Punjab
वतन की खातिर सबसे ज्यादा जानें कुर्बान करने वाले पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगा रही है भाजपा: CM भगवंत सिंह मान
चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ के आज तीसरे दिन मालवा क्षेत्र पहुंचकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी और सांप्रदायिक ताकतों पर प्रहार करते हुए कहा कि भगवा पार्टी पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा वोटों के लिए पंजाब की सदियों पुरानी भाईचारे की मजबूत डोरियों को तोड़ने की गहरी साजिश रच रही है। मुख्यमंत्री ने आज बठिंडा से यात्रा की शुरुआत की और श्री दमदमा साहिब में माथा टेका। विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल में शुरू की गई “डर और बंटवारे की राजनीति” अब पंजाब में लागू करने की साजिश रची जा रही है, जहां सांप्रदायिक ताकतें समाज के ध्रुवीकरण और सत्ता पर कब्जा करने के लिए भाईचारों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश की आजादी और एकता के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाबी ऐसी ताकतों को मुंह तोड़ जवाब देंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के मामलों में शामिल लोगों, जिनमें सरपरस्त भी शामिल हैं को अब नए कानून के तहत सख्त सजाएं भुगतनी पड़ेंगी, जिसमें उम्रकैद और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना शामिल है। तलवंडी साबो, बठिंडा शहर और कोटशमीर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाबियों को राज्य की शांति, भाईचारे और सद्भावना के लिए घातक फूट डालो ताकतों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सांप्रदायिक राजनीति को पंजाब की सदियों पुरानी भाईचारे की एकता में फूट डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। “पंजाब पंजाबियों का है” का नारा लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग भाईचारे की साझ को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं।” भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल में बंटवारे की राजनीति के जरिए सत्ता हासिल की है, लेकिन पंजाब में ऐसी साजिशें कभी सफल नहीं होंगी क्योंकि यहां के लोग हर त्योहार साझे तौर पर मनाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सांप्रदायिक पार्टियां पंजाब के भाईचारे को तोड़ने की साजिश रच रही हैं और उनके घिनौने एजेंडे को सफल नहीं होने देना चाहिए।”
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद वहां हालात बद से बदतर हो गए और लोगों के घरों में आग लगाई जा रही है। “जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई, हर तरफ डर का माहौल पैदा हो गया। अब पंजाब के लिए भी यही साजिश रची जा रही है।” राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस ने 52 साल तक अपने हेडक्वार्टर पर तिरंगा नहीं लहराया, फिर भी आज वे दूसरों को देशभक्ति के सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। उन्होंने कहा, “पंजाबियों ने आजादी के संघर्ष में देश के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी हैं और उन्हें देशभक्ति के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।”
1947 के विभाजन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दुखांत के दौरान पंजाब ने सबसे ज्यादा दुख झेले और लगभग 10 लाख पंजाबियों ने अपनी जानें गंवाईं, जबकि अब पंजाब की देशभक्ति पर सवाल उठाने वालों ने देश के लिए ऐसी कोई कुर्बानियां नहीं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ भाजपा नेता उन पर देशद्रोह के आरोप लगा रहे हैं, जबकि वे यह भूल रहे हैं कि पंजाबियों ने देश के लिए 90 प्रतिशत कुर्बानियां दी हैं और अब उन्हें गद्दार कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाबियों को अब भाजपा द्वारा देश विरोधी करार दिया जा रहा है।”
विरोधी नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुनील जाखड़ जैसे नेताओं को अंतरजातीय मेल-मिलाप सहन नहीं हो रहा क्योंकि वे एक आम परिवार के बेटे को राज्य का मुख्यमंत्री बनकर ईमानदारी से पंजाब की सेवा करते नहीं देख पा रहे। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोनों पार्टियों को लुटेरे बताया, जिन्होंने आम लोगों की भलाई को नजरअंदाज करते हुए दशकों तक पंजाब की दौलत लूटी। उन्होंने कहा, “विरोधी पार्टियां पंजाब को लूटने का एक और मौका मांग रही हैं, लेकिन लोग अब इन्हें सत्ता में नहीं बल्कि जेल भेजेंगे।” उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, लेकिन पंजाब के समझदार लोग उन लोगों को दोबारा कभी वोट नहीं देंगे, जिन्होंने बार-बार राज्य के साथ धोखा किया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि एक श्रद्धालु सिख होने के नाते अकाल पुरख का शुक्राना करने के लिए उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे धार्मिक जोश और उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की थी। उन्होंने कहा कि उनका दिल परमात्मा का ऋणी है कि उन्हें जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का मौका दिया गया, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा की व्यवस्था करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार भाग्यशाली है कि इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की सेवा सौंपी गई है, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को समाप्त करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब में शांति, सद्भावना, भाईचारे की साझ और फिर्की सद्भावना को भंग करना था।
