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BJP सांसद कंगना रनोट की आज बठिंडा कोर्ट में पेशी:व्यक्तिगत पेश होना होगा, किसान आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिला पर की थी गलत टिप्पणी

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बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट आज बठिंडा कोर्ट पेश होंगी। उन्होंने कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए अर्जी दायर की है। हालांकि, कोर्ट ने कंगना रनोट को आज यानी 15 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था।

दरअसल, किसान आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिला पर कंगना ने गलत टिप्पणी की थी। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट कर उनका मजाक उड़ाया था। जिसके बाद बुजुर्ग महिला ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था।

हाल ही में, कंगना रनोट ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को खत्म करने की अपील की थी, लेकिन शीर्ष कोर्ट ने उनकी अर्जी को स्वीकार नहीं किया।

पिछले साल 27 अक्टूबर को बठिंडा कोर्ट में पेश हुईं थी भाजपा सांसद कंगना रनोट।

पिछले साल 27 अक्टूबर को बठिंडा कोर्ट में पेश हुईं थी भाजपा सांसद कंगना रनोट।

जानें क्या है पूरा मामला…

कंगना ने बुजुर्ग महिला का उड़ाया था मजाकः कंगना ने किसान आंदोलन के दौरान एक ट्वीट करते हुए लिखा था कि- किसान आंदोलन में महिलाएं 100 रुपए में शामिल होती हैं। कंगना ने किसान आंदोलन को लेकर एक पोस्ट पर कमेंट भी किया था। इसमें एक बुजुर्ग महिला की फोटो थी।

एक्ट्रेस ने लिखा, ‘हाहाहा, ये वही दादी है, जिसे टाइम मैगजीन में भारत की पावरफुल महिला होने पर फीचर किया गया था। वो 100 रुपए में उपलब्ध है। पाकिस्तानी पत्रकारों ने भारत के लिए शर्मनाक तरीके से इंटरनेशनल पीआर को हाईजैक कर लिया है। हमें इंटरनेशनल लेवल पर बोलने के लिए अपने ही लोगों की जरूरत है।’​​​​​​

बुजुर्ग महिला पर कंगना ने ये पोस्ट किया था और उनका मजाक उड़ाया था।

बुजुर्ग महिला पर कंगना ने ये पोस्ट किया था और उनका मजाक उड़ाया था।

बुजुर्ग महिला ने साल 2021 में किया था केस

बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ में रहने वाली महिंदर कौर (81) ने कंगना के ट्वीट के बाद 4 जनवरी 2021 को मानहानि का केस दायर किया था। करीब 13 महीने सुनवाई चली, जिसके बाद बठिंडा की अदालत ने कंगना को समन जारी करते हुए पेश होने का आदेश दिया था।

इसके बाद कंगना ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में राहत की याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। जहां से भी कंगना को राहत नहीं मिली है।

बुजुर्ग महिला ने भी कंगना पर किया था पलटवार

  • कंगना क्या जानें कि खेती क्या होती है?: 
  • कंगना के ट्वीट के बाद जब मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया तो एक टीवी चैनल से बातचीत में मोहिंदर कौर ने कहा था कि, “कंगना क्या जानें कि खेती क्या होती है? वह कमली (पागल) है। उसने जो कुछ भी कहा, उस पर लानत है। कंगना को क्या पता कि किसान की कमाई क्या होती है। जब पसीना बहता है, खून गर्म होता है, तब कहीं पैसा आता है। किसानी से पैसा कमाना बहुत मुश्किल है। कंगना ने मुझ पर बहुत गलत तोहमत लगाई है।”
  • मुझे 100 रुपए से क्या करना है: 
  • मोहिंदर कौर ने इसी इंटरव्यू में कंगना के 100 रुपए वाले कमेंट पर रिएक्ट करते हुए कहा था कि उनके खेतों में काम खत्म नहीं होते, ऐसे में वे 100 रुपए के लिए प्रदर्शन में शामिल होने क्यों जाएंगी। कंगना ने जो कुछ कहा है, वह गलत बात है। कभी किसी के लिए गलत नहीं बोलना चाहिए।
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पंजाब में फिर बढ़ने लगी गर्मी, पारा पहुंचा 43 डिग्री

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पंजाब और चंडीगढ़ में एक बार फिर गर्मी बढ़ने लगी है। मंगलवार के मुकाबले तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि यह सामान्य से 1.9 डिग्री कम बना हुआ है। फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार हिमाचल प्रदेश से सटे तीन जिलों — पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में आज बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने येलो वेदर वार्निंग जारी की है। कल भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। वहीं इस महीने अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

