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भाजपा से सावधान रहें, अगर भाजपा सत्ता में आई तो वे तीन काले कृषि कानून लागू कर देंगे – भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि इन पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों ने दशकों तक फूट डालने वाली राजनीति, पंजाब विरोधी फैसलों और भ्रष्टाचार के माध्यम से पंजाब के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार आई तो वे एक बार फिर काले कृषि कानून लागू करेंगे। समराला के गांव माणकी में लोक मिलनी के दौरान बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा ने आर्मी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य और पंजाबी को वैकल्पिक बनाकर अपनी पंजाब विरोधी सोच उजागर कर दी है। उन्होंने बताया कि पार्टी चुनावों से पहले मतदाताओं में फूट डालने के लिए सांप्रदायिक तनाव पैदा करने में माहिर है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कृषि कानून रद्द कराने के लिए किए गए आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसान शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि सैकड़ों किसानों की शहादत के बाद भी भाजपा पंजाब में वोट कैसे मांग सकती है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, ‘आप’ सरकार कल्याणकारी योजनाओं, नौकरियों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विकास कार्यों के माध्यम से लोगों का पैसा उन्हें वापस कर रही है। उन्होंने गांव में विकास परियोजनाओं के लिए 50 लाख रुपए भी दिए।

समराला में लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को फूट डालने वाली और पंजाब विरोधी ताकतों से सतर्क रहना चाहिए जो राज्य को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने की लगातार कोशिशें कर रही हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा ने पंजाब विरोधी सोच अपना रखी है और उनकी यह संकीर्ण सोच पंजाब के आर्मी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य बनाने और पंजाबी को वैकल्पिक विषय बनाने से उजागर होती है। भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, बीबीएमबी, एसवाईएल नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियों, आरडीएफ फंड या सीमावर्ती क्षेत्र के फंड जैसे मुद्दों पर भाजपा ने लगातार अन्याय किया है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा दंगों और फूट डालने की राजनीति खेली है। उन्होंने लोगों से आगामी चुनावों से पहले पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों को उचित जवाब देने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिशें कर रही हैं। भाजपा की राजनीति समुदायों के बीच फूट डालने और फिर उन्हें डराकर वोट मांगने पर केंद्रित है। पंजाब पहले ही बीते दौर में काले दिन देख चुका है जिसने राज्य के विकास को पटरी से उतार दिया था। इसलिए लोगों को ऐसी ताकतों से सतर्क रहना चाहिए।”

लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए अथक मेहनत की है और पिछली सरकारों के विपरीत उन्होंने कभी भी निजी सुख-सुविधाओं के लिए जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने लिए सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं लिया। करदाताओं का पैसा जनता की भलाई के लिए पूरी समझदारी से खर्च किया जा रहा है। आपका बेटा और भाई होने के नाते, मैंने हमेशा पिछली सरकारों की तरह आराम की जिंदगी जीने के बजाय आपके दर्द और मुश्किलों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें सिर्फ अपने घरों तक सीमित थीं और उन्होंने कभी भी लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में सीधे तौर पर बात करने की जहमत नहीं उठाई। उन्होंने कहा, “कोई भी पुराना नेता कभी भी इस तरह से लोगों के बीच उनकी शिकायतें सुनने और निदान करने के लिए नहीं आया। वे अहंकारी राजनेता जनता से दूर रहे और आज वे पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे हर जन-पक्षीय उपायों से हैरान हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा नागरिक-केंद्रित और विकास-केंद्रित नीतियां लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, “विपक्षी दल झूठी और अपमानजनक बयानबाजी के माध्यम से लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पंजाबी इतने समझदार हैं कि इन नेताओं के संदिग्ध और चालबाज चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं। ये चालें मुझे कभी भी पंजाब की सेवा करने से नहीं रोक सकतीं।”

विरोधी पार्टियों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनका पंजाब सरकार के खिलाफ कोई एजेंडा नहीं है क्योंकि सरकार ने जनता की भलाई के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अकाली दल की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान की घटनाओं के माध्यम से पंजाबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों को डाला गया हर वोट गुरु और गुरबाणी के अपमान के पक्ष में फतवा होगा। उन्होंने महान गुरुओं की बानी का अनादर किया और बहबल कलां तथा बरगाड़ी में निर्दोष लोगों पर गोली चलाने का आदेश दिया। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब का भी घोर अनादर किया।”

