Punjab
PM मोदी ने राज्य के बकाया फंड को नज़रअंदाज़ करके पंजाब के हर वर्ग को निराश किया: हरपाल सिंह चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब दौरा राज्य के हर वर्ग के लिए निराशाजनक रहा, क्योंकि उन्होंने पंजाब का जायज़ वित्तीय फंड बकाया जारी करने की घोषणा करने के बजाय राजनीति करना ज़्यादा पसंद किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग प्रधानमंत्री से राज्य का बकाया जारी करने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन वह राजनीतिक बयान देते रहे और इस मुद्दे पर चुप रहे।
वित्त मंत्री ने कहा कि आप सरकार ने साढ़े चार साल में लोगों से किए सभी पांच वादे पूरे कर दिए हैं, इसके उलट, भाजपा-अकाली सरकार ने अपने दस साल के राज में पंजाब को बर्बाद कर दिया। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यह भी कहा कि पिछली भाजपा-अकाली सरकार ने चिट्टा और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी को फलने-फूलने दिया, जबकि भगवंत मान सरकार ने युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान चलाया और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के लिए ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट’ बनाया।
मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से बहुत उम्मीदें थीं। पंजाब को उम्मीद थी कि उसका जायज़ बकाया मिलेगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ़ राजनीति करने पंजाब आए। उन्होंने पंजाब के बकाए के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा।”
वित्त मंत्री ने कहा, “पीएम मोदी ने भाजपा की डबल इंजन सरकार की बात की थी। भाजपा राम मंदिर के नाम पर वोट मांगकर सत्ता में आई थी। आज भाजपा ने राम मंदिर से ही चोरी कर ली है। भक्त श्रद्धा से मंदिर गए और दान और कीमती चढ़ावा चढ़ाया, लेकिन उत्तर प्रदेश में चंदे के तौर पर इकट्ठा किए गए सैकड़ों करोड़ रुपये चोरी हो गए। पीएम मोदी पंजाब आकर करप्शन की बात करते हैं, लेकिन पूरा देश जानता है कि भाजपा ने मंदिरों और धार्मिक जगहों से पैसे चुराना शुरू कर दिया है।”
उन्होंने कहा, “दशकों बाद पंजाब को उसका बेटा, एक आम आदमी, सरदार भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री के तौर पर मिला है। सरकार बनाने से पहले हमारे नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों को पांच गारंटी दी थीं। आज आप पंजाब के राजनीतिक इतिहास में पहली पार्टी बन गई है जिसने साढ़े चार साल के अंदर सभी पांच गारंटी पूरी कर दी हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “इन कामयाबियों से निराश होकर पीएम मोदी ने हम पर झूठे, बेबुनियाद और मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। पंजाब के लोग जानते हैं कि पिछले साढ़े चार साल से यह सरकार हर महीने 300 यूनिट फ्री बिजली दे रही है। पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। हमने अपने टीचरों को ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईटी भेजा है। आज सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को जाने-माने इंस्टीट्यूशन में एडमिशन मिल रहा है।”
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा, “पंजाब ने ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ लागू की है जो 10 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर देती है। पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जहां देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले आर्म्ड फोर्स और पंजाब पुलिस के जवानों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी जाती है। हमने ‘मान-ध्यान सत्कार योजना’ भी लागू की है जिसके तहत दलित महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और दूसरे तबके की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये मिलते हैं।”
पिछली सरकारों से तुलना करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पीएम मोदी ने डबल इंजन सरकार की बात की थी। पंजाब में 2007 से 2017 तक डबल इंजन सरकार थी, जब भाजपा अकाली दल सरकार में बराबर की पार्टनर थी। उन दस सालों में भाजपा-अकाली सरकार ने पंजाब को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।”
उन्होंने कहा, “भाजपा-अकाली सरकार के दौरान ही पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का दौर शुरू हुआ था। हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट’ लाई है। उन्होंने बेअदबी की, जबकि हम बेअदबी रोकने के लिए कानून लाए हैं। उन्होंने नशे फैलाए, जबकि हमारी सरकार ने पूरे पंजाब में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान चलाया है।”
