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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ी मेहनत से पंजाब को काले दौर से बाहर निकाला; अब हमें अच्छे कामों को रुकने नहीं देना चाहिए: अरविंद केजरीवाल

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नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के लिए पंजाब के लोगों का धन्यवाद करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को मोहाली में एक मेगा रोड शो के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित किया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के शासनकाल के दौरान पंजाब को बर्बादी की ओर धकेल दिया गया था, उस समय पूरे प्रांत में नशे फैल गए थे और पंजाब पर एक काला दौर छा गया था। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को उस मुश्किल दौर से बाहर निकालकर फिर से तरक्की के रास्ते पर लाने के लिए दिन-रात मेहनत की है।

लोगों से इस बदलाव को और मजबूत करने की अपील करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब को भगवंत मान सरकार द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों को रुकने नहीं देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के इतिहास में किसी भी सरकार को साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद इतना प्यार और जनता का समर्थन नहीं मिला, जितना आज ‘आप’ सरकार को मिल रहा है। पिछली सरकारों से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि वे सरकारें लोगों का भरोसा इतनी हद तक खो चुकी थीं कि सत्ता में इतना समय बीत जाने के बाद लोग अपने नेताओं को गाँवों में घुसने तक नहीं देते थे।

रोड शो के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मोहाली के लोगों ने नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी को जबरदस्त जीत दिलाई है। मैं दिल्ली से खास तौर पर यहाँ आप सभी का धन्यवाद करने आया हूँ, जिस तरह से आपने आम आदमी पार्टी के कामों पर मुहर लगाई है।”

सरकार को मिले जनसमर्थन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार को सत्ता में आए करीब साढ़े चार साल हो गए हैं। पंजाब में पहले कभी भी किसी पार्टी को चार साल के कार्यकाल के बाद इतना प्यार नहीं मिला। इससे पहले कांग्रेस की सरकारें, भाजपा की सरकारें और अकाली दल की सरकारें रही हैं। जब वे सत्ता में तीन या चार साल पूरे करते थे तो लोग उन्हें गाँवों में घुसने भी नहीं देते थे। जब वे जनता के बीच जाते थे तो लोग उन्हें मारने के लिए हाथों में जूते लेकर खड़े हो जाते थे।”

सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “पिछले चार सालों में आम आदमी पार्टी ने आपके लिए बहुत कुछ किया है। बिजली मुफ्त कर दी गई है। आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है। महिलाओं को अब उनके बैंक खातों में 1,000 और 1,500 रुपये मिलने शुरू हो जाएंगे। पूरे पंजाब में सड़कें बन रही हैं। गाँवों में नहरी सुओ तक पानी पहुँचना शुरू हो गया है। गाँवों के किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है। कामों की सूची बहुत लंबी है। लोग बहुत खुश हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “जब हम रोड शो के दौरान यहाँ आ रहे थे, मैं लोगों के भाव देख रहा था। वे हमें देखकर बहुत खुश थे। यह एक बहुत बड़ी बात है कि सरकार में चार साल रहने के बाद भी लोग अपने नेताओं को देखकर इतने खुश हैं।”

अगले चुनाव के लिए समर्थन की मांग करते हुए ‘आप’ मुखिया ने कहा, “अब हमारे पास सिर्फ एक ही काम बाकी है। हमने पाँच सालों में बहुत काम किया है, लेकिन अभी भी बहुत सारा काम करना बाकी है। हमें भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनाना होगा।”

लोगों से अपने इलाकों में प्रचार करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, “आपको अपनी गलियों, मोहल्लों और गाँवों में जाकर सभी को बताना चाहिए कि इस बार भगवंत मान को फिर से भारी बहुमत से मुख्यमंत्री बनाना है। हमें एक बड़ा बहुमत हासिल करना है। बाकी बचे कामों को भी पूरा करना होगा।”

