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18 वर्षों से सेवा दे रहे हजारों मनरेगा कर्मचारियों की अनदेखी नहीं कर सकती मोदी सरकार: तरुनप्रीत सिंह सौंद

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पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर हाल ही में शुरू की गई वीबी-जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) योजना के तहत मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। उन्होंने कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देशव्यापी नीति बनाने की भी अपील की।

मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार पंजाब के 2100 से अधिक मनरेगा कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने नई योजना का वित्तीय बोझ राज्यों पर डालने तथा कर्मचारियों के भविष्य को अनिश्चित बनाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर सवाल उठाते हुए लंबित वेतन तुरंत जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लगभग दो दशकों से ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को समर्पित भाव से लागू कर रहे कर्मचारियों की 18 वर्षों की सेवा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

आज यहां पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, “यह अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है और पूरी तरह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है। हालांकि कांग्रेस, अकाली दल और पंजाब भाजपा सहित सभी विपक्षी दल इस मुद्दे से ध्यान भटकाने और लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि पूरा दोष पंजाब सरकार पर मढ़ा जा सके। इसलिए आवश्यक है कि सच्चाई और तथ्य जनता के सामने रखे जाएं।”

उन्होंने कहा, “मनरेगा योजना वर्ष 2005 के आसपास एक अधिनियम के तहत शुरू की गई थी, जिसके माध्यम से केंद्र सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को रोजगार उपलब्ध कराना था। पंजाब में यह योजना लगभग 18 वर्षों से लागू है और इसके माध्यम से ग्रामीण लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।” मंत्री ने बताया कि इस योजना के संचालन के लिए लगभग 2000 से 2100 कर्मचारी, जिनमें तकनीकी सहायक (टीए), ग्राम रोजगार सहायक (जीआरएस) और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं, पिछले 18 वर्षों से केंद्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “इन कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश में मौजूदा मनरेगा योजना को बंद कर दिया और घोषणा कर दी कि 1 जुलाई से नई योजना लागू होगी।”

इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए सोंद ने कहा, “सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि इन कर्मचारियों द्वारा पिछले 18 वर्षों में की गई मेहनत को एक झटके में कैसे समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने इतने वर्षों तक केंद्र सरकार के अधिनियम और उसकी योजना के तहत कार्य किया। इस योजना में पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।” उन्होंने कहा, “इन कर्मचारियों का वेतन पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता था क्योंकि यह शत-प्रतिशत केंद्र सरकार की योजना थी। लेकिन उनके अधिकारों की रक्षा करने के बजाय केंद्र ने योजना ही बंद कर दी, जिससे लगभग 2100 कर्मचारियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।”

मंत्री ने कहा, “कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे नई योजना के तहत काम नहीं करना चाहते, क्योंकि 18 वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें यह भरोसा नहीं है कि उन्हें कब नियमित किया जाएगा। उनकी मांग पूरी तरह जायज है।”

तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, “मैं पूरी स्पष्टता के साथ कहना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार, पूरी कैबिनेट और संपूर्ण सरकार मनरेगा के तहत कार्यरत इन 2100 कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। हम उनके कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। केंद्र सरकार ने 18 वर्ष तक उनसे काम लेने के बाद योजना बंद कर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन किया है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा, “पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री के रूप में मैंने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से मैंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह जागे और लगभग दो दशकों से कार्यरत इन कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान करते हुए उन्हें नियमित करे, क्योंकि उन्होंने केंद्र सरकार की योजना के लिए अपने जीवन के 18 वर्ष समर्पित किए हैं।”

ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद द्वारा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा गया पत्र

भारत सरकार ने अचानक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बंद कर 1 जुलाई से उसके स्थान पर विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना लागू कर दी है। इस नई योजना के तहत केंद्र सरकार ने वित्तीय बोझ देश की सभी राज्य सरकारों पर डाल दिया है। पिछले लगभग दो दशकों से मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत मेहनती कर्मचारियों को अब भारत सरकार नई योजना के तहत संविदा आधार पर कार्य जारी रखने के लिए बाध्य कर रही है। मेरे गृह राज्य पंजाब में ये कर्मचारी हड़ताल पर हैं क्योंकि मनरेगा को बंद किए जाने से उनकी आजीविका संकट में पड़ गई है।

उनके आंदोलन और हड़ताल का मुख्य कारण यह है कि पिछले 18 वर्षों से सेवा दे रहे 2100 से अधिक संविदा कर्मचारी, जिनमें तकनीकी सहायक, कंप्यूटर सहायक तथा अन्य कर्मचारी शामिल हैं, मांग कर रहे हैं कि नई योजना के तहत उनकी सेवाओं को नियमित किया जाए। पंजाब सरकार उनकी इस न्यायोचित मांग का समर्थन करती है। साथ ही आपसे आग्रह करती है कि नई योजना में ऐसा प्रावधान शामिल किया जाए जिससे इन सभी कर्मचारियों को नियमित किया जा सके। यह केवल पंजाब का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के अनेक कर्मचारी इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।

हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार देशभर के इन कर्मचारियों को स्थायी रोजगार प्रदान करे। पंजाब सरकार इस संबंध में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

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नए रूटों के लिए पंजीकरण अगस्त में शुरू होगा, सरकार डेढ़ लाख लोगों को तीर्थ यात्रा की सुविधा देने की तैयारी कर रही है: अरविंद केजरीवाल

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होशियारपुर के तलवाड़ा में ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान सरकार की मुफ्त ‘तीर्थ यात्रा’ योजना के बड़े विस्तार की घोषणा की। अगस्त माह से पंजाब सरकार खाटू श्याम जी-सालासर, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा शुरू करेगी। इन तीनों नए रूटों के लिए पंजीकरण अगस्त में खुलेगा, जिसके तहत सरकार डेढ़ लाख श्रद्धालुओं को ‘दर्शन’ कराने की तैयारी कर रही है।

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भगवंत मान सरकार की मुफ्त ‘तीर्थ यात्रा’ योजना वर्तमान समय में श्रद्धालुओं को श्री दरबार साहिब और श्री आनंदपुर साहिब ले जाती है, जिसमें ए.सी. बसें, होटल, खाने और अन्य प्रबंधों का सारा खर्च सरकार द्वारा उठाया जाता है। अब इस योजना का तीन नए रूटों के साथ विस्तार किया गया है। अब बसें सालासर जी-खाटू श्याम जी, मथुरा-वृंदावन और हरिद्वार-ऋषिकेश के लिए भी चलेंगी। इन तीनों नए रूटों के लिए पंजीकरण अगस्त में शुरू होगा और सरकार डेढ़ लाख श्रद्धालुओं को ‘दर्शन’ कराएगी।”

महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता के बारे में बोलते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा, “जिन महिलाओं ने अपनी पंजीकरण पूरी होने के बावजूद अभी तक खातों में पैसे प्राप्त नहीं किए हैं, उन्हें 1 अगस्त को ₹3,000 मिलेंगे, जिसमें जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने के पैसे एक साथ शामिल होंगे। एस.सी. समुदाय की महिलाओं को ₹4,500 मिलेंगे। पहली जुलाई को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 32 लाख महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर किए थे और पहली अगस्त को 50 लाख से अधिक महिलाओं को यह लाभ मिलेगा।”

सरकार इन जन-पक्षीय योजनाओं के लिए फंड कैसे जुटा रही है, इस बारे में स्पष्ट करते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “सरकार के पास इतना पैसा इसलिए है क्योंकि पंजाब के मुख्यमंत्री ईमानदार हैं। पंजाब के पिछले हर मुख्यमंत्री पर आरोप लगे और पाँच साल पूरे करने के बाद यह सामने आता था कि उनकी पत्नियों और बच्चों ने पैसा लूटा है। लेकिन आज तक भगवंत मान, उनके परिवार या उनके किसी भी मंत्री पर एक रुपये का भी आरोप नहीं लगा। भगवंत मान सबसे ईमानदार मुख्यमंत्री हैं। ऐसा मुख्यमंत्री ना कभी हुआ है और ना कभी होगा।”

