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Mohali में पानी बर्बाद किया तो बिना नोटिस कटेगा कनेक्शन: हाउस की मीटिंग में आएगा एजेंडा, पांच हजार जुर्माना व हलफनामा देकर होगा बहाल

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गर्मियां शुरू होने वाली हैं, ऐसे में पानी की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम सख्त हो गया है। नगर निगम ने इसके लिए रणनीति बनाई है कि पानी बर्बाद करने वालों के सीधे कनेक्शन काटे जाएंगे। वहीं, दोबारा कनेक्शन की बहाली उसी शर्त पर होगी, जब वह यह हलफनामा देगा कि आगे से पानी बर्बाद नहीं करेगा। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी भरेगा। इस संबंध में आज हाउस की मीटिंग में एजेंडा आएगा। यह इस कार्यकाल की नगर निगम की आखिरी बैठक है। वहीं, इस दौरान कई अन्य टेबल एजेंडे के रूप में लाए जाएंगे।

पानी की बर्बादी रोकने के लिए छह चीजों का पालन करें

आंगन और बगीचे में पानी डालना:

पाइप लगाकर घर के आंगन या बगीचे में पानी डालना मना है।

गाड़ियों की धुलाई:

पाइप से कार, स्कूटर या अन्य वाहन धोना प्रतिबंधित है।

सड़क और बरामदे की सफाई:

घर के सामने की सड़क, बरामदे या बालकनी को पाइप से धोना मना है।

टुल्लू पंप का इस्तेमाल:

मुख्य पानी की लाइन से सीधे टुल्लू पंप या बूस्टर लगाकर पानी खींचना सख्त मना है।

पाइप में लीकेज:

घर की सीमा के भीतर 3 मीटर तक की पाइप लाइन में किसी भी तरह का लीकेज नहीं होना चाहिए।

टंकी और कूलर में पानी भरना:

छत पर रखी टंकी या डेजर्ट कूलर में सीधे पाइप लगाकर पानी भरना और उन्हें ओवरफ्लो होने देना मना है।

अब जुर्माने की शर्त को चार प्वाइंटों में जानिए

1. पहली बार उल्लंघन       

नियम तोड़ने पर पहली बार ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा। यह चेतावनी के रूप में माना जाएगा।

2. दूसरी बार उल्लंघन     

दूसरी बार नियम तोड़ने पर ₹2000 का जुर्माना लगेगा। यह राशि पानी के बिल में जोड़कर भेजी जाएगी।

3. तीसरी बार उल्लंघन     

तीसरी बार उल्लंघन करने पर बिना किसी नोटिस के पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। दोबारा कनेक्शन जुड़वाने के लिए अतिरिक्त कार्रवाई करनी होगी।

4. कनेक्शन दोबारा बहाल करना 

   कटा हुआ कनेक्शन फिर से जोड़ने के लिए ₹5000 का जुर्माना भरना होगा। साथ ही, भविष्य में पानी की बर्बादी न करने का लिखित हलफनामा देना होगा।

इन एरिया पर यह नियम लागू होंगे

मोहाली के फेज 1 से लेकर फेज 11, सेक्टर 70, 71, 48C और सेक्टर 66 से 69 तक के क्षेत्र, सेक्टर 65E और सेक्टर 76 से 80 में भी ये नियम लागू रहेंगे। इसी तरह इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 से 5, फेज 6, फेज 8, 8B और फेज 9 को भी शामिल किया गया है। निगम के अधीन आते गांव मटौर, शाही माजरा, मदनपुरा, सोहाना, कुंबड़ा और मोहाली गांव भी इस दायरे में आते हैं।

शनिवार से लगेगा एडमिनिस्ट्रेटर रूल

नगर निगम मोहाली का 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया है। सरकार की ओर से गवर्नर रूल (एडमिनिस्ट्रेटर रूल) लगाने का ऐलान कर दिया गया है। जब तक निगम के चुनाव नहीं होते, तब तक निगम आयुक्त कार्यकाल संभालेंगे। इस कारण यह हाउस की आखिरी बैठक है। बैठक में कुछ टेबल एजेंडे भी पास किए जा सकते हैं।

