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भाजपा के हाथ 700 किसानों के खून से रंगे हुए हैं, पंजाब काले कृषि कानूनों का अपमान कभी नहीं भूलेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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राज्य के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार करने के लिए भाजपा पर प्रहार करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भगवा पार्टी देश के किसी भी राज्य से जीत सकती है, लेकिन वह महान गुरुओं, संतों, पीरों-पैगंबरों और शहीदों की धरती पंजाब से जीतने का सपना भी नहीं देख सकती। मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोग भाजपा के संदिग्ध चरित्र से अच्छी तरह परिचित हैं और वे इसे अच्छा सबक सिखाएंगे। पंजाबी कभी नहीं भूलेंगे कि कृषि कानूनों के विरोध के दौरान राज्य के अन्नदाताओं के साथ कैसा अपमानजनक व्यवहार किया गया था और भाजपा के हाथ इस आंदोलन के दौरान शहीद हुए 700 से अधिक किसानों के खून से रंगे हुए हैं।

पंजाब में भाजपा के रिकॉर्ड को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही भाजपा कुछ राज्यों में अपनी चुनावी कार्यगुजारी से खुश हो, लेकिन पंजाब के मामले में भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय और सौतेला व्यवहार किया है। वह पंजाब को पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, भाखड़ा डैम और हर जायज हक से वंचित करना चाहती है। यहां तक कि भगवा पार्टी ने पंजाब के विकास में बाधा डालने के लिए राज्य को मिलने वाली ग्रांट के जायज हिस्से को अभी तक रोक रखा है।

राज्य में भाजपा के आने की संभावनाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “हवाई किले उड़ा रही भाजपा नेतृत्व को यह भूल जाना चाहिए कि वह कभी भी पंजाब में सत्ता में नहीं आ सकेगी, क्योंकि राज्य और इसके लोगों के खिलाफ इस पार्टी के पाप कभी माफ नहीं किए जा सकते।” उन्होंने कहा कि भाजपा किस मुंह से पंजाब में आएगी जब उसके नेता हमेशा से ही राज्य और इसके लोगों के मुद्दों को उठाने में नाकाम रहे हैं। पंजाब के बहादुर और समझदार लोग इन कुकर्मों को कभी नहीं भूलेंगे और इन्हें उचित सबक सिखाएंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पूरे राज्य में कुल 990 आम आदमी क्लीनिकों में मुफ्त इलाज प्रदान किया जा रहा है और यह संख्या जल्द ही 1400 तक पहुंच जाएगी। इन क्लीनिकों में 107 दवाइयां और 47 प्रकार के डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त उपलब्ध हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में राज्यवासियों का विश्वास और मजबूत हो रहा है। हजारों लोग रोजाना इन क्लीनिकों में आ रहे हैं और ओपीडी में मरीजों की संख्या पहले ही पांच करोड़ को पार कर चुकी है।”

यूनिवर्सल हेल्थकेयर कवरेज के बारे में उन्होंने कहा, “व्यापक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत राज्य के हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का नकद रहित इलाज प्रदान किया जाएगा। यह योजना राज्यवासियों का वित्तीय बोझ कम करने के साथ-साथ उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करती है, जिससे हर परिवार इन मुफ्त सुविधाओं का हकदार है और रजिस्ट्रेशन के लिए उत्साहित होता है।

उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार ने मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत हर महिला को 1,000 रुपए प्रति माह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह मिलेंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होगी। साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की हकदार होंगी। इस स्कीम के तहत महिलाओं को 9,300 करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे और लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलेगा।”

सिंचाई पहल का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य के हर कोने में किसानों की सहायता के लिए 14,000 किलोमीटर लंबा नहरी/पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया है और इसके जरिए 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो दो भाखड़ा नहरों के पानी की सप्लाई के बराबर है। इससे किसानों को अपनी सिंचाई जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिल रही है।नहरों और नदियों में पानी के स्तर को दो से चार मीटर बढ़ाने के लिए रिचार्ज पॉइंट बनाए गए हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियों की भलाई सुनिश्चित की जा रही है क्योंकि पंजाब खेती प्रधान राज्य होने के कारण काफी हद तक पानी पर निर्भर है।

इसके साथ ही लोगों के टैक्स के पैसे को राज्यवासियों की भलाई पर समझदारी से खर्च किया जा रहा है और यह पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों को वापस लौट रहा है।” शासन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करके, भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी तरीके से 65,000 से अधिक नौकरियां देकर, सड़कों को बेहतर बनाकर, टोल प्लाजा बंद करके रोजाना 70 लाख रूपए बचाकर और बुनियादी ढांचे का निर्माण करके लोगों के लिए काम कर रही है।