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान राज्य का बकाया फंड जारी करेंगे। उन्होंने कहा, “पिछले साल बाढ़ के बाद पंजाब सरकार ने केंद्र से 20,000 करोड़ रुपये मांगे थे। पीएम मोदी ने 1,600 करोड़ रुपये का ऐलान किया था, लेकिन उस ऐलान का एक भी रुपया पंजाब के खजाने में नहीं पहुंचा है। पंजाब का आरडीएफ का बकाया रोक दिया गया है। पंजाब की मंडी फीस का बकाया भी इसलिए रोक दिया गया है क्योंकि भाजपा तीन काले खेती के कानून लाई थी और पंजाब के किसानों ने उन कानूनों का विरोध करने में सबसे आगे रहकर काम किया था। आज भाजपा पंजाब के किसानों और व्यापारियों से बदला ले रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “पूरे पंजाब को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब का बकाया लाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक तरफ पंजाब का जायज़ बकाया रोका जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सीएम भगवंत सिंह मान की सरकार लगातार पंजाब के विकास के लिए काम कर रही है।”
भगवंत मान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “साढ़े चार साल से लगातार 300 यूनिट फ्री बिजली दी जा रही है। पंजाब के युवाओं को पूरी मेरिट के आधार पर 68,000 से ज़्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं। पूरे राज्य में करीब 45,000 किलोमीटर सड़कें बनाई या अपग्रेड की जा रही हैं। गांवों में 3,000 खेल के मैदान पहले ही पूरे हो चुके हैं और 6,000 और खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। GVK थर्मल प्लांट को खरीदकर पंजाब और उसके लोगों की संपत्ति बना दिया गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के इतिहास में और शायद देश के इतिहास में पहली बार हाई कोर्ट में सरकारी वकीलों के लिए रिजर्वेशन दिया गया है। सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह पक्का कर रही है कि नहर का पानी हर किसान के आखिरी खेत तक पहुंचे।”
कैपिटल इन्वेस्टमेंट का ज़िक्र करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पीएम मोदी ने दावा किया कि पंजाब में कोई डेवलपमेंट नहीं हुआ है। अकाली दल-भाजपा सरकार के दौरान, पांच साल में कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर करीब Rs 12,000 करोड़ खर्च किए गए थे। 2017 से 2022 तक कांग्रेस सरकार के दौरान, यह आंकड़ा करीब Rs 19,000 करोड़ था। जब से आम आदमी पार्टी ने सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार बनाई है, तब से स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, खेल के मैदानों और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब Rs 55,000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया जा रहा है।”
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पीएम मोदी जालंधर आए और पंजाब का दौरा किया, लेकिन आखिर में उन्होंने पंजाब के हर वर्ग को निराश किया।”
एक सवाल के जवाब में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब सरकार का हर रुपया लोगों की भलाई के लिए खर्च होता है। पंजाब का एक बड़ा हिस्सा पीएम मोदी की सरकार ने रोक रखा है। हमारे मुख्यमंत्री कई बार केंद्रीय गृह मंत्री से मिल चुके हैं। हम केंद्रीय वित्त मंत्री से भी मिल चुके हैं और मैंने खुद भी कई मौकों पर यह मुद्दा उठाया है। हर मीटिंग में हमने पंजाब का आरडीएफ का बकाया जारी करने की मांग की है, लेकिन आज तक भाजपा की केंद्र सरकार ने हमारी मांग पर कोई एक्शन नहीं लिया है।”
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब दौरा पूरी तरह फ्लॉप, पंजाब को बिना कुछ दिए लौट गए: कुलदीप सिंह धालीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के चीफ स्पोक्सपर्सन और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने हाल ही में हुए नशा पर तीखी प्रतिक्रिया दी मंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे को उन्होंने ‘फ्लॉप शो’ बताया है। धालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा न सिर्फ पंजाब के लिए निराशाजनक था, बल्कि उनके बयान खोखले और जनता को गुमराह करने वाले थे।
शनिवार को आप नेता गुरप्रताप सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलदीप सिंह धालीवाल ने सीधे भाजपा पर हमला बोला और कहा कि जो लोग राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान के नाम पर चंदा चुरा सकते हैं, वे देश के साथ कभी ईमानदार नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करके राम मंदिर बनाने के नाम पर खुलेआम चंदा चुराया है।
धालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ अंबानी और अडानी जैसे अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के आरडीएफ और दूसरे फंड के करोड़ों रुपये रोक रखे हैं। जब हम पंजाब के विकास के लिए लोन लेते हैं, तो वे हम पर इल्जाम लगाते हैं, जबकि सच यह है कि केंद्र सरकार पंजाब के हक का पैसा दबाए बैठी है।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार जो भी लोन ले रही है, वह किसी उद्योगपति को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाएं, गरीबों को पेंशन और पब्लिक वेलफेयर स्कीम पर खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास न तो अडानी है और न ही अंबानी, इसलिए पंजाब का पैसा सिर्फ पंजाब के लोगों पर खर्च हो रहा है।
पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने के मुद्दे पर धालीवाल ने इसे जनता की जेब पर एक और डकैती बताया। उन्होंने सवाल किया कि यह किस कानून के तहत आम लोगों पर जबरदस्ती थोपा जा रहा है? उन्होंने कहा कि दावा किया गया था कि इथेनॉल से फ्यूल सस्ता होगा, लेकिन इसके उलट कीमतें और बढ़ गईं, जिसका सीधा बोझ आम आदमी की कमर तोड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे कुछ चुनिंदा कंपनियों को फायदा हो रहा है और आम जनता इसकी कीमत चुका रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पंजाब में भाषण देने के बजाय देश को बताना चाहिए कि यह व्यवस्था किस कानून के तहत लागू की गई और जनता को इसका क्या लाभ हुआ।
नशा के मुद्दे पर धालीवाल ने भाजपा को आईना दिखाते हुए कहा कि पंजाब में नशा तब फैला जब भाजपा और अकाली दल की मिली-जुली सरकार थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार केंद्र सरकार से पंजाब के 532 किलोमीटर इंटरनेशनल बॉर्डर पर मॉडर्न एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की मांग कर रहे हैं ताकि ड्रोन के ज़रिए पाकिस्तान से आने वाले नशा और हथियारों को रोका जा सके, लेकिन केंद्र ने आज तक इस दिशा में कोई असरदार कदम नहीं उठाया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री किसानों के मुद्दे पर भी पूरी तरह चुप हैं। केंद्र सरकार ने आज तक 720 किसानों की शहादत और बाढ़ पीड़ितों के लिए 1600 करोड़ रुपये के वादे पर एक बार भी नहीं सोचा है।
धालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दौरान यह नहीं बताया कि यूएस के साथ ट्रेड एग्रीमेंट का पंजाब के किसानों पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान लगातार अपनी चिंताएं बता रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी आवाज़ सुनने के बजाय सिर्फ़ राजनीतिक भाषण दे रही है।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री खाली हाथ आए और खाली हाथ ही गए। पंजाब के भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने पंजाब को क्या दिया? पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ और दूसरी राहत मदद देकर मदद की, जबकि केंद्र सरकार सिर्फ़ झूठे वादे करती रही। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह दौरा पंजाब के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने के अलावा कुछ नहीं था।
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प्रधानमंत्री मोदी पंजाब के असली मुद्दों का जवाब देने में रहे नाकाम, सिर्फ झूठे आरोप लगाए: बलतेज पन्नू
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का पंजाब दौरा झूठे आरोपों से भरा एक राजनीतिक ड्रामा भर था। उन्होंने उन सवालों के जवाब देने में नाकामी दिखाई जो पंजाब के लोगों के लिए सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।
एक वीडियो संदेश में ‘आप’ पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब आए, पंजाब सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाए और प्रदेश की गंभीर समस्याओं में से किसी का भी हल किए बिना वापस चले गए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के पास पंजाब के लिए कोई जवाब नहीं था। उन्होंने सिर्फ आरोप और राजनीतिक बयानबाजी दोहराई, लेकिन लोगों को प्रभावित करने वाले असली मुद्दों पर वे पूरी तरह चुप रहे।”
पंजाब से संबंधित कई अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए ‘आप’ के मीडिया प्रभारी ने कहा कि लोगों को जवाबों की उम्मीद थी लेकिन कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री किसान आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसानों की मौतों का जवाब देने में क्यों नाकाम रहे? न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी क्यों लटकी हुई है? केंद्र सरकार पंजाब का बनता फंड क्यों रोक रही है? पंजाब को वह फंड न मिलने के बावजूद भी सर्वाइव करना पड़ रहा है जो असल में प्रदेश के हैं, फिर भी प्रधानमंत्री ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।”
भाजपा के “डबल इंजन सरकार” के नारे पर निशाना साधते हुए पन्नू ने कहा कि पंजाबी ऐसी सरकार की हकीकत पहले ही देख चुके हैं। “2007 से 2017 तक, जब भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने मिलकर पंजाब पर राज किया, तो प्रदेश को बहुत बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।”