मौजूदा सरकार की पिछली सरकारों से तुलना करते हुए अरविंद केजरीवाल ने जोर देकर कहा, “उनकी सरकारों के दौरान पूरे पंजाब में नशे बिक रहे थे। उनके राज में पंजाब बर्बादी की ओर बढ़ रहा था। पंजाब एक काले दौर में प्रवेश कर चुका था। यह केवल गुरु साहिब की कृपा और आशीर्वाद से ही संभव हुआ कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और पंजाब को भगवंत मान जैसा मुख्यमंत्री मिला। अब अच्छे काम शुरू हो गए हैं। ये रुकने नहीं चाहिए। आपको एक बार फिर भगवंत मान को भारी बहुमत से मुख्यमंत्री बनाना है। उन्हें अपना आशीर्वाद और अपना प्यार दीजिए, जैसा आप हमेशा देते आए हैं।”

सरबजीत सिंह को मेयर बनने पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरबजीत सिंह लोगों की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। मैं उन्हें बधाई देता हूँ और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देता हूँ। मुझे विश्वास है कि वे अपने पिता के नक्शे-कदमों पर चलेंगे और समर्पण भाव से लोगों की सेवा करते रहेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों द्वारा दिया जा रहा प्यार दुनिया की किसी भी मुद्रा से नहीं मापा जा सकता। उन्होंने कहा, “हम प्रांत भर में जहाँ भी जाते हैं, हमें लोगों द्वारा बहुत प्यार और समर्थन मिल रहा है। दुकानदार अपने कारोबारों में और किसान अपनी फसलें बोने में लगे हुए हैं, फिर भी बड़ी संख्या में लोग अपना समर्थन दिखाने के लिए आ रहे हैं। मैं इस प्यार के लिए तहे दिल से धन्यवादी हूँ। एक तरफ हमारे लिए लोगों का प्यार दिनों-दिन बढ़ रहा है और दूसरी तरफ लोगों के साथ धोखा करने वाले राजनीतिक नेताओं के प्रति लोगों का विश्वास टूट रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे के हितों की रक्षा करते हुए दशकों तक पंजाब पर शासन किया है। उन्होंने कहा, “सालों तक इन पार्टियों ने पंजाब को लूटा और इस तरह काम किया कि सत्ता उन्हीं के दायरे में बनी रहे। पहले लोगों के सामने केवल दो पार्टियों के विकल्प थे और दोनों ने बारी-बारी सत्ता हासिल कर पंजाब को लूटा। उन्होंने लोगों की पीठ में छुरा घोंपा और पंजाब की दौलत को लूटा। आज लोग झाड़ू का समर्थन कर रहे हैं, जो राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को साफ कर रहा है।”

बदलते राजनीतिक माहौल के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज न तो सुखबीर सिंह बादल, न अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और न ही प्रताप सिंह बाजवा लोगों के बीच दिखाई दे रहे हैं क्योंकि पंजाब के लोग राज्य सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं। लोगों ने बार-बार अपना समर्थन व्यक्त किया है और विपक्ष को राजनीतिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा है क्योंकि पंजाब के समझदार लोगों ने उन्हें नकार दिया है। अंततः सच की जीत होती है और झूठ अपनी ताकत खो देता है। श्री गुरु नानक देव जी की कृपा से लोगों ने ईमानदार और अच्छे शासन को पहचान लिया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्ष पंजाब में हो रहे विकास को सहन करने में असमर्थ है। उन्होंने कहा, “हम पंजाब के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं और इससे विपक्ष हैरान है। वे इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रहे कि आम लोगों की भलाई और पंजाब की प्रगति अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। उनकी निराशा हमारे खिलाफ इस्तेमाल की जा रही भाषा से स्पष्ट दिखाई देती है। मुझे लोगों के पैसे लूटने का अनुभव नहीं है, लेकिन मैं यह जरूर जानता हूं कि आम लोगों का दर्द कैसे साझा किया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान कैसे किया जाए। मेरी एकमात्र प्राथमिकता पंजाब की खुशहाली और लोगों का कल्याण है।”

2022 के ऐतिहासिक जनादेश को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पुराने राजनीतिक परिवारों की सत्ता को नकारते हुए ईमानदार शासन को चुना। उन्होंने आगे कहा, “2022 के विधानसभा चुनावों में सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को राज्यवासियों ने पूरी तरह नकार दिया और एक ईमानदार सरकार को मौका दिया। इस ऐतिहासिक जनादेश ने पंजाब को पूरी तरह बदल दिया है और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में मदद की है।”

