को भंग करने की गहरी साजिश थी। ऐसा ‘अमानवीय और घिनौना कार्य’ मानवता के खिलाफ पाप था, जो मुट्ठी भर समाज विरोधी तत्वों द्वारा किया गया था, जो राज्य में शांति, सद्भावना, भाईचारा और सांप्रदायिक सद्भावना को भंग करने के लिए तैयार थे। यह कानून सुनिश्चित करेगा कि इस न माफ करने योग्य अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दूसरों के लिए मिसाल बनेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाबियों ने हमेशा राज्य में शांति और भाईचारे के सिद्धांतों को कायम रखा है और कोई भी राज्य के गहरे सामाजिक ताने-बाने को कभी भी तबाह नहीं कर सकेगा। हर कीमत पर शांति और भाईचारिक साझा बनाए रखने का दृढ़ इरादा रखते हुए हमारी सरकार ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम कर देगी, जो राज्य की भाईचारक सांझ, तरक्की और खुशहाली के लिए खतरा पैदा कर सकती है। श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता हैं और राज्य सरकार इस पवित्र ग्रंथ की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए वचनबद्ध है।”

कानून की महत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर श्री गुरू ग्रंथ साहिब पंजाब में सुरक्षित नहीं तो फिर और कहीं नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि यह ऐक्ट बेअदबियों को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी विश्वव्यापी भाईचारे, धर्म निरपेक्षता और समाजवादी मूल्यों का खजाना हैं, जिनसे मानवता को दिशा मिलती है। श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी का संदेश और दर्शन मानवता को आपसी सद्भावना, एकता, शांति और दया-भावना का मार्ग दिखाता है, जो दुनिया भर में प्रासंगिक है।

श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी हमारे रोजाना जीवन में प्रेरणा, मार्गदर्शन और शांति का सदीवि स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी ने हमें हमेशा धर्म और सच्चाई के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया है। श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी ने हमें कुर्बानी देने और दूसरों को माफ करना सिखाया है और हमारे अंदर प्यार, सहनशीलता और विश्वव्यापी भाईचारे के मूल्य पैदा की हैं। हममें से हर किसी ने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी से प्रेरणा ली है, जो हमें नितनेम के साथ समानता, हक-सच्च, धर्म और इंसाफ के मार्ग पर चलने के लिए हमेशा प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी दुनिया का एक अनोखा धार्मिक ग्रंथ है जिसमें न सिर्फ सिख गुरुओं की शिक्षाएं हैं, बल्कि हिंदू श्रद्धालुओं, मुस्लिम संतों और सूफी संतों के भजन भी समाए हुए हैं। दसवें पातशाह श्री गुरू गोबिंद सिंह जी ने ज्योति जोत समाने से पहले श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी को गुरगद्दी देकर हमारे शाश्वत गुरू के रूप में मान्यता दी। ‘शब्द गुरू’ की धारणा हमारे जीवन में अत्यंत महत्व रखती है क्योंकि हर सिख के जीवन में जन्म और विवाह से लेकर मौत तक श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी से दिशा और सामर्थ्य की बख्शिश मांगी जाती है।

गुरबाणी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि “पवणु गुरू, पाणी पिता, माता धरति महतु”। महान गुरुओं ने हवा को गुरू, पानी को पिता और धरती को मां का दर्जा दिया है। महान गुरुओं ने 600 साल से अधिक समय पहले हमें जीवन का रास्ता सिखाया था जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। क्योंकि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी एक जागत जोत हैं, इसलिए हर पंजाबी और खासकर हर सिख उनका सत्कार करता है और श्री गुरू ग्रंथ साहिब में दर्ज हर शब्द की पालना करता है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह बड़े अफसोस की बात है कि पहले कानूनों को व्यापक जनहित की जगह राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता था। उन्होंने साथ ही कहा कि आनंद मैरिज एक्ट तमिलनाडु, दिल्ली और यहां तक कि पाकिस्तान में भी है, लेकिन यह पंजाब में कहीं नहीं है। यह एक्ट यह सुनिश्चित करेगा कि जो भी बेअदबी के घिनौने अपराध में शामिल है, उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा और उनकी आने वाली पीढ़ियां भी अपने परिवार के सदस्यों को दी गई सजा को याद रखेंगी।

