Punjab
पंजाब के परिवहन क्षेत्र के विकास को और तेज किया, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने PRTC फ्लीट में 250 नई बसों को दिखाई हरी झंडी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला में 250 नई पी.आर.टी.सी. बसों को हरी झंडी दिखाकर इसे सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, रोजगार सृजन और पूरे पंजाब में विकास की गति तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुनियादी ढांचे के विस्तार और लोक-केंद्रित शासन की अपनी सरकार की दोहरी पहुंच को उजागर किया।
बस फ्लीट में वृद्धि के विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पटियाला में 250 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर पी.आर.टी.सी. फ्लीट में शामिल किया गया। यह सिर्फ परिवहन सुविधाओं में सुधार नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर, सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्रा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। आने वाले दिनों में 300 से अधिक अन्य बसें पी.आर.टी.सी. फ्लीट में शामिल की जाएंगी। सरकार सार्वजनिक सुविधा के विस्तार और पंजाब को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
विस्तार के पैमाने की बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि मई 2026 के अंत तक पी.आर.टी.सी. के बेड़े में 254 साधारण और 100 मिनी बसें शामिल की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि 309 अन्य बसों के लिए टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिससे राज्य के परिवहन नेटवर्क को बड़ी मजबूती मिलेगी।
रोजगार की संभावनाओं के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘इससे 681 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का रास्ता भी प्रशस्त होगा।‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘2024 के दौरान पी.आर.टी.सी. के बेड़े में लगभग 110 बसें शामिल की गईं, जिससे 165 व्यक्तियों को रोजगार मिला था।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘309 अन्य बसों को शामिल करने के लिए भी टेंडर जारी कर दिया गया है, जिससे 928 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।‘‘
निगम की सुधरी वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पी.आर.टी.सी. ने कुल राजस्व में 53 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो वित्तीय वर्ष 2021-22 में 607.09 करोड़ रुपये के मुकाबले 2024-25 में बढ़कर 927.83 करोड़ रुपये हो गया है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में, पी.आर.टी.सी. के कुल राजस्व के 950 करोड़ रुपये पार करने की उम्मीद है, जो लगभग 57 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।‘‘
‘आप‘ सरकार की कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘2022 से, पी.आर.टी.सी. ने 1574 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब की 34.63 करोड़ महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत, पी.आर.टी.सी. ने 2.21 करोड़ की मुफ्त एच.वी.ए.सी. बस यात्रा की सुविधा प्रदान की, जिससे 9,529 यात्रियों को पंजाब के भीतर और बाहर धार्मिक स्थानों के दर्शन करने का सौभाग्य मिला।‘‘
परिवहन के विस्तार को व्यापक विकास से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘बस बेड़े के विस्तार से, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग सुरक्षित और आरामदायक यात्रा कर सकेंगे।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि पंजाब तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और सरकार दशकों के अंतराल को पूरा करने के प्रयासों में और तेजी ला रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘हमारी सरकार पंजाब को ‘रंगला पंजाब‘ बनाकर इसकी पुरानी शान बहाल करने के लिए बहुआयामी विकास कर रही है।‘‘
क्षेत्र में विकास कार्यों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पंजाब की कमान संभालने के बाद हमारी सरकार ने पटियाला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विभागों के विकास कार्यों पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिससे इसकी समग्र सूरत ही बदल गई है।‘‘ उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2022 से बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये का निवेश निरंतर किया गया है।
कृषि के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘कृषि क्षेत्र को फिर से लाभदायक बनाने के लिए हमारी सरकार ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से विभिन्न पहलों पर 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।‘‘
स्वास्थ्य सेवा में सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पिछले चार वर्षों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से तीन परियोजनाओं पर 7.91 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि इस समय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर अतिरिक्त 14.54 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।‘‘