सिंचाई सुधारों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने जल प्रबंधन में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष पंजाब ने बेहतर सिंचाई व्यवस्था के माध्यम से 96 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया, जिससे राज्य भर के किसानों को लाभ हुआ। पहले यह पानी बर्बाद हो जाता था। हमारी सरकार ने किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगभग 14,000 किलोमीटर पाइप और खालें बनाई हैं तथा इनके माध्यम से 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह दो भाखड़ा नहरों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पानी के बराबर है और पंजाब के किसान भाईचारे को बड़ा लाभ पहुंचाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल स्तर को सुधारने के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा, “इसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में जल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है। इसे बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य विकास कार्यों के माध्यम से लोगों को वापस किया जा रहा है। हमने टोल प्लाजा भी बंद कर दिए हैं, जिससे पंजाब के लोगों को प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।”

कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग केवल लोगों के हित में किया जाए। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व कदम है। ऐसे समय में जब देशभर में लोगों की संपत्तियों को चुनिंदा कॉरपोरेट हितों को सौंपा जा रहा है, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखकर इतिहास रच दिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ शुरू की है। उन्होंने कहा, “18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये दिए जाएंगे। सामान्य परिवारों, विशेषकर गरीब परिवारों के लिए यह राशि अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक है। इस योजना के कारण महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान मुझे अत्यंत संतोष देती है।”

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। उन्होंने कहा, “पंजाब का हर परिवार अब सालाना 10 लाख रुपये तक के नकद रहित चिकित्सा उपचार का हकदार है। पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने इस प्रकार की व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है और साथ ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हुई हैं। अब तक राज्यवासियों ने इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त किया है।”

आज मोहाली में आयोजित मेगा रोड शो के दौरान अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का भव्य स्वागत किया गया। जैसे ही नेताओं के वाहन शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरे, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर एकत्र हो गए और बालकनियों से फूल बरसाकर उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। समर्थकों ने नारे लगाए और पार्टी के झंडे लहराए, जिससे रोड शो जनसमर्थन के उत्सव में बदल गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ आप नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और बरिंदर कुमार गोयल, लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग तथा कई अन्य नेता उपस्थित थे।

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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

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ऐतिहासिक कर्मचारी-हितैषी पहल से हजारों स्टाफ नर्सों, अध्यापकों और महिला पुलिस कर्मियों को होगा लाभ: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब भर की महिला सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि ग्रुप सी और डी श्रेणियों से संबंधित महिला कर्मचारी, जिनमें स्टाफ नर्सें, महिला पुलिस कर्मी और अन्य पात्र कर्मचारी शामिल हैं, को उनका परखकाल पूरा होने के बाद उनके घरों से अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में ही तैनात किया जाएगा।

इस निर्णय, जिसका उद्देश्य महिला कर्मचारियों के निजी जीवन और कार्यालयी कार्यों के बीच संतुलन को बेहतर बनाना है, को एक ऐतिहासिक कर्मचारी-हितैषी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से राज्य भर के विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों महिला कर्मचारियों को लाभ होगा।

