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राष्ट्रपति दोपदी मुर्मू GNDU की 50 वीं कनवोकेशन में पहुंची:राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया व शिक्षामंत्री भी पहुंचे

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) के 50वें दीक्षांत समारोह में मुख्य मेहमान के रूप में शामिल होने के लिए अमृतसर पहुंच गई हैं। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ वो कनवोकेशन हॉल में पहुंची और राष्ट्रगान के साथ कनवोकेशन शुरू हो गई। इस कार्यक्रम में अब वो मेधावी स्टूडेंट्स को डिग्रियां प्रदान करेंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ गवर्नर के अलावा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी और वाइस चांसलर प्रो करमजीत सिंह भी कनवोकेशन के मंच पर उपस्थित हैं। सबसे पहले राष्ट्रगान गाया गया उसके बाद समारोह की शुरुआत हुई।

जीएनडीयू की 50 वीं कनवोकेशन के मौके पर मंच पर उपस्थित राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस।

जीएनडीयू की 50 वीं कनवोकेशन के मौके पर मंच पर उपस्थित राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस।

GNDU आने वाली तीसरी राष्ट्रपति

गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के 56 साल के इतिहास में द्रौपदी मुर्मू तीसरी राष्ट्रपति होंगी जो इस संस्थान का दौरा कर रही हैं। इससे पहले, 1969 में वी.वी. गिरि ने यूनिवर्सिटी की नींव रखी थी। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम 31 अगस्त 2004 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब अध्ययन केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे थे।

राष्ट्रपति बनने के बाद उनका दूसरा अमृतसर दौरा

राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू का यह दूसरा अमृतसर दौरा है। इससे पहले 2023 में उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका था। राष्ट्रपति दो दिवसीय पंजाब दौरे पर हैं। आज अमृतसर में कार्यक्रम के बाद वे शुक्रवार को जालंधर के डॉ. बी.आर. अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में 1452 छात्रों को डिग्रियां वितरित करेंगी।

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CM भगवंत सिंह मान ने पवित्र नगरी अमृतसर को दिया बड़ा तोहफा, नवां सुल्तान विंड फ्लाईओवर जनता को समर्पित; पारदर्शी प्रक्रिया से 11.52 करोड़ रुपये की बचत हुई

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पवित्र नगरी अमृतसर के निवासियों को सुल्तानविंड बाईपास और सुल्तानविंड लिंक रोड के जंक्शन पर निर्मित नए फ्लाईओवर को जनता को समर्पित कर बड़ी सौगात दी। लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्या के समाधान तथा प्रतिदिन श्री अमृतसर साहिब में दर्शन के लिए आने वाले दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाए गए इस परियोजना को पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से पूरा किया गया, जिससे जनता के 11.52 करोड़ रुपये की बचत हुई।

अपनी सरकार के विकासोन्मुखी शासन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 15 जुलाई तक जनता के लिए 3,100 नए स्टेडियम, 3,000 जिम और 400 नए आम आदमी क्लीनिक तैयार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत से अधिक नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा है तथा 43,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण के बाद उनके पांच वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों की होगी। उन्होंने कहा कि जहां उनकी सरकार विकास और ईमानदार शासन पर केंद्रित है, वहीं विपक्षी दल सरकार के कार्यों को चुनौती देने में असफल रहने के कारण फर्जी वीडियो वायरल करने जैसे ओछे हथकंडे अपना रहे हैं।

अपने एक्स हैंडल पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “पवित्र नगरी अमृतसर में सुल्तानविंड लिंक रोड पर नया ओवरब्रिज जनता को समर्पित किया गया है। सरकार ने अपनी पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से इस परियोजना में जनता के 11.5 करोड़ रुपये बचाए हैं। 15 जुलाई तक 3,100 नए खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे, जबकि 400 नए आम आदमी क्लीनिक भी जनता की सुविधा के लिए लगभग पूरी तरह तैयार हैं।”

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, “खेती के लिए रिकॉर्ड 80 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा है और अब ठेकेदारों के लिए उनके द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों की पांच वर्ष की गारंटी देना अनिवार्य कर दिया गया है। आपकी सरकार ईमानदार नीयत से काम कर रही है। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को और अधिक समृद्ध बनाएं तथा नई बुलंदियों तक पहुंचाएं।”

फ्लाईओवर को जनता को समर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु इस पवित्र नगरी में श्री दरबार साहिब तथा अन्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनाने के लिए हमारी सरकार शहर के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। आज हमने सुल्तानविंड बाईपास और सुल्तानविंड लिंक रोड के जंक्शन पर निर्मित नए फ्लाईओवर को जनता को समर्पित किया है।”