शिक्षा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पंजाब के बच्चों को विश्व स्तरीय स्कूली शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से, सरकार ने वर्ष 2022 और वर्ष 2026 के बीच स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से आठ परियोजनाओं पर 825.22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके अलावा इस समय 80.92 करोड़ रुपये की कई अन्य परियोजनाएँ चल रही हैं।‘‘
बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘लोक निर्माण विभाग के माध्यम से 17 कार्यों पर 6.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 21.02 करोड़ रुपये की लागत से 11 अन्य कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा 21 अन्य परियोजनाओं पर 23.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।‘‘
ग्रामीण बुनियादी ढांचे के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, ‘‘पंजाब मंडी बोर्ड के माध्यम से आठ कार्यों पर 12.98 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें मरम्मत, नया निर्माण और मंडी बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल है। इसके अतिरिक्त कार्य प्रगति पर हैं।‘‘
बाढ़ रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘वर्ष 2022 से नदियों की सफाई और बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर 1.27 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और कई अन्य परियोजनाएँ चल रही हैं।‘‘
शहरी और सीवरेज बुनियादी ढांचे के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘सीवरेज बोर्ड के माध्यम से दो कार्यों पर 1.34 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए 366 करोड़ रुपये की दो बड़ी परियोजनाएँ प्रगति पर हैं।‘‘
शहरी विकास के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, ‘‘पिछले चार वर्षों में नगर निगम के माध्यम से वार्डों में 114 कार्यों पर 42.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा कई परियोजनाएँ चल रही हैं और कई प्रगति पर हैं।‘‘
जल संरक्षण के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘भूमि संरक्षण विभाग के माध्यम से भूमिगत पाइपलाइनों और जल संरक्षण कार्यों पर 1.24 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके साथ ही चल रही और नई परियोजनाओं से इसे और मजबूती मिलेगी।‘‘
उन्होंने ग्रामीण विकास, पटियाला विकास प्राधिकरण, पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड, पंचायती राज, और जल आपूर्ति एवं स्वच्छता सहित विभागों में निवेश को उजागर किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर काम चल रहे हैं।
लोगों से समर्थन की मांग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, ‘‘इन विकास कार्यों को उसी गति से जारी रखने के लिए हमें आप सभी के समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है।‘‘ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि जिस प्रकार आपने पिछले चुनावों में हमारी पार्टी को दिल से समर्थन दिया था, उसी प्रकार 2027 के चुनावों में भी देंगे।‘‘
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अश्वनी शर्मा के गृह क्षेत्र में भाजपा को झटका:पठानकोट ब्लॉक समिति पर आम आदमी पार्टी का कब्जा, BJP की गीता ने मारी पलटी
भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और मौजूदा विधायक अश्वनी शर्मा के गृह क्षेत्र पठानकोट में भाजपा को करारा झटका लगा है। यहां पठानकोट की ब्लाक समिति मैंबर गीता ने पलटी मारते हुए आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया और आप ने बतौर ईनाम उन्हें पठानकोट ब्लाक समिति चेयरपर्सन बना दिया
इसी के साथ जिला की 6 में से 5 ब्लॉक समितियों पर आप का कब्जा हो चुका है। अब बस सुजानपुर में पेंच फंसा है। वहां भाजपा के 8 मेंबर जीते हैं और आप के 7 ही हैं। इसलिए सुजानपुर में चेयरमैन चुनाव की 3 मीटिंगें पोस्टपोन की जा चुकी हैं। सुजानपुर भाजपा की ओर से इसे लेकर नाराजगी जताई जा रही है।
पठानकोट में भी रही असमंजस की स्थिति
इससे पहले पठानकोट ब्लॉक समिति में भी असमंजस की स्थिति थी। क्योंकि यहां भाजपा, कांग्रेस और आप के बराबर 5-5 मेंबर जीते थे। लिहाजा आम आदमी पार्टी ने भाजपा की गीता देवी को चेयरमैन बनाने का वादा कर आप ज्वाइन कराई और हलका इंचार्ज विभूति शर्मा और अमनशेर सिंह कलसी की मौजूदगी में भाजपा से आप में शामिल हुई गीता देवी को चेयरपर्सन और सोनिया देवी को वाइस चेयरपर्सन चुना गया। चेयरमैन गीता देवी ने कहा कि वे पठानकोट ब्लॉक के विकास के लिए काम करेंगी।
जिला की 6 में से 5 समितियों पर आप काबिज
पठानकोट ब्लॉक समिति में आप की चेयरपर्सन बनने से पठानकोट और भोआ की सभी समितियों पर आप का वर्चस्व हो गया है। कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क के भोआ हलके की तीनों समितियों पर आप काबिज हो चुकी है। 18 सदस्यीय घरोटा में आप के पवन कुमार फौजी, 15 सदस्यीय नरोट जैमल सिंह में आप के सोहनलाल तथा 15 सदस्यीय बमियाल समिति के आप मेंबर धर्मपाल चेयरमैन बन चुके हैं। धारकलां ब्लॉक समिति में भाजपा के 7, आप के 7 और कांग्रेस का एक मेंबर चुनाव जीता था। कांग्रेसी मेंबर के सपोर्ट कर देने से यहां भी आप के हलका इंचार्ज ठाकुर अमित सिंह मंटू की पत्नी एकता चौधरी चेयरमैन बन गईं।
सुजानपुर में अभी भी फंसा पेंच