सुखबीर बादल के अकाली शासन के दौरान विकास के दावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेताओं ने कोटकपूरा, बहबल कलां और बरगाड़ी में हुई दर्दनाक घटनाओं को आसानी से नजरअंदाज कर दिया, जहां अपमान की घटनाएं हुईं और मासूम लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा, “अकालियों ने पंजाब को बुरी तरह लूटा, पंजाबियों को भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचाई और राज्य में माफियाओं को संरक्षण दिया। अकालियों को डाला गया हर वोट अपमान के पक्ष में फतवा होगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि उसने अपने कार्यकाल के दौरान नशीली दवाओं के धंधे को संरक्षण दिया, जिससे पंजाब की युवा पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। उन्होंने कहा, “ये लोग कई पीढ़ियों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि उनके कुशासन के लंबे दौर के दौरान उनके संरक्षण में नशीले पदार्थों के कारोबार ने पैर पसारे थे।”

जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 के पारित होने पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक कानून पारित किया है जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा, “हम भाग्यशाली हैं कि वाहिगुरु ने हमें इस ऐतिहासिक अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह कानून सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी अपमान करने की हिम्मत न करे। इस अक्षम्य अपराध का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मिसाली सजा दी जाएगी और दोषी को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर के लोग इस कानून को लागू करने के लिए पंजाब सरकार की प्रशंसा और धन्यवाद कर रहे हैं। अकाली नेतृत्व पर फिर से निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कानून का विरोध करने वाले कुछ नेता ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे जानते थे कि उनके मालिकों को बेअदबी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता के लिए जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “ये अवसरवादी नेता अपनी सुविधा और व्यक्तिगत राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह रंग बदलते रहते हैं। बादल परिवार के साथी इस एक्ट का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उनके मालिकों को उनके कार्यों के परिणाम भुगतने होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि बादल परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हैं और पंजाब के हितों के साथ उनके विश्वासघात को कभी माफ नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है और पार्टी में आम कार्यकर्ताओं से अधिक मुख्यमंत्री बनने के चाहवान हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस एक विभाजित घर है और इसका आंतरिक कलह ही इसे बर्बाद कर देगा। उनके नेता सत्ता में आने के सपने देख रहे हैं, लेकिन पंजाबी उनकी असलियत से पूरी तरह वाकिफ हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों से एकत्र किया गया टैक्स का पैसा लोगों का है और पंजाब सरकार इसे ईमानदारी से कल्याणकारी पहलों पर खर्च कर रही है। “लोगों का पैसा अब विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों को वापस किया जा रहा है। 90 फीसद घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। 65,000 से अधिक युवाओं को भ्रष्टाचार के बिना सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सड़कों में सुधार किया जा रहा है, अवधि पूरी कर चुके टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों की रोजाना 70 लाख रुपए की बचत हो रही है और पंजाब भर में बुनियादी ढांचे को मजबूती दी जा रही है।”

उन्होंने कहा कि जब मौजूदा सरकार ने सत्ता संभाली थी, पंजाब में सिंचाई के लिए सिर्फ 22 फीसद नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन अब यह बढ़कर 80 फीसद से अधिक हो गया है। “आप सरकार ने पंजाब भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ जलमार्गों को मजबूत और सुरजीत किया है। किसानों को लाभ पहुंचाने और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए इन जलमार्गों के माध्यम से लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भूजल स्तर में सुधार के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट भी विकसित किए गए हैं। “इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पानी का स्तर दो से चार मीटर बढ़ गया है। पंजाब का मतलब पानी है और पानी के बिना पंजाब का कोई अस्तित्व नहीं है। इन पहलों का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करना है।”

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केवल मुफ्त सुविधाएं और छूट देने वाले कार्ड गरीबी को स्थायी रूप से समाप्त नहीं कर सकते, यह शिक्षा ही है जो समाज में वास्तविक बदलाव ला सकती है। “शिक्षा गरीबी और सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की कुंजी है। यह जीवन स्तर को ऊंचा उठाती है और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाती है।”