यह अधिनियम यह सुनिश्चित करता है कि इस न अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल सजा दी जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि बेअदबी के मामलों में मानसिक रोगी होने का बहाना अब काम नहीं करेगा और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के रखवालों तथा साजिशकर्ताओं को भी उम्रकैद के साथ-साथ 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में बेअदबी करने वाले अब सजा से नहीं बच सकेंगे।” उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सख्त कानून भविष्य में बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ मजबूत कदम साबित होगा और कोई भी दोबारा ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को हर सिख के लिए पिता समान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी पवित्रता को सुनिश्चित करना समाज का साझा फर्ज है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कानून के लागू होने पर खुशी और शुक्राना व्यक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘शुक्राना यात्रा’ का एकमात्र उद्देश्य इस महत्वपूर्ण कानून को पास करने के लिए उन्हें ताकत और बल बख्शने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करना है। तीव्र गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे लोगों के प्यार के लिए परमात्मा के शुक्रगुजार हैं।

उन्होंने कहा, “मैं इस कानून को पास करने वाला नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उन्होंने चुना है।” अपने आप को गुरु साहिब का विनम्र सेवक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। कानून बनाने के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा, “दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कानून से खुश हैं और इस पहल के लिए धन्यवाद करने वाले लोगों से रोजाना कई फोन आते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि कुछ लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका इससे नाखुश हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग इस संवेदनशील मुद्दे पर सिर्फ अपने निजी स्वार्थों के लिए राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वे जल्द ही अपने बिगड़े गुनाहों के लिए सलाखों के पीछे जा सकते हैं।” बठिंडा को मालवा क्षेत्र का केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों द्वारा ‘शुक्राना यात्रा’ को मिला भरपूर समर्थन कानून के लागू होने से लोगों की खुशी और उनके भावनात्मक संबंध को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी ऐसा कानून बनाने की कोशिश नहीं की क्योंकि वे कभी नहीं चाहती थीं कि बेअदबी की घटनाओं के दोषी सलाखों के पीछे जाएं।
अकालियों पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे अपने कार्यकाल के दौरान ऐसा कानून बनाने के लिए कभी सुहृद नहीं रहे क्योंकि उनकी नियत शुरू से ही साफ नहीं थी। उन्होंने आगे कहा कि अकाली नेताओं ने हमेशा बाबे नानक के नाम पर वोट मांगे, फिर भी अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए बेअदबी की घटनाओं को होने दिया और दोषियों को बचाकर रखा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों ने बाबे नानक के नाम पर वोट मांगकर भी उनकी ही बाणी का अपमान किया।” उन्होंने आगे कहा कि अकाली नेताओं ने अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियां मानकर बाद में जनता के सामने से सार्वजनिक रूप से मुकर गए। उन्होंने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि “जो लोग अकाल तख्त के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे कभी किसी के वफादार नहीं हो सकते, लोगों से ऐसे नेताओं से सावधान रहने की अपील की।
विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली कांग्रेस और अकाली सरकारों पर आम लोगों की भलाई को नजरअंदाज करते हुए भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के लिए ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। “करदाताओं का पैसा अब भलाई के कामों पर पूरी समझदारी और ईमानदारी से खर्च किया जा रहा है और भ्रष्टाचार व कमीशन की बजाय विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों को उनके टैक्स का पैसा वापस किया जा रहा है।” ‘आप’ सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 65,000 से अधिक युवाओं को किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के बिना सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में सड़कों और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है और कई टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों को रोजाना लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब 2022 में ‘आप’ सरकार ने सत्ता संभाली थी तो राज्य में सिंचाई के लिए सिर्फ 21 प्रतिशत नहरी पानी इस्तेमाल हो रहा था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज सिंचाई के लिए लगभग 68 प्रतिशत नहरी पानी इस्तेमाल हो रहा है और आने वाले धान के सीजन तक यह आंकड़ा 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।” उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पंजाब के हर कोने में किसानों की सुविधा के लिए लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों बिछाने और राजवाहों व खालों की मजबूती का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए इन पाइपलाइनों और जलमार्गों के जरिए 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा छोड़ा गया यह पानी दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है।”
उन्होंने कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज पॉइंट भी बनाए गए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। उन्होंने कहा, “यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है क्योंकि पंजाब की पहचान और अस्तित्व पानी से गहराई से जुड़ा हुआ है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपए प्रति माह तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की हकदार होंगी। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ होने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने बजट में इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लगभग 1.65 लाख लोग पहले ही मुफ्त इलाज करवा चुके हैं और उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य कार्डों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे 2022 में राज्यवासियों द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं और पंजाबियों से किए हर वादे को पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं जहां गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधाएं मुफ्त प्रदान की जा रही हैं, सरकारी स्कूलों व अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है और घरों व किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया, “हमारी सरकार ने लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों बिछाने के साथ-साथ जलमार्गों को फिर से जीवित किया है ताकि पंजाब के हर क्षेत्र तक पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जा सके।”
एक्स पर कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज ‘शुक्राना यात्रा’ के तीसरे दिन, मुझे शहीदों और गुरुओं की पावन धरती तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकने का मौका मिला। कामकाजी दिन और अत्यधिक गर्मी के बावजूद, इतनी बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर आपने मुझे जो प्यार और आशीर्वाद दिए, उसके लिए मैं आपका बहुत धन्यवादी हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “गुरु साहिब की रहमत से हम बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम लागू करने के योग्य हुए हैं। इस कानून के तहत अब कोई भी मुलजिम ‘मानसिक रोगी’ का बहाना बनाकर सजा से नहीं बच सकेगा और उनकी सहायता करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछली सरकारों ने सिर्फ अपने परिवारों के लिए पंजाब को लूटा और बंटवारे की नीति अपनाई, जबकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी समूची मानवता से संबंधित हैं और हमें सरबत दा भला का संदेश देते हैं।”
पोस्ट के अंत में उन्होंने कहा, “जिन्होंने पंजाबियों के साथ धोखा किया, वे आज जंग का मैदान छोड़कर भाग गए हैं। आपका ‘लोक सेवक’ और आपकी सरकार पंजाब की तरक्की, भाईचारे की साझ और गुरु महाराज की मर्यादा की रक्षा के लिए समर्पित भावना से वचनबद्ध है।”
Punjab
मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने 10 प्रमुख प्रक्रियाओं के तहत 2.44 लाख मरीज़ों को दिया कैशलेस उपचार, ₹316.50 करोड़ से अधिक ख़र्च
गंभीर बीमारी केवल मरीज़ के स्वास्थ्य की परीक्षा नहीं लेती, बल्कि अक्सर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी झकझोर देती है। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब में इस स्थिति को लगातार बदल रही है और महँगे चिकित्सा उपचार की लागत को परिवारों की चिंता से बाहर करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आंकड़े खुद पूरी कहानी बयाँ करते हैं। योजना के तहत सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली प्रमुख 10 चिकित्सा प्रक्रियाओं में ही अब तक 2,44,468 कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिन पर ₹316.50 करोड़ से अधिक का ख़र्च किया गया है। सप्ताह में कई बार डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीज़ों से लेकर हृदय की सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) या आपातकालीन सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने वाली महिलाओं तक—योजना ऐसे उपचारों को कवर कर रही है, जिनका ख़र्च कई परिवारों के लिए वहन करना मुश्किल हो सकता था।