आम आदमी पार्टी की सरकार के राज्य में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी की सरकार आने से पहले पंजाब में लोगों के बिजली के बिल कई हजार रुपये आते थे। लेकिन पिछले चार सालों से लोगों को जीरो बिजली बिल आ रहे हैं। भगवंत मान सरकार ने हर परिवार को 10 लाख रुपये के कवर वाला स्वास्थ्य बीमा भी दिया है और महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये मिलने शुरू हो गए हैं।”

अमृतसर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का हवाला देते हुए ‘आप’ प्रमुख ने कहा, “अमृतसर भगवान वाल्मीकि मंदिर की धरती है, जहाँ रामायण लिखी गई थी, जहाँ माता सीता रहती थीं, जहाँ लव-कुश का जन्म हुआ था और जहाँ लव-कुश ने अश्वमेध घोड़ा रोका था। सरकार ने अब भगवान वाल्मीकि मंदिर के बगल की जगह पर माता सीता और लव-कुश को समर्पित विशाल और भव्य मंदिर बनाने का फैसला किया है।”

प्रदेश भर में धार्मिक पहलों के बारे में बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने जोर देकर कहा, “पंजाब के सभी 22 शहरों में ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ जैसे भजन संध्या कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री भगवंत मान पटियाला के काली माता मंदिर को एक विशाल और भव्य मंदिर के रूप में विकसित करने के लिए ₹80 करोड़ खर्च कर रहे हैं, जो 30 सितंबर तक पूरा हो जाएगा। उसके बाद सभी को दर्शन के लिए जाना चाहिए। काली माता का आशीर्वाद लेने से सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।”

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं इस पवित्र स्थान पर आकर इस पुनीत समारोह में हिस्सा लेकर बहुत गर्व महसूस कर रहा हूँ। इस समागम में उपस्थित होना और मानवता, एकता एवं प्रेम का संदेश फैलाना मेरे लिए बहुत गौरव की बात है। मुझे खुशी है कि आप सभी इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए इतनी बड़ी संख्या में यहाँ पहुँचे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों का अपार प्यार और आशीर्वाद प्रदेश सरकार को और भी अधिक उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ उनकी सेवा करने का विश्वास दिलाते हैं। पंजाब एक ऐसी उपजाऊ धरती है जहाँ नफरत के बीज को छोड़कर हर बीज अंकुरित हो सकता है। हमारे प्रदेश में एकता की भावना इतनी मजबूत है कि लोग हर त्योहार मिल-जुल कर मनाते हैं।”
उन्होंने कहा, “पंजाब हमेशा से सांप्रदायिक सद्भाव की भावना रखने वाला प्रदेश रहा है। विभाजन फैलाने वाली ताकतें यहाँ कभी सफल नहीं हो सकतीं। चाहे आज का यह आयोजन भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन हर धर्म के लोग इसमें हिस्सा ले रहे हैं, जो कि पंजाब की असली भावना को दर्शाता है।”


प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों की सुविधा को हमारी मुख्य प्राथमिकता रखते हुए, हमने 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे आम लोगों की रोजाना लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। हमने युवाओं को पारदर्शी तरीके से 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी हैं। आज पंजाब के 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, किसानों को दिन में बिजली की सप्लाई मिल रही है, लगभग 44,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है और कई अन्य विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।”


मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हमने नहरी सिंचाई प्रणाली को काफी मजबूत किया है और आज कृषि क्षेत्र के लिए नहरी पानी की कोई कमी नहीं है। हमारी सरकार ने किसानों के फायदे के लिए सिंचाई के बुनियादी ढाँचे को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए हैं।”
भगवंत सिंह मान ने बताया, “1 जुलाई से ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो गई है। हर पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रति माह जबकि अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं। यह राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है और जो महिलाएँ पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र हैं। पंजाब की लगभग 97% महिलाएँ इस योजना का लाभ उठा रही हैं और प्रदेश सरकार ने बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं।”
एक और बड़ी पहल की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए बी.बी.एम.बी. अस्पताल को पी.जी.आई. चंडीगढ़ की तर्ज पर अपग्रेड किया जाएगा। इस अस्पताल को पी.जी.आई. की तर्ज पर विकसित करना मेरा सपना है क्योंकि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हम इस अस्पताल में नवीनतम चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाएँगे और विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात करेंगे। इसकी इमारत बहुत खूबसूरत है, लेकिन जब तक यह आधुनिक मशीनों और योग्य डॉक्टरों से सुसज्जित नहीं होती, तब तक यह अपने वास्तविक उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकती।”

