Punjab
भगवंत मान सरकार द्वारा मोहाली में अत्याधुनिक बहु-उद्देशीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर किया जाएगा विकसित: Sanjeev Arora
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, स्थानीय निकाय तथा बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज मोहाली में पल्कशा यूनिवर्सिटी और सेक्टर 83 के इंफोसिस कैंपस के निकट एक अत्याधुनिक बहु-उद्देशीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर (ई.सी.सी.) विकसित करने का ऐलान किया। यह निवेश, बुनियादी ढांचे और विश्वव्यापी व्यापारिक अवसरों के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे पंजाब का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी नेतृत्व में की जा रही यह ऐतिहासिक पहल पंजाब को निवेश और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए पसंदीदा स्थान बनाने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
प्रोजेक्ट की अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कन्वेंशन सेंटर मोहाली आईटी सिटी के बिल्कुल बीच में लगभग 14 एकड़ क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। लगभग 250 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला यह प्रोजेक्ट एग्जीकन इवेंट्स मीडिया सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा विकसित किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रोजेक्ट के लिए रियायत की अवधि 15 वर्ष होगी।
मंत्री ने कहा, “इस प्रोजेक्ट के तहत बड़े स्तर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए एक अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा, जो विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और सुविधाओं से लैस होगा।”
उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण 31 दिसंबर 2026 तक और दूसरा चरण 31 दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि ई.सी.सी. में बड़े स्पैन वाले कॉलम-फ्री प्रदर्शनी हॉल होंगे, जिनमें लगभग 40,000 वर्ग फुट और 15,000 वर्ग फुट के दो बड़े हॉल के साथ लगभग 15,000 वर्ग फुट में फैला रिटेल, फूड और बेवरेज जोन तथा लगभग 1000 वाहनों की पार्किंग सुविधा भी शामिल होगी। उन्होंने आगे कहा कि इस सुविधा में विश्व स्तरीय लैंडस्केप वाले पब्लिक स्पेस और आयोजन करने के लिए खुले सार्वजनिक क्षेत्र भी शामिल होंगे।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “ई.सी.सी. एक लचीला, बहु-कार्यात्मक स्थान के रूप में काम करेगा, जो 5,000 से 10,000 डेलिगेट्स वाली कॉन्फ्रेंस और सम्मेलनों की मेजबानी, 2,000 लोगों की सुविधा के लिए लगभग 20,000 वर्ग फुट के मीटिंग एरिया, 200 से 500 बूथों वाले व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों, 1,000 से 10,000 श्रोताओं वाले कॉर्पाेरेट कार्यक्रमों, 1,000 से 10,000 लोगों वाले सांस्कृतिक और विविध कार्यक्रमों तथा 15,000 लोगों तक के सामाजिक आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम है।”
आधुनिक डिजाइन और स्थिरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इस सुविधा में उन्नत कॉलम-फ्री संरचनात्मक प्रणालियां, कुशल ट्रैफिक सर्कुलेशन और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग, आधुनिक एमइपी, एवी, आइटी सिस्टम का एकीकरण, एनबीसी मानकों का पालन, अग्नि सुरक्षा और पहुंच-योग्यता मानक तथा ग्रीन 5-स्टार सस्टेनेबल डिजाइन सिद्धांत अपनाए जाएंगे।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “यह कन्वेंशन और प्रदर्शनी केंद्र पंजाब के लिए एक नुहार बदलने वाला प्रोजेक्ट साबित होगा। यह ग्लोबल कार्यक्रमों की मेजबानी, निवेश आकर्षित करने और बड़े स्तर पर रोजगार सृजन की हमारी क्षमता को प्रभावी ढंग से बढ़ाएगा। मोहाली एक आधुनिक शहरी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में तेजी से उभर रहा है और ऐसा विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा इसके विकास की गति को और तेज करेगा।”
आर्थिक प्रभावों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पहले पांच वर्षों में 15,000 से 25,000 के बीच रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन, आतिथ्य और सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा देते हुए पंजाब को एक अग्रणी माइस डेस्टिनेशन के रूप में पंजाब की स्थिति मजबूत करेगा।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने आगे कहा, “यह प्रोजेक्ट मोहाली को 21वीं सदी के आईटी और सेवाओं के हब के रूप में विकसित करने, व्यवसाय करने में आसानी बढ़ाने, निवेशक इकोसिस्टम को मजबूत करने और विश्व स्तरीय सहयोग एवं आयोजनों को समर्थन देने के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा बनाने के पंजाब सरकार के व्यापक विजन से पूरी तरह मेल खाता है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एग्जीकन ग्रुप के चेयरमैन एम. क्यू. सईद, पुडा के ए.सी.ए. विकास हीरा, प्रोजेक्ट के आर्किटेक्ट संजय सूर्या और राहुल शाह, डायरेक्टर उपस्थित थे।
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पहली बार वोटर बनने वालों के लिए बड़ा बदलाव, अब Form-6 के साथ माता-पिता की SIR जानकारी भी देनी होगी
पहली बार वोटर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब नए मतदाता के रूप में Form-6 भरने वाले प्रत्येक आवेदक को अपने माता-पिता की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी।
अब तक माना जा रहा था कि SIR से संबंधित जानकारी केवल पुराने मतदाताओं के लिए आवश्यक है, लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम अब पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा।
