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Punjab

मटका चौक पर Punjab के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां पहुंचे, किसानों से लिया मांग पत्र

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किसान अपनी कुछ समस्याओं से परेशान थे, इसलिए उन्होंने चंडीगढ़ में पूरे दिन बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। वे दो अलग-अलग समूहों में एकत्र हुए। संयुक्त किसान मोर्चा नामक एक समूह ने एक बड़ी बैठक की, जबकि दूसरे समूह, जिसमें भारतीय किसान यूनियन और Punjab खेत मजदूर यूनियन के किसान शामिल थे, ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर मार्च किया। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुदियां मटका चौक नामक स्थान पर गए और किसानों से एक पत्र प्राप्त किया।

उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर कितनी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि वे पत्र को मुख्यमंत्री के पास ले जाएंगे और किसानों के लिए बोलेंगे, जैसे एक वकील अपने मुवक्किल के लिए बोलता है। किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि जब तक उनकी बैठक चल रही है, किसान मार्च करते रहेंगे। वे आगे क्या करना है, इसकी योजना बनाने के लिए मिलेंगे। एक अन्य किसान नेता राकेश टिकैत उनके साथ शामिल हुए और कहा कि वे उनके प्रयासों का समर्थन करते हैं। उनका मानना ​​है कि किसानों की मांगें बहुत महत्वपूर्ण हैं और जल्द से जल्द उनका ध्यान रखा जाना चाहिए। किसानों द्वारा अपनी मांगें बताने के बाद, उन्हें बसों द्वारा एक अलग क्षेत्र में ले जाया गया, ताकि सड़कों पर यातायात को रोका जा सके।

इससे पहले, पुलिस ने बहुत सारे अधिकारियों को लाकर सुनिश्चित किया कि सब कुछ सुरक्षित रहे – 700 से ज़्यादा! उनकी मदद के लिए उनके पास विशेष टीमें भी थीं। उन्होंने सभी को नियमों का पालन करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कुछ भी बुरा न हो, सड़कों पर ट्रक खड़े कर दिए।

सरकार के कुछ महत्वपूर्ण लोगों और BKU एकता उग्राहन नामक समूह के नेताओं के बीच तीन घंटे तक बैठक हुई। वे समूह द्वारा निकाले जाने वाले मार्च को रोकने के बारे में बात करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन वे इस बात पर सहमत नहीं हो पाए कि क्या किया जाए। सरकार मार्च को रोकना चाहती थी, इसलिए वे आज एक और बैठक करने की योजना बना रहे हैं ताकि चीजों को समझने की कोशिश की जा सके।

किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब विधानसभा की बैठक 2 सितंबर को शुरू होगी। वे सरकार को एक पत्र देंगे जिसमें कुछ मांगा जाएगा। उसके बाद, सभी देखेंगे कि बैठक के दौरान सरकार क्या फैसला लेती है।

बैठक 4 सितंबर को समाप्त होगी। फिर, 5 सितंबर को समूह फिर से इकट्ठा होगा और आगे क्या करना है, इसकी योजना बनाएगा। किसान और उनके परिवार विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। किसान नेता डेढ़ साल से नई कृषि योजना की मांग कर रहे हैं। सरकार किसानों की मदद के लिए कुछ नहीं कर रही है। पिछले साल लोगों के एक समूह ने खेती में मदद के लिए एक रिपोर्ट बनाई थी, लेकिन सरकार ने इस पर कुछ नहीं किया। इससे पता चलता है कि सरकार किसानों और मजदूरों की मदद करने के बजाय बड़ी कंपनियों और अमीर लोगों की ज्यादा परवाह करती है।

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पंजाब सरकार के विरोध के बाद हिमाचल ने बदला रुख, बढ़े एंट्री टैक्स पर फिर होगा विचार

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एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार अब नरम रुख अपनाती नजर आ रही है। पंजाब सरकार के कड़े विरोध और प्रदर्शन के बाद हिमाचल कैबिनेट ने बढ़ाई गई एंट्री टैक्स दरों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है।

हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद एक संतुलित और लोगों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने पर काम किया जा रहा है।

सरकार ने बताया कि एंट्री टैक्स से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब आम जनता और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है, जिससे दोनों राज्यों के बीच समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंजाब चाहे तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकता है। वहीं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।

कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी तनातनी के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।

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‘मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार’, लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CM Bhagwant Singh Mann का सख्त संदेश

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पंजाब में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भुल्लर से मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था। जानकारी के अनुसार, भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद ही गिरफ्तारी दी।

इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार है। अगर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हमारी सरकार किसी की भी पैरवी या सिफारिश को स्वीकार नहीं करती।”

मुख्यमंत्री ने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार और पार्टी में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानून के सामने सभी को बराबर माना जा रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा रही।

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Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains

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एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का एंट्री टैक्स लगाना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद पंजाब में इसका विरोध तेज हो गया है। इस फैसले के खिलाफ पंजाब में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही, पंजाब विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और हिमाचल द्वारा लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की जा रही है।

पंजाब सरकार इस मामले में जवाबी कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यदि हिमाचल सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो पंजाब भी हिमाचल की कमर्शियल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।

इस पूरे विवाद पर बोलते हुए आनंदपुर साहिब के विधायक और शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि चंडीगढ़ से गुजरने वाला मार्ग एक नेशनल हाईवे है, जिस पर किसी भी राज्य का एकतरफा अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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