यह पैटर्न कोई संयोग नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में स्वास्थ्य प्रणालियाँ हृदय रोग, डायबिटीज़ और किडनी संबंधी विकारों जैसी दीर्घकालिक बीमारियों में तेज़ वृद्धि देख रही हैं। पंजाब भी इससे अलग नहीं है। योजना के तहत डायलिसिस, हृदय उपचार और जोड़ प्रत्यारोपण (जॉइंट रिप्लेसमेंट)की बढ़ती माँग ऐसे स्वास्थ्य तंत्र को दर्शाती है, जो ऐसी बीमारियों की बढ़ती चुनौती का सामना कर रहा है, जो एक बार अस्पताल जाने से समाप्त नहीं होतीं; बल्कि इनके लिए निरंतर, विशेषज्ञ और अक्सर महँगे उपचार की आवश्यकता होती है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA), पंजाब, के आंकड़ों के अनुसार, क्रॉनिक हीमोडायलिसिस, योजना के तहत सबसे अधिक ली जाने वाली प्रक्रिया बनी हुई है। कुल 1,87,656 डायलिसिस सत्र, जिनकी लागत ₹30.65 करोड़ से अधिक है, उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया गया है कि क्रॉनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीज़ हर बार अस्पताल जाने के लिए पैसे जुटाने की लगातार चिंता किए बिना अपना उपचार जारी रख सकें।
योजना के तहत 17,698 लैप्रोस्कोपिक गॉल ब्लैडर सर्जरी भी की गई हैं, जो दूसरी सबसे अधिक करवाई जाने वाली प्रक्रिया है। इसके बाद 10,751 टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई हैं, जिससे हज़ारों बुज़ुर्ग मरीज़ों को दोबारा चलने-फिरने और आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिली है। इसके अलावा, 9,317 महिलाओं को कैशलेस सीज़ेरियन डिलीवरी की सुविधा मिली, जिससे परिवारों पर उस महत्त्वपूर्ण समय में पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम हुआ, जब उन्हें सबसे अधिक सुरक्षा और सहायता की आवश्यकता होती है।
हृदय उपचार भी योजना का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। कुल 8,734 मरीज़ों की पर्क्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (PTCA) के साथ डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी की गई, जबकि 554 मरीज़ों की कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) की गई, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली कि लागत के कारण जीवनरक्षक हृदय उपचार में देरी न हो।
योजना के तहत किडनी स्टोन के उपचार के लिए 5,770 पर्क्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PCNL) प्रक्रियाएँ, 2,247 लोअर यूरेटर सर्जरी, 911 सीमेंटलेस टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी और 830 रेडिकल सर्जिकल प्रक्रियाएँ भी कवर की गई हैं। यह विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में उन्नत और महँगे उपचार उपलब्ध करवाने की योजना की क्षमता को दर्शाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रम की वास्तविक सफलता का पैमाना कागज़ों पर दर्ज लाभार्थियों की संख्या नहीं, बल्कि उन परिवारों की संख्या है, जिन्हें आर्थिक संकट में पड़े बिना समय पर इलाज मिलता है। किसी स्वास्थ्य योजना की सफलता इसके द्वारा बदली गई ज़िंदगियों में दिखाई देती है।ये आंकड़े उन हज़ारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें अस्पताल के बिलों की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण उपचार मिला। चाहे आजीवन डायलिसिस की आवश्यकता वाला मरीज़ हो, नी रिप्लेसमेंट करवाने वाला बुज़ुर्ग व्यक्ति हो , सुरक्षित सीज़ेरियन डिलीवरी की आवश्यकता वाली महिला हो या आपातकालीन हृदय उपचार की ज़रूरत वाला मरीज़ हो —मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक बाधाएँ स्वास्थ्य सेवा हासिल करने में कभी रुकावट न बनें।”
उन्होंने कहा कि योजना के तहत कवर की जाने वाली विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाएँ पंजाब में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों को दर्शाती हैं जो केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि गंभीर और जटिल बीमारियों के महँगे इलाज में भी मरीज़ों को सहायता प्रदान करने में सक्षम है।
आंकड़ों से परे, यह डेटा एक बड़े बदलाव की ओर भी संकेत करता है। अधिक लोग आर्थिक रूप से सुलभ उपचार के कारण दीर्घकालिक बीमारियों से उबर रहे हैं। अधिक बुज़ुर्ग मरीज़ दोबारा चलने-फिरने में सक्षम हो रहे हैं। अधिक महिलाओं को अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं और अधिक परिवार अस्पताल के बिलों के लिए पैसे जुटाने के बजाय मरीज़ के स्वस्थ होने पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।
