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Punjab

Country तो बंटा लेकिन दिल और रिश्ते नहीं, बंटवारे में सबसे ज्यादा पंजाबियों ने झेला है

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हमारे Country को आज़ाद हुए 78 साल हो चुके हैं और भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था, जिससे पंजाब के लोगों को बहुत दर्द हुआ था। इस बंटवारे के दौरान दोनों तरफ़ से कई पंजाबियों ने अपनी जान गंवाई, जिससे दोनों देशों को गहरे जख्म मिले। पाकिस्तान से भागकर भारत में बसने वाले बापू गुरचरण सिंह पट्टी जैसे बुज़ुर्गों के दिलों में आज भी उस दर्दनाक दौर की यादें ताज़ा हैं।

बापू गुरचरण सिंह पट्टी नाम के एक खुशमिजाज़ लड़के का जन्म 10 जनवरी, 1937 को पंजाब के एक गाँव में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। उनके माता-पिता भगत सिंह और करतार कौर थे। उन्हें अपने गाँव का स्कूल छोड़कर अपने माता-पिता के साथ पट्टी आना पड़ा। उन्होंने कड़ी मेहनत की और 1957 में खालसा कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1960 में उन्हें अमृतसर की अदालत में नौकरी मिल गई और उन्होंने गुरशरणजीत कौर से शादी कर ली। उन्होंने कड़ी मेहनत की और अपनी नौकरी में आगे बढ़ते गए, इस दौरान उन्होंने कई हुनर ​​सीखे। उनकी नौकरी ने कई लोगों की मदद की।

बापू गुरचरण सिंह ने पंजाब में एक मुश्किल समय के दौरान अपने अनुभवों के बारे में बात की, जब बहुत हिंसा हुई थी। रिटायर होने के बाद उनका परिवार, जिसमें बेटा, बहू, नाती और परपोते शामिल हैं, खुशी से रह रहे हैं। वे अब 87 साल के हैं और स्वस्थ हैं। उनका मानना ​​है कि भारत और पाकिस्तान के बंटवारे का दर्द आज भी लोगों को प्रभावित करता है। कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद, लोगों ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के माध्यम से खुश रहना सीखा है।

उन्होंने यह भी बताया कि बंटवारे के दौरान सबसे ज्यादा तकलीफ पंजाबियों को हुई, उन्होंने अपने घर और प्रियजनों को खो दिया। उनका मानना ​​है कि भले ही सरकारें जमीन को बांटने में सफल रहीं, लेकिन वे लोगों के बीच प्यार और रिश्ते को नहीं बांट पाईं। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे समझौता एक्सप्रेस ट्रेन और सदा-ए-सरहद बस जैसी पहल ने दोनों देशों को करीब लाने में मदद की है। वे इसे एकता की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखते हैं।

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Punjab को मिला इंटरनेशनल हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का बड़ा मौका, CM भगवंत मान ने किया ऐलान

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पंजाब पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मुकाबलों की मेजबानी करेगा। राज्य को पुरुष एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने का अवसर मिला है। इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी मिलना पंजाब के लिए गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि इस टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष 6 टीमें हिस्सा लेंगी और भारत के भी इसमें भाग लेने की पूरी उम्मीद है।

टूर्नामेंट के मुकाबले 26-27 अक्टूबर से शुरू होंगे, जिनका आयोजन मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। इससे पहले 1997 में जालंधर में पाकिस्तान के साथ एक टेस्ट मैच खेला गया था। आयोजन से पहले संबंधित टीम द्वारा सभी तैयारियों का निरीक्षण भी किया जा चुका है।

इसके अलावा, हॉकी टीम ने हर साल चार देशों के टूर्नामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिसे भविष्य में इस आयोजन के साथ जोड़ा जा सकता है।

खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि के तहत पंजाब को 44 साल बाद बैडमिंटन अंडर-13 राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी का अधिकार भी मिला है। इस प्रतियोगिता के सभी मुकाबले जालंधर में आयोजित किए जाएंगे।

यह उपलब्धि पंजाब को खेलों के क्षेत्र में एक नए मुकाम तक ले जाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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पंजाब कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, Harpal Cheema को ट्रांसपोर्ट और Dr. Ravjot Singh को जेल विभाग की जिम्मेदारी

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पंजाब कैबिनेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। यह अहम फैसला कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की अचानक हुई गिरफ्तारी के तुरंत बाद लिया गया, ताकि सरकारी कामकाज में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

सरकार द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अधिकार क्षेत्र में विस्तार किया गया है। उन्हें अब ट्रांसपोर्ट विभाग की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग के साथ-साथ अब चीमा राज्य के परिवहन तंत्र, सरकारी बस सेवाओं के संचालन, नीतिगत फैसलों और विभागीय सुधारों की निगरानी भी करेंगे। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और समन्वय बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह को भी नई जिम्मेदारी देते हुए जेल विभाग का प्रभार सौंपा गया है। राज्य में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों के पुनर्वास और सुधार से जुड़े मुद्दों के कारण यह विभाग बेहद अहम माना जाता है। डॉ. रवजोत सिंह अब जेल प्रशासन को और मजबूत बनाने तथा सुधारात्मक कदमों को लागू करने की दिशा में काम करेंगे।

उल्लेखनीय है कि लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद कैबिनेट में एक तरह का सियासी खालीपन पैदा हो गया था, जिसे भरने के लिए सरकार को तुरंत यह कदम उठाना पड़ा। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में जनकल्याण योजनाएं, विकास कार्य और प्रशासनिक प्रक्रियाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।

सरकार ने साफ किया है कि जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित और प्रभावी फैसले लिए जा रहे हैं, ताकि राज्य की व्यवस्था पहले की तरह सुचारू रूप से चलती रहे।

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धनौला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नकली पुलिस बनकर ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

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पंजाब के बरनाला जिले में धनौला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकली पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस की वर्दी और एक इनोवा कार भी बरामद की गई है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर धनौला पुलिस ने नाका लगाकर चेकिंग शुरू की।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक इनोवा कार को रोका, जिसमें तीन व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठे हुए थे। शक होने पर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप कुमार (चक्क महंता वाला), अजय (मुनके उताड़) और गुरप्रीत सिंह (मुनके उताड़) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना धनौला में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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