चुनाव आयोग के अनुसार, ऑनलाइन Form-6 भरते समय आवेदक को अपने माता-पिता का SIR विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा निर्धारित घोषणा (डिक्लेरेशन) किए बिना आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी।
आयोग का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। इससे नए मतदाताओं का रिकॉर्ड परिवार के मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड से आसानी से जोड़ा जा सकेगा और फर्जी, डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।
चुनाव आयोग के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने से कई मामलों में आवेदकों को अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता भी कम हो सकती है। आयोग का मानना है कि यह कदम मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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भगवंत मान सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की लूट को खत्म करने के लिए उठाया ऐतिहासिक कदम, लाखों परिवारों को बड़ी मिलेगी आर्थिक राहत: कंग
श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के लोकसभा मेंबर, मालविंदर सिंह कंग ने ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2026’ के नोटिफिकेशन का स्वागत किया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक और लोगों के हक में फैसला बताया और कहा कि यह पंजाब के अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी जीत है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का शुक्रिया अदा करते हुए, कंग ने कहा कि पंजाब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा वसूली जा रही मनमानी और गैर-कानूनी फीस से परिवारों को बचाने का अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह ऑर्डिनेंस सरकार की मज़बूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिखाता है, जो आम लोगों के हितों को ताकतवर प्राइवेट संस्थानों से ऊपर रखती है।
कंग ने आप के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल का भी धन्यवाद किया औऱ कहा कि उन्होंने देश में शिक्षा सुधारों की नींव रखी और एक ऐसे शासन मॉडल को प्रेरित किया, जो पब्लिक पॉलिसी के केंद्र में क्वालिटी और सस्ती शिक्षा को रखता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने इस ऐतिहासिक सुधार के ज़रिए एक बार फिर उसी विज़न को आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि सालों से गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल अपनी मर्ज़ी से फीस बढ़ाकर और एजुकेशन को कमर्शियल बिज़नेस बनाकर अभिभावकों का शोषण कर रहे थे। इस ऑर्डिनेंस के लागू होने से ऐसी मनमानी पर रोक लगेगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने यह साफ़ कर दिया है कि किसी भी गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट शिक्षक संस्थाओं को पांच प्रतिशत से ज़्यादा फीस बढ़ाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता और अकाउंटेबिलिटी आएगी।
कंग ने कहा कि यह ऑर्डिनेंस पूरे पंजाब में लाखों परिवारों पर आर्थिक बोझ को काफी कम करेगा और उन अभिभावकों को बड़ी राहत देगा जो बिना किसी रोक-टोक के लंबे समय से लगातार बढ़ती फीस से जूझ रहे थे।
अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों से सीधी अपील करते हुए कंग ने कहा कि अगर कोई प्राइवेट स्कूल अब भी अपनी मर्ज़ी से फीस बढ़ाता है या किसी और तरह का शोषण करता है, तो अभिभावक तुरंत उनके ऑफिस में संपर्क करें। उन्होंने कहा कि प्लॉट नंबर 577, गिल्को वैली, सेक्टर 127, खरड़ में उनका ऑफिस हर दिन सुबह 9 बजे से खुलेगा ताकि ऐसी दिक्कतों का सामना कर रहे पेरेंट्स की मदद की जा सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह और उनकी टीम प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद देंगे और यह पक्का करेंगे कि किसी भी प्राइवेट स्कूल को कानून तोड़ने या पेरेंट्स का शोषण करने की इजाज़त न मिले। कंग ने दोहराया कि भगवंत मान की सरकार अभिभावकों के शोषण को खत्म करने और पंजाब के हर बच्चे के लिए शिक्षा को सस्ता, पारदर्शी और आसान बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
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योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां, CM भगवंत मान ने नियमित कर्मचारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में अब सरकारी नौकरियां सिफारिश या रिश्वत के आधार पर नहीं, बल्कि पूरी तरह योग्यता और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दी जा रही हैं। उन्होंने यह बात मोहाली के सेक्टर-62 स्थित विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही, जहां वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के नियमित (रेगुलर) किए गए कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। सरकार के कार्यकाल में दी गई हर सरकारी नौकरी केवल मेरिट के आधार पर दी गई है और इसमें किसी भी तरह की सिफारिश, भ्रष्टाचार या राजनीतिक हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास मजबूत करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ईमानदारी और योग्यता के आधार पर मिलने वाली नौकरियां ही युवाओं का भविष्य सुरक्षित कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नियमित किए गए कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब सरकार हमेशा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराती रहेगी।
इस कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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