लुधियाना के क्लर्क को लाया जाएगा मोहाली

नगर निगम की बैठक में एक एजेंडा यह भी लाया जा रहा है, जिसमें लुधियाना नगर निगम में क्लर्क के पद पर कार्यरत लखबीर सिंह के तबादले को मोहाली में मंजूरी देने की मांग की जाएगी। यह तबादला उनके स्वास्थ्य कारणों से किया जा रहा है।

कूड़े के मुद्दे पर हंगामे की संभावना

नगर निगम का 5 वर्ष का कार्यकाल खत्म होने के बावजूद डंपिंग ग्राउंड के लिए अभी तक कोई जगह शुरू नहीं हो पाई है। इस मुद्दे को लेकर पार्षद हर बैठक में सवाल उठाते रहे हैं। इस आखिरी बैठक में भी विपक्षी पार्षद इस मुद्दे पर हंगामा कर सकते हैं।

मेयर की ओर से विधायक कुलवंत सिंह पर मोहाली के विकास को लेकर राजनीति करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। ऐसे में इस बैठक में हंगामा होना तय माना जा रहा हैं।

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पंजाब सरकार ने 11 अप्रैल को बुलाई कैबिनेट मीटिंग:दोपहर तीन बजे सीएम रिहायश पर होगी, स्पेशल सेशन को लेकर बनाई जाएगी स्ट्रेटजी

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बेअदबी की घटनाओं को लेकर बने कानून को मूर्त रूप देने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया हैं। जिसमें सरकार जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करके इसमें सजा का प्रावधान करना चाहती है।

इस संशोधन बिल पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 11 अप्रैल शनिवार को कैबिनेट बैठक बुला ली है। यह बेहद संजीदा बिल हैं। क्योंकि जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 राज्य का कानून हैं।

इसके तहत सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशन, वितरण और बीड़ के प्रबंधन का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को दिया है। ताकि सिख रहत मर्यादा के अनुसार पवित्रता बनी रहे। अब सरकार इस बिल में संशोधन करके उसमें सजा का प्रावधान भी शामिल करना चाहती है।

बीते साल विधेयक किया गया था पेश

बता दें कि 15 जुलाई 2025 को पंजाब सरकार पंजाब पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 पेश किया था। इस पर बहस के बाद इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया है। सेलेक्ट कमेटी को 6 माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी। इस बिल में सभी धार्मिक ग्रंथों को शामिल किया गया था। जिसके तहत 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया था।

जानकारी के अनुसार सरकार ने इस बिल को ठंडे बस्ते में डाल कर जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करने का फैसला किया है। सरकार मान रही हैं कि इस बिल में संशोधन करने से श्री गुरु ग्रंथ साहिब को शामिल किया जाएगा। जबकि पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की
रोकथाम विधेयक, 2025 में सभी ग्रंथ आते थे।

विधेयक राष्ट्रपति को भेजना जरूर नहीं

बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही यह दावा कर चुके है कि यह स्टेट बिल है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। जबकि माहिरों का कहना है कि 2008 का कानून केवल रेगुलेटरी कानून है जबकि अगर इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी किए जाने पर सजा का प्रविधान दस साल या इससे ज्यादा किया जाता है तो यह बिल राष्ट्रपति के पास पारित होने के लिए भेजना पड़ेगा।

उनका यह भी कहना है कि रेगुलेटरी एक्ट को पीनल एक्ट में बदला तो जा सकता है लेकिन तब यह क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आ जाएगा। फिर यह स्टेट एक्ट नहीं रहेगा बल्कि समवर्ती सूची में आ जाएगा। ऐसा नहीं है कि राज्य यह कानून बना नहीं सकता लेकिन अगर यह केंद्रीय कानून से टकराया तो केंद्रीय कानून ही माना जाएगा।

13 अप्रैल को विधानसभा में होगा पेश

यही कारण हैं कि शिरोमणि अकाली दल अपने सरकार के दौरान 2016 में लाए गए बिल को मंजूरी दिलवाने की मांग कर रही हैं तो कांग्रेस अपने कार्यकाल के दौरान 2018 में लाए गए बिल को कानून बनाने की मांग कर रही है। बता दें कि 2016 के बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर उम्र कैद और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर दस साल की सजा का प्रविधान किया गया था।

