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श्री आनंदपुर साहिब की टेंट सिटी में भीषण आग, दर्जनभर केबिन जलकर राख, बड़ा हादसा टला

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पंजाब के श्री आनंदपुर साहिब के समीप स्थित गांव अगमपुर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाई गई टेंट सिटी में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आकर करीब एक दर्जन केबिन पूरी तरह जलकर राख हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय सभी केबिन खाली थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार, बारिश थमने के कुछ समय बाद अचानक टेंट सिटी के केबिन ब्लॉक में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और कई केबिन इसकी चपेट में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

बताया जा रहा है कि यह टेंट सिटी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्री आनंदपुर साहिब आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बनाई गई है। यहां एयर कंडीशन और वाटरप्रूफ टेंट के साथ रहने, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

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रवनीत बिट्टू की जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अपील, बोले— 90 के दशक में जान गंवाने वाले सभी पंजाबियों के लिए हो अरदास

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केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अपील करते हुए कहा है कि आज की अरदास में 1990 के दशक की हिंसा में जान गंवाने वाले सभी पंजाबियों को याद किया जाए। उन्होंने कहा कि उस दौर में बहा खून किसी एक पक्ष का नहीं, बल्कि पूरे पंजाब का था।

रवनीत बिट्टू ने कहा कि चाहे हथियारबंद लोग हों, पुलिसकर्मी हों या निर्दोष आम नागरिक, जिन्होंने भी अपनी जान गंवाई, वे सभी पंजाबी थे। उन्होंने कहा कि आज भी उन हजारों लोगों की आत्माएं श्री अकाल तख्त साहिब की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही हैं और यह सवाल पूछ रही हैं कि क्या उनके लिए भी कभी अरदास की जाएगी।

उन्होंने जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज से आग्रह किया कि इस मुद्दे को किसी एक धर्म या समुदाय के नजरिए से नहीं, बल्कि पूरे पंजाब और पंजाबियत के दृष्टिकोण से देखा जाए। बिट्टू ने कहा कि जिसने गोली चलाई वह भी पंजाबी था, जिसे गोली लगी वह भी पंजाबी था और हिंसा का दर्द झेलने वाले परिवार भी पंजाब के ही थे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज की अरदास में उन सभी परिवारों को याद किया जाना चाहिए, जिन्होंने उस दौर में अपने प्रियजनों को खोया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खून से पंजाब की धरती लाल हुई, उनकी आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि पंजाब का यह दर्द नफरत से नहीं, बल्कि अरदास, भाईचारे और शांति के संदेश से ही कम किया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्री अकाल तख्त साहिब से होने वाली अरदास उन सभी परिवारों और दिवंगत आत्माओं के लिए मरहम का काम करेगी, जिन्होंने पंजाब के उस कठिन दौर में अपनों को खोया।

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कैप्टन अमरिंदर का रवनीत बिट्टू पर निशाना, बोले— “मरे हुए लोगों का मुद्दा बेवजह उठाया जा रहा है”

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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता, लेकिन अतीत की घटनाओं का इस्तेमाल वर्तमान में समाज को बांटने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि रवनीत बिट्टू सोशल मीडिया पर मृत लोगों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर बेवजह इस मुद्दे को उछाल रहे हैं।

विवादित फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि आतंकवाद के दौर को एकतरफा नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उस दौर में करीब 25 हजार लोगों की जान गई, तो लगभग 1,800 पुलिसकर्मी भी आतंकवाद से लड़ते हुए शहीद हुए थे। इसके अलावा हजारों निर्दोष नागरिक भी हिंसा का शिकार बने। उन्होंने कहा कि उस दौर की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोनों पक्षों की घटनाओं का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए।

फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के मुद्दे पर कैप्टन ने कहा कि उन्हें नहीं पता यह फैसला किसने लिया, लेकिन उनका मानना है कि फिल्म हटने के बाद लोगों की उसमें रुचि और बढ़ गई है।

पंजाब में फिल्म दिखाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इससे न भाजपा को राजनीतिक फायदा होगा और न ही कांग्रेस को। उनके मुताबिक शिरोमणि अकाली दल, वारिस पंजाब दे और अकाली दल (पुनर सुरजीत) जैसी पार्टियां इस मुद्दे से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही हैं।

मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा का जिक्र करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह लापता लोगों से जुड़े सबूत जुटा रहे थे और इसमें कुछ भी गलत नहीं था। उन्होंने कहा कि अतीत को स्वीकार करना और उससे सीख लेना जरूरी है, लेकिन नई पीढ़ी को पुरानी घटनाओं के आधार पर भड़काना पंजाब की एकता और शांति के हित में नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के सबसे कठिन दौर में भी पंजाब में हिंदू और सिख समुदाय ने आपसी भाईचारा बनाए रखा। साथ ही उन्होंने पूर्व डीजीपी के.पी.एस. गिल का बचाव करते हुए कहा कि पंजाब में आतंकवाद खत्म करने में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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पहली बार वोटर बनने वालों के लिए बड़ा बदलाव, अब Form-6 के साथ माता-पिता की SIR जानकारी भी देनी होगी

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पहली बार वोटर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब नए मतदाता के रूप में Form-6 भरने वाले प्रत्येक आवेदक को अपने माता-पिता की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी।

अब तक माना जा रहा था कि SIR से संबंधित जानकारी केवल पुराने मतदाताओं के लिए आवश्यक है, लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम अब पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा।

चुनाव आयोग के अनुसार, ऑनलाइन Form-6 भरते समय आवेदक को अपने माता-पिता का SIR विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा निर्धारित घोषणा (डिक्लेरेशन) किए बिना आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी।

आयोग का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। इससे नए मतदाताओं का रिकॉर्ड परिवार के मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड से आसानी से जोड़ा जा सकेगा और फर्जी, डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।

चुनाव आयोग के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने से कई मामलों में आवेदकों को अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता भी कम हो सकती है। आयोग का मानना है कि यह कदम मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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