शिक्षा में ‘आप’ सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला दर्जा हासिल करके केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है। “पिछले चार वर्षों से, हमारी सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण विधियों और स्मार्ट क्लासरूम पर ध्यान केंद्रित किया है। पंजाब ने अपनी शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया है और आज नीति आयोग के आंकड़े बताते हैं कि पंजाब केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर स्कूल शिक्षा में नंबर वन बन गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा वह चिराग है जो समाज से अंधेरे को दूर करती है और इसलिए ‘आप’ सरकार इस क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। “पहले केरल सबसे ऊपर था, लेकिन अब पंजाब बड़े अंतर से पहले स्थान पर काबिज हो गया है और हम लगातार सुधार करते रहेंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू की है जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। “इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड बनवा चुके हैं और अब तक लगभग 1.65 लाख लोगों ने मुफ्त इलाज का लाभ उठाया है।”

मुख्यमंत्री ने लोगों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान कृषि मोटरों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा रही है। “किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।”

मांवां-धियां सतिकार योजना के बारे में बात करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने 18 वर्ष से अधिक उम्र की सामान्य श्रेणी के परिवारों से संबंधित महिलाओं को 1,000 रुपए प्रति माह और अनुसूचित जाति श्रेणी की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह देना शुरू कर दिया है।

“यह लोक मिलनी कोई राजनीतिक समारोह नहीं है, बल्कि लोगों से सीधे बातचीत करने का एक मंच है। पहले पंजाब में कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी जनता की भलाई की परवाह नहीं की। पिछली पार्टियों ने पंजाब का खजाना लूटने के लिए सिर्फ सत्ता की कुर्सी का खेल खेला। जब उनसे ऊबकर पंजाबियों ने झाडू़ को वोट दिया तो हमारी सरकार ने सत्ता में आते ही स्कूलों, अस्पतालों और प्रशासन में बड़े सुधारों की प्रक्रिया शुरू कर दी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता एक बार फिर लोगों से एक मौका मांग रहे हैं, हालांकि उन्हें पहले ही पंजाबियों से पांच मौके मिल चुके हैं। “लोगों की सेवा करने के बजाय, उन्होंने पंजाब को लूटा और इसलिए पंजाबियों ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हथियाना है ताकि वे एक बार फिर पंजाब का खजाना लूट सकें।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे नेता पंजाब और इसके लोगों के बजाय सिर्फ अपने परिवारों और निजी हितों की परवाह करते हैं। “ये अवसरवादी नेता निराशा की स्थिति में हैं क्योंकि लोग अब उन्हें कोई हुंगारा नहीं दे रहे हैं। वे कभी भी पंजाब के प्रति वफादार नहीं रहे और हमेशा राज्य के हितों का नुकसान किया।”

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ‘आप’ सरकार ने खेतों से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली की तारों को जमीन के अंदर करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट उनके पैतृक गांव सतौज से शुरू होगा। “यह पहल मानव जीवन के लिए जोखिमों को समाप्त करेगी, फसलों के नुकसान को रोकेगी और कृषि कार्यों में बाधाओं को दूर करेगी। हमारा उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और एक समृद्ध एवं सतत पंजाब का निर्माण करना है।”

पंजाब के पारंपरिक ग्रामीण खेल संस्कृति के बारे में बोलते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि किला रायपुर ग्रामीण खेलों ने ‘मिनी ओलंपिक’ के रूप में दुनिया भर में पहचान प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि बैलगाड़ियों की दौड़ कभी इन खेलों की शान हुआ करती थी। इसलिए “11 जुलाई, 2025 को, पंजाब विधान सभा ने सर्वसम्मति से जानवरों पर अत्याचार की रोकथाम (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025 पारित किया, जिससे बैलगाड़ी दौड़ जैसे पारंपरिक ग्रामीण खेलों को पुनर्जीवित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद, इस साल ये दौड़ें एक बार फिर खेल मेलों की पहचान बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार 15 जुलाई तक पंजाब भर में 3,100 नवनिर्मित स्टेडियमों को लोगों को समर्पित करेगी, जिसका उद्देश्य युवाओं की खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देना और नशे की लानत को समाप्त करना है। “नशों के खिलाफ लड़ाई में खेल संस्कृति सबसे मजबूत हथियार है। जब युवा खेलों में भाग लेते हैं, तो उनकी ऊर्जा कुछ हासिल करने और उत्कृष्टता की ओर जाती है। खेलों में शामिल युवाओं के पास नशों की ओर देखने का भी समय नहीं होता क्योंकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने पर केंद्रित रहते हैं। यह नशों की समस्या को समाप्त करने में मदद करेगा और युवाओं को पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में समान भागीदार बनाएगा।”