2018 में सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए सभी धर्मों को शामिल कर लिया लेकिन आठ साल बीतने के बावजूद राष्ट्रपति से इसे मंजूरी नहीं दी है। 11 अप्रैल को बुलाई गई कैबिनेट बैठक में बिल के अंतिम स्वरूप को मंजूरी मिलेगी। जिसे बाद में 13 अप्रैल को विधान सभा में पेश किया जाएगा।

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बच्चा गैर हाजिर रहा तो फोन पर आएगा मैसेज:Punjab सरकार आज से शुरू करेगी सिस्टम, थोड़ी देर में शिक्षा मंत्री बैंस करेंगे लांच

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पंजाब के स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई अब उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार कराई जाएगी। साथ ही, छात्रों की उपस्थिति से जुड़ी हर जानकारी उनके अभिभावकों के मोबाइल फोन पर SMS के माध्यम से भेजी जाएगी। इतना ही नहीं, यदि कोई शिक्षक छुट्टी पर रहता है या गैर-हाजिर होता है, तो उसकी जानकारी भी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के पास उपलब्ध रहेगी।

इन पहलों को लागू करने के लिए राज्य सरकार मिशन समर्थ के अगले चरण की आज से शुरुआत करने जा रही है। इस अवसर पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कार्यक्रम के प्रभारी मनीष सिसोदिया भी उपस्थित रहेंगे।

शिक्षा क्षेत्र में नंबर एक पर

शिक्षा विभाग का दावा है कि PARAKH 2024 सर्वे में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर एक स्थान पर रहा है। पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों के बाद अब मिशन समर्थ के अगले चरण का शुभारंभ किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, चार वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं और स्कूलों में कई नई पहल शुरू की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

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शिक्षा विभाग ने यह काम भी कियाQuoteImage

पंजाब का शिक्षा बजट बढ़कर 19,279 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य सरकार ने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत 118 आधुनिक स्कूल स्थापित किए हैं। इसके अलावा, प्रिंसिपलों और शिक्षकों को सिंगापुर, फिनलैंड तथा IIM अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी गई है। सरकार ने 14,500 से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति भी की है। NAS 2024 की रैंकिंग में पंजाब देश में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की।

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आप सरकार ने गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के लिए वाराणसी के लिए हर महीने तीर्थ यात्रा ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा, आईआरसीटीसी को लिखा पत्र

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गुरु रविदास जी के आने वाले 650वें प्रकाश पर्व को देखते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम’ के तहत पंजाब से वाराणसी के लिए एक स्पेशल तीर्थ यात्रा ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा है।

पंजाब कल्चर और टूरिज्म विभाग के एडवाइजर दीपक बाली ने कहा कि राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से लागू करने के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी), चंडीगढ़ से संपर्क किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि पंजाब के अलग-अलग शहरों से हर महीने 1000 से 1200 तीर्थयात्री इस धार्मिक यात्रा पर जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह तीर्थयात्रा पंजाब में एक तय जगह से महीने में एक बार चलाई जाएगी और अप्रैल से नवंबर तक सेवाएं चलाने की योजना है। एक स्पेशल ट्रेन का इंतज़ाम किया जाएगा जिसमें वाराणसी में रहने, खाने और लोकल ट्रांसपोर्ट समेत पूरी सुविधाएँ दी जाएँगी, ताकि तीर्थयात्रियों के लिए एक आरामदायक और अच्छी तरह से बढ़िया प्रबंध वाली तीर्थयात्रा पक्की हो सके।

पंजाब सरकार ने आईआरसीटीसी से अपील की है कि वह इस प्रस्ताव की जांच करके जल्द से जल्द जवाब दे ताकि आपसी सहमति से एक समझौता पत्र साइन किया जा सके और इस इनिशिएटिव को बिना किसी देरी के लागू किया जा सके।

बाली ने कहा कि गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के सिलसिले में वाराणसी के लिए नियमित यात्राएँ आयोजन करने का फ़ैसला खास अहमियत रखता है। यह लोगों के लिए धार्मिक तीर्थयात्राओं को आसान बनाने के लिए माननीय सरकार के प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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