परमात्मा का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं अकाल पुरख का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझे इस महत्वपूर्ण परियोजना को जनता को समर्पित कर इस पवित्र नगरी की सेवा करने का अवसर प्रदान किया। यह फ्लाईओवर यातायात की समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “तारा वाला पुल के निकट तरनतारन रोड पर स्थित सुल्तानविंड लिंक रोड के जंक्शन पर भारी यातायात के कारण प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों, स्थानीय निवासियों तथा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को लंबे समय से जाम की समस्या का सामना करना पड़ता था। यह फ्लाईओवर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार लाने के साथ-साथ प्रतिदिन हजारों लोगों के बहुमूल्य समय की भी बचत करेगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे खुशी है की यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कि पवित्र नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इस परियोजना को युद्ध स्तर पर पूरा किया गया और निर्धारित समय से पहले ही जनता को समर्पित कर दिया गया।”

परियोजना के पारदर्शी निर्माण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यद्यपि पंजाब सरकार ने इस परियोजना के लिए 34.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन इसे मात्र 22.68 करोड़ रुपये की लागत से सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे जनता के 11.52 करोड़ रुपये की बचत हुई। उन्होंने बताया कि पहुंच मार्गों सहित इस परियोजना की कुल लंबाई 985 मीटर है।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “फ्लाईओवर की लंबाई 725 मीटर और चौड़ाई 14 मीटर है। स्थानीय यातायात की सुगम आवाजाही के लिए फ्लाईओवर के दोनों ओर 5.50 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई गई हैं।”

परियोजना की पर्यावरण अनुकूल विशेषताओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “यह एक पर्यावरण-अनुकूल परियोजना है। वर्षा जल निकासी के लिए आर.सी.सी. नालियों के अलावा, इसके डिजाइन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग वेल्स को भी शामिल किया गया है। यह पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार करदाताओं का पैसा बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) का उपयोग कर रही है। हम 43,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कर रहे हैं और ठेकेदारों को उनके रखरखाव के लिए जिम्मेदार बनाया गया है। राज्य के खजाने का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए सही ढंग से उपयोग किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। यहां तक कि किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है, और हम इसे उनकी भलाई पर समझदारी से खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस जा रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार केवल लोगों के लिए काम कर रही है। हमने लोगों को मुफ्त बिजली दी है, 68,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार और सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों में सुधार किया गया है, अवधि समाप्त हो चुके टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे रोजाना लोगों के 70 लाख रुपये बच रहे हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को मजबूत किया गया है, मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है और कई अन्य प्रमुख पहल की गई हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी, उस समय पंजाब में सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था। आज यह बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जिससे सिंचाई का दायरा बढ़ा है और भूजल पर निर्भरता कम हुई है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार गांवों के विकास के लिए अथक प्रयास कर रही है और गांवों को बड़ी अनुदान राशि दी जा रही है।”

उन्होंने कहा, “हमारे युवाओं को नशे की बीमारी से दूर रखने के लिए राज्य सरकार 15 जुलाई तक पंजाब भर में 3,100 नवनिर्मित स्टेडियमों का लोकार्पण करेगी। खेल संस्कृति को बढ़ावा देना नशे के खिलाफ हमारे अभियान में सबसे प्रभावी हथियारों में से एक है। खेलों के माध्यम से हमारे युवाओं की असीम ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जा रहा है।”

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने धार्मिक मुद्दों पर मुझे बदनाम करने के लिए एक-दूसरे के साथ हाथ मिलाकर बहुत ही निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं। एक बेहद घटिया राजनीतिक साजिश के तहत मेरी फर्जी वीडियो वायरल की गई हैं।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जब मेरे विरोधी किसी अन्य मोर्चे पर मुझे चुनौती देने में सक्षम नहीं रहे, तो वे अब मुझे धार्मिक मुद्दों के माध्यम से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में एक वीडियो वायरल की गई है जिसमें न तो उस व्यक्ति की शारीरिक बनावट, कद, चलने का तरीका और न ही शारीरिक भाव-भंगिमा मुझसे मेल खाते हैं।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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CM भगवंत सिंह मान ने पूरे पंजाब में 500 ग्रामीण जिम जनता को समर्पित किए

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पंजाब को नशामुक्त, स्वस्थ और खेल संस्कृति वाला राज्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आज पूरे राज्य में 500 आधुनिक ग्रामीण जिम जनता को समर्पित कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पहले से चल रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के तहत युवाओं को नशे की लत से दूर रखते हुए खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है। 1,791 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड खेल बजट के सहयोग से राज्य सरकार पूरे पंजाब में 3,000 आधुनिक ग्रामीण जिम स्थापित कर रही है तथा 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कृषि में टिकाऊ जल उपयोग सुनिश्चित करने के लिए गांवों के तालाबों के व्यापक नवीनीकरण का अभियान भी चलाया जा रहा है।

