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मोदी जी ने अपने अहंकार में सोनम वांगचुक का अपमान किया- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर मंतर से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन उठाने को लेकर कहा कि मोदी जी ने अहंकार वश सोनम वांगचुक का अपमान किया। मोदी जी को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी। देशवासियों को सोचना चाहिए कि क्या इसीलिए हमने आजादी ली थी कि एक दिन हमारी ही सरकार हमारे साथ बदसलूकी करेगी? सरकार पेपर लीक रोकने, शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने की बजाय युवाओं का आंदोलन को बड़ी बेरहमी से कुचलने में लगी है। उन्होंने सोनम वांगचुक से कहा कि मज़बूत बने रहिए सोनम जी, यह देश आपके साथ खड़ा है। साथ ही देशवासियों से कहा कि आज सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और ये सारे युवा आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। अब घर बैठने से काम नहीं चलेगा। अब सबको एक होकर सड़कों पर उतरना होगा। तभी इस देश में कुछ बदलेगा। उठो और जंतर-मंतर चलो।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज सुबह उठते ही यह खबर मिली कि सोनम वांगचुक जी को बहुत ही गलत तरीके से उनके धरना स्थल से उठा लिया गया है और उनका अनशन तोड़ने की कोशिश की गई है। सादे कपड़ों में पुलिस भेजकर, चारों तरफ से चादर से ढककर और उनके साथियों के साथ बदसलूकी व धक्का-मुक्की करके उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
अरविंद केजरीवाल ने याद दिलाया कि महात्मा गांधी ने भी कितने लंबे-लंबे उपवास किए थे, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार तो अंग्रेज भी नहीं करते थे। क्या हमने इसी दिन के लिए आजादी ली थी कि एक दिन ऐसा आएगा, जब हमारी अपनी ही सरकार हम लोगों के साथ इस तरह से बदसलूकी करेगी?
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि ये हमारे देश के बच्चे हैं और इनके साथ इस तरह की बदसलूकी करना बिल्कुल सही नहीं है। ये बच्चे सिर्फ यही तो मांग रहे हैं कि उन्हें अच्छी शिक्षा व्यवस्था मिले, पेपर लीक न हों और देश में एक पारदर्शी व अच्छी परीक्षा व्यवस्था लागू हो। लेकिन इन बुनियादी मांगों पर ध्यान देने के बजाय सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि युवाओं के इस आंदोलन को कैसे फेल किया जाए, इसे कैसे बदनाम किया जाए और इसे कैसे अपमानित किया जाए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं मोदी जी से प्रार्थना करता हूं कि ऐसा मत करो और इतना अहंकार मत करो, क्योंकि इतना अहंकार अच्छा नहीं होता है। इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब किसी ने इतना अहंकार किया है, उसका नाश ही हुआ है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट का पेपर लीक हो गया। सीबीएसई के इवैल्यूएशन सिस्टम में बहुत बड़ा स्कैम हो गया। लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया। सिस्टम को ठीक कराने के लिए सोनम वांगचुक अनशन पर बैठ गए। सोनम वांगचुक के घर में कोई बच्चा अफेक्टेड नहीं है। वे अपने लिए अनशन पर नहीं बैठे, वे आपके बच्चों के लिए अनशन पर बैठे हैं। मैंने सुना कि उनके बाद अब अभिजीत दीपके भी अनशन पर बैठ गए। अभिजीत दीपके के घर में भी कोई बच्चा अफेक्टेड नहीं है। वे भी आपके बच्चों के लिए बैठे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब आपके घर में कोई बच्चा इस सड़े-गले एग्जामिनेशन सिस्टम से प्रभावित होता है, तो आप खूब शिकायत करते हैं, सरकार को गालियां देते हैं, सिस्टम को गालियां देते हैं। आज जब वे लोग जंतर-मंतर पर आपके बच्चों के लिए बैठे हैं, तो आप घर में क्यों बैठे हैं? आप उनके साथ जंतर-मंतर पर क्यों नहीं हैं?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज अगर आप जंतर-मंतर पर नहीं गए, आज अगर आपने उनके साथ मिलकर आवाज नहीं उठाई, तो कल फिर अगर कोई एग्जाम लीक हो तो शिकायत मत करना। हम सबको मिलकर सड़क पर उतरना पड़ेगा। हम सबको मिलकर आवाज उठानी पड़ेगी। सारे एक हो जाओ, तभी यह सरकार सुनेगी। नहीं तो यह सरकार बिल्कुल नहीं सुनने वाली। ये पेपर भी लीक होते रहेंगे, हमारे बच्चे आत्महत्या भी करते रहेंगे और यह सड़ा-गला सिस्टम ऐसे ही चलता रहेगा। अभी तुरंत जंतर-मंतर पहुंचो।
उधर, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने सुना था कि मुग़ल तानाशाह सत्ता से सवाल पूछने वालों पर कोड़े बरसाते थे। हमने सुना था कि अंग्रेज़ों की पुलिस देश की आवाज़ दबाने के लिए अपना विरोध दर्ज करा रहे आम लोगों पर लाठियाँ बरसाती थी।पर नरेंद्र मोदी की पुलिस तो आज़ाद भारत की पुलिस है। फिर वह युवाओं की आवाज़ को इतनी बेरहमी से क्यों दबा रही है?
मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश के नौजवान प्रधानमंत्री मोदी से केवल एक छोटी सी मांग कर रहे हैं कि जो परीक्षाएं होती हैं, उनमें होने वाली चोरी और पेपर लीक जैसे धोखे को रोककर उन्हें ईमानदारी से कराया जाए। इसके साथ ही, युवाओं की मांग है कि मोदी जी ने जो बेईमान और नाकारा शिक्षा मंत्री बिठा रखा है, उसे हटा दो। लेकिन वे इन युवाओं की बात मानना तो दूर, उनसे बात करना भी पसंद नहीं कर रहे हैं।
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि मोदी जी के दिल में अपना अधिकार और हक मांगने वाले इन नौजवानों के प्रति इतनी नफरत भरी पड़ी है कि आज उन्होंने पुलिस भेजकर उन पर डंडे बरसवा दिए। वे जबरन उनका अनशन तुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं और इसी कड़ी में उनके नेता सोनम वांगचुक को उनकी पुलिस जबरदस्ती उठाकर अस्पताल ले गई है। आखिर मोदी जी यह क्या कर रहे हैं?
मनीष सिसोदिया ने याद दिलाया कि हमने सुना है कि मुगलों के समय में ऐसा होता था, जब मुगल तानाशाह और अत्याचारी किसी को अपनी बात तक नहीं बोलने देते थे और लोगों पर कोड़े बरसाते थे। अंग्रेजों की पुलिस भी लोगों की बात सुनने के बजाय उन पर डंडे ही बरसाती थी। आज मोदी जी भी मुगलों और अंग्रेजों से कहीं ज्यादा अपने ही देश के नौजवानों पर अत्याचार कर रहे हैं और युवाओं की आवाज को नहीं सुन रहे हैं, जिसके लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए।
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PM मोदी बोले—यह 2014 से पहले वाला भारत नहीं, नया भारत है
देश को पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन की सौगात मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से इस आधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। इससे पहले हाइड्रोजन ट्रेनें केवल जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन में ही संचालित हो रही थीं। इसके साथ ही भारत हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यदि होरमुज़ जलडमरूमध्य में युद्ध जैसे हालात बनते हैं तो उसका सीधा असर भारत पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसी समुद्री मार्ग से देश में पेट्रोल, डीजल, खाद और कई अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति होती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि 2014 से पहले ऐसी स्थिति बनती तो भारत का रेलवे नेटवर्क गंभीर संकट का सामना कर सकता था, क्योंकि उस समय रेलवे का बड़ा हिस्सा डीजल इंजनों पर निर्भर था। यदि डीजल की आपूर्ति प्रभावित होती तो ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हो सकता था।
उन्होंने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं। यह 2014 से पहले वाला भारत नहीं, बल्कि नया भारत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने समय रहते भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे के विद्युतीकरण पर तेजी से काम किया है।
उन्होंने बताया कि भारत में रेलवे के विद्युतीकरण की शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी, लेकिन 1925 से 2014 तक लगभग 90 वर्षों में देश के रेलवे नेटवर्क का केवल 30 प्रतिशत ही विद्युतीकरण हो पाया था, जबकि 70 प्रतिशत रेलवे डीजल इंजनों पर निर्भर थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि उसी गति से काम चलता रहता तो पूरे रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण होने में लगभग 200 वर्ष और लग जाते। लेकिन पिछले 12 वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब देश के लगभग 99 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि इस बड़े बदलाव का परिणाम यह है कि डीजल की आपूर्ति में बाधा आने के बावजूद भारतीय रेलवे का संचालन प्रभावित नहीं हुआ और ट्रेनें लगातार चलती रहीं। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ रेलवे व्यवस्था भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।
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ई-20 पेट्रोल से देशभर के लोगों को अपने वाहनों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
ई-20 पेट्रोल के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं के खिलाफ आवाज़ बुलंद करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को लोगों से एकजुट होने और ई-20 पेट्रोल की आपूर्ति के माध्यम से उपभोक्ताओं के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू किए गए अभियान का समर्थन करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने देशभर के नागरिकों से stopE20petrol.com पर ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया, ताकि इस मुद्दे से प्रभावित लोगों की चिंताएं प्रधानमंत्री तक पहुंच सकें।
एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हर नागरिक को इस याचिका पर हस्ताक्षर कर अपनी आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, ताकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, जिसने जानबूझकर इस गंभीर मुद्दे की अनदेखी की है, को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर किया जा सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मोटरसाइकिलों से लेकर अन्य वाहनों तक, देशभर के लोग ई-20 पेट्रोल के कारण अपने वाहनों में विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस शोषण के खिलाफ अरविंद केजरीवाल जी ने प्रधानमंत्री को दो महत्वपूर्ण मांगों के साथ पत्र लिखा है। पहली, लोगों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का पेट्रोल चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। दूसरी, ई-20 पेट्रोल की कीमत तत्काल कम की जानी चाहिए। लोगों की आवाज़ केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक हस्ताक्षर महत्वपूर्ण है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ई-20 पेट्रोल देशभर में वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। वाहनों का माइलेज कम हो गया है और लोग लगातार केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठा रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता की बढ़ती चिंताओं के बावजूद भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके विपरीत, वाहन मालिकों में यह चिंता बढ़ रही है कि उनकी मेहनत की कमाई से खरीदे गए वाहनों के इंजन को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।”
उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल स्वयं लोगों की शिकायतें सुनने के लिए मैदान में उतरे। एक वाहन मरम्मत केंद्र के दौरे के दौरान उन्होंने खराब पड़े वाहनों की लंबी कतारें देखीं और लोगों में भारी रोष का अनुभव किया। इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिना किसी देरी के हस्तक्षेप करने की अपील की। क्या केंद्र सरकार तभी जागेगी, जब वाहनों को हो रहे नुकसान की गंभीरता प्रधानमंत्री के संज्ञान में आएगी?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार किस प्रकार का पेट्रोल खरीदना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों प्रकार के पेट्रोल को एक ही कीमत पर बेचने के बजाय ई-20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए। एक समान मूल्य वसूलने से बड़ी तेल कंपनियों को लाभ होता है, जबकि आम उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू की गई यह ऑनलाइन याचिका देश के प्रत्येक नागरिक की लड़ाई है। हर व्यक्ति को इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव लोगों और उनके परिवारों पर पड़ता है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करें। हमारा सामूहिक संघर्ष केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और समाधान निकालने के लिए बाध्य कर सकता है। समय की मांग है कि केंद्र सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे।”
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लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराकर जीता पहला टेस्ट
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन से हराकर पहला महिला टेस्ट मैच अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स के 142 साल के टेस्ट इतिहास में यह पहला अवसर था, जब यहां महिला टेस्ट मैच खेला गया और भारतीय टीम ने शानदार जीत दर्ज कर इसे यादगार बना दिया।
भारत ने चौथे दिन सुबह इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 रन पर समेट दी। मेजबान टीम के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। भारत को आखिरी दिन जीत के लिए सिर्फ चार विकेट चाहिए थे, जिन्हें टीम ने पहले ही सत्र में हासिल कर लिया।
इस ऐतिहासिक मुकाबले से पहले भारतीय टीम को एक खास सरप्राइज भी मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय ड्रेसिंग रूम पहुंचे और कप्तान हरमनप्रीत कौर, खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने इसे भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक पल बताया। मैच खत्म होने के बाद भी सचिन ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। इस दौरान आईसीसी चेयरमैन जय शाह भी लॉर्ड्स में मौजूद रहे।
मैच की बात करें तो भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की अहम बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 147/7 पर घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया। तीसरे दिन के अंत तक इंग्लैंड का स्कोर 130/6 था और चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने बाकी चार विकेट भी जल्दी लेकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।
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