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मेरी कमाई मेरी ईमानदारी है, इसीलिए पंजाब के लोग मुझ पर पूरा भरोसा करते हैं: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नकोदर में वार्षिक मेले के दौरान डेरा अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के दरबार में मत्था टेका और पंजाब की शांति, समृद्धि और सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद, मुख्यमंत्री ने हर वर्ग के लोगों द्वारा दिए गए अपार प्रेम और स्नेह के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुओं, पीरों, फकीरों और शहीदों का आशीर्वाद पंजाब को सांप्रदायिक सद्भाव और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की दिशा प्रदान करता है। रंगला पंजाब के सृजन के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए, भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों द्वारा उन पर दिखाया गया विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उन्होंने पूरी ईमानदारी, समर्पण और पारदर्शिता के साथ प्रदेश की सेवा करने का वादा किया।

इस शुभ अवसर के बारे में जानकारी साझा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स अकाउंट पर लिखा, “आज, मुझे नकोदर में वार्षिक मेले के दौरान डेरा अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के दरबार में मत्था टेकने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैं माताओं, बहनों, बच्चों और बुजुर्गों का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मेले में बड़ी संख्या में शिरकत की और मुझे बहुत प्यार दिया।”

उन्होंने अंत में कहा, “हमारे गुरुओं, पीरों, फकीरों और शहीदों का आशीर्वाद सदैव विश्वास, सद्भाव और भाईचारे की साझा भावना वाली इस पवित्र धरती पर बना रहे। इन आशीर्वादों के साथ, हम पंजाब के सर्वांगीण विकास और एक जीवंत एवं समृद्ध रंगला पंजाब के पुनर्निर्माण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।”

सभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज इस पवित्र स्थान पर नतमस्तक होकर मैं अत्यंत खुश महसूस कर रहा हूं। पंजाब मेलों और त्योहारों की धरती है। यह एक उपजाऊ भूमि है, जहां हर बीज उग सकता है, परंतु यहां नफरत का बीज कभी अंकुरित नहीं हो सकता। भाईचारे की साझा भावना और एकता पंजाब की सबसे बड़ी ताकतें हैं। यहां लोग हर त्योहार एक साथ मनाते हैं, चाहे वह राम नवमी हो, गुरुपर्व हो या कोई अन्य त्योहार।”

आगामी कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सभी श्री गुरु रविदास जी महाराज के आगामी 650वें प्रकाश पर्व को एक साथ मनाएंगे। पंजाब धार्मिक सद्भाव वाली धरती है। फूट डालने वाली ताकतें यहां कभी सफल नहीं हो सकतीं, क्योंकि हमारे सामाजिक संबंध बहुत मजबूत हैं। पंजाब के लोग सदैव अच्छे और बुरे समय में एकजुट खड़े रहते हैं।”

अपनी सरकार द्वारा लाए गए बदलाव को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारें कलाकारों को केवल भीड़ इकट्ठी करने के लिए इस्तेमाल करती थीं, परंतु अब समय बदल गया है। हमने कलाकारों का मान-सम्मान पुनः स्थापित किया है। पंजाब के लोगों ने मुझे प्रदेश की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी है, और मैं यह कर्तव्य पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निभा रहा हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने कड़ी मेहनत करके पंजाब के लोगों का विश्वास अर्जित किया है, और मैं उस विश्वास को कभी टूटने नहीं दूंगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार मांवां-धीयां सतिकार योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। 1 जुलाई से, महिलाओं को उनके बैंक खातों में वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो गई है। अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये और शेष महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये दिए जा रहे हैं। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है और पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठाने के योग्य हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं ‘मांवां-धीयां सतिकार योजना’ का लाभ उठा रही हैं, जिसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 9300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।”