इसके साथ ही इस बात पर जोर दिया गया है कि कोई भी मुफ्त या रियायत गरीबी को खत्म नहीं कर सकती और केवल शिक्षा ही लोगों के स्तर को ऊंचा उठाकर उनके जीवन स्तर में सुधार कर सकती है।” शिक्षा और कृषि के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार के प्रयासों से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं में बेमिसाल प्रदर्शन कर रहे हैं। इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली सप्लाई दी गई है और सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने से किसानों के जीवन में भारी बदलाव आ रहा है क्योंकि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।”

पारंपरिक पार्टियों पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “पारंपरिक पार्टियों के नेता लंबे समय से लोगों को गुमराह कर रहे थे, लेकिन अब लोग उनके प्रचार से प्रभावित नहीं हो रहे हैं और अपनी सत्ता के दौरान महलनुमा घरों में रहने वाले नेताओं को भी लोगों ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जो नए युग की निशानदेही करता है। जहां कभी अजेय माने जाने वाले नेता अब राजनीतिक गुमनामी के अंधेरे में गुम हो गए हैं।” जवाबदेही और बेअदबी के मुद्दे पर भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों ने ऐसे अहंकारी नेताओं को उचित सबक सिखाया है, जिन्होंने कभी आम आदमी की परवाह नहीं की और अपने शानदार आवासों तक सीमित रहे। या फिर वे जिन्होंने गुरबाणी के नाम पर वोट मांगे और उनके ही कार्यकाल के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।”

उन्होंने कहा, “सरकार ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026 सर्वसम्मति से पास किया है, जो सख्त सजा सुनिश्चित करता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं समाप्त हो सकें और कोई भी ऐसा घिनौना अपराध करने की हिम्मत न कर सके।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इस न क्षमा योग्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता माने जाते हैं और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का फर्ज है। दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कदम की सराहना कर रहे हैं।”

भगवंत सिंह मान ने कहा, “बादल परिवार इस एक्ट का विरोध कर रहा है, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि ऐसे मुद्दे पर भी राजनीति करना किसी पंथक पार्टी को शोभा नहीं देता। जबकि हम परमात्मा का धन्यवाद करने के लिए 6 से 9 मई तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने के लिए श्री आनंदपुर साहिब से शुक्राना यात्रा निकालेंगे।” वे श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं और सरकार इस मौके को पूरे विश्व में पूरी श्रद्धा एवं धार्मिक उत्साह के साथ मनाएगी ताकि गुरु जी के समानता और इंसानियत के संदेश का प्रकाश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व संबंधी चल रहे जश्नों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मानवता और समानता का प्रचार करने वाले, दुखों-गमों से मुक्त समाज की सोच रखने वाले श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए साल भर चलने वाले समागम शुरू हो गए हैं और सरकार ने इन जश्नों को विश्व स्तर पर आयोजित करने के लिए संत समाज से आशीर्वाद और सुझाव मांगे हैं।” अपने समापन संबोधन में उन्होंने कहा, “यह बहुत गर्व की बात है कि ये जश्न उनके कार्यकाल के दौरान मनाए जा रहे हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ये पूरे धार्मिक उत्साह के साथ करवाए जाएं।” उन्होंने बताया कि संत समाज के प्रतिनिधियों से इन कार्यक्रमों को नया रूप देने के लिए मार्गदर्शन और योगदान देने की अपील की गई है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद और अन्य भी मौजूद थे।

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पंजाब में फिर बढ़ने लगी गर्मी, कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के करीब

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पंजाब और चंडीगढ़ में एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ना शुरू हो गया है। शुक्रवार के मुकाबले राज्य के अधिकतम तापमान में करीब 0.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि मौजूदा तापमान अभी भी सामान्य से लगभग 5 डिग्री कम है, जिस कारण फिलहाल हीटवेव जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है।

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार 9 और 10 मई को पंजाब में मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहेगा। इसके बाद 11 मई से 14 मई तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने इस दौरान पंजाब के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

शुक्रवार को बठिंडा पंजाब का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बावजूद राज्य के सभी जिलों का तापमान अभी भी 40 डिग्री से नीचे बना हुआ है।

अन्य जिलों की बात करें तो पठानकोट में 35.8 डिग्री, फरीदकोट में 36.0 डिग्री, फाजिल्का में 36.3 डिग्री और फिरोजपुर में 35.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं चंडीगढ़ में 33.0 डिग्री, अमृतसर में 33.6 डिग्री, लुधियाना में 33.5 डिग्री, पटियाला में 33.6 डिग्री, गुरदासपुर में 34.0 डिग्री, एसबीएस नगर में 33.2 डिग्री, होशियारपुर और मोहाली में 32.5 डिग्री, रूपनगर में 32.6 डिग्री और श्री आनंदपुर साहिब में 34.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार इस समय मध्य पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब तथा राजस्थान के इलाकों पर एक चक्रवाती प्रणाली सक्रिय है। इसके साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक एक लंबा ट्रफ बना हुआ है, जिसके कारण उत्तर भारत के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

