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हरियाणा समेत पंजाब, चंडीगढ़ और शिमला में मॉक ड्रिल के दौरान आधे घंटे का Blackout, सायरन बजते ही अंधेरा छाया।

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22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद, भारत ने मंगलवार रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर लक्षित कार्रवाई की। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान गई थी, जिसकी जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली थी।

इस कार्रवाई के बाद, हरियाणा में बुधवार शाम 4 बजे एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जो लगभग एक घंटे तक चली। इस अभ्यास में आम नागरिकों, कर्मचारियों और छात्रों को आपातकालीन स्थितियों में बचाव और निकासी के तरीकों की जानकारी दी गई। पंचकूला और अंबाला में कुछ खामियां सामने आईं। इसके बाद रात 7:30 बजे ब्लैकआउट किया गया, जिसमें सायरन बजने के बाद लोगों ने लाइटें बंद कर दीं। यह Blackout लगभग 10 से 30 मिनट तक चला। हिसार में दुकानदारों ने लाइटें बंद कर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। हालांकि, कई स्थानों पर ब्लैकआउट का प्रभाव मिश्रित रहा।

हरियाणा में मॉक ड्रिल के दौरान क्या हुआ

हरियाणा के सभी जिलों में शाम 4 बजे मॉक ड्रिल हुई। सायरन बजने के बाद मॉक ड्रिल शुरू हुई। पंचकूला सेक्टर 20 में मिस मैनेजमेंट दिखा। यहां सायरन की सूचना पर आई रेडक्रॉस की एंबुलेंस में स्ट्रेचर नहीं था। सेक्टर 20 थाने से कोई भी पुलिस कर्मचारी नहीं था। ट्रैफिक पुलिस के न होने से एंबुलेंस, बसें, और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां निकल नहीं पाईं। इस पर निगम कमिश्नर अपराजिता नाराज हो गईं और कहा कि ये मिस मैनेजमेंट है। उन्होंने कहा कि जो कमियां मिली हैं, उन्हें हमने नोट कर लिया है। उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।

अंबाला में मॉक ड्रिल के लिए कोई एक स्थान चिह्नित नहीं किया गया। सिटी सिविल अस्पताल से एंबुलेंस DC ऑफिस भेजी गई, जबकि वहां मॉक ड्रिल नहीं थी। हालांकि रात को Blackout के दौरान फिर से मॉक ड्रिल की गई। हिसार में नगर निगम के ऑफिस में आग लगने से पहले ही अफसर बाहर आकर खड़े हो गए। इसके बाद धुआं किया गया। वहीं फायर ब्रिगेड की टीम बिना आग बुझाए चली गई। हालांकि कुछ देर बाद टीम वापस आ गई। एंबुलेंस भी खाली निकल गईं।

रात को हुआ Blackout…

हरियाणा में शाम साढ़े बजे Blackout शुरू हो गया था। कई जगह 10 मिनट तो कुछ जगह आधा घंटा लाइटें बंद रहीं। हालांकि कई जगह लाइटें बंद नहीं की गईं। अंबाला में हाईवे पर ड्राइवरों ने सड़क किनारे वाहन लाइट बंद कर खड़े कर दिए। फतेहाबाद में पेट्रोल पंप भी बंद रहे। हिसार में दुकानदारों ने ब्लैकआउट के दौरान भारत माता की जय के नारे लगाए।

सिरसा, झज्जर, जींद, पानीपत, सोनीपत, भिवानी और रोहतक में मिलाजुला असर रहा। करनाल शहर और चरखी दादरी में मार्केट की लाइटें बंद नहीं हुईं। गुरुग्राम के उद्योग विहार और सेक्टर 70 में कई जगह लाइटें जलती रहीं। द्वारका एक्सप्रेसवे पर Blackout का असर नहीं दिखा।

पंजाब, चंडीगढ़ और शिमला में मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट….

पंजाब में 20 जगह, चंडीगढ़ और शिमला में शाम 4 बजे मॉक ड्रिल हुई। सायरन बजते ही स्कूलों में बच्चे डेस्क के नीचे छिप गए। प्ले ग्राउंड में खेलते बच्चे सेफ जगह ढूंढने के लिए दौड़े। इस दौरान घायलों को फर्स्ट एड देने सहित अस्पताल पहुंचाने के तरीके बताए गए। करीब एक घंटे तक मॉक ड्रिल चली। इसके बाद रात 7.30 बजे Blackout हुआ। लुधियाना में दुकानदारों ने दुकानें बंद की।

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गायक गुरु रंधावा के जिम में हुई गोलीबारी मामले में कार्रवाई; दिल्ली पुलिस के साथ मुठभेड़ में 2 शूटर घायल

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पंजाबी गायक गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित ‘24 HS Fitness’ जिम में हुई गोलीबारी के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पश्चिम विहार इलाके में स्थित इस जिम पर 11 जून को हुई फायरिंग की घटना के बाद फरार चल रहे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हकीकत और सागर के रूप में हुई है। दोनों को बुधवार रात एक मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस को उनकी मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। मुठभेड़ के दौरान दोनों शूटर घायल भी हो गए।

11 जून को हुई गोलीबारी की घटना ने उस समय हड़कंप मचा दिया था, जब कुछ अज्ञात हमलावरों ने गुरु रंधावा के जिम को निशाना बनाते हुए फायरिंग की थी। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस केस में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले पिछले सप्ताह क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के बहादुरगढ़ से लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो अन्य शूटरों को भी गिरफ्तार किया था।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी के पीछे असली मकसद क्या था और क्या इस घटना का संबंध किसी धमकी, रंगदारी या गैंगवार से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और साजिश से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

फिलहाल दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस केस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का किया नेतृत्व, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कोलकाता के प्रतिष्ठित Red Road पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और समग्र कल्याण का संदेश दिया।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। इसका उद्देश्य जीवन के हर चरण में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। बढ़ती जीवन प्रत्याशा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण जीवन का प्रभावी माध्यम बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

भारत और योग का संबंध सदियों पुराना है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में रचा-बसा योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। योग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव को 175 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला था।

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। तब से लेकर अब तक यह दुनिया की सबसे बड़ी जन-स्वास्थ्य पहलों में शामिल हो चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर ने एक बार फिर योग के सार्वभौमिक संदेश—स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव—को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।

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मोदी सरकार के 12 साल आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे: अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष आजाद भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

महाराष्ट्र के Kolhapur में स्थित Ambabai Temple कॉरिडोर परियोजना के शुभारंभ अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब आजाद भारत का इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 12 वर्षों को देश के पुनरुत्थान और विश्व मंच पर भारत की बढ़ी हुई प्रतिष्ठा के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे कई कार्य पूरे किए हैं, जिन्हें लंबे समय तक असंभव या अधूरा माना जाता रहा। शाह ने Ram Mandir के निर्माण, Kashi Vishwanath Corridor के विकास, Kedarnath Temple के पुनर्निर्माण और Badrinath Temple में हुए विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।

अमित शाह ने बताया कि अंबाबाई मंदिर कॉरिडोर परियोजना लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना में एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली, अत्याधुनिक एलईडी लाइटिंग, विरासत गैलरियां, बेहतर यातायात व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर निर्माण, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेज गति से प्रगति की है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है और पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्य इस दिशा में एक मजबूत आधार साबित हुए हैं।

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