प्रदेश में तापमान फिर तेजी से बढ़ने लगा है। दो जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। फरीदकोट में सबसे अधिक 43 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि बठिंडा 40.1 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा फाजिल्का में 39.7 डिग्री, फिरोजपुर में 37.4 डिग्री, लुधियाना में 36.8 डिग्री, पटियाला में 36.7 डिग्री, पठानकोट में 36.6 डिग्री और अमृतसर में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके असर से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं 15 मई से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंचने की संभावना है, जिससे बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 14 मई तक पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। अगले सात दिनों में पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। आज और कल कुछ इलाकों में बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।

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पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी को पीछे धकेलने की साजिश, भाजपा की सोच पंजाब विरोधी: दीपक बाली

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आम आदमी पार्टी (आप) के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने केंद्र की भाजपा सरकार पर पंजाब विरोधी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को पीछे धकेलने और संस्कृत को प्राथमिकता देने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “पंजाबियत खत्म करने की साजिश” बताया।

दीपक बाली ने कहा कि पंजाब में स्थित आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को चौथे स्थान पर लाकर संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से पंजाब की भाषा, संस्कृति और पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

 

बाली ने कहा कि भाजपा लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिनसे पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाबी केवल एक भाषा नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं, इतिहास और संस्कृति की पहचान है। ऐसे में पंजाबी भाषा को शिक्षा व्यवस्था में कमजोर करना सीधे तौर पर पंजाब और पंजाबियत पर हमला है।

उन्होंने कहा, “यह पंजाब की धरती है और पंजाबी यहां के लोगों की मातृभाषा है। भाजपा द्वारा पंजाबी को शिक्षा व्यवस्था में पीछे धकेलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।”

 

दीपक बाली ने कहा कि पंजाब भाषा एक्ट स्पष्ट रूप से कहता है कि पंजाब में पंजाबी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक पंजाबी विषय जरूरी है और यह कानूनन व्यवस्था का हिस्सा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर ऐसी नीतियां लागू कर रही है जिनसे पंजाबी भाषा का महत्व कम हो और नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर हो जाए।

‘आप’ नेता ने कहा कि पंजाबी हमारे गुरुओं की भाषा है और इसका सम्मान करना हर पंजाबी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और भाजपा की किसी भी “साजिश” को सफल नहीं होने देगी।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में ऐसा कोई स्कूल नहीं होने दिया जाएगा जहां पंजाबी भाषा अनिवार्य न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर जोरदार विरोध करेगी और पंजाब सरकार ऐसे स्कूलों पर तुरंत एक्शन लेगी।

दीपक बाली ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार हर समय पंजाब को कमजोर करने की मानसिकता से काम करती दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अपनी भाषा और संस्कृति के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे और पंजाबी भाषा के सम्मान की लड़ाई हर स्तर पर जारी रहेगी।

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सीबीआई और ईडी के छापे राजनीति से प्रेरित, भाजपा विरोधी आवाज़ों और सरकारों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है: अमन अरोड़ा

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री और ‘आप’ पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि यह कार्रवाई भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की राजनीतिक बदले की भावना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विरोधी आवाज़ों और उन सरकारों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का योजनाबद्ध तरीके से दुरुपयोग किया जा रहा है, जो केंद्र के सामने झुकने से इनकार करती हैं।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बजाय अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का खुलकर इस्तेमाल कर रही है। ये छापे राजनीति से प्रेरित हैं और इनका मकसद पंजाब के प्रशासन पर दबाव बनाना है। पंजाब की धरती पर भ्रष्टाचार को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन किसी भी जांच में उचित प्रक्रिया और स्थापित नियमों का पालन होना चाहिए।

संवैधानिक चिंताओं पर जोर देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि संघीय ढांचे की अपनी मर्यादा और संतुलन होता है, जिसे केंद्र सरकार जानबूझकर कमजोर कर रही है। उन्होंने समन्वय व्यवस्था को नजरअंदाज करने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब को दूसरे राज्यों की तरह डराया या नियंत्रित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र ने संस्थागत मर्यादाओं को पूरी तरह तोड़ दिया है और सीबीआई के हस्तक्षेप के जरिए पंजाब विजिलेंस को निशाना बनाया जा रहा है। पंजाब सरकार अपने अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़ी है और सत्ता के दुरुपयोग या डराने-धमकाने की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने केंद्र सरकार से संवैधानिक सीमाओं का सम्मान करने और राजनीतिक बदले की भावना से जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को बंद करने की अपील की।

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