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पंजाब की महिलाओं के खातों में पैसे आने शुरू, CM भगवंत मान ने धूरी से योजना का शुभारंभ किया

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आज 1 जुलाई को पंजाब में 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के खातों में 1,100 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने गृह ज़िले संगरूर के धूरी से ‘मावां धियां सत्कार योजना’ की शुरुआत की। सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये दिए गए। पहली बार सरकार ने तीन महीने की राशि एक साथ जारी की।

सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये मिले। कार्यक्रम में मौजूद एक महिला के मोबाइल फोन पर सबसे पहले 4,500 रुपये आने का संदेश प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि कल तक 40 लाख महिलाओं ने इस योजना के लिए पंजीकरण कराया था। महिलाओं को जुलाई, अगस्त और सितंबर की राशि एक साथ प्रदान की गई है।

आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि यदि उनकी सरकार बनी तो पंजाब में 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को प्रति माह 1,000 रुपये दिए जाएंगे। इस वर्ष सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ‘आप’ सरकार का कहना है कि जनता ने उन्हें पांच वर्षों के लिए चुना है, इसलिए वह अपने कार्यकाल के दौरान इस वादे को पूरा कर रही है।

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महिलाओं की सत्कार राशि’ आज बैंक खातों में जमा की जाएगी : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन की इबारत लिखने के लिए तैयार है, क्योंकि आम आदमी पार्टी की सरकार मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के आगाज़ के साथ एक और बड़ी गारंटी पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में दोपहर 12 बजे के बाद मोबाइल फोनों पर मैसेज आने शुरू हो जाएंगे, क्योंकि तीन महीने की ‘सम्मान राशि’ एक ही किस्त के रूप में हर महिला के बैंक खाते में 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति (एस.सी.) समुदाय से संबंधित महिलाओं के खातों में 4,500 रुपये जमा किए जा रहे हैं।

बरनाला के महिल कलां हल्के में ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं के मान-सम्मान और वित्तीय सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पंजाब के तेज़ विकास से बौखलाए विरोधी राज्य की तरक्की में रोड़ा अटकाने की साजिशें रच रहे हैं।

*महिल कलां में लोक मिलनी के दौरान छतों पर जमा भीड़ द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का ज़ोरदार स्वागत*

जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान बरनाला के महिल कलां हल्के में लोक मिलनी को संबोधित कर रहे थे, तो उनके पूरे भाषण के दौरान लोगों ने नारों के साथ उनका स्वागत किया। लोगों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पंडाल में जगह कम पड़ गई, जिसके कारण सैकड़ों समर्थकों को नज़दीकी घरों और इमारतों की छतों से रैली देखनी पड़ी। वे मुख्यमंत्री के समर्थन में पोस्टर लहराते रहे और उनकी बातों का उत्साहपूर्वक जवाब देते रहे। रैली स्थल के आस-पास की हर छत पर लोगों की बड़ी भीड़ थी।

लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस ऐतिहासिक स्कीम की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने कहा, “1 जुलाई से महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे आने शुरू हो जाएंगे। मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत हर महिला को 1,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इसके लिए पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को मान-सम्मान और वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह योजना शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान और स्वाभिमान ज़रूर देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं। माताओं और बहनों के आशीर्वाद हर चुनौती को पार करने में मदद कर सकते हैं। परिवार की भलाई, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक और आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय आज़ादी को मजबूत करना बहुत ज़रूरी है।”

सरकार की जन-पक्षीय पहलों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार लोगों की भलाई के लिए दिन-रात काम कर रही है। हमने घरों को मुफ्त बिजली दी है, 68,000 से अधिक नौजवानों को बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों का नवीनीकरण किया, टोल प्लाज़ा बंद करके रोज़ाना करीब 70 लाख रुपये बचाए हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को मजबूत किया है, बुनियादी ढांचा तैयार किया है और कई अन्य अहम कदम उठाए हैं। जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब सिंचाई के लिए सिर्फ 22 प्रतिशत नहरी पानी का इस्तेमाल हो रहा था। आज यह आंकड़ा बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। हम राज्य भर के गांवों के विकास के लिए ग्रांट भी दे रहे हैं।”