प्रक्रियात्मक पहलू के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि चूंकि यह बिल एक स्टेट बिल है, इसलिए इसके लिए राष्ट्रपति की सहमति की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा द्वारा पास होने के बाद बिल को राज्य के राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। अगर राज्यपाल जी को समय लगता है तो वे खुद उनसे मिलेंगे और उन्हें तुरंत बिल को मंजूरी देने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपना ज्यादातर समय राज्यपाल के पास उनके विरुद्ध शिकायतें दर्ज करवाने के लिए जाते हैं, लेकिन अगर ये पार्टियां चाहें तो वे इस नेक काम के लिए उनका साथ भी दे सकती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जिस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग कत्लेआम के दोषी जनरल डायर के लिए इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी की थी, उनसे संबंधित जनप्रतिनिधि सदन में मौजूद नहीं हैं। उन्होंने सदन से दूर रहना ही उचित समझा क्योंकि उन्हें पता था कि आज उनका पर्दाफाश होना लाजमी है। इन नेताओं के हाथ निर्दोष लोगों के खून से रंगे हुए हैं और इन्होंने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी को भी नहीं बख्शा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जो लोग बेअदबी के लिए जिम्मेदार हैं, उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होकर पूरे संगत के समक्ष अपना अपराध कबूल किया था। हालांकि, जब उन्हें लगा कि यह उनके राजनीतिक हितों के अनुकूल नहीं है, तो उन्होंने कुछ समय बाद यू-टर्न ले लिया और कहा कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के हाथों में खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा राज्य इन नेताओं का असली चेहरा जानता है, जिन्होंने हमेशा अपनी राजनीतिक चालों के माध्यम से लोगों को गुमराह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार इन नेताओं की मर्जी और इच्छा के अनुसार चुने जाते रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित और न माफी योग्य है। इन नेताओं ने सिख विरोधी ताकतों को अपनी सरकार में उच्च पदों से नवाजा और सम्मानित किया तथा अपने कुकर्मों से सदा सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाई। जिस नेता को ‘फखर-ए-कौम’ दिया गया, उसी ने नकोदर घटना, बेअदबियों, बहबल कला और कोटकपूरा गोलीकांड के दोषियों की सरपरस्ती की और एस.जी.पी.सी. को महज कठपुतली बना कर रख दिया।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे नेता जिन्होंने अपने घिनौने कारनामों के माध्यम से हर सिख की मानसिकता को ठेस पहुंचाई है, वे भाईचारे के शीर्ष खिताब के हकदार नहीं हैं। इन नेताओं का एक भी काम सराहनीय नहीं है और ऐसा कुछ भी नहीं है जिस पर हम लोग उन्हें या उनकी विरासत पर गर्व कर सकें। इन मौकापरस्त नेताओं ने सिख पंथ को हमेशा अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया और बेअदबी के दोषियों को सजा देने के लिए कुछ नहीं किया।

उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुराने कानूनों में पिछली राज्य सरकारों द्वारा चार बार संशोधन करने के बावजूद इस गैर-मानवीय अपराध के दोषियों को सजा देने के लिए ‘गुटका साहिब’ की सौगंध खाने वालों द्वारा कई कमियां छोड़ी गईं। यह पांचवां संशोधन अंतिम होगा और हमारे शाश्वत गुरू साहिब का निरादर करने के उद्देश्य से की गई गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाएगा। बदकिस्मती से कुछ पत्थर दिल लोग ज्ञान के इस स्त्रोत का निरादर करते हैं, जो बर्दाश्त योग्य नहीं है।”

बिल के प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 में संशोधन करके अब जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026 बनाया गया है, ताकि साम्प्रदायिक सद्भावना और राष्ट्रीय एकता की तानों को मजबूत किया जा सके और बेअदबी की नापाक कोशिशों के लिए उम्र कैद सहित सख्त सजाएं दी जा सकें। यह देखा गया है कि बेअदबी की घटनाओं में शामिल दोषी मानसिक रूप से परेशान होने का दिखावा करते हैं, लेकिन इस एक्ट में कहा गया है कि मानसिक रूप से परेशान होने का दिखावा करने वाले व्यक्ति के परिवार के सदस्यों पर भी इस गैर-माफी योग्य अपराध के लिए मुकदमा चलाया जाएगा। इसमें ‘कस्टोडियन’ की परिभाषा दी गई है, जिसके अनुसार हर कस्टोडियन को सुरक्षित कस्टडी, सुरक्षा और दुरुपयोग या नुकसान को रोकने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा (धारा 3बी)।”