विभाग ने यह भी बताया है कि 10 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसका असर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश पर भी पड़ सकता है। कई क्षेत्रों में बारिश, तेज हवाएं और बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान तापमान में करीब 2 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इसके बाद मौसम प्रणाली सक्रिय होने से तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

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ED की कार्रवाई को लेकर पंजाब में सियासी तूफान, AAP ने केंद्र पर उठाए सवाल

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संजय अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई छापेमारी ने पंजाब की राजनीति में एक नया हलचल भरा माहौल पैदा कर दिया है। यह कार्रवाई अब केवल एक आर्थिक जांच तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, केंद्र और राज्य सरकार के बीच बढ़ते टकराव और आम आदमी पार्टी पर बन रहे राजनीतिक दबाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईडी की टीमें सुबह तड़के संजय अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचीं। बताया जा रहा है कि अधिकारी कई वाहनों में वहां पहुंचे और काफी समय तक तलाशी अभियान चलाया गया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इससे जुड़ी अन्य जगहों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब संजय अरोड़ा जांच एजेंसियों के घेरे में आए हों। इससे पहले भी उनके कारोबारी और रिहायशी ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। उस समय जांच का केंद्र कथित विदेशी मुद्रा नियम उल्लंघन और संपत्ति लेन-देन से जुड़े मामले बताए गए थे। अब ताजा कार्रवाई के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि जांच का दायरा बड़ा हो सकता है।

कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में रियल एस्टेट और औद्योगिक जमीनों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ औद्योगिक उद्देश्य के लिए दी गई जमीनों का कथित तौर पर अन्य व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया गया। हालांकि इन दावों पर अभी तक कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और जांच जारी बताई जा रही है।

इस मामले से जुड़ी मोहाली और खरड़ की कार्रवाइयों ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में “कैश रेन” वाली घटना को बड़े स्तर पर उभारा गया, जिसमें बताया गया कि एक इमारत से नोटों से भरे बैग नीचे फेंके गए और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। ये कार्रवाइयां भी उसी बड़े आर्थिक जांच नेटवर्क का हिस्सा बताई जा रही हैं जिसमें पंजाब के कुछ कारोबारी और राजनीतिक नाम चर्चा में हैं।

दूसरी ओर आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को राजनीतिक नजरिए से देख रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के अन्य नेता लगातार यह दलील दे रहे हैं कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों की सरकारों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली के बाद अब पंजाब में भी राजनीतिक माहौल प्रभावित करने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस बीच भाजपा द्वारा पंजाब में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाए जाने की बातें भी चर्चा में हैं। पंजाब भाजपा के नेता लगातार कानून-व्यवस्था, प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर आम आदमी पार्टी को घेर रहे हैं। इस कारण यह मामला अब सिर्फ जांच का नहीं, बल्कि पंजाब की आने वाली राजनीतिक दिशा से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है।

संजय अरोड़ा को पंजाब सरकार में उद्योग और निवेश से जुड़ा एक अहम चेहरा माना जाता है। उन्हें पंजाब में निवेश लाने और औद्योगिक माहौल बनाने वाले नेता के रूप में प्रोजेक्ट किया जाता रहा है। इसी वजह से उनके खिलाफ हो रही हर कार्रवाई का राजनीतिक असर भी बड़ा माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस मामले को लेकर दो बड़ी धारणाएं सामने आ रही हैं। एक पक्ष मानता है कि अगर ईडी के पास मजबूत दस्तावेजी या वित्तीय आधार हैं तो जांच आगे बढ़ सकती है और अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। दूसरा पक्ष इसे केंद्र और पंजाब सरकार के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का हिस्सा मान रहा है।

फिलहाल न तो किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही ईडी की ओर से कोई अंतिम आरोप सार्वजनिक तौर पर लगाए गए हैं। संजय अरोड़ा पहले भी कह चुके हैं कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। इसके बावजूद पंजाब की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में बड़ी चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि क्या यह सिर्फ एक वित्तीय जांच है या फिर 2027 की पंजाब राजनीति के लिए बन रहे नए राजनीतिक माहौल का शुरुआती संकेत। क्योंकि जैसे-जैसे केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाइयां बढ़ रही हैं, उसी तरह “केंद्र बनाम पंजाब” वाला राजनीतिक नैरेटिव भी और तेज होता दिखाई दे रहा है।

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पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आज, सुवेंदु अधिकारी बनेंगे मुख्यमंत्री

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक दिन माना जा रहा है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के प्रसिद्ध ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी आज पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जबकि अग्निमित्रा निशीथ को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत 21 भाजपा-एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी कोलकाता पहुंच चुके हैं।

कोलकाता के बीचों-बीच स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता जुटने शुरू हो गए हैं। समारोह में आने वाले लोगों के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं और स्थानीय स्तर पर झलमूड़ी समेत अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। वहीं भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी के आवास के बाहर भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि भाजपा नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता में घोषणा की थी कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे। भाजपा ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

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