ग्रामीण जिम जनता को समर्पित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के युवाओं और खेल जगत के लिए ऐतिहासिक दिन है। ये ग्रामीण जिम और खेल मैदान हमारे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हमने फरीदकोट के गांव चंद बाजा से 500 ग्रामीण जिमों का उद्घाटन किया है और मैं पंजाब के युवाओं को इस ऐतिहासिक पहल के लिए बधाई देता हूं। हमारा एकमात्र सपना नशामुक्त, स्वस्थ और रंगला पंजाब का निर्माण करना है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार केवल खेलों के लिए 1,791 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट रखा गया है। युवाओं को खेल मैदानों और आधुनिक जिम की सुविधा उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से पूरे राज्य में 3,000 आधुनिक ग्रामीण जिम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।”

उन्होंने कहा, “ये केवल जिम नहीं हैं, बल्कि पंजाब के युवाओं के स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों में 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 250 खेल मैदान पहले ही जनता को समर्पित किए जा चुके हैं।”

एक अन्य महत्वपूर्ण पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने पूरे राज्य के गांवों के तालाबों के पुनरुद्धार के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। इन तालाबों की सफाई के लिए विस्तृत योजना तैयार की जा चुकी है और शुद्ध किए गए पानी का उपयोग कृषि कार्यों में किया जाएगा। इससे भूजल पर निर्भरता कम होगी और टिकाऊ जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।”

‘मांवां धीयां सत्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “1 जुलाई से 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को उनके मोबाइल फोन पर सहायता राशि संबंधी सूचना मिलनी शुरू हो जाएगी और राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। अनुसूचित जाति (एससी) की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह तथा अन्य सभी वर्गों की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी।”

उन्होंने कहा, “इस ऐतिहासिक पहल से पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहले ही 9,300 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है।”

इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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अमृतसर में माता सीता और लव-कुश को समर्पित विशाल मंदिर बनाया जाएगा: अरविंद केजरीवाल

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भारत की आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने और सनातन धर्म के मूल्यों को मजबूत करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अमृतसर में ‘एक शाम भगवान शिव जी के नाम’ भजन संध्या के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए।

इस अवसर पर उन्होंने पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध करने के लिए कई ऐतिहासिक पहलों की घोषणा की। इनमें अमृतसर में माता सीता, माता जानकी और लव-कुश को समर्पित विशाल मंदिर का निर्माण, नए तीर्थ यात्रा रूट के साथ ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का विस्तार, एक अगस्त से पूरे पंजाब में आध्यात्मिक नाटक ‘हमारे राम’ की प्रस्तुति और पटियाला के ऐतिहासिक काली माता मंदिर के चल रहे 80 करोड़ रुपये के नवीनीकरण का काम शामिल है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की मिट्टी ने हमेशा आस्था, सद्भावना और सांप्रदायिक साझेदारी को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने पूजा स्थलों के संरक्षण, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों की धार्मिक भावनाओं का पूरी ईमानदारी और श्रद्धा भावना से सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

‘भजन संध्या’ (भक्ति की शाम) पर एकत्रित जनसमूह को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज पंजाब सरकार ने ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ का आयोजन किया है, जिसकी प्रस्तुति हंसराज रघुवंशी द्वारा की गई है। बहुत सारे लोग मेरे पास आए और कहने लगे कि इससे पहले किसी भी सरकार ने ऐसी ‘भजन संध्या’ नहीं करवाई। यह पहली सरकार है जो लोगों के लिए और उनकी भक्ति भावना को मजबूत करने के लिए इस तरह की भजन संध्याएं करवा रही है। इससे पहले ऐसा कार्यक्रम जालंधर में करवाया गया था और आज यह अमृतसर में करवाया जा रहा है।”

पहली खुशखबरी की घोषणा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “‘एक शाम शिव जी के नाम’ की श्रृंखला, जो जालंधर से शुरू हुई थी और अब अमृतसर पहुंच चुकी है, जल्द ही पंजाब के सभी 22 शहरों में आयोजित की जाएगी। अब सभी 22 शहरों में ‘भजन संध्या’ करवाई जाएगी।”

