Punjab
क्रिकेटर Suresh Raina के फुफड़ और बही का हुआ था कतल, पठानकोट कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
Suresh Raina के बेटे की मौत के एक गंभीर मामले में जज ने फैसला सुनाया है कि इस मामले में शामिल सभी 12 लोगों को आजीवन कारावास की सजा होगी। साथ ही उन्हें 2 लाख रुपए का बड़ा जुर्माना भी भरना होगा। यह 19 अगस्त, 2020 की रात को हुआ, जब कुछ बदमाशों ने अपने गांव में अशोक कुमार नाम के एक व्यक्ति और उसके परिवार पर धारदार चीजों से हमला कर दिया।
दुख की बात यह है कि इस हमले में 58 वर्षीय अशोक कुमार और उनके 32 वर्षीय बेटे कौशल कुमार दोनों की जान चली गई। अशोक कुमार की पत्नी आशा देवी और उनके बेटे अपिन कुमार के साथ ही परिवार की एक अन्य सदस्य सत्या देवी को बहुत चोटें आईं। हरीश पठानिया नाम के एक वकील ने बताया कि 20 अगस्त, 2020 को पठानकोट में रहने वाले शाम लाल नाम के एक व्यक्ति ने पुलिस के पास जाकर कहा कि किसी ने अशोक कुमार और कौशल कुमार नाम के एक अन्य व्यक्ति की हत्या कर दी है।
उसने यह भी कहा कि आशा, अपिन और सत्या को बहुत चोटें आई हैं। आशा रानी डेढ़ साल तक अस्पताल में गहरी नींद में सोती रही। जब उसे होश आया तो उसने कोर्ट केस में अपनी आपबीती बताई। इसके लिए जो लोग मुसीबत में फंसे, उनके नाम हैं स्वर्ण, शाहरुख, मोहब्बत, रिहान, असलम, तवज्जल, काजम, चाहत, जबराना, साजन, गोलू और छज्जली।
इस घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने आईजी को मामले की विस्तार से और तेजी से जांच करने को कहा. बॉर्डर रेंज अमृतसर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया गया जिसमें पठानकोट के एसएसपी, एसपी (जांच) और डीएसपी धार कलां इसके सदस्य थे।
डीजीपी ने कहा था कि जांच के दौरान एसआईटी ने मामले से संबंधित परिस्थितिजन्य और परिस्थितिजन्य साक्ष्य एकत्र किए थे (एफआईआर 153 दिनांक 20 अगस्त, 2020 आईपीसी धारा 460/459/458) और जांच के दौरान धारा 302, 307, 148, 149 आईपीसी भी जोड़ा गया
घटना के तुरंत बाद रैना की अपील पर मुख्यमंत्री ने आईजीपी बॉर्डर रेंज अमृतसर के तहत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया। एसएसपी पठानकोट, एसपी इन्वेस्टिगेशन और डीएसपी धारकल को इसका सदस्य बनाया गया, जिन्होंने मामले की गहनता से और तेजी से जांच की। जांच में 100 से ज्यादा संदिग्ध शामिल थे |
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21 जून को पाकिस्तान रवाना होगा श्रद्धालुओं का जत्था, 296 श्रद्धालुओं को मिला वीजा
शेर-ए-पंजाब Maharaja Ranjit Singh की बरसी में शामिल होने के लिए पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास ने Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (एसजीपीसी) को 296 श्रद्धालुओं के वीजा जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह जत्था 21 जून को एसजीपीसी मुख्यालय से अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। जत्थे के सदस्य 29 जून को लाहौर स्थित Gurdwara Dera Sahib में आयोजित महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
इस दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के भी दर्शन करेंगे। धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद जत्था 30 जून को भारत वापस लौटेगा।
एसजीपीसी ने इस यात्रा के लिए कुल 308 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा प्रक्रिया हेतु पाकिस्तान दूतावास को भेजे थे। हालांकि, 12 श्रद्धालुओं को किसी कारणवश वीजा जारी नहीं किया गया, जबकि 296 श्रद्धालुओं को मंजूरी मिल गई है।
गौरतलब है कि हर वर्ष महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के अवसर पर बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु पाकिस्तान जाकर गुरुद्वारा डेरा साहिब में मत्था टेकते हैं और शेर-ए-पंजाब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह यात्रा सिख समुदाय के लिए विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखती है।
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मोहाली में बनेगा पंजाब का सबसे बड़ा वर्किंग वूमेन हॉस्टल, मंत्री बलजीत कौर ने रखा शिलान्यास
पंजाब के मोहाली में राज्य के सबसे बड़े वर्किंग वूमेन हॉस्टल का शिलान्यास किया गया। पंजाब की कैबिनेट मंत्री Baljit Kaur ने एक समारोह के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि इस हॉस्टल में कामकाजी महिलाएं अपने बच्चों के साथ भी रह सकेंगी, जिससे उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध होगा।
