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पंजाब सरकार ने केंद्र को भेजा विस्तृत अनुमान; पवन टीनू ने जल्द मंजूरी की उठाई मांग
जालंधर–होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 3), जिसे आमतौर पर आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना के नाम से भी जाना जाता है, के लंबे समय से रुके विकास कार्य को दोबारा गति देने की दिशा में पंजाब सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किलोमीटर 11.400 से 29.200 तक शेष 4-लेन सड़क एवं पक्के शोल्डर के निर्माण कार्य के लिए ₹257.32 करोड़ की लागत का विस्तृत अनुमान (डिटेल्ड एस्टीमेट) स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। यह प्रस्ताव राष्ट्रीय राजमार्ग सर्किल, अमृतसर के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) द्वारा तैयार कर पंजाब सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है।
इस संबंध में आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं आदमपुर हलका इंचार्ज पवन टीनू ने पंजाब सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जून के पहले सप्ताह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के दौरान आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को जनहित को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देकर जल्द शुरू कराने की मांग की थी।
पवन टीनू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार परियोजना का का विस्तृत अनुमान (डिटेल्ड एस्टीमेट) तैयार कर स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी देकर लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से जालंधर और होशियारपुर के बीच यातायात अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होगा। साथ ही सड़क अवसंरचना मजबूत होने से औद्योगिक, व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी। लंबे समय से अधर में लटकी इस परियोजना के फिर से आगे बढ़ने की संभावना से क्षेत्र के लोगों में भी उम्मीद जगी है।
उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर केंद्र सरकार को विस्तृत अनुमान भेज दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस प्रस्ताव को बिना किसी देरी के मंजूरी देकर निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए, ताकि वर्षों से परेशान हो रही जनता को राहत मिल सके।
पवन टीनू ने बताया कि आदमपुर फ्लाईओवर परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू किया गया था, लेकिन वर्ष 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ढीली नीतियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह पूरी तरह बंद हो गया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य रुकने के बाद सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी वृद्धि हो गई, जिसके चलते ठेकेदार ने पुराने रेट पर काम जारी रखने से इनकार कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी इस महत्वपूर्ण परियोजना को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण यह विकास कार्य लगातार विलंब का शिकार होता रहा और क्षेत्र की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
पवन टीनू ने बताया कि उन्होंने लगातार केंद्र सरकार के समक्ष इस परियोजना को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। इसी दौरान केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में कथित घोटाले और अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। इसके बाद 29 जुलाई 2025 को इस परियोजना का निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया था।
पवन टीनू ने बताया कि परियोजना बंद होने के अगले ही दिन 30 जुलाई 2025 को वे तीन अन्य सांसदों के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिले थे। इस दौरान उन्होंने आदमपुर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की जोरदार मांग उठाई।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि यदि जमीन अधिग्रहण से जुड़ा विवाद होशियारपुर क्षेत्र में हुआ है तो उसकी वजह से जालंधर और आदमपुर की जनता को वर्षों तक परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि परियोजना में यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, लेकिन जनहित की इस परियोजना को तत्काल दोबारा शुरू किया जाए।
पवन टीनू ने आदमपुर की रणनीतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण एयरबेस स्थित है, जहां से देश की सुरक्षा से जुड़े कई बड़े अभियान संचालित किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि आदमपुर में एयरपोर्ट भी संचालित है, जहां से बड़ी संख्या में लोग हवाई यात्रा करते हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश जाने वाले पर्यटक, धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालु तथा विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोग भी इसी मार्ग का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं। ऐसे में इस राष्ट्रीय राजमार्ग का शीघ्र निर्माण केवल क्षेत्रीय विकास ही नहीं, बल्कि सामरिक और राष्ट्रीय दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है।