राज्य के स्वास्थ्य सुधारों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ देश की अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के हर निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराती है। यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब ऐसी व्यापक स्वास्थ्य सुविधा देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना ने मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी कम किया है। इसका उद्देश्य राज्य के हर परिवार को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है और लोग पहले से ही इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक के मुफ्त इलाज का लाभ ले चुके हैं।”

राज्य को स्वस्थ और नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार के एजेंडे की बात करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार 15 जुलाई तक पंजाब भर में 3,100 नए बने खेल मैदान लोगों को समर्पित करेगी। नशों के खिलाफ हमारी मुहिम में खेलों को बढ़ावा देना सबसे कारगर हथियार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देकर हम अपने नौजवानों की असीम ऊर्जा को सही दिशा की ओर मोड़ रहे हैं। खेलों में उलझे नौजवानों के पास नशों की ओर देखने का समय भी नहीं होता, क्योंकि वे अपनी पूरी ऊर्जा दांव-पेंच लगाने में लगाते हैं। यह पहल नशों की विभीषिका को खत्म करने और नौजवानों को सूबे के सामाजिक-आर्थिक विकास में बराबर का भागीदार बनाने में बहुत सहायक साबित होगी।”

पिछले चार वर्षों के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में आई तब्दीली का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सत्ता संभालने के बाद हमारी सरकार ने पंजाब की तरक्की और खुशहाली, खासकर शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ज़ोर दिया। पिछली सरकारों ने सरकारी स्कूलों को सिर्फ ‘मिड-डे मील’ के केंद्र बनाकर रख दिया था, लेकिन आज इन स्कूलों को शिक्षा के धुरे में बदल दिया गया है। हम शिक्षा को मजबूत करने के मिशन के साथ काम कर रहे हैं, ताकि गरीब से गरीब बच्चे को भी मानक शिक्षा मिल सके।”

स्कूली शिक्षा में राज्य की उपलब्धि को साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार की अथक कोशिशों के बदौलत पंजाब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर नंबर एक स्थान पर पहुंच गया है। हमने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को अपग्रेड किया है, शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और अध्यापकों को उन्नत प्रशिक्षण दिया है। इन निरंतर कोशिशों के नतीजे के रूप में पंजाब अब स्कूली शिक्षा में देश का नेतृत्व कर रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी किए गए ताज़ा आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि पंजाब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बन गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले चार वर्षों से हमारी सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूमों पर ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब शीर्ष पर खड़ा है। पहले केरल पहले स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल कर लिया है। आने वाले वर्षों में भी हम और अधिक प्रयास जारी रखेंगे क्योंकि शिक्षा वह प्रकाश है जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है।”

हर बच्चे को शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। हम शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के वही अवसर मिलें जो किसी अन्य को मिलते हैं। शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने और समृद्ध पंजाब के निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है तथा हमारी सरकार इसे और मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”

‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ के पारित होने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं परमात्मा का आभारी हूँ जिसने मुझे ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ पारित करने का सौभाग्य प्रदान किया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की प्रत्येक घटना ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई थी। परमात्मा ने मुझे विधि विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह कानून लाने की शक्ति और बुद्धि प्रदान की।”

भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया, “हमारी सरकार ने इस कानून को बहुत सोच-समझकर तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या खामी इसे कमजोर न कर सके। यह कानून समाज विरोधी तत्वों के लिए एक मजबूत रोक का काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी इस प्रकार का घिनौना अपराध दोबारा करने का साहस न करे। पहले बेअदबी के दोषी यह कहकर सजा से बच जाते थे कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है या वे मानसिक रूप से बीमार हैं। लेकिन यदि कोई वास्तव में मानसिक रूप से बीमार है तो वह केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही क्यों निशाना बनाता है? वह किसी रेल इंजन से क्यों नहीं टकराता या बिजली के खुले तारों को क्यों नहीं छूता?”