दूसरी घोषणा साझा करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा, “पटियाला में प्रसिद्ध काली माता मंदिर है। इस मंदिर की बहुत धार्मिक महत्ता है। वहां लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। काली माता सबके दुख दूर करती हैं, सबकी प्रार्थनाएं पूरी करती हैं, और मंदिर के दर्शनों से अपार शांति मिलती है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार 80 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर का नवीनीकरण करवा रही है। यह काम सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि अक्टूबर के बाद काली माता मंदिर के दर्शन जरूर करें। आपको सचमुच बहुत अच्छा लगेगा। मैंने खुद मंदिर के लिए तैयार किया गया आर्किटेक्चर मॉडल देखा है और निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। एक शानदार मंदिर का स्वरूप सामने आ रहा है। मेरा मानना है कि पूरा होने के बाद यह पूरे उत्तर भारत का सबसे बड़ा मंदिर बन जाएगा।”

तीसरी खुशखबरी का ऐलान करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब सरकार ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ चला रही है। वर्तमान समय में यह तीर्थ यात्रा योजना दो रूटों पर चल रही है, एक श्री दरबार साहिब और दूसरी आनंदपुर साहिब के लिए। अब तीन और रूट शुरू किए जा रहे हैं। एक रूट सालासर और खाटू श्याम जी के लिए होगा, दूसरा हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए तथा तीसरा मथुरा और वृंदावन के लिए होगा। हमें उम्मीद है कि ये तीनों रूट एक अगस्त के आसपास शुरू हो जाएंगे और लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं को इन यात्राओं पर ले जाया जाएगा।”

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “आपमें से बहुत से लोग आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकते हैं। परमात्मा ने आपको सब कुछ दिया है और आप यह सोच सकते हैं कि आपको मुफ्त ‘तीर्थ’ पर क्यों जाना चाहिए? लेकिन जब आप सभी मिलकर यात्रा करते हैं तो आप आलीशान एयर-कंडीशंड बसों में सफर करते हैं, अच्छे एयर-कंडीशंड होटलों में ठहरते हैं और आपका सफर, भोजन, ठहरने की व्यवस्था तथा दर्शन—सब कुछ पूरी तरह मुफ्त होता है। पंजाब सरकार पूरा खर्च स्वयं वहन करती है।”

उन्होंने आगे कहा, “आपको केवल एक सूटकेस में चार दिनों के कपड़े पैक करने की जरूरत है। इसके अलावा कुछ भी साथ ले जाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि पंजाब सरकार सभी व्यवस्थाएं करती है। जब आप सभी एक साथ यात्रा करते हैं, पूरे रास्ते कीर्तन और भजन गाते हैं तो यह अनुभव अविस्मरणीय बन जाता है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि बहुत से श्रद्धालु, जो पहले ही यात्रा करके लौट चुके हैं, उन्होंने मुझे बताया कि यह उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव था। आपको अवश्य जाना चाहिए। आप भक्ति में लीन हो जाएंगे और यह तीर्थ यात्रा जीवनभर आपके साथ रहेगी।”

अगली खुशखबरी का ऐलान करते हुए ‘आप’ के सुप्रीमो ने कहा, “एक अगस्त से पूरे पंजाब में भगवान राम पर आधारित एक नाट्य प्रस्तुति शुरू होगी। इस नाटक का नाम ‘हमारे राम’ है। इसमें भगवान राम और रावण के बीच कई संवाद शामिल हैं और कई ऐसे दृश्य तथा घटनाएं प्रस्तुत की गई हैं, जिनके बारे में शायद पहले किसी ने आपको नहीं बताया होगा। मैंने यह नाटक दिल्ली में देखा था। आशुतोष राणा एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं और वे इसमें मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। जब मैंने इसे दिल्ली में देखा था, तब टिकट की कीमत 8,000 रुपये थी। लेकिन पंजाब के लोगों के लिए यह नाटक बिल्कुल मुफ्त होगा। आप सभी को जाकर इसे देखना चाहिए। यह एक बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।”

अपनी पांचवीं और सबसे बड़ी घोषणा करते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा, “हमारा अमृतसर हर धर्म के लोगों के लिए दुनिया की सबसे पवित्र धरती है। यहां श्री दरबार साहिब है और दुनिया भर से हर धर्म के लोग यहां माथा टेकने आते हैं। उन्हें यहां आकर शांति और सुकून मिलता है तथा उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।”

उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “अमृतसर में दुर्गियाना मंदिर भी है। यहां देशभक्ति का प्रतीक जलियांवाला बाग और वाघा बॉर्डर है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भगवान वाल्मीकि जी ने अमृतसर में रहते हुए ही रामायण की रचना की थी। यही वह स्थान है जहां भगवान वाल्मीकि जी का पवित्र मंदिर स्थित है। माता जानकी, माता सीता यहां रहती थीं। लव और कुश का जन्म यहीं हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा भी यहीं प्राप्त की थी। जब भगवान राम ने अश्वमेध यज्ञ के लिए घोड़ा छोड़ा था, तब यही वह स्थान था जहां लव और कुश ने उस घोड़े को रोककर एक पेड़ से बांध दिया था। अमृतसर वास्तव में एक अद्भुत और पवित्र स्थान है।”