उन्होंने कहा, “बेअदबी के मामलों की समय पर और सुचारू रूप से जांच सुनिश्चित बनाने के लिए व्यवस्था की गई है (धारा 4ए) और इस कानून के अधीन अपराध गैर-जमानती होगा तथा इस संबंध में कोई समझौता नहीं किया जाएगा (धारा 4बी)। एक्ट के मुताबिक सजाओं में वृद्धि की गई है, जिसमें 20 लाख रुपए तक जुर्माना और उम्र कैद तक की सजा शामिल है (धारा 5)। अपराधों को पांच किस्मों में श्रेणीबद्ध किया गया है, क्योंकि एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 5 साल तक की कैद और 10 लाख रुपए का जुर्माना किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पवित्र ग्रंथ की बेअदबी करने पर 7 से 20 साल की कैद और 2 से 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक या धार्मिक सद्भावना को भंग करने के इरादे से बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा और 5 से 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। बेअदबी में सहायता करने वालों को भी बराबर सजा मिलेगी और बेअदबी करने की कोशिश करने पर 3 से 5 साल की कैद और 1-3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। यह प्रस्तावित कानून ऐसी अमानवीय गतिविधियों पर रोक लगाने का काम करेगा और राज्य में शांति, भाईचारक सद्भावना तथा धार्मिक भावनाओं का सत्कार बनाए रखने में मदद करेगा।”

इस दौरान उन्होंने कहा कि वे बेहद सौभाग्यशाली महसूस करते हैं कि सभी पवित्र धार्मिक ग्रंथों के प्रति श्रद्धा और सत्कार के रूप में उनके नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने राज्य में विभिन्न धर्मों के धार्मिक ग्रंथों के पावन स्वरूपों को ले जाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों को मोटर वाहन टैक्स (एमवीटी) से छूट देने की मंजूरी दे दी है।

उन्होंने बताया, “इन वाहनों के लिए छूट विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा आयोजित नगर कीर्तनों को ध्यान में रखकर दी गई है और यह कदम साम्प्रदायिक सद्भावना, शांति तथा भाईचारिक सद्भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह छूट विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा उनके धार्मिक समारोहों या समागमों में इस्तेमाल होने वाले विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों पर दी गई है, ताकि सभी धार्मिक संस्थाओं को वित्तीय राहत मिल सके।”

लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि भेंट करने के मामले को तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के सामने उठाने के बाद सदन ने श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि भेंट की थी। पूरा राज्य उस महीने को ‘शोक के महीने’ के रूप में मनाता है क्योंकि इन दिनों के दौरान जालिम शासकों ने छोटे साहिबजादों को जिंदा दीवारों में चिनवा दिया था। उनसे पहले 190 से अधिक संसद सदस्यों ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन उनमें से किसी ने भी इस मुद्दे को उठाने की जहमत नहीं की।

उन्होंने कहा कि वे बेहद सौभाग्यशाली महसूस करते हैं कि उन्हें श्री गुरू तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और श्री गुरू रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने का मौका मिला है। हमारी सरकार श्री गुरू रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को शानदार ढंग से मनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि गुरू जी का संदेश दुनिया भर में फैलाना हमारा सामूहिक फर्ज है। श्री गुरू रविदास महाराज जी ने किसी भी तरह के भेदभाव से मुक्त एक समानतावादी समाज की कल्पना की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरू रविदास महाराज जी ने समूची मानवता की भलाई और समाज के सभी वर्गों की बराबरी का संदेश दिया, जिससे समानतावादी मूल्यों पर आधारित समाज की सृष्टि हुई। राज्य सरकार द्वारा श्री गुरू रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए पूरे साल के समागम आयोजित किए गए हैं। श्री गुरू रविदास महाराज जी ने एक ऐसे आदर्श समाज की कल्पना की जहां किसी को भी किसी तरह का दुख सहन न करना पड़े। राज्य सरकार ने विश्व भर में 650वें प्रकाश पर्व को शानदार ढंग से मनाने के लिए संत समाज से आशीर्वाद और सुझावों के लिए अपील की है।”

अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह मेरे लिए बेहद गर्व और संतोष की बात थी कि ये जश्न मेरे कार्यकाल के दौरान मनाए जा रहे हैं। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ये जश्न पूरे धार्मिक जोश और उत्साह के साथ मनाए जाएं।” उन्होंने संत समाज के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे जश्नों की रूपरेखा और कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए अपने सुझाव देकर राज्य का नेतृत्व करें।

Punjab

अकाली-भाजपा शासन के दौरान पंजाब ने नशे की सबसे बड़ी मार झेली: चीमा

Published

on

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नशे के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए मान सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पंजाब में नशे की समस्या ने सबसे गंभीर रूप धारण किया और चिट्टे का कारोबार पूरे राज्य में फैल गया। इसके साथ ही बेअदबी की घटनाओं का दौर भी उसी समय शुरू हुआ।

हरपाल चीमा ने कहा कि एक तरफ कुछ राजनीतिक दलों पर नशा फैलाने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य को नशे की मार से बचाना और युवाओं को सुरक्षित भविष्य देना है।

चीमा ने बताया कि सरकार द्वारा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में नशे की तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। चीमा ने दावा किया कि मान सरकार के प्रयासों से नशा माफिया पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है और आने वाले समय में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।

Continue Reading

Punjab

बिक्रम सिंह मजीठिया को अदालत से बड़ी राहत, अग्रिम जमानत याचिका मंजूर

Published

on

पंजाब की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अमृतसर की जिला अदालत ने एफआईआर नंबर 91 से जुड़े मामले में मजीठिया की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूरी दे दी है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला मजीठा पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 91 से संबंधित है, जिसमें बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके कुछ समर्थकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुना और इसके बाद अपना फैसला सुनाया।

अदालत द्वारा अग्रिम जमानत दिए जाने से मजीठिया को इस मामले में बड़ी राहत मिली है। इस फैसले के साथ पिछले कुछ दिनों से चल रही कानूनी चर्चाओं और राजनीतिक अटकलों पर भी काफी हद तक विराम लग गया है।

फैसले की खबर सामने आते ही शिरोमणि अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखने को मिली। पार्टी से जुड़े नेताओं ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया, जबकि मजीठिया के समर्थकों ने भी अदालत के निर्णय का स्वागत किया।

राजनीतिक हलकों में अब इस फैसले को पंजाब की राजनीति के एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

Continue Reading

Punjab

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ी मेहनत से पंजाब को काले दौर से बाहर निकाला; अब हमें अच्छे कामों को रुकने नहीं देना चाहिए: अरविंद केजरीवाल

Published

on

नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के लिए पंजाब के लोगों का धन्यवाद करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को मोहाली में एक मेगा रोड शो के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित किया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के शासनकाल के दौरान पंजाब को बर्बादी की ओर धकेल दिया गया था, उस समय पूरे प्रांत में नशे फैल गए थे और पंजाब पर एक काला दौर छा गया था। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को उस मुश्किल दौर से बाहर निकालकर फिर से तरक्की के रास्ते पर लाने के लिए दिन-रात मेहनत की है।

लोगों से इस बदलाव को और मजबूत करने की अपील करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब को भगवंत मान सरकार द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों को रुकने नहीं देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के इतिहास में किसी भी सरकार को साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद इतना प्यार और जनता का समर्थन नहीं मिला, जितना आज ‘आप’ सरकार को मिल रहा है। पिछली सरकारों से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि वे सरकारें लोगों का भरोसा इतनी हद तक खो चुकी थीं कि सत्ता में इतना समय बीत जाने के बाद लोग अपने नेताओं को गाँवों में घुसने तक नहीं देते थे।

रोड शो के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मोहाली के लोगों ने नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी को जबरदस्त जीत दिलाई है। मैं दिल्ली से खास तौर पर यहाँ आप सभी का धन्यवाद करने आया हूँ, जिस तरह से आपने आम आदमी पार्टी के कामों पर मुहर लगाई है।”

सरकार को मिले जनसमर्थन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार को सत्ता में आए करीब साढ़े चार साल हो गए हैं। पंजाब में पहले कभी भी किसी पार्टी को चार साल के कार्यकाल के बाद इतना प्यार नहीं मिला। इससे पहले कांग्रेस की सरकारें, भाजपा की सरकारें और अकाली दल की सरकारें रही हैं। जब वे सत्ता में तीन या चार साल पूरे करते थे तो लोग उन्हें गाँवों में घुसने भी नहीं देते थे। जब वे जनता के बीच जाते थे तो लोग उन्हें मारने के लिए हाथों में जूते लेकर खड़े हो जाते थे।”

सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “पिछले चार सालों में आम आदमी पार्टी ने आपके लिए बहुत कुछ किया है। बिजली मुफ्त कर दी गई है। आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है। महिलाओं को अब उनके बैंक खातों में 1,000 और 1,500 रुपये मिलने शुरू हो जाएंगे। पूरे पंजाब में सड़कें बन रही हैं। गाँवों में नहरी सुओ तक पानी पहुँचना शुरू हो गया है। गाँवों के किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है। कामों की सूची बहुत लंबी है। लोग बहुत खुश हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “जब हम रोड शो के दौरान यहाँ आ रहे थे, मैं लोगों के भाव देख रहा था। वे हमें देखकर बहुत खुश थे। यह एक बहुत बड़ी बात है कि सरकार में चार साल रहने के बाद भी लोग अपने नेताओं को देखकर इतने खुश हैं।”

अगले चुनाव के लिए समर्थन की मांग करते हुए ‘आप’ मुखिया ने कहा, “अब हमारे पास सिर्फ एक ही काम बाकी है। हमने पाँच सालों में बहुत काम किया है, लेकिन अभी भी बहुत सारा काम करना बाकी है। हमें भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनाना होगा।”

लोगों से अपने इलाकों में प्रचार करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, “आपको अपनी गलियों, मोहल्लों और गाँवों में जाकर सभी को बताना चाहिए कि इस बार भगवंत मान को फिर से भारी बहुमत से मुख्यमंत्री बनाना है। हमें एक बड़ा बहुमत हासिल करना है। बाकी बचे कामों को भी पूरा करना होगा।”

मौजूदा सरकार की पिछली सरकारों से तुलना करते हुए अरविंद केजरीवाल ने जोर देकर कहा, “उनकी सरकारों के दौरान पूरे पंजाब में नशे बिक रहे थे। उनके राज में पंजाब बर्बादी की ओर बढ़ रहा था। पंजाब एक काले दौर में प्रवेश कर चुका था। यह केवल गुरु साहिब की कृपा और आशीर्वाद से ही संभव हुआ कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और पंजाब को भगवंत मान जैसा मुख्यमंत्री मिला। अब अच्छे काम शुरू हो गए हैं। ये रुकने नहीं चाहिए। आपको एक बार फिर भगवंत मान को भारी बहुमत से मुख्यमंत्री बनाना है। उन्हें अपना आशीर्वाद और अपना प्यार दीजिए, जैसा आप हमेशा देते आए हैं।”

सरबजीत सिंह को मेयर बनने पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरबजीत सिंह लोगों की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। मैं उन्हें बधाई देता हूँ और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देता हूँ। मुझे विश्वास है कि वे अपने पिता के नक्शे-कदमों पर चलेंगे और समर्पण भाव से लोगों की सेवा करते रहेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों द्वारा दिया जा रहा प्यार दुनिया की किसी भी मुद्रा से नहीं मापा जा सकता। उन्होंने कहा, “हम प्रांत भर में जहाँ भी जाते हैं, हमें लोगों द्वारा बहुत प्यार और समर्थन मिल रहा है। दुकानदार अपने कारोबारों में और किसान अपनी फसलें बोने में लगे हुए हैं, फिर भी बड़ी संख्या में लोग अपना समर्थन दिखाने के लिए आ रहे हैं। मैं इस प्यार के लिए तहे दिल से धन्यवादी हूँ। एक तरफ हमारे लिए लोगों का प्यार दिनों-दिन बढ़ रहा है और दूसरी तरफ लोगों के साथ धोखा करने वाले राजनीतिक नेताओं के प्रति लोगों का विश्वास टूट रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे के हितों की रक्षा करते हुए दशकों तक पंजाब पर शासन किया है। उन्होंने कहा, “सालों तक इन पार्टियों ने पंजाब को लूटा और इस तरह काम किया कि सत्ता उन्हीं के दायरे में बनी रहे। पहले लोगों के सामने केवल दो पार्टियों के विकल्प थे और दोनों ने बारी-बारी सत्ता हासिल कर पंजाब को लूटा। उन्होंने लोगों की पीठ में छुरा घोंपा और पंजाब की दौलत को लूटा। आज लोग झाड़ू का समर्थन कर रहे हैं, जो राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को साफ कर रहा है।”