भाजपा-अकाली सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब उस समय लिए गए फैसलों के नतीजे आज भी भुगत रहा है। उन्होंने कहा, “यह भाजपा-अकाली राज के दौरान ही था कि पंजाब में नशे की लत फैली, जिसने नौजवानों की एक पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर दिया। उसी समय के दौरान गैंगस्टर संस्कृति भी पनपी, जिसके नतीजे पंजाब को सालों तक भुगतने पड़े।”
पंजाब में एक और मौका मांगने वाली भाजपा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लोग पार्टी का पुराना रिकॉर्ड नहीं भूले हैं। उन्होंने कहा कि “किस मुंह से भाजपा पंजाबियों को डबल इंजन वाली सरकार लाने के लिए कह रही है? लोग उन्हें पहले ही कई बार मौके दे चुके हैं। 1997 से 2002 तक और फिर 2007 से 2017 तक, पंजाब ने उनका शासन देखा है और उन सालों के दौरान हुए नुकसान को नहीं भूला है।”
बलतेज पन्नू ने कहा, “पंजाब के लोग भाजपा के ट्रैक रिकॉर्ड से पूरी तरह वाकिफ हैं और नारों तथा राजनीतिक प्रचार द्वारा गुमराह नहीं होंगे। पंजाबी प्रधानमंत्री से खोखले भाषणों और चुनी हुई पंजाब सरकार पर झूठे आरोपों की उम्मीद नहीं रखते, बल्कि जवाबदेही, इंसाफ और असली समाधान चाहते हैं।”
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माँवां धियां सत्कार योजना’ के तहत लुधियाना रहा लाभार्थियों की सूची में सबसे आगे
भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की माँवां धियां सत्कार योजना के तहत लुधियाना सबसे अधिक लाभार्थियों वाला ज़िला बनकर उभरा है। इस योजना के तहत ज़िले में 7.4 लाख लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।
लुधियाना के बाद पटियाला में 5.3 लाख, अमृतसर में 4.9 लाख, जालंधर में 4.8 लाख, गुरदासपुर में 4.4 लाख और होशियारपुर में 4.2 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं। राज्य में सबसे कम रजिस्ट्रेशन मालेरकोटला ज़िले में दर्ज किया गया है, जहाँ 1.3 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं।
पूरे पंजाब में 14 जुलाई 2026 तक कुल 68.9 लाख लाभार्थियों का इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है।
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर और होशियारपुर जैसे ज़िलों में अधिक रजिस्ट्रेशन के पीछे कई कारण हैं, जिनमें अधिक आबादी, मज़बूत प्रशासनिक नेटवर्क और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति अधिक जागरूकता शामिल हैं। उन्होंने कहा, “योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी मिलकर काम कर रही है।”
अधिक रेजिस्ट्रेशनों के पीछे बड़ी जनसंख्या एक प्रमुख कारण है। इन ज़िलों में शहरी और ग्रामीण आबादी अधिक है, विधानसभा क्षेत्रों की संख्या अधिक है और पात्र परिवारों की संख्या भी अधिक है, जिससे लाभार्थियों की संख्या स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहर रोज़गार, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के लिए आसपास के ज़िलों के लोगों को भी आकर्षित करते हैं, जिससे यहाँ रहने वाली आबादी में वृद्धि होती है।
इन ज़िलों में परिवार ज़्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों से संबंधित हैं, जिससे बेटियों वाले परिवारों को सहायता प्रदान करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है। जन्म पंजीकरण, आधार नामांकन, बैंक ख़ातों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ों की बेहतर व्यवस्था ने भी अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने में मदद की है।
ज़िला प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ स्थानीय निकायों (लोकल बॉडीज़) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पात्र परिवारों को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। अधिकारियों ने आवेदनों के वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया, जिससे लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है।
इसके विपरीत, मालेरकोटला जैसे कम आबादी वाले ज़िलों में लाभार्थियों की संख्या कम दर्ज की गई है। कम जनसंख्या और पात्र परिवारों की अपेक्षाकृत संख्या के कारण इन ज़िलों में पंजीकरण भी कम रहा है।
ज़िला-वार दर्ज किए गए लाभार्थी
क्रम संख्या ज़िला लाभार्थी (लाख में)
1 अमृतसर 4.9
2 बरनाला 1.6
3 बठिंडा 3.8
4 फ़रीदकोट 1.8
5 फ़तेहगढ़ साहिब 1.5
6 फ़ाज़िल्का 2.9
7 फ़िरोज़पुर 2.5
8 गुरदासपुर 4.4
9 होशियारपुर 4.2
10 जालंधर 4.8
11 कपूरथला 1.7
12 लुधियाना 7.4
13 मालेरकोटला 1.3
14 मानसा 2.4
15 मोगा 2.6
16 पठानकोट 1.8
17 पटियाला 5.3
18 रूपनगर 1.8
19 एस.ए.एस. नगर (मोहाली) 1.7
20 एस.बी.एस. नगर (नवांशहर) 1.6
21 संगरूर 3.6
22 श्री मुक्तसर साहिब 2.7
23 तरनतारन 2.6
कुल दर्ज किए गए लाभार्थी: 68.9 लाख
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