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सज्जन कुमार के घर BJP नेताओं के पहुंचने पर सियासत गरम
भाजपा नेता एच.एस. फूलका के एक बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। फूलका ने कहा कि भाजपा के कुछ लोकसभा सदस्य दिल्ली सिख कत्लेआम मामले के दोषी ठहराए गए सज्जन कुमार के घर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। इस बयान के बाद पंजाब भाजपा की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
फूलका के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विरोधी पक्ष ने सवाल उठाए हैं कि अगर भाजपा नेताओं ने सज्जन कुमार के परिवार से मुलाकात की थी, तो पंजाब भाजपा के नेता इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि पंजाब भाजपा के कुछ नेताओं ने इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।
इस मुद्दे को लेकर पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज होने की संभावना है। विरोधी नेताओं का कहना है कि 1984 के सिख कत्लेआम से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है और इस पर राजनीतिक दलों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
फिलहाल भाजपा की ओर से इस बयान पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की सियासत में और तूल पकड़ सकता है।
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कांग्रेस ने आरोपी सज्जन कुमार को अपना ‘आदर्श’ बताया, अब भाजपा सांसद उनकी श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए: बलतेज पन्नू
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शुक्रवार को कांग्रेस और सांसद पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अपने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, दोनों पार्टियों ने अल्पसंख्यकों, खासकर सिख समुदाय के प्रति एक जैसा रवैया दिखाया है, और वे 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ितों का दर्द समझने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।
एक वीडियो संदेश में आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “1984 के सिख नरसंहार केस में कोर्ट से दोषी ठहराए गए सज्जन कुमार की मौत के बाद कांग्रेस नेताओं का रिएक्शन सबने देखा। कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने तो सज्जन कुमार को अपना ‘आदर्श’ तक कह दिया था, हालांकि बाद में वे अपने बयान से मुकर गए थे।”
उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा ने इस बयान के लिए दीपेंद्र हुड्डा और कांग्रेस की कड़ी आलोचना की थी। हालांकि, पन्नू ने कहा कि अब भाजपा के अपने व्यवहार ने उसके दोहरे रवैये को सामने ला दिया है। “अब भाजपा का असली चेहरा भी सामने आ गया है। सज्जन कुमार की ‘श्रद्धांजलि सभा’ में भाजपा के तीन सांसद मौजूद थे। इनमें वेस्ट दिल्ली से सांसद कमलजीत सहरावत, साउथ दिल्ली से सांसद रामबीर सिंह बिधूड़ी और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली से सांसद योगेंद्र चंदोलिया शामिल थे।”
बलतेज पन्नू ने भाजपा नेताओं की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे 1984 के नरसंहार के दौरान बेघर हुए सिख परिवारों के साथ कभी खड़े नहीं हुए। “ये वही लोग हैं जो 1984 में बेघर हुए सिख समुदाय के लोगों के पास कभी नहीं गए और न ही उनके परिवारों से मिलकर उनका दर्द बांटा। लेकिन, अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए सज्जन कुमार की मौत से वे बहुत दुखी हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों का यह व्यवहार दिखाता है कि किसी भी पार्टी ने सिख समुदाय और उन परिवारों के दर्द को सही मायने में नहीं समझा है जो आज भी 1984 के दर्द से जूझ रहे हैं। बलतेज पन्नू ने कहा, “चाहे कांग्रेस हो या भारतीय जनता पार्टी, दोनों पार्टियों का माइनॉरिटी के प्रति रवैया एक जैसा रहा है।”
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CM भगवंत सिंह मान ने आदर्श स्कूलों के शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी करने को दी मंजूरी
भगवंत सिंह मान सरकार ने आदर्श स्कूलों में सेवाएं निभा रहे शिक्षकों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए उनके वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से लगभग 1,100 शिक्षकों को लाभ होगा, जिससे उनका मासिक वेतन लगभग 10,000 रुपये से बढ़कर 22,000 रुपये से अधिक हो जाएगा। यह फैसला सरकार की उस प्रतिबद्धता को दोहराता है कि पंजाब का भविष्य संवारने वालों को उचित लाभ, सम्मान और बनती मान्यता मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करती रहेगी, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और प्रत्येक विद्यार्थी का भविष्य सुरक्षित करना शिक्षकों को सशक्त बनाने से शुरू होता है।
शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब का भविष्य संवारने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद शिक्षक समुदाय की अनदेखी की थी। उन्होंने कहा, “शिक्षक हमारी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। लगभग दो दशकों से ये शिक्षक कम वेतन मिलने के बावजूद समर्पण भावना के साथ सेवाएं निभा रहे हैं। हमारी सरकार ने उनके वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी करके लंबे समय से चले आ रहे इस अन्याय को दूर करने का फैसला किया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को न केवल बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा, बल्कि केंद्रीय विद्यालय स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी, जिससे उनकी सेवा शर्तों में सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त इन आदर्श स्कूलों में 15,000 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और राज्य सरकार विद्यार्थियों तथा शिक्षकों, दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा, “जब शिक्षक सुरक्षित और सम्मानित महसूस करते हैं तो विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिलती है। हमारी प्राथमिकता शिक्षकों के हितों की रक्षा करना है, ताकि इन स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे।”
कर्मचारियों के कल्याण के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने आदर्श स्कूलों के शिक्षकों की अनदेखी की, जबकि उनकी सरकार ने उनकी हर जायज मांग को पूरा किया है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हमने इन शिक्षकों की जायज मांगों को स्वीकार किया है और यह सुनिश्चित करना जारी रखेंगे कि वे अपनी जिम्मेदारियों को सुचारु रूप से और बिना किसी परेशानी के निभा सकें।”
बैठक के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरि तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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वादे पर खरे उतरे मंत्री हरभजन ETO, बठिंडा पहुंचकर सड़क की गुणवत्ता का लिया जायजा
बठिंडा में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO ने अपने वादे के मुताबिक मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया। मंत्री ने अधिकारियों के साथ सड़क निर्माण के काम का जायजा लिया और इसके तकनीकी पहलुओं की जांच की।
दरअसल, सड़क की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसके बाद विपक्ष की ओर से सवाल उठाए गए थे। इस मामले में मंत्री हरभजन सिंह ETO ने स्पष्ट कहा था कि सड़क निर्माण को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी है तो मौके पर आकर इसकी तकनीकी जांच की जाएगी।
अपने वादे के मुताबिक मंत्री आज बठिंडा पहुंचे और अधिकारियों के साथ सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और तकनीकी मानकों से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली गई।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और सड़कों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री की इस पहल को सरकार की ओर से सड़क निर्माण को लेकर उठाए गए सवालों का मौके पर जाकर जवाब देने और पारदर्शिता के साथ काम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
वहीं, मंत्री की ओर से मौके पर पहुंचकर जांच किए जाने के दौरान हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम मजीठिया मौके पर नजर नहीं आए। अब इस पूरे मामले में उनकी ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
सरकार का कहना है कि पंजाब में सड़कों के निर्माण और सुधार का काम लगातार जारी है और लोगों को बेहतर, सुरक्षित और मजबूत सड़कें उपलब्ध करवाना उसकी प्राथमिकता है।
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