बता दें, सुजानपुर ब्लाक समिति चेयरमैन चुनाव में मामला अभी भी फंसा है। क्योंकि, यहां सबसे अधिक 8 मेंबर भाजपा के जीते हैं और सत्ताधारी आप के 7 हैं। जबकि, कांग्रेस का यहां से एक भी उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर पाया था। ये हालात तब हैं जब सुजानपुर हलके के एमएलए नरेश पुरी कांग्रेस से हैं। सुजानपुर में आप अभी तक भाजपा का कोई मेंबर तोड़ नहीं पाई है। चेयरमैन के चुनाव के लिए 3 बार मीटिंगें बुलाई गईं और हर बार मीटिंग पोस्टपोन कर प्रशासन द्वारा समय दिया जा रहा है। जिसको लेकर भाजपा ने बीते दिन डीसी ऑफिस पहुंच रोष जताया था।
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जालंधर PNB लूटकांड का चंद घंटों में खुलासा, रिटायर्ड DSP का बेटा निकला मुख्य आरोपी
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने खुरला किंगरा स्थित पीएनबी बैंक में हुई लूट की वारदात को कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान से सिमरनजीत सिंह के रूप में हुई है जो रिटायर्ड डीएसपी का बेटा है, जिनकी मौत हो चुकी है।
पिता के मरने के बाद सिमरनजीत नशे वाली हो गया था न। अपने साथियों के साथ मिलकर वह नशा बेचने भी लगा और करने भी लगा। इसी के चलते उसने बैंक लूट की योजना बनाई।
पुलिस ने आरोपित के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया रिवाल्वर, तीन जिंदा कारतूस और लूटी गई नकदी का हिस्सा भी बरामद किया है। यह पिस्टल कहां से आया है और किसका है इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2:35 बजे दो नकाबपोश युवक बैंक में दाखिल हुए और हथियार के बल पर लूटपाट कर फरार हो गए। बैंक कर्मचारी विक्रम भगत के बयान पर थाना डिवीजन नंबर 7 में केस नंबर 65 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने सिमरनजीत सिंह उर्फ अमरिक सिंह निवासी ग्रीन मॉडल टाउन, जालंधर को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ पहले भी दो आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट के तहत केस शामिल हैं। पुलिस अब उसके फरार साथी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
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पंजाब को स्थायी डीजीपी जल्द: सरकार ने 14 अफसरों का पैनल यूपीएससी को भेजा, तीन उम्मीदवार होंगे शाॅर्टलिस्ट
पंजाब पुलिस को जल्द ही स्थायी डीजीपी मिल सकता है। पंजाब सरकार ने राज्य में नियमित पुलिस महानिदेशक के पद के लिए तीन उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का एक पैनल संघ लोक सेवा आयोग को भेजा है।
अभी कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव के काफी समय पंजाब पुलिस का नेतृत्व कर रहे हैं।
फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी को निर्देश दिए थे कि वे उन राज्यों से स्थायी डीजीपी के लिए पैनल मंगवाए जहां लंबे समय से कार्यवाहक डीजीपी के बूते काम चलाया जा रहा है। इन राज्यों में पंजाब भी शामिल है। यूपीएससी ने पंजाब के गृह विभाग को 10 दिन के भीतर वरिष्ठ आईपीएस अफसरों का पैनल भेजने के निर्देश दिए थे। इस पर कई दिन से मंथन चल रहा था। अंतत: अब सरकार ने इस पैनल में डीजी रैंक के 14 अफसरों का नाम यूपीएससी को भेजा है।
सूची में शामिल हैं ये नाम
सूची में 1992 बैच के IPS अधिकारी गौरव यादव, स्पेशल डीजीपी शरद सत्य चौहान (पंजाब विजिलेंस प्रमुख), स्पेशल डीजीपी (एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स) कुलदीप सिंह और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा, सूत्रों के अनुसार, स्पेशल डीजीपी (सामुदायिक मामले और महिला मामले) गुरप्रीत कौर देव, स्पेशल डीजीपी (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन) जितेंद्र कुमार जैन, स्पेशल डीजीपी (रेलवे) शशि प्रभा द्विवेदी, स्पेशल डीजीपी (मुख्यालय) सुधांशु शेखर श्रीवास्तव, स्पेशल डीजीपी पीके सिन्हा, स्पेशल डीजीपी (यातायात और सड़क सुरक्षा) अमरदीप सिंह राय, और स्पेशल डीजीपी (साइबर अपराध) वी. नीरज, सहित अन्य लोग भी इस सूची में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले महीने कहा था कि उनकी सरकार एक नियमित डीजीपी के चयन के लिए अधिकारियों का एक पैनल भेजेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार
इससे पहले, पंजाब एक नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल भेजने में हिचकिचा रहा था, जबकि यूपीएससी ने नियमित डीजीपी के चयन के लिए अधिकारियों का पैनल भेजने के लिए कई बार याद दिलाया था। फरवरी में, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब समेत कुछ राज्यों को एक्टिंग डीजीपी रखने के लिए फटकार लगाई थी।
पंजाब सरकार ने 2023 में पंजाब पुलिस (संशोधन) बिल पास किया था, जो राज्य को एक अलग राज्य-स्तरीय समिति के जरिए डीजीपी नियुक्त करने का अधिकार देता है। हालांकि, इस बिल को अभी राष्ट्रपति की मंजूरी मिलना बाकी है।
आप सरकार ने जुलाई 2022 में गौरव यादव को एक्टिंग DGP नियुक्त किया था, जब राज्य पुलिस प्रमुख वीके भांवरा को छुट्टी पर भेज दिया गया था। प्रक्रिया के अनुसार, जब कोई राज्य नियमित डीजीपी नियुक्त करने के लिए अधिकारियों की एक सूची भेजता है, तो यूपीएससी की पैनल वाली समिति तीन अधिकारियों का एक पैनल वापस भेजती है, ताकि उनमें से किसी एक को राज्य पुलिस प्रमुख के तौर पर चुना जा सके।
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