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के विस्तार के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस योजना के तहत संगतों को श्री हरिमंदिर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब, हरिद्वार, ऋषिकेश, सालासर धाम और खाटू श्याम जी सहित प्रमुख धार्मिक स्थानों की यात्रा करने की सुविधा दी जा रही है।”

पंजाब के लोगों का उन पर अटूट विश्वास करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमें मिलकर समृद्ध और खुशहाल पंजाब बनाना चाहिए, न कि एक और लंदन या कैलिफोर्निया। मैं पंजाब के लोगों की भलाई और प्रदेश की समग्र प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा से सेवा करता रहूंगा। हमारी सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए अथक प्रयास कर रही है और कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पंजाब के लोगों ने हमें समझदारी और जन-हितैषी निर्णय लेने का अवसर दिया है। हमारी सरकार का हर निर्णय पंजाब के हितों की रक्षा और प्रदेश को उच्च विकास के पथ पर स्थापित करने के लिए है।”

अपनी जड़ों से जुड़े रहने के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “चाहे कैसी भी परिस्थितियां हों, गहरी जड़ों वाले पेड़ कभी नहीं गिरते। इसी प्रकार, हम सभी को सदैव अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पंजाब को हर क्षेत्र में जीवंत और समृद्ध बनाने के लिए ईमानदारी और पूर्ण पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं।”

अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के सफल वार्षिक मेले पर संगत और प्रबंधन समिति को बधाई देते हुए भगवंत सिंह मान ने दरबार में मत्था टेका और पंजाब के अभूतपूर्व विकास, समृद्धि और प्रगति के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर वरिष्ठ आप (आम आदमी पार्टी) नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, पूर्व सांसद हंस राज हंस, विधायक इंद्रजीत कौर मान और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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री-नीट एग्जाम के नतीजों में भी भारी गड़बड़ी, बेचारे बच्चे जाएं तो जाएं कहां?- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट के दोबारा हुए एग्जाम के नतीजों में कई खामियों की शिकायत आने पर पीएम मोदी पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि री-नीट के नतीजों में भी अब भारी गड़बड़ी सामने आ रही है। बेचारे बच्चे जाएं तो जाएं कहां? किसी छात्र की ओएमआर शीट बदल दी गई है तो किसी की शीट अन्य छात्र के नाम पर डाल दी गई है। मोदी जी, आपसे एक एग्जाम ठीक से नहीं हो रहा है। आप देश क्या चलाओगे? 12 सालों में आपने देश का बेड़ा गर्क कर दिया है। आप लोगों की बिल्कुल निकम्मी और अक्षम सरकार है।

“आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले तो इन्होंने नीट का पेपर लीक कर दिया और अब जब दोबारा हुए पेपर के नतीजे आए हैं, तो उनमें भी बड़े स्तर पर इवेल्यूएशन को लेकर भारी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। बहुत सारे बच्चों ने आरोप लगाए हैं कि उनकी ओएमआर शीट ही बदल दी गई है और किसी अन्य छात्र की शीट उनके नाम पर डाल दी गई है।

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि जिन छात्रों की ओएमआर शीट सही भी आई है, उनके शीट के हिसाब से बन रहे अंक और अंतिम नतीजों में दिख रहे अंक बिल्कुल ही अलग दिखा रखे हैं। सरकार की ओर से जारी की गई आंसर-की से मिलान करने पर नतीजे बिल्कुल ही अलग आए हैं, जिससे बच्चे बहुत ज्यादा तनाव में हैं। इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने के बाद अब बच्चे आखिर जाएं तो जाएं कहां?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि आपसे नीट का एक एग्जाम ठीक से नहीं होता, तो आप देश क्या चलाओगे? अब यह समझ में आ रहा है कि पिछले 12 सालों से आपने देश का जो बेड़ा गर्क कर रखा है, वह इसी वजह से कर रखा है। आप लोगों की बिल्कुल निकम्मी और अक्षम सरकार है।

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