पवन टीनू ने उम्मीद जताई कि पंजाब सरकार द्वारा भेजे गए ₹257.32 करोड़ के विस्तृत अनुमान को केंद्र सरकार शीघ्र मंजूरी देगी और लंबे समय से रुकी इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा, जिससे जालंधर, आदमपुर और होशियारपुर क्षेत्र के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब दौरा पूरी तरह फ्लॉप, पंजाब को बिना कुछ दिए लौट गए: कुलदीप सिंह धालीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के चीफ स्पोक्सपर्सन और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने हाल ही में हुए नशा पर तीखी प्रतिक्रिया दी मंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे को उन्होंने ‘फ्लॉप शो’ बताया है। धालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा न सिर्फ पंजाब के लिए निराशाजनक था, बल्कि उनके बयान खोखले और जनता को गुमराह करने वाले थे।
शनिवार को आप नेता गुरप्रताप सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलदीप सिंह धालीवाल ने सीधे भाजपा पर हमला बोला और कहा कि जो लोग राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान के नाम पर चंदा चुरा सकते हैं, वे देश के साथ कभी ईमानदार नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करके राम मंदिर बनाने के नाम पर खुलेआम चंदा चुराया है।
धालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ अंबानी और अडानी जैसे अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के आरडीएफ और दूसरे फंड के करोड़ों रुपये रोक रखे हैं। जब हम पंजाब के विकास के लिए लोन लेते हैं, तो वे हम पर इल्जाम लगाते हैं, जबकि सच यह है कि केंद्र सरकार पंजाब के हक का पैसा दबाए बैठी है।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार जो भी लोन ले रही है, वह किसी उद्योगपति को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाएं, गरीबों को पेंशन और पब्लिक वेलफेयर स्कीम पर खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास न तो अडानी है और न ही अंबानी, इसलिए पंजाब का पैसा सिर्फ पंजाब के लोगों पर खर्च हो रहा है।
पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने के मुद्दे पर धालीवाल ने इसे जनता की जेब पर एक और डकैती बताया। उन्होंने सवाल किया कि यह किस कानून के तहत आम लोगों पर जबरदस्ती थोपा जा रहा है? उन्होंने कहा कि दावा किया गया था कि इथेनॉल से फ्यूल सस्ता होगा, लेकिन इसके उलट कीमतें और बढ़ गईं, जिसका सीधा बोझ आम आदमी की कमर तोड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे कुछ चुनिंदा कंपनियों को फायदा हो रहा है और आम जनता इसकी कीमत चुका रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पंजाब में भाषण देने के बजाय देश को बताना चाहिए कि यह व्यवस्था किस कानून के तहत लागू की गई और जनता को इसका क्या लाभ हुआ।
नशा के मुद्दे पर धालीवाल ने भाजपा को आईना दिखाते हुए कहा कि पंजाब में नशा तब फैला जब भाजपा और अकाली दल की मिली-जुली सरकार थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार केंद्र सरकार से पंजाब के 532 किलोमीटर इंटरनेशनल बॉर्डर पर मॉडर्न एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की मांग कर रहे हैं ताकि ड्रोन के ज़रिए पाकिस्तान से आने वाले नशा और हथियारों को रोका जा सके, लेकिन केंद्र ने आज तक इस दिशा में कोई असरदार कदम नहीं उठाया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री किसानों के मुद्दे पर भी पूरी तरह चुप हैं। केंद्र सरकार ने आज तक 720 किसानों की शहादत और बाढ़ पीड़ितों के लिए 1600 करोड़ रुपये के वादे पर एक बार भी नहीं सोचा है।
धालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दौरान यह नहीं बताया कि यूएस के साथ ट्रेड एग्रीमेंट का पंजाब के किसानों पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान लगातार अपनी चिंताएं बता रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी आवाज़ सुनने के बजाय सिर्फ़ राजनीतिक भाषण दे रही है।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री खाली हाथ आए और खाली हाथ ही गए। पंजाब के भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने पंजाब को क्या दिया? पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ और दूसरी राहत मदद देकर मदद की, जबकि केंद्र सरकार सिर्फ़ झूठे वादे करती रही। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह दौरा पंजाब के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने के अलावा कुछ नहीं था।
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प्रधानमंत्री मोदी पंजाब के असली मुद्दों का जवाब देने में रहे नाकाम, सिर्फ झूठे आरोप लगाए: बलतेज पन्नू
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का पंजाब दौरा झूठे आरोपों से भरा एक राजनीतिक ड्रामा भर था। उन्होंने उन सवालों के जवाब देने में नाकामी दिखाई जो पंजाब के लोगों के लिए सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।
एक वीडियो संदेश में ‘आप’ पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब आए, पंजाब सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाए और प्रदेश की गंभीर समस्याओं में से किसी का भी हल किए बिना वापस चले गए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के पास पंजाब के लिए कोई जवाब नहीं था। उन्होंने सिर्फ आरोप और राजनीतिक बयानबाजी दोहराई, लेकिन लोगों को प्रभावित करने वाले असली मुद्दों पर वे पूरी तरह चुप रहे।”