मंत्री ने बताया कि यह हॉस्टल लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा और इसे नौ महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा एक अन्य महिला हॉस्टल भी अगले दो महीनों में तैयार होकर शुरू हो जाएगा।
बलजीत कौर ने कहा कि जिन शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की आवश्यकता है, वहां सरकार जरूरत पड़ने पर इमारतें किराये पर लेकर भी यह सुविधा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सुरक्षित, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि पंजाब और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में महिलाएं शिक्षा और रोजगार के लिए मोहाली आती हैं। क्षेत्र में कई प्रमुख कंपनियां और संस्थान होने के कारण यहां लंबे समय से वर्किंग वूमेन हॉस्टल की मांग की जा रही थी। निजी पीजी और किराये के कमरों की ऊंची लागत के कारण कई कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी हॉस्टल उन्हें सुरक्षित और किफायती आवास का विकल्प उपलब्ध कराएंगे।
मोहाली के इस बड़े महिला हॉस्टल में 350 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। वहीं, सेक्टर-79 में बनने वाले एक अन्य महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट पर 12.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के लिए 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार के निर्भया फंड से और शेष 40 प्रतिशत राशि पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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PGI और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच बनेगा आधुनिक अंडरपास, हजारों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
चंडीगढ़ में Postgraduate Institute of Medical Education and Research (PGI) और Panjab University के बीच सड़क पार करने वाले हजारों मरीजों, डॉक्टरों, स्वयंसेवकों, छात्रों और आम लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने जा रही है। यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने लंबे समय से प्रस्तावित पैदल यात्री अंडरपास परियोजना के लिए दोबारा टेंडर जारी कर दिया है। इस परियोजना पर लगभग 8.4 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह दूसरा मौका है जब प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए टेंडर जारी किया है। अंडरपास बनने से व्यस्त सड़क पार करते समय होने वाले हादसों का खतरा काफी कम होगा और लोगों को सुरक्षित आवागमन का विकल्प मिलेगा।
परियोजना के अनुसार अंडरपास करीब 14 मीटर चौड़ा और 32 मीटर लंबा होगा। आकार के लिहाज से यह सेक्टर-17 स्थित Zakir Hussain Rose Garden के अंडरपास से भी बड़ा होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे एक समय में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही सुगम हो सकेगी।
स्थान की कमी के कारण अंडरपास में एस्केलेटर लगाने की योजना को रद्द कर दिया गया है। हालांकि बुजुर्गों, मरीजों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप बनाए जाएंगे, ताकि व्हीलचेयर उपयोगकर्ता भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकें।
संशोधित डिजाइन के तहत अंडरपास के भीतर 12 व्यावसायिक बूथ भी बनाए जाएंगे। पहले इनकी संख्या 20 प्रस्तावित थी। इन दुकानों में फोटोकॉपी समेत अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे PGI आने वाले मरीजों और पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही प्रशासन को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।
अंडरपास को आधुनिक और आकर्षक बनाने के लिए इसमें ग्रेनाइट फ्लोरिंग की जाएगी। इसके अलावा पूरे अंडरपास में एलईडी लाइटिंग लगाई जाएगी, ताकि रात के समय भी लोग सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से इसका उपयोग कर सकें।
परियोजना पूरी होने के बाद PGI और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच आवागमन करने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी रोजमर्रा की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी।
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