बदलते राजनीतिक माहौल के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज न तो सुखबीर सिंह बादल, न अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और न ही प्रताप सिंह बाजवा लोगों के बीच दिखाई दे रहे हैं क्योंकि पंजाब के लोग राज्य सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं। लोगों ने बार-बार अपना समर्थन व्यक्त किया है और विपक्ष को राजनीतिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा है क्योंकि पंजाब के समझदार लोगों ने उन्हें नकार दिया है। अंततः सच की जीत होती है और झूठ अपनी ताकत खो देता है। श्री गुरु नानक देव जी की कृपा से लोगों ने ईमानदार और अच्छे शासन को पहचान लिया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्ष पंजाब में हो रहे विकास को सहन करने में असमर्थ है। उन्होंने कहा, “हम पंजाब के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं और इससे विपक्ष हैरान है। वे इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रहे कि आम लोगों की भलाई और पंजाब की प्रगति अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। उनकी निराशा हमारे खिलाफ इस्तेमाल की जा रही भाषा से स्पष्ट दिखाई देती है। मुझे लोगों के पैसे लूटने का अनुभव नहीं है, लेकिन मैं यह जरूर जानता हूं कि आम लोगों का दर्द कैसे साझा किया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान कैसे किया जाए। मेरी एकमात्र प्राथमिकता पंजाब की खुशहाली और लोगों का कल्याण है।”

2022 के ऐतिहासिक जनादेश को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पुराने राजनीतिक परिवारों की सत्ता को नकारते हुए ईमानदार शासन को चुना। उन्होंने आगे कहा, “2022 के विधानसभा चुनावों में सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को राज्यवासियों ने पूरी तरह नकार दिया और एक ईमानदार सरकार को मौका दिया। इस ऐतिहासिक जनादेश ने पंजाब को पूरी तरह बदल दिया है और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में मदद की है।”

सिंचाई सुधारों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने जल प्रबंधन में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष पंजाब ने बेहतर सिंचाई व्यवस्था के माध्यम से 96 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया, जिससे राज्य भर के किसानों को लाभ हुआ। पहले यह पानी बर्बाद हो जाता था। हमारी सरकार ने किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगभग 14,000 किलोमीटर पाइप और खालें बनाई हैं तथा इनके माध्यम से 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह दो भाखड़ा नहरों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पानी के बराबर है और पंजाब के किसान भाईचारे को बड़ा लाभ पहुंचाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल स्तर को सुधारने के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा, “इसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में जल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है। इसे बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य विकास कार्यों के माध्यम से लोगों को वापस किया जा रहा है। हमने टोल प्लाजा भी बंद कर दिए हैं, जिससे पंजाब के लोगों को प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।”

कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग केवल लोगों के हित में किया जाए। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व कदम है। ऐसे समय में जब देशभर में लोगों की संपत्तियों को चुनिंदा कॉरपोरेट हितों को सौंपा जा रहा है, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखकर इतिहास रच दिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ शुरू की है। उन्होंने कहा, “18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये दिए जाएंगे। सामान्य परिवारों, विशेषकर गरीब परिवारों के लिए यह राशि अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक है। इस योजना के कारण महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान मुझे अत्यंत संतोष देती है।”

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। उन्होंने कहा, “पंजाब का हर परिवार अब सालाना 10 लाख रुपये तक के नकद रहित चिकित्सा उपचार का हकदार है। पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने इस प्रकार की व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है और साथ ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हुई हैं। अब तक राज्यवासियों ने इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त किया है।”

आज मोहाली में आयोजित मेगा रोड शो के दौरान अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का भव्य स्वागत किया गया। जैसे ही नेताओं के वाहन शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरे, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर एकत्र हो गए और बालकनियों से फूल बरसाकर उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। समर्थकों ने नारे लगाए और पार्टी के झंडे लहराए, जिससे रोड शो जनसमर्थन के उत्सव में बदल गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ आप नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और बरिंदर कुमार गोयल, लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग तथा कई अन्य नेता उपस्थित थे।

Continue Reading

Trending