विपक्षियों पर अपना शब्दिक हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा, “अकाली बेअदबी विरोधी कानून का पूरी ताकत से विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें अतीत में किए गए अपने अपराधों का जवाब देना पड़ेगा। वे बेअदबी की साजिशें रचने वाली देश-विरोधी ताकतों के साथ मिले हुए थे। अब इन नेताओं को अपने बुरे कर्मों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, इसलिए वे और उनकी कठपुतलियाँ इस कानून का विरोध कर रही हैं। हालांकि, कोई भी विरोध मुझे जनता की भलाई के लिए काम करने से नहीं रोक सकता और मैं इस उद्देश्य के लिए इसी तरह हर संभव प्रयास करता रहूँगा।”

लोगों के साथ अपने संबंधों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के शासन की तुलना पिछली सरकारों से की। उन्होंने कहा, “मुझसे पहले रहे मुख्यमंत्री कभी भी आम लोगों के बीच नहीं गए। वे मौसम देखकर ही अपने आलीशान घरों से बाहर निकलते थे, जबकि मैं चौबीसों घंटे लोगों के लिए उपलब्ध रहता हूँ।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं ने अपने पदों का दुरुपयोग कर अंधाधुंध सरकारी धन लूटा और ऊँची-ऊँची दीवारों तथा बड़े-बड़े गेटों वाले महल बनाए, जो लोगों के लिए हमेशा बंद रहे। ये नेता हमेशा जनता की पहुँच से दूर रहे और अंततः लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने उनके विश्वास को ठेस पहुँचाने वाले नेताओं को बार-बार नकारा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने उन लोगों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया जिन्होंने बारी-बारी से उन्हें लूटा। इन स्वार्थी नेताओं ने वर्षों तक लोगों को मूर्ख बनाया, लेकिन आज राज्य के लोग जागरूक हो चुके हैं और अब उनके गुमराह करने वाले प्रचार में नहीं आएँगे। इन अहंकारी नेताओं ने हमेशा लोगों को हल्के में लिया और इसी कारण अंततः जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया।

आज ये अवसरवादी नेता बौखलाए हुए हैं क्योंकि लोगों से उन्हें कोई समर्थन नहीं मिल रहा। इन नेताओं का एजेंडा हमेशा जनता के बजाय अपने परिवारों की भलाई तक ही सीमित रहा है।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुखबीर बादल को शेखचिल्ली जैसे सपने देखना बंद कर देना चाहिए। सत्ता में वापसी के सपने देखने के बजाय अब उनके परिवार की जेल जाने की बारी है। वे दिन चले गए जब ये पार्टियाँ सत्ता की कुर्सी का खेल खेलती थीं और शासन करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सत्ता में रहते हुए इन लोगों ने एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके काले कारनामे कभी सामने नहीं आए। आज लोगों ने ‘आप’ को चुना है और पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ पंजाब की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है। वह दिन दूर नहीं जब अकाली अपने पापों की सजा भुगतते हुए सलाखों के पीछे होंगे।

उन्होंने आगे कहा, “सुखबीर बादल पंजाब की जमीनी हकीकतों से पूरी तरह अनजान हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन सुख-सुविधाओं और आलीशान माहौल में बिताया है। ये कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं जो राज्य की सामान्य भौगोलिक स्थिति से भी परिचित नहीं हैं, फिर भी पंजाब पर शासन करना चाहते हैं। यदि बाकी सब छोड़ भी दें, तो पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की सामान्य फसलों में भी अंतर नहीं बता सकते क्योंकि उन्हें पंजाब के बुनियादी मुद्दों की कोई समझ नहीं है।”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी अपनी अंतिम साँसें गिन रही है और जल्द ही अपने आप समाप्त हो जाएगी क्योंकि उसके पास न जनता के लिए और न ही पंजाब के लिए कोई विजन है। उसका एकमात्र उद्देश्य हमेशा सत्ता हासिल करना और राज्य के खजाने को लूटना रहा है, लेकिन यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। कांग्रेस एक बिखरा हुआ घर है जो अपने आंतरिक कलह के कारण ही ढह जाएगा।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह कितनी हास्यास्पद और आश्चर्यजनक बात है कि इन आपस में लड़ रहे गुटों को एकजुट करने के लिए यहाँ आने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को राज्य के इन नेताओं के नामों का सही उच्चारण तक नहीं आता।