पंजाब से संबंधित कई अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए ‘आप’ के मीडिया प्रभारी ने कहा कि लोगों को जवाबों की उम्मीद थी लेकिन कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री किसान आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसानों की मौतों का जवाब देने में क्यों नाकाम रहे? न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी क्यों लटकी हुई है? केंद्र सरकार पंजाब का बनता फंड क्यों रोक रही है? पंजाब को वह फंड न मिलने के बावजूद भी सर्वाइव करना पड़ रहा है जो असल में प्रदेश के हैं, फिर भी प्रधानमंत्री ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।”
भाजपा के “डबल इंजन सरकार” के नारे पर निशाना साधते हुए पन्नू ने कहा कि पंजाबी ऐसी सरकार की हकीकत पहले ही देख चुके हैं। “2007 से 2017 तक, जब भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने मिलकर पंजाब पर राज किया, तो प्रदेश को बहुत बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।”
भाजपा-अकाली सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब उस समय लिए गए फैसलों के नतीजे आज भी भुगत रहा है। उन्होंने कहा, “यह भाजपा-अकाली राज के दौरान ही था कि पंजाब में नशे की लत फैली, जिसने नौजवानों की एक पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर दिया। उसी समय के दौरान गैंगस्टर संस्कृति भी पनपी, जिसके नतीजे पंजाब को सालों तक भुगतने पड़े।”
पंजाब में एक और मौका मांगने वाली भाजपा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लोग पार्टी का पुराना रिकॉर्ड नहीं भूले हैं। उन्होंने कहा कि “किस मुंह से भाजपा पंजाबियों को डबल इंजन वाली सरकार लाने के लिए कह रही है? लोग उन्हें पहले ही कई बार मौके दे चुके हैं। 1997 से 2002 तक और फिर 2007 से 2017 तक, पंजाब ने उनका शासन देखा है और उन सालों के दौरान हुए नुकसान को नहीं भूला है।”
बलतेज पन्नू ने कहा, “पंजाब के लोग भाजपा के ट्रैक रिकॉर्ड से पूरी तरह वाकिफ हैं और नारों तथा राजनीतिक प्रचार द्वारा गुमराह नहीं होंगे। पंजाबी प्रधानमंत्री से खोखले भाषणों और चुनी हुई पंजाब सरकार पर झूठे आरोपों की उम्मीद नहीं रखते, बल्कि जवाबदेही, इंसाफ और असली समाधान चाहते हैं।”
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माँवां धियां सत्कार योजना’ के तहत लुधियाना रहा लाभार्थियों की सूची में सबसे आगे
भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की माँवां धियां सत्कार योजना के तहत लुधियाना सबसे अधिक लाभार्थियों वाला ज़िला बनकर उभरा है। इस योजना के तहत ज़िले में 7.4 लाख लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।
लुधियाना के बाद पटियाला में 5.3 लाख, अमृतसर में 4.9 लाख, जालंधर में 4.8 लाख, गुरदासपुर में 4.4 लाख और होशियारपुर में 4.2 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं। राज्य में सबसे कम रजिस्ट्रेशन मालेरकोटला ज़िले में दर्ज किया गया है, जहाँ 1.3 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं।
पूरे पंजाब में 14 जुलाई 2026 तक कुल 68.9 लाख लाभार्थियों का इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है।
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर और होशियारपुर जैसे ज़िलों में अधिक रजिस्ट्रेशन के पीछे कई कारण हैं, जिनमें अधिक आबादी, मज़बूत प्रशासनिक नेटवर्क और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति अधिक जागरूकता शामिल हैं। उन्होंने कहा, “योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी मिलकर काम कर रही है।”
अधिक रेजिस्ट्रेशनों के पीछे बड़ी जनसंख्या एक प्रमुख कारण है। इन ज़िलों में शहरी और ग्रामीण आबादी अधिक है, विधानसभा क्षेत्रों की संख्या अधिक है और पात्र परिवारों की संख्या भी अधिक है, जिससे लाभार्थियों की संख्या स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहर रोज़गार, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के लिए आसपास के ज़िलों के लोगों को भी आकर्षित करते हैं, जिससे यहाँ रहने वाली आबादी में वृद्धि होती है।
इन ज़िलों में परिवार ज़्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों से संबंधित हैं, जिससे बेटियों वाले परिवारों को सहायता प्रदान करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है। जन्म पंजीकरण, आधार नामांकन, बैंक ख़ातों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ों की बेहतर व्यवस्था ने भी अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने में मदद की है।
ज़िला प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ स्थानीय निकायों (लोकल बॉडीज़) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पात्र परिवारों को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। अधिकारियों ने आवेदनों के वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया, जिससे लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है।
इसके विपरीत, मालेरकोटला जैसे कम आबादी वाले ज़िलों में लाभार्थियों की संख्या कम दर्ज की गई है। कम जनसंख्या और पात्र परिवारों की अपेक्षाकृत संख्या के कारण इन ज़िलों में पंजीकरण भी कम रहा है।
ज़िला-वार दर्ज किए गए लाभार्थी
क्रम संख्या ज़िला लाभार्थी (लाख में)
1 अमृतसर 4.9
2 बरनाला 1.6
3 बठिंडा 3.8
4 फ़रीदकोट 1.8
5 फ़तेहगढ़ साहिब 1.5
6 फ़ाज़िल्का 2.9
7 फ़िरोज़पुर 2.5
8 गुरदासपुर 4.4
9 होशियारपुर 4.2
10 जालंधर 4.8
11 कपूरथला 1.7
12 लुधियाना 7.4
13 मालेरकोटला 1.3
14 मानसा 2.4
15 मोगा 2.6
16 पठानकोट 1.8
17 पटियाला 5.3
18 रूपनगर 1.8
19 एस.ए.एस. नगर (मोहाली) 1.7
20 एस.बी.एस. नगर (नवांशहर) 1.6
21 संगरूर 3.6
22 श्री मुक्तसर साहिब 2.7
23 तरनतारन 2.6
कुल दर्ज किए गए लाभार्थी: 68.9 लाख
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