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज मैं घोषणा करता हूं कि भगवान वाल्मीकि के मंदिर के बिल्कुल साथ लव, कुश और माता जानकी को समर्पित एक विशाल मंदिर बनाया जाएगा। मैं कल ही श्रीराम मंदिर में रामलला के दर्शन करके अयोध्या से वापस आया हूं। आज यह घोषणा करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह न केवल अमृतसर के लोगों के लिए, बल्कि दुनिया भर में भगवान राम और माता जानकी के श्रद्धालुओं के लिए भी एक बड़ी खुशखबरी है।”

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अमृतसर में माता जानकी और लव-कुश को समर्पित एक विशाल मंदिर बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह खूबसूरती से डिज़ाइन किया गया मंदिर माता जानकी, लव और कुश की गौरवशाली विरासत को संजोएगा। पंजाब सरकार इस पवित्र भूमि पर इस भव्य मंदिर के निर्माण में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। यह आस्था के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा और दुनिया भर के श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को आकर्षित करेगा, क्योंकि लव और कुश का जन्म तथा शिक्षा यहीं हुई थी।”

अमृतसर को सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पवित्र शहर अमृतसर पूरी दुनिया को इंसानियत और भाईचारे का संदेश देता है। हर धर्म के लोग श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेकने, गुरबाणी कीर्तन सुनने, जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने, दुर्गियाना मंदिर में प्रार्थना करने और वाघा बॉर्डर पर हमारे सैनिकों की बहादुरी देखने के लिए आते हैं।”

पंजाब को संतों और महान गुरुओं की धरती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की मिट्टी इतनी उपजाऊ है कि यहां नफरत के बीज को छोड़कर हर बीज उगता है। हम राम नवमी, गुरुपर्व, हनुमान जयंती, श्री गुरु रविदास जी महाराज का प्रकाश पर्व, ईद और हर त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं। आज विभिन्न धर्मों के श्रद्धालु हंसराज रघुवंशी जी के मधुर भजनों के माध्यम से भगवान शिव की भक्ति में लीन होने के लिए यहां एकत्र हुए हैं।”

सरकार की पहलों के बारे में बात करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने यह कार्यक्रम इसलिए शुरू किया है क्योंकि रोजमर्रा की जिंदगी की व्यस्तताओं के बीच लोगों को भक्ति में एक साथ जुड़ने का अवसर बहुत कम मिलता है। हम खाटू श्याम जी, सालासर बालाजी, मथुरा-वृंदावन, हरिद्वार-ऋषिकेश और माता नैना देवी को शामिल करके ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का भी विस्तार कर रहे हैं। यह सरकार लोगों द्वारा बनाई गई है और उनकी आस्था का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।”

सरकार के विकास एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने आम आदमी क्लीनिक खोले हैं और 10 लाख रुपये तक के कैशलेस चिकित्सा उपचार की सुविधा देने वाले हेल्थ कार्ड शुरू किए हैं ताकि हर नागरिक स्वस्थ रहे। लोगों की आस्था की रक्षा करने के साथ-साथ हम रोजगार दे रहे हैं, व्यापार को प्रोत्साहित कर रहे हैं, आजीविका को मजबूत कर रहे हैं और पंजाब को समृद्ध बनाने के लिए काम कर रहे हैं। मैं राज्य के हर परिवार की शांति, प्रगति और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं।”

अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ‘एक शाम शिवजी के नाम’ में श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए

भक्ति कार्यक्रम ‘एक शाम शिवजी के नाम’, जो जालंधर से शुरू हुआ था और जिसे श्रद्धालुओं की ओर से भरपूर समर्थन मिला था, आज अमृतसर में भी गहरी आस्था और आध्यात्मिक श्रद्धा के वातावरण का साक्षी बना। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान श्रद्धालुओं के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना में शामिल हुए। नेताओं ने पवित्र तिलक लगवाया और हजारों श्रद्धालुओं के साथ भक्ति कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जबकि पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयघोष और शिव भजनों से गूंज उठा।

सनातन परंपराओं को प्रोत्साहित करने और लोगों के आध्यात्मिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं को भक्ति संगीत और भगवान शिव को समर्पित पूजा के माध्यम से एकजुट करता है।

इस अवसर पर ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया सहित ‘आप’ पंजाब के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।

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