इस अवसर पर लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर, कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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एशियन, विश्व और ओलंपिक चैंपियनों की नर्सरी बनकर उभरेगा संगरूर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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पंजाब को भारत का खेल केंद्र बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर में 9.50 करोड़ रुपये की लागत से बने ओलंपिक स्तर के स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संगरूर जिला एशियन, विश्व और ओलंपिक चैंपियनों की नर्सरी के रूप में उभरेगा। खेलों के बुनियादी ढांचे में सरकार द्वारा किए गए अभूतपूर्व निवेश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी पंजाब का खेल बजट 200 करोड़ रुपये से अधिक नहीं बढ़ाया था, जबकि हमारी सरकार ने खेल बजट को बढ़ाकर 1,790 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहली बार पंजाब को एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी मिली है और राज्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाओं को निखारने के लिए क्रिकेट और हॉकी प्रीमियर लीग शुरू करने के लिए भी तैयार है।

इस कार्यक्रम का वीडियो ‘एक्स’ पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज संगरूर के लोगों को खेलों के क्षेत्र में बड़ा प्रोत्साहन मिला है क्योंकि वार हीरोज स्टेडियम में ओलंपिक स्तर के आधुनिक स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया गया है। 9.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 50×21 मीटर आकार का स्विमिंग पूल खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण ढांचा उपलब्ध कराएगा।”

उन्होंने आगे लिखा, “पंजाब की खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए हमारी सरकार ने खेल बजट को 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,790 करोड़ रुपये कर दिया है। खिलाड़ियों को अब प्रशिक्षण के लिए अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक के लिए 1 करोड़ रुपये, रजत पदक के लिए 75 लाख रुपये और कांस्य पदक के लिए 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।”

पोस्ट के अंत में लिखा गया, “खेल संस्कृति को और बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार जल्द ही पंजाब प्रीमियर लीग और पंजाब हॉकी लीग शुरू करेगी। इसके अलावा, अक्टूबर-नवंबर के दौरान मोहाली और जालंधर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (हॉकी) की मेजबानी की जाएगी, जिससे देश में खेलों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में पंजाब की स्थिति और मजबूत होगी।”

उद्घाटन के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज का दिन संगरूर के लोगों, विशेष रूप से युवाओं के लिए अत्यंत गौरव और खुशी का दिन है, क्योंकि यह नया अत्याधुनिक स्विमिंग पूल उन्हें समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह स्विमिंग पूल मात्र एक इमारत नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य के ओलंपियन खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में उभरेगा।”

खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वस्तरीय स्विमिंग पूल पंजाब को देश का नंबर एक खेल राज्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह स्विमिंग पूल अंतरराष्ट्रीय मानकों और ओलंपिक विनिर्देशों के अनुरूप 9.50 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसका आकार 50 मीटर × 21 मीटर है, इसकी गहराई 4.5 फीट से 7.5 फीट तक है तथा इसमें 2.5 लाख लीटर पानी की क्षमता है।”

इस परिसर में विकसित सुविधाओं का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों और खिलाड़ीाओं की सुविधा के लिए अलग-अलग आधुनिक शॉवर, चेंजिंग रूम, प्रशिक्षकों के लिए विशेष कक्ष तथा स्टोर रूम बनाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और फिटनेस बढ़ाने के लिए आधुनिक जिमनेजियम भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “7 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक विशेष मिनी स्विमिंग पूल भी तैयार किया गया है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्विमिंग पूल का निर्माण विश्वस्तरीय ‘मिर्था रेनोवएक्शन’ और ‘क्लासिक मॉड्यूलर सिस्टम’ तकनीक का उपयोग करके किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इसमें लैमिनेटेड पीवीसी और स्टेनलेस स्टील के पैनल लगाए गए हैं, जो इसे देश के सबसे आधुनिक स्विमिंग पूलों में से एक बनाते हैं। स्वच्छ और सुरक्षित पानी सुनिश्चित करने के लिए यूरोपीय मानकों के अनुरूप फिल्ट्रेशन और डिसइन्फेक्शन सिस्टम स्थापित किया गया है।”

संगरूर तथा आसपास के क्षेत्रों के अभिभावकों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपने बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करें। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि खेलों के विकास के लिए सुविधाओं अथवा धन की कभी कोई कमी न आने पाए।”

राज्यभर में खेलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार खेलों को बढ़ावा देने तथा युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखने के उद्देश्य से पूरे पंजाब में 3,100 खेल मैदानों का निर्माण कर रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत तथा तरुनप्रीत सिंह सौंद भी उपस्थित थे।

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