Haryana
‘पंजाब दा पानी, पंजाब दा हक’ – AAP नेताओं ने हाईकोर्ट के फैसले को बताया मील का पत्थर।
हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के मामले में हाईकोर्ट की टिप्पणी से आम आदमी पार्टी के नेताओं और कैबिनेट मंत्रियों ने पंजाब को मिली राहत का स्वागत किया है। उन्होंने कोर्ट का आभार जताया और इसे पंजाब के हित में एक बड़ा फैसला बताया।
AAP नेताओं ने सोशल मीडिया (एक्स) पर #PunjabDaPaaniPunjabDaHaq हैशटैग के साथ प्रतिक्रिया दी और कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के जल और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पंजाब के AAP प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने ट्वीट कर कहा, “भाजपा और बीबीएमबी की मनमानी अब नहीं चलेगी। हाईकोर्ट ने साफ पूछा है कि हरियाणा को अतिरिक्त पानी की जरूरत आखिर क्यों है – इसका ठोस जवाब दो।”
अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के हकों पर डाका डालना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे मुख्यमंत्री साहब स्वयं आगे रहते हैं।
कुलदीप धालीवाल- “पंजाब के हक की आवाज हाईकोर्ट ने सुनी और हरियाणा एवं बीबीएमबी पर सवाल उठाए। पंजाब के हकों के लिए मान सरकार की लड़ाई इसी तरह आगे भी जारी रहेगी। हम किसी भी कीमत पर पंजाब का हक नहीं छीनने देंगे।”
बलजीत कौर – “अंततः सत्य की जीत हुई! पंजाब के हकों की अब और लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माननीय उच्च न्यायालय ने पानी पर पंजाब को न्याय दिया है तथा बीबीएमबी से जवाब मांगा है। केंद्र की भाजपा सरकार की धौंस पंजाब में नहीं चलेगी।”
हरभजन सिंह ईटीओ – “माननीय उच्च न्यायालय ने पंजाब के पानी को लेकर हमारे मुख्यमंत्री साहब के दावों को सही ठहराते हुए हरियाणा व बीबीएमबी से जवाब मांगा कि हरियाणा को अतिरिक्त पानी की आवश्यकता क्यों है? यह फैसला पूरी तरह पंजाब के पक्ष में है। पंजाब के अधिकारों के लिए हमारी लड़ाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी!”

लालजीत भुल्लर – “पंजाब के हक की आवाज एक बार फिर बुलंद हुई है! हाईकोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं। अब हरियाणा सरकार और बीबीएमबी को जवाब देना होगा कि उन्हें अतिरिक्त पानी की जरूरत क्यों? हम किसी को भी पंजाब के हक का पानी लूटने नहीं देंगे।”
डॉ रवजोत- “सत्य और ईमानदारी की जीत हुई है! उच्च न्यायालय द्वारा पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा व बीबीएमबी से स्पष्टीकरण मांगने से पंजाब का पक्ष मजबूत हुआ है। यह आम लोगों और उनकी चुनी हुई सरकार की जीत है। आप सरकार पंजाब के पानी की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है!”
मोहिंदर भगत- ” यह सत्य और अधिकार की जीत है! माननीय उच्च न्यायालय का धन्यवाद कि उन्होंने पंजाब की आवाज सुनी। पंजाब के अधिकारों पर भाजपा का अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मान सरकार पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।”
वरिंदर गोयल – “यह सत्य और ईमानदारी की जीत है! उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा और बीबीएमबी को आईना दिखाया है। यह पंजाब के तीन करोड़ लोगों की जीत है।”
हरदीप सिंह मुंडियां – “हाईकोर्ट की टिप्पणी से यह स्पष्ट हो गया है कि पंजाब का अधिकार अब सुरक्षित हैं। उच्च न्यायालय ने जल मुद्दे पर हमारी अपनी सुनी और बीबीएमबी व हरियाणा से जवाब मांगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।”
Haryana
हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
Haryana
जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम
जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।
जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।
2023 में नहीं लाया जा सका बिल
2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।
आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए
खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।
बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी
आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।
परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
Haryana
हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, क्लास-IV कर्मचारियों को मिलेगा 27 हजार का ब्याजमुक्त एडवांस, 7 मई तक करें आवेदन
हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदने के लिए नियमित क्लास-IV राज्य सरकारी कर्मचारियों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹27,000 का ब्याज-मुक्त अग्रिम (advance) देने का फैसला किया है. यह सुविधा विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपने या अपने परिवार के उपभोग के लिए गेहूं खरीद रहे हैं.
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इच्छुक स्थायी/अस्थायी क्लास-IV कर्मचारी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर 7 मई, 2026 (गुरुवार) तक लेखा और विभाजन शाखा (Accounts and Partition Branch) में जमा कर सकते हैं. आवेदन केवल शाम 4:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच स्वीकार किए जाएंगे. उसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन पत्र मुख्य सचिवालय की वेबसाइट www.csharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है.
क्या हैं मुख्य शर्तें?
अग्रिम की पूरी राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 मार्च, 2027) के अंत से पहले किस्तों में वसूल कर ली जाएगी.अस्थायी कर्मचारियों को यह अग्रिम केवल एक स्थायी कर्मचारी की जमानत (surety) देने पर ही दिया जाएगा. जिन मामलों में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनमें से केवल एक ही इस लाभ को प्राप्त करने के लिए पात्र होगा.जो कर्मचारी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति (deputation) पर हैं, साथ ही वर्क-चार्ज, आकस्मिक, दैनिक-मजदूरी और संविदा कर्मचारी, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. अग्रिम राशि प्राप्त होने के एक महीने के भीतर, कर्मचारी को एक प्रमाण पत्र जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि राशि का उपयोग केवल गेहूं खरीदने के लिए किया गया है.
सरकार ने अधिकारियों को जारी किए निर्देश
यह व्यवस्था वित्त विभाग के आदेश संख्या 46/1/2011-WM(6)/1557-1562 (दिनांक 16 अप्रैल, 2026) के तहत स्थापित की गई है.वसूली की प्रक्रिया मई 2026 के वेतन (जिसका भुगतान जून में होगा) के साथ शुरू होगी.सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (Drawing and Disbursing Officers) को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऐसे संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी जो किसी अपात्र कर्मचारी को अग्रिम स्वीकृत करता है. खर्च से संबंधित विवरण 31 मई, 2026 तक वित्त विभाग को जमा किए जाने चाहिए.
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |