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अंबेडकर जयंती पर CM मान ने दी बड़ी सौगात, पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मांवां-धीयां सत्कार योजना’ का आगाज
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवान सिंह मान आदमपुर के गांव उदेशियां में डॉ. बीआर आंबेडकर के जन्म दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे है। मुख्यमंत्री पंजाब आज मुख्यमंत्री मांवां-धीया सत्कार योजना की शुरुआत करेंगे।
गांव उदेशियां में अनुसूचित जातियों की 65% भागीदारी है और यहां शिक्षा का स्तर 90% है, लिंग अनुपात में भी 1000 के पीछे 984 लड़कियों का अनुपात है जबकि पंजाब में कल लिंग अनुपात 894 है।
यह गांव हल्का आदमपुर हलका की सीट के लिए बेहद महत्वपूर्ण भी है, इस सीट से शिरोमणि अकाली दल के विधायक रहे पवन टीनू अब आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हैं और वर्तमान में पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन है।
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भगवंत मान सरकार की ‘सेहत कार्ड’ योजना की गूंज, पटियाला शिविर में दो दिनों में 500 सदस्यों ने कराया रजिस्ट्रेशन
पंजाब के पटियाला में स्थित राजेंद्र जिमखाना और महिंद्रा क्लब (आरजीएमसी) में 11 और 12 अप्रैल को दो दिवसीय सेहत शिविर का आयोजन किया गया जिसमें क्लब के सदस्यों, उनके परिवारों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस शिविर का मकसद निवारक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाना और क्लब के सदस्यों को मुख्यमंत्री सेहत योजना के लिए रजिस्टर करना था। आपको बता दें कि पंजाब की भगवंत मान सरकार ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का विस्तार कर रही है। यह पहल सभी बैकग्राउंड के लोगों को किसी भी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति से पहले सुरक्षित रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें सुलभता, समावेशन और निवारक देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सदस्यों ने करवाया सेहत कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन
पटियाला में आयोजित सेहत शिविर में क्लब के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें से कई लोगों ने इस पहल की सराहना की और सेहत कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन कराने में काफी दिलचस्पी दिखाई है। कई मेंबर्स ने सुव्यवस्थित और व्यापक स्वास्थ्य देखभाल कवरेज के महत्व को समझते हुए अपने परिवार के साथ रजिस्ट्रेशन भी कराया है।
क्या है सेहत कार्ड की खूबियां?
आपको बता दें कि सेहत कार्ड के माध्यम से हर परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य देखभाल कवरेज प्रदान किया जाता है। ये कार्ड मेडिकल इमरजेंसी की स्थित में अहम आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। अब तक पूरे पंजाब में लोगों को 35 लाख से ज्यादा सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में लगभग 50,000 लोग हर रोज सेहत कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं।

हमारा लक्ष्य 100% सेहत कार्ड कवरेज- स्वास्थ्य मंत्री
सेहत शिविर के दौरान कार्यक्रम में बोलते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा- “सेहत कार्ड सभी के लिए जरूरी है। जैसा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान जोर देते हैं कि स्वास्थ्य सर्वोपरि है, क्योंकि बीमारी अमीर और आम आदमी में भेदभाव नहीं करती। हमारा लक्ष्य 100% सेहत कार्ड कवरेज है। हम 34 लाख से बढ़कर 40 लाख पंजीकरण तक पहुंच चुके हैं और प्रत्येक नागरिक को कवर करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं।”
500 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया
RGMC के मेंबर और PRTC के अध्यक्ष हरपाल जुनेजा ने कहा- “लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होते देखना उत्साहजनक है। क्लब के प्रभावशाली सदस्यों, जिनमें कुलपति, विधायक, आईएएस अधिकारी, जाने-माने डॉक्टर, उद्योगपति और मंत्री शामिल हैं, सभी ने सेहत योजना की सराहना की और अपने स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए आगे आए हैं।” वहीं, क्लब के डारेक्टर राहुल मेहता ने कहा, “हमें मिली प्रतिक्रिया से हम बहुत खुश हैं। क्लब के सदस्यों, उनके परिवारों और RGMC के कर्मचारियों ने भी शिविर में बड़ी रुचि के साथ भाग लिया और खुशी-खुशी सेहत कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।” आपको बता दें कि दो दिवसीय शिविर में 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया और सेहत कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इस पहल ने सेहत कार्ड के माध्यम से शीघ्र निदान और स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को लाभ हुआ।

इलाज पूरी तरह से कैशलेस- स्वास्थ्य मंत्री
सेहत कार्ड को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा- “इलाज पूरी तरह से कैशलेस है, हमने बीमा कंपनियों को अग्रिम भुगतान कर दिया है। पंजीकरण सरल है, घर-घर जाकर इलाज की सुविधा उपलब्ध है, आयुष्मान कार्डधारकों को अतिरिक्त लाभ मिलते हैं, और गांवों, शहरों और बाजारों में शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाती है।”
RGMC में आयोजित सेहत शिविर की सफलता इस बात को साबित करती है कि सुलभ और सुविधाजनक स्वास्थ्य देखभाल की पहल जमीनी स्तर पर कितना सार्थक प्रभाव डाल सकती हैं। अधिक व्यापक पहुंच के लिए, भगवंत मान सरकार गुरुद्वारों, पंचायत घरों, मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों जैसे सुलभ स्थानों पर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक नामांकन शिविरों का आयोजन जारी रखे हुए है, जिससे व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।
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पंजाब- महिलाओं को ₹1000 महीना, रजिस्ट्रेशन शुरू:CM बोले- पहले 9 हलकों में शुरुआत; अकाली दल ने चुन्नियों में घोटाला किया
पंजाब में मंगलवार (14 अप्रैल) से ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर में इसका शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम ने पात्र महिला दीक्षा कौर, सिमरन, अमरजीत कौर, हरबंस कौर, नीशा को सर्टिफिकेट दिए गए।
सीएम ने कहा- नौ हलकों में रजिस्ट्रेशन शुरू हो रही है। यह कभी नहीं सोचना कि कार्ड लेट बना, तो पैसे कब मिलेंगे। पैसे उसी दिन से दिए जाएंगे, जब से स्कीम शुरू हो रही है। जाति सर्टिफिकेट बनाने में देरी हो रही है। रजिस्ट्रेशन करवा लो। जैसे ही जाति सर्टिफिकेट आ जाएगा, तो उनके 500 500 रुपए आना शुरू हो जाएगा।
सीएम ने महिलाओं को कहा कि एक्टिव राजनीति में आओ। अगर आपके बिना घर नहीं चल सकता है, तो देश भी आपके बिना नहीं चल सकता है। अगर ऐसा नहीं करोंगे तो हमेशा ही संघर्ष करना पड़ेगा। बाबा साहिब कहते थे विद्या शेरनी के दूध की तरह है। जो उसे पीएगा, वह दहाड़ेगा। अब शेरनियां बनने की जरूरत है।
वहीं अब 15 अप्रैल से 9 विधानसभा हलकों में इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इनमें आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दीड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती शामिल हैं।
इसके बाद राज्य के बाकी 108 हलकों में 15 मई से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। योजना के तहत जुलाई महीने से जनरल वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए या SC वर्ग की महिलाओं 1500 रुपए की सम्मान राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। सरकार ने इस योजना के लिए 9300 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सीएम के भाषण की बड़ी बातें…
- हमें दबे कुचले की तरह रखा गया: सीएम ने कहा -अब्दुल कलाम हमारे राष्ट्रपति थे। उन्होंने अपनी किताब में लिखा था कि सपने वह नहीं होते, जो नींद में आते हैं। सपने वह हैं, जो सोने नहीं देते हैं। हमें दबे कुचले की तरह रखा गया। जैसे हरा चारा दिखाकर भेड़ बकरियों को ले जात हैं।
- विपक्षी हमें कीड़े मकौड़े समझते: उन्होंने कहा कि वीरों इन नकली चारे वालों से बचना । कांग्रेस, अकाली, भाजपा का एक ही एजेंडा है। मैं, मेरा बेटा, जीता भतीजा और साला। हमें कीड़े मकौड़े समझते हैं। सुखबीर बादल पंजाब बचाओ रैली कर रहा है। पता नहीं किससे पंजाब बचाना है।
- यह नहीं चाहते कि हमारे बच्चे अफसर बनें: सीएम ने कहा कि वह कहता है कि युवाओं को भैंसे दूंगा। लो हमें गोबर में रखो। यह नहीं चाहते है कि हमारे बच्चे अफसर बनें। फिर कहता है कि जो टीम गांव में सीप जीतेगा, उसे दस लाख देंगे। मतलब नौकरियां नहीं देंगे। इससे पहले भी ऐसे करते रहे। पहले बड़े साहब ने कहा कि 8वीं तक कोई फेल नहीं करना। इसके बाद 10वीं में जब बच्चे हुए। कुछ के 35 प्रतिशत नंबर आए, तो फेल जैसे थे। उनका लक्ष्य था कि आटा दाल तक ही रहे।
- उनकी गिनती सौ से आगे शुरू होती: सीएम ने कहा कि हमारी स्टेजों पर आपके विकास कार्य, सड़कों, इलाज, एजुकेशन, नौकरियां और अन्य चीजों की बात होती है। जबकि अकाली दल की स्टेज पर डायनासोर के गले में संगल डालने की। भगवंत मान के रस्से से खींचने की, मुख्यमंत्री की कुर्सी को हथियाने की। उनके एजेंडे से लोग गायब हैं। वह धरती पर कभी आए नहीं हैं। उन्हें पता नहीं नहीं गरीबी क्या होती है। उनकी गिनती सौ से आगे शुरू होती है।
- सोने के चमच्च लेकर पैदा हुए: सीएम ने कहा कि यह सोने के बिस्कुट और सोने के चमच्च लेकर पैदा हुए हैं। यह कहते हैं कि 1000 और 1500 रुपए से क्या होगा। इससे कुछ नहीं होता है। इनके लिए कुछ नहीं होता है, जबकि एक परिवार के पास जब पांच रुपए आएगा तो उसका फायदा होगा। वह तो एक दिन होटल में जाकर दस हजार की रोटी खा जाते हैं।
- फिंगर आने पर फोटो से खाते खोलने के आदेश: सीएम ने कहा कि जब स्कीम शुरू हुई, तो खाता खुलवाने गई महिलाओं के फिंगर प्रिंट का आधार कार्ड से मैच नहीं हो रहा था। पता लगा कि महिलाओं के बर्तन या पौचे लगाकर हाथ घिस गए। उसी दिन मैंने कहा कि हम उंगलियों के निशान नहीं लेंगे। फोटो के आधार पर खाता खोलने के लिए आदेश दिए। किसी की गरीबी का मजाक नहीं होगा। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत दस लाख का इलाज सभी को दिया जा रहा है।
- अकाली वाले चुन्नियों में घोटाला कर गए: सीएम ने कहा कि यह तो मौसम का नाम भी मेरे नाम लगा देते है। नन्हीं छा ( सांसद हरसिमरत कौर) कह रही थी कि रात को बठिंडा में ठहरा, वहां ओले गिरे। अब होटल, बस, ठेके सब छिन गए। नन्हीं छा चुनाव के दिनों में चुन्नियां बदलती हैं। यह चुन्नियों में घोटाला कर गए। मुझे माताओं ने बताया कि हमने सोचा बड़े घर की बहू है। हम 700-700 की चुन्नी ले आए। जबकि यह पॉपलीन की 50 50 रुपए चुन्नी दे गए। पेड़ पर अकाली दल लिख दे, तो दो महीने वह सूख जाता है। बेअदबी पर कानून बन रहा था। लेकिन कल अकाली दल की एमएलए गनीब कौर विधानसभा में नहीं आईं। जलियां वाले बाग हत्याकांड के दिन इनके घर ही जनरल डायर ने डिनर किया था।
- सिद्धू शादी वाले सूट की तरह: कांग्रेस के वालंटियर कम हो गए, मुख्यमंत्री ज्यादा हो गए। अब आठ नौ घूमते हैं। मेरे खिलाफ बयान देने हो तो वह तू=तू मैं मैं चली जाती है। यह इनकी हालत है। राजा वड़िंग की बाजवा से नहीं बनती, बाजवा की सुखजिंर सिंह रंधावा से नहीं बनती, रंधावा की चन्नी से नहीं बनती, चन्नी की सिद्धू की नहीं बनती, सिद्धू की किसी से नहीं बनती। सिद्धू शादी वाले सूट की तरह हैं। कांग्रेस से गलती से इस सूट को खोल लिया। यह कहते थे कि खजाना खाली है। खाली तो पीपा होता है। वहीं, मैं अपनी जेब से पैसा नहीं दे रहा हूं। यह आपके टैक्स का पैसा है।
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MP Amritpal को लेकर केंद्र पहुंची भगवंत मान सरकार, सुरक्षा का हवाला देकर जेल ट्रांसफर न करने की अपील
राज्य सरकार ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को पत्र लिखकर मांग की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्हें असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में ही रखा जाए। सरकार ने इसके पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है।
सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव से अनुरोध किया है कि वे असम सरकार की सहमति लेकर ‘ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स एक्ट, 1952’ तथा पंजाब संशोधन अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में ही रखने की अनुमति दिलाएं। राज्य सरकार ने इस संबंध में जल्द निर्णय लेने की अपील की है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह को 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले वह करीब एक महीने तक फरार रहा था। उसके खिलाफ 24 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला थाने में मामला दर्ज किया गया था, जब उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस स्टेशन पर धावा बोला था और एक सहयोगी को छुड़ा लिया था। इस घटना के बाद पंजाब पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी।
डिब्रूगढ़ जेल में बंद है अमृतपाल सिंह
गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल को एनएसए के तहत डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है। उसकी हिरासत अवधि को अप्रैल 2024 और फिर अप्रैल 2025 में बढ़ाया गया था। अब यह अवधि 22 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रही है।ऐसे में पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि उसकी रिहाई से राज्य की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सूत्र बताते हैं कि पंजाब के डीजीपी और अमृतसर (देहात) के एसएसपी की रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने यह सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसए समाप्त होने के बाद 23 अप्रैल को अमृतपाल को दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन राज्य की सुरक्षा के मद्देनजर उसे पंजाब से बाहर ही रखा जाना अधिक उचित होगा।
पंजाब गृह विभाग ने दिया खुफिया इनपुट
यह भी सामने आया है कि पहले डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के नौ साथियों को एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब वापस लाया जा चुका है। हालांकि, अमृतपाल के मामले को अलग मानते हुए सरकार ने उसके लिए विशेष व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत जताई है।
पंजाब गृह विभाग ने खुफिया इनपुट और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि अमृतपाल को पंजाब के बाहर ही रखना राज्य और सार्वजनिक शांति के हित में है। अब इस पूरे मामले में अंतिम फैसला केंद्र सरकार और असम सरकार की सहमति के बाद लिया जाएगा।
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