अधिक जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों को इस पहल को लागू करने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा, “हजारों महिला कर्मचारियों, विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्टाफ नर्सों, अध्यापकों और महिला पुलिस कर्मियों को इस पहल का लाभ मिलेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से कई महिला कर्मचारियों से बातचीत की है, जिन्होंने मुझे बताया कि उनकी तैनाती उनके घरों से लगभग 200 किलोमीटर दूर की गई है। इसके कारण वे सप्ताह में केवल दो दिन ही अपने परिवारों से मिल पाती हैं और उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमारी सरकार ने ऐसी नीति बनाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत ग्रुप सी और डी श्रेणियों से संबंधित महिला कर्मचारियों, जिनमें स्टाफ नर्सें, अध्यापक और महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं, को परख काल पूरा होने के बाद उनके घरों से अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में तैनात किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “महिला कर्मचारी आधिकारिक फॉर्म भरते समय अपने मायके या ससुराल का पता दे सकेंगी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे लगभग एक घंटे के भीतर अपने परिवार तक पहुंच सकें, क्योंकि एक खुश कर्मचारी हमेशा बेहतर प्रदर्शन करता है। 40 किलोमीटर केवल ऊपरी सीमा है और ये तैनातियां इससे भी कम दूरी, जैसे 15 या 20 किलोमीटर के भीतर भी हो सकती हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने हमेशा अपनी चिंताओं और समस्याओं को उनके साथ खुलकर साझा किया है, जिससे सरकार को उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को सीधे तौर पर हल करने वाली नीतियां तैयार कर सकती है।

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पिछली सरकारों के दौरान मेरिट की जगह पैसे के बदले दी जाती थी सरकारी नौकरियां: CM भगवंत सिंह मान

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स्वास्थ्य विभाग में और 523 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने उस युग का अंत कर दिया है, जब सरकारी नौकरियां पैसे के बदले बेची जाती थी और राजनीतिक प्रभाव के माध्यम से दी जाती थी, जिससे योग्य उम्मीदवार मौकों से वंचित रह जाते थे। युवाओं को पारदर्शी और योग्यता-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से चार सालों में 67,563 सरकारी नौकरियां देने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल किया है, जिससे रोजगार की तलाश में युवाओं द्वारा पंजाब छोड़कर विदेश जाने की प्रवृत्ति में भी कमी आई है।

देश के कई हिस्सों में बार-बार सामने आ रहे परीक्षा विवादों की तुलना पंजाब की भर्ती रिकॉर्ड से करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने निष्पक्षता और पारदर्शिता के माध्यम से सभी के लिए बराबर मौके सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पूरे राज्य में स्वास्थ्य सुविधा और लोक कल्याण पहलकदमियों का बड़े स्तर पर विस्तार किया गया है।

युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते समय सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पूरे राज्य में युवाओं को 67,500 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।” उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में पैसे के लेन-देन और पक्षपात का युग समाप्त हो गया है और अब नियुक्तियां सिर्फ योग्यता के आधार पर की जाती हैं।

पारदर्शी शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दशकों तक योग्य युवाओं को मौकों से वंचित रखा गया क्योंकि इसके पहले सरकारी नौकरियां सिफारिशों और पैसे के बदले बांटी जाती थी। हमने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। आज सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं। यही कारण है कि हमारी सरकार द्वारा की गई एक भी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है। भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल हो गया है और हर योग्य उम्मीदवार अब जानता है कि सरकारी नौकरी लेने के लिए मेहनत और प्रतिभा का मूल्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए 990 आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “ये क्लीनिक 107 जरूरी दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त प्रदान करने के साथ-साथ आईटी-समर्थित रीयल-टाइम रिपोर्टिंग और कुशल ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने को सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों द्वारा सरकार की इस पहल को भरपूर समर्थन मिला है, जिसके तहत अब तक 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट्स दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों के माध्यम से हर रोज लगभग 84,000 मरीज सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक को मुफ्त दवाइयां क्लीनिक पर ही मिल जाती हैं।

स्वास्थ्य देखभाल मॉडल की सफलता को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “आम आदमी क्लीनिक शुरू करने की ऐतिहासिक पहल बेहद प्रभावशाली रही है। इसके तहत अब तक 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट्स दर्ज की गई हैं। इन क्लिनिकों के माध्यम से हर रोज लगभग 84,000 मरीज सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक को क्लीनिक पर ही मुफ्त दवाई मिल जाती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लगभग 97 प्रतिशत मरीजों ने इन क्लीनिकों पर प्रदान की जा रही सेवाओं से संतुष्टि व्यक्त की है। यह इस पहल में लोगों के अथाह विश्वास को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे 400 और आम आदमी क्लीनिक प्रगति अधीन हैं और हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हर नागरिक सम्मान के साथ सुलभ और गुणवत्ता-आधारित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में नशे की लत और नशा तस्करी के खात्मे के लिए एक व्यापक और ठोस प्रयास के रूप में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान भी शुरू किया है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब की समूची आबादी को 100 प्रतिशत स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करके यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की ओर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत हर परिवार पंजाब भर और चंडीगढ़ में लगभग 900 सरकारी और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से 2,356 मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए सालाना 10 लाख रुपए तक के नकद रहित स्वास्थ्य कवर का हकदार है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश के इतिहास में पहली बार नीट जैसी परीक्षाएं करवाने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है। देश भर में दर्जनों परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिल रही है, जिससे लाखों युवाओं के सपने चकनाचूर हो गए हैं। हालांकि, पंजाब में पिछले साढ़े चार सालों के दौरान एक भी परीक्षा पेपर लीक नहीं हुआ। हमने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करके अपने युवाओं का भरोसा बहाल किया है।”

बिजली क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज, पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। हमारे किसानों को दिन में बिजली मिल रही है, जिससे खेतीबाड़ी को काफी लाभ हुआ है। एक तरफ जहां सार्वजनिक संपत्तियां कुछ चुनिंदा लोगों को सौंपी जा रही हैं, वहीं पंजाब ने एक प्राइवेट थर्मल पावर प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है। हमारी सरकार द्वारा सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोक कल्याण के लिए पूरी समझदारी से इस्तेमाल किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा हर फैसला जनहित की रक्षा और पंजाब के भविष्य को मजबूत करने के लिए लिया जा रहा है।”

नवनियुक्त युवाओं को पूरे तनदेही और प्रतिबद्धता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने पदों का उपयोग समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की भलाई के लिए करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “ये नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से की गई हैं और उम्मीदवारों ने कड़ी मुकाबले वाली परीक्षाएं सफलतापूर्वक पास की हैं।”

मुख्यमंत्री ने नीट, जेईई और जेईई एडवांस्ड जैसी परीक्षाओं में पंजाब के विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ-साथ स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसी क्रांतिकारी पहलकदमियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “पंजाब में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की वसूली में तीन गुना वृद्धि हुई है और इस अतिरिक्त राजस्व के साथ लोक कल्याण और विकास परियोजनाओं में निवेश किया जा रहा है।”

पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार पंजाब को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार सृजन, कृषि, उद्योग या लोक कल्याण हो, हम पूरी तनदेही और ईमानदारी से काम कर रहे हैं। पंजाब और इसके लोगों की तरक्की, खुशहाली और समग्र विकास को सुनिश्चित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलवीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

पारदर्शी भर्ती अभियान ने पंजाब के युवाओं के लिए पैदा किए नए मौके

भगवंत मान सरकार ने 2022 में सत्ता संभालने से लेकर अब तक एक पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से राज्य के युवाओं को 67,563 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जिससे सरकारी नौकरियों के लिए सिफारिशों और पैसे की ताकत का कल्चर खत्म हो गया है। हाल ही में चलाए गए भर्ती अभियान के दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में 523 नियुक्ति पत्र बांटे गए, जिनमें 178 मेडिकल अधिकारी, 99 स्टाफ नर्सें, 124 मल्टी-पर्पज हेल्थ वर्कर (पुरुष), 64 मल्टी-पर्पज हेल्थ वर्कर (महिलाएं), 24 डेंटल टीचिंग फैकल्टी मेंबर, 23 आयुर्वेदिक टीचिंग फैकल्टी मेंबर सहित क्लेरिकल और सहायक स्टाफ शामिल हैं। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा (16,316), गृह मामलों (14,723), बिजली (8,306), स्थानीय निकायों (5,681), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण (4,235), राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन (2,355), मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान (2,143) तथा जल स्रोत (2,168) आदि विभागों में भी बड़ी भर्ती की गई है।

उल्लेखनीय है कि हर भर्ती पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर की गई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का भरोसा बहाल हुआ है और पूरे राज्य में योग्य उम्मीदवारों के लिए बराबर मौके सुनिश्चित किए गए हैं।

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