Connect with us

Punjab

पंजाब विधानसभा में उठी अफीम की खेती की मांग, कृषि मंत्री ने दिया ये जवाब

Published

on

पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में राज्य में अफीम (पोस्ता) की खेती शुरू करने की मांग उठी. इस बीच सबसे पहले विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने यह मामला उठाया। इसके बाद कई विधायकों ने भी इस खेती को शुरू करने की वकालत की. दूसरे कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने कहा कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है. सरकार भी इस खेती को एक तरह का नशा मानती है.

विधायक पथानमाजरा ने सदन में पूछा कि क्या कृषि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि सरकार सिंथेटिक दवाओं पर नकेल कसने के लिए अफीम की खेती शुरू करने पर विचार कर रही है। यदि विचार कर रहे हैं तो यह कब शुरू हो सकता है? विधायक ने जैसे ही यह सवाल पूछा तो विधानसभा अध्यक्ष हंस पड़े. इसके बाद सदन में हंगामा मच गया. स्पीकर ने इस संबंध में कृषि मंत्री गुरुमीत सिंह खुदियां से जवाब मांगा.

जैसे ही मंत्री जवाब देने लगे तो स्पीकर ने उन्हें रोक दिया और कहा कि बताओ पंजाब में पहले भी अफीम के ठेके थे, उन्हें क्यों बंद किया गया। तब मंत्री ने कहा कि एक सदस्य के सवाल से सभी के चेहरे पर खुशी आ गयी. उन्होंने कहा कि मैं भी उस उम्र की ओर बढ़ रहा हूं जहां ये जरूरी हो जाता है. उन्होंने कहा कि सवालों के मुताबिक सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है.

इसके बाद विधायक ने कहा कि ये आई.वी.एफ. सेंटरों, स्मैक और नशीली गोलियों की लत ने पंजाब के युवाओं को बर्बाद कर दिया है। 2007 से पहले थोड़ी-थोड़ी लत लगनी शुरू हो गई थी। आज स्थिति यह हो गई है कि अब पंजाब में 136 केंद्र हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इसका कारण यह है कि जो लोग नशा करते थे, वे अपना काम और खेती भी कर रहे हैं. कोई नहीं कह सकता कि हमारा आदमी अफ़ीम से मरा या पोस्त से।

2020 से 31 मार्च 2023 तक नशे के कारण 266 युवाओं की मौत हो चुकी है। जबकि मार्च 2023 से अब तक 159 युवा नशे की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं. उन्होंने कहा कि विदेशों में यह खेती वैध है. पोस्ता एक प्राकृतिक खेती एवं लत है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में खेती की जाती है। हिमाचल शुरू होने वाला है. इससे पंजाब का राजस्व बढ़ेगा. कई देशों में इसकी शुरुआत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायक भी इस पर बात करना चाहते हैं लेकिन डरते हैं. उन्होंने कहा कि अगर खेती की योजना नहीं है तो पोस्ता के ठेके खोलने होंगे.

विधायक मंजीत सिंह बिलासपुर ने कहा कि नशा पिछले 15 वर्षों से पंजाब की सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है। जवानी ख़त्म हो रही है. परिवार में एक या दो बच्चे हैं। लड़की की शादी हो जाती है और लड़का चिता का शिकार हो जाता है. उन्होंने कहा कि वह पथानामाजरा में पोस्ता की खेती के पक्ष में हैं। हमारे बुजुर्ग सदियों से अफ़ीम का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. उन्होंने बहुत काम किया. कोई मृत्यु नहीं थी. ऐसे में सरकार को अफ़ीम की खेती शुरू करने पर विचार करना चाहिए क्योंकि कई चिकित्सक और डॉक्टर भी विभिन्न बीमारियों में इस चीज़ के इस्तेमाल की सलाह देते हैं।

गुरुहरसहाय के विधायक फौजा सिंह सरारी ने स्पीकर से कहा कि आपने पूछा था कि पंजाब में पोस्त के ठेके कब बंद हुए। उसके जवाब में मैं आपको बताना चाहता हूं कि पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री रहते हुए पोस्ता के ठेके बंद कर दिये थे. उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विशेष अधिसूचना करायी. क्योंकि उस समय पंजाब के युवा सिख रेजिमेंट और कुश्ती आदि में बहुत आगे थे। विधानसभा में शुतराणा के विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर ने भी पोस्ता की खेती की मांग उठाई।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Blog

O.T.S स्कीम को मिला जोरदार समर्थन: 111.16 करोड़ की वसूली, 31 मार्च के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी!

Published

on

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वैट बकाये के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम को व्यापारियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इस योजना के तहत अब तक करीब 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुल 298.39 करोड़ रुपये के बकाये शामिल हैं। इनमें से सरकार 111.16 करोड़ रुपये की वसूली भी कर चुकी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह स्कीम पुराने टैक्स बोझ को खत्म करने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ जैसे प्रमुख जिलों से इस योजना को अच्छा समर्थन मिला है, जो यह दर्शाता है कि कारोबारियों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहत योजना 31 मार्च 2026 तक ही लागू है। इसके बाद सरकार सख्त रुख अपनाएगी और बकाया वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके लिए पहले ही करीब 8,000 संपत्तियों की पहचान कर ली गई है, जिन पर जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कारोबारियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अंतिम मौके का लाभ उठाएं और अपने लंबित वैट बकाये का निपटान कर लें। उन्होंने कहा कि OTS स्कीम के तहत ब्याज और जुर्माने में बड़ी छूट दी जा रही है, जिससे व्यापारियों को राहत मिल रही है और वे अपने वित्तीय रिकॉर्ड को साफ कर सकते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा खत्म होने के बाद सरकार का मौजूदा रियायती रुख समाप्त हो जाएगा और बिना किसी छूट के सख्त वसूली प्रक्रिया लागू की जाएगी। ऐसे मामलों में सामान्य कानूनी जांच और कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना को मिला समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों पर लोगों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि मुकदमेबाजी को कम करना और व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर देना भी है।

Continue Reading

Blog

29 मार्च को होगी Punjab Cabinet की अहम बैठक, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर !

Published

on

पंजाब में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह कैबिनेट बैठक 29 मार्च, रविवार को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास, कोठी नंबर 45, सेक्टर-2, चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार विभिन्न विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बड़े फैसले ले सकती है। इसके अलावा कुछ नई योजनाओं को मंजूरी मिलने और चल रही परियोजनाओं की समीक्षा भी इस बैठक का हिस्सा हो सकती है।

यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक में आम जनता से जुड़े मुद्दों—जैसे बुनियादी सुविधाएं, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाएं—पर खास ध्यान दिया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता राज्य के विकास को गति देना और लोगों को राहत पहुंचाना है, ऐसे में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

पंजाब कैबिनेट की इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें लिए गए फैसले आने वाले समय में राज्य की नीतियों और दिशा को तय कर सकते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ आम जनता की नजरें भी इस बैठक पर टिकी हुई हैं।

Continue Reading

Punjab

जलालाबाद में आज 508 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान करेंगे मुख्यमंत्री; अनाज मंडी में तैयारियां पूरी

Published

on

पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा

डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की।

सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात

स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे।

सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

Continue Reading

Trending