योजना के विस्तार के साथ यह पंजाब के सबसे मज़बूत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभर रही है, जो केवल स्वास्थ्य उपचार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं करवाती, बल्कि गंभीर बीमारी के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक झटके से भी उन्हें बचाने का काम कर रही है।
Punjab
‘आप’ आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार, 117 सीटों पर बूथ स्तर की तैयारियां शुरू
आम आदमी पार्टी (आप) ने पूरे राज्य में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज़ करते हुए आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें पार्टी के बूथ स्तर नेटवर्क को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स को चुनाव मैदान के लिए तैयार करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में, आप के सीनियर नेता और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स के साथ जिलेवार मीटिंग करना शुरू कर दिया है।
ये मीटिंग ज़मीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और पंजाब सरकार के काम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर फोकस हैं। इस संगठनात्मक कवायद के तहत, पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ इंचार्ज की मीटिंग होंगी।
पटियाला ग्रामीण के अपने दौरे के दौरान मनीष सिसोदिया ने संगठन के साथियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की, जिसमें आने वाली तैयारियों पर खुलकर चर्चा हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अपनी बातचीत को याद करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा, “अपने साथियों के बीच बैठना एक अनोखा अनुभव था, जिससे पुरानी यादें ताज़ा हो गईं और आगे के सफर के लिए जोश दोगुना हो गया।”
पार्टी की संगठन टीमों को भगवंत मान सरकार द्वारा पिछले 4.5 सालों में किए गए कामों को सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा है। कैंपेन का मुख्य फोकस सरकार की ज़रूरी पहलों को घर-घर तक पहुंचाना होगा, जिसमें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, 300 यूनिट मुफ़्त बिजली योजना, खेती के लिए नहर का पानी और ‘मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को दी जा रही आर्थिक मदद शामिल है।
चल रहे अभ्यास के तहत पटियाला में बूथ इंचार्जों की एक मीटिंग भी हुई, जिसमें कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और पार्टी के सीनियर नेता शामिल हुए। इसी तरह, भदौर में भी बूथ इंचार्जों की मीटिंग हुई, जिसमें विधायक लाभ सिंह उगोके और पार्टी के सीनियर नेता शामिल हुए।
इन मीटिंग के ज़रिए आप अपने बूथ स्तर के संगठन को मज़बूत कर रही है और अपने वर्करों और वॉलंटियर्स को आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए सभी 117 विधानसभा सीटों पर लोगों से जुड़े रहने और पंजाब सरकार के काम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए तैयार कर रही है।
Punjab
CM भगवंत मान ने डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र पर रखा नींव पत्थर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। पंजाब सरकार की ओर से बनाए जाने वाले इस केंद्र पर करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस केंद्र का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, बाणी और उनकी महान शिक्षाओं से जोड़ना है।
इस अध्ययन केंद्र में बच्चों को श्री गुरु रविदास जी की जीवनी, उनकी बाणी और मानवता को दिए गए संदेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उनकी शिक्षाओं में समानता, भाईचारे, सेवा, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को विशेष महत्व दिया गया है। केंद्र के माध्यम से नई पीढ़ी को इन विचारों से परिचित कराने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र में हॉस्टल और स्टाफ के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को यहां रहकर अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी। केंद्र में अध्ययन और शोध के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाएं केवल एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी बाणी समाज में समानता, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश देती है। ऐसे में इस केंद्र के जरिए इन महान विचारों को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र आने वाले समय में श्री गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन से जुड़े अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। पंजाब सरकार का कहना है कि इस पहल से नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और गुरु साहिब की शिक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
-
Religious3 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious3 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious3 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious3 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी