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पंजाब के सरकारी स्कूल देश के अच्छे से अच्छे प्राइवेट स्कूलों को भी दे रहे मात- केजरीवाल

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पंजाब में कभी सरकारी स्कूलों की पहचान जर्जर इमारतों, टूटे फर्नीचर और सीमित सुविधाओं से होती थी, वहीं आज सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक लैब, स्मार्ट बोर्ड, स्वीमिंग पूल और बेहतरीन प्ले ग्राउंड से सजे ये सरकारी स्कूल नामी प्राइवेट स्कूलों को भी मात दे रहे हैं। इन स्कूलों में अमीर-गरीब हर तबके के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार के शिक्षा मॉडल की यह तस्वीर पंजाब में बदलती शिक्षा की तस्वीर दिखाती है। शनिवार को ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लुधियाना, संगरूर और नवांशहर के तीन शानदार सरकारी स्कूलों का वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा कर अपनी पार्टी की सरकार के शानदार काम पर खुशी और संतोष जाहिर किया।

अरविंद केजरीवाल ने लुधियाना, संगरूर और नवांशहर में भगवंत मान सरकार के बनाए गए सरकारी स्कूलों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि इनके सामने प्राइवेट स्कूल भी फेल हैं। ये सरकारी स्कूल पंजाब में शिक्षा की तस्वीर बदल रहे हैं। उन्होंने कि हमने ऐसे हजारों स्कूल पंजाब में बनाए हैं। लोगों को इन्हें देखकर विश्वास ही नहीं होगा कि ये सरकारी स्कूल हो सकते हैं। ये देश के अच्छे से अच्छे प्राइवेट स्कूलों को मात दे रहे हैं। मुझे बहुत खुशी होती है कि हमने ऐसा काम किया है जिससे गरीबों के बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलने लगी है। मजदूरों, रिक्शे वालों, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, लोअर मिडिल क्लास और गरीबों के बच्चे अब डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं।

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नेपाल में कुदरत का कहर! बाढ़ और भूस्खलन से 626 मौतें, 2,426 लोग अब भी लापता

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2,426 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लगातार बढ़ती मौतों और लापता लोगों की संख्या ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

नेपाल-चीन सीमा से लगे इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। तेज पानी और मलबे के बहाव ने कई सड़कों, पुलों और इमारतों को नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में संपर्क मार्ग टूटने के कारण राहत और बचाव दलों को प्रभावित स्थानों तक पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

चितवन जिला भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां अब तक 233 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में शव मिलने के कारण उनकी पहचान करना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों की ओर से पहचान के लिए DNA सैंपल लिए जा रहे हैं और परिजनों की मदद से पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

इस आपदा की चपेट में विदेशी नागरिक भी आए हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक, भारत समेत कई देशों के नागरिक लापता लोगों की सूची में शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों में भारत के 178 नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी गई है, जिनमें से 11 के सुरक्षित मिलने की पुष्टि हुई है।

खराब मौसम ने राहत और बचाव अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। कई जगहों पर हेलीकॉप्टर से राहत पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद नेपाल की सेना, पुलिस और बचाव दल जमीन पर लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। मलबे को हटाकर सड़कों को दोबारा खोलने और प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी जारी है।

प्राकृतिक आपदा का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। हिमालयी क्षेत्रों में अस्थिर झीलों, भारी मलबे और कमजोर पहाड़ी ढलानों के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

इस भीषण आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, शवों की पहचान और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां मुश्किल हालात के बावजूद लगातार अभियान में जुटी हुई हैं।

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CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, दिल्ली-NCR में महंगी हुई गैस

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दिल्ली-NCR में CNG वाहन चलाने वाले लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। नई दरें शनिवार से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG की कीमत बढ़कर 86.98 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

यह इस साल CNG की कीमतों में पांचवीं बढ़ोतरी बताई जा रही है। इससे पहले मई महीने में महज 10 दिनों के भीतर CNG के दाम चार बार बढ़ाए गए थे, जिससे कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई थी। मई के बाद अब एक बार फिर CNG के दाम बढ़ाए गए हैं।

कंपनी के अनुसार, CNG तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक गैस का एक बड़ा हिस्सा आयातित LNG से पूरा किया जाता है। पश्चिमी एशिया में बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी आई है। गैस की लागत बढ़ने का असर अब CNG की कीमतों पर भी पड़ा है।

नई दरों के मुताबिक नोएडा और गाजियाबाद में CNG 95.59 रुपये, मेरठ में 95.47 रुपये और गुरुग्राम में 92.01 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अलग-अलग राज्यों में VAT की दर अलग होने के कारण CNG के दाम भी शहर और राज्य के हिसाब से अलग रहते हैं।

CNG की कीमत बढ़ने का सीधा असर ऑटो, टैक्सी, बस और माल ढोने वाले वाहनों पर पड़ सकता है। ईंधन की लागत बढ़ने से आने वाले समय में सार्वजनिक परिवहन के किराए और माल भाड़े पर भी असर पड़ने की संभावना है।

वहीं, माल ढुलाई महंगी होने का असर रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ सकता है। दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल, राशन और अन्य सामान अगर महंगे परिवहन के जरिए पहुंचेंगे, तो इनके दाम बढ़ने की संभावना रहती है।

यानी CNG की कीमत में यह बढ़ोतरी सिर्फ CNG वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसका असर यात्रियों, कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में अगर गैस और परिवहन लागत में और बढ़ोतरी होती है, तो रोजमर्रा के खर्च पर इसका असर और दिखाई दे सकता है।

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Meta का बड़ा फैसला! Facebook-Instagram पर Teen Users के लिए नए नियम

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सोशल मीडिया कंपनी Meta ने Facebook और Instagram पर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका के कई राज्यों के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इस समझौते के तहत कंपनी को करीब 18 अरब डॉलर तक का भुगतान करना पड़ सकता है। यह मामला बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल से जुड़े आरोपों को लेकर चल रहे विवाद से संबंधित है।

Meta पर आरोप लगाए गए थे कि Facebook और Instagram को इस तरह डिजाइन किया गया कि बच्चे और किशोर इन प्लेटफॉर्म्स पर लंबे समय तक जुड़े रहें। कंपनी पर 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा बिना माता-पिता की अनुमति के इकट्ठा करने के आरोप भी लगे थे। हालांकि, Meta ने किसी भी तरह की गलती या गलत काम को स्वीकार नहीं किया है।

समझौते के बाद अमेरिका के संबंधित राज्यों और क्षेत्रों में Facebook और Instagram इस्तेमाल करने वाले 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए कई नए नियम लागू किए जाएंगे। इसके तहत नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल की रोजाना दो घंटे की सीमा तय की जाएगी। इस सीमा को माता-पिता की अनुमति के बिना बदला नहीं जा सकेगा।

इसके अलावा रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक नाबालिग यूजर्स की Facebook और Instagram तक पहुंच बंद रहेगी। स्कूल के समय के दौरान नोटिफिकेशन पर भी प्रतिबंध लगाए जाएंगे, ताकि पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम किया जा सके।

Meta को यूजर्स की उम्र की पुष्टि करने के लिए ज्यादा सख्त व्यवस्था भी लागू करनी होगी। इसका उद्देश्य 13 साल से कम उम्र के बच्चों को इन प्लेटफॉर्म्स से दूर रखना है। साथ ही माता-पिता को अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त Parental Control Tools भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस समझौते की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी एक स्वतंत्र ऑडिटर द्वारा की जाएगी। वहीं, समझौते से जुड़ी भुगतान राशि करीब 10 वर्षों में किस्तों के रूप में दी जा सकती है।

हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये नए नियम अमेरिका के संबंधित राज्यों और क्षेत्रों में रहने वाले नाबालिग यूजर्स पर लागू होंगे। इसलिए इन्हें भारत में तुरंत लागू होने वाले नियम नहीं माना जा सकता।

बच्चों और किशोरों की सोशल मीडिया सुरक्षा को लेकर यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है। Meta ने अन्य बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे TikTok और YouTube, से भी युवाओं की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए इसी तरह के कदम उठाने की अपील की है।

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