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वतन की खातिर सबसे ज्यादा जानें कुर्बान करने वाले पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगा रही है भाजपा: CM भगवंत सिंह मान

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चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ के आज तीसरे दिन मालवा क्षेत्र पहुंचकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी और सांप्रदायिक ताकतों पर प्रहार करते हुए कहा कि भगवा पार्टी पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा वोटों के लिए पंजाब की सदियों पुरानी भाईचारे की मजबूत डोरियों को तोड़ने की गहरी साजिश रच रही है। मुख्यमंत्री ने आज बठिंडा से यात्रा की शुरुआत की और श्री दमदमा साहिब में माथा टेका। विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल में शुरू की गई “डर और बंटवारे की राजनीति” अब पंजाब में लागू करने की साजिश रची जा रही है, जहां सांप्रदायिक ताकतें समाज के ध्रुवीकरण और सत्ता पर कब्जा करने के लिए भाईचारों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश की आजादी और एकता के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाबी ऐसी ताकतों को मुंह तोड़ जवाब देंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के मामलों में शामिल लोगों, जिनमें सरपरस्त भी शामिल हैं को अब नए कानून के तहत सख्त सजाएं भुगतनी पड़ेंगी, जिसमें उम्रकैद और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना शामिल है। तलवंडी साबो, बठिंडा शहर और कोटशमीर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाबियों को राज्य की शांति, भाईचारे और सद्भावना के लिए घातक फूट डालो ताकतों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सांप्रदायिक राजनीति को पंजाब की सदियों पुरानी भाईचारे की एकता में फूट डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। “पंजाब पंजाबियों का है” का नारा लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग भाईचारे की साझ को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं।” भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल में बंटवारे की राजनीति के जरिए सत्ता हासिल की है, लेकिन पंजाब में ऐसी साजिशें कभी सफल नहीं होंगी क्योंकि यहां के लोग हर त्योहार साझे तौर पर मनाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सांप्रदायिक पार्टियां पंजाब के भाईचारे को तोड़ने की साजिश रच रही हैं और उनके घिनौने एजेंडे को सफल नहीं होने देना चाहिए।”

पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद वहां हालात बद से बदतर हो गए और लोगों के घरों में आग लगाई जा रही है। “जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई, हर तरफ डर का माहौल पैदा हो गया। अब पंजाब के लिए भी यही साजिश रची जा रही है।” राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस ने 52 साल तक अपने हेडक्वार्टर पर तिरंगा नहीं लहराया, फिर भी आज वे दूसरों को देशभक्ति के सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। उन्होंने कहा, “पंजाबियों ने आजादी के संघर्ष में देश के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी हैं और उन्हें देशभक्ति के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।”

1947 के विभाजन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दुखांत के दौरान पंजाब ने सबसे ज्यादा दुख झेले और लगभग 10 लाख पंजाबियों ने अपनी जानें गंवाईं, जबकि अब पंजाब की देशभक्ति पर सवाल उठाने वालों ने देश के लिए ऐसी कोई कुर्बानियां नहीं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ भाजपा नेता उन पर देशद्रोह के आरोप लगा रहे हैं, जबकि वे यह भूल रहे हैं कि पंजाबियों ने देश के लिए 90 प्रतिशत कुर्बानियां दी हैं और अब उन्हें गद्दार कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाबियों को अब भाजपा द्वारा देश विरोधी करार दिया जा रहा है।”

विरोधी नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुनील जाखड़ जैसे नेताओं को अंतरजातीय मेल-मिलाप सहन नहीं हो रहा क्योंकि वे एक आम परिवार के बेटे को राज्य का मुख्यमंत्री बनकर ईमानदारी से पंजाब की सेवा करते नहीं देख पा रहे। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोनों पार्टियों को लुटेरे बताया, जिन्होंने आम लोगों की भलाई को नजरअंदाज करते हुए दशकों तक पंजाब की दौलत लूटी। उन्होंने कहा, “विरोधी पार्टियां पंजाब को लूटने का एक और मौका मांग रही हैं, लेकिन लोग अब इन्हें सत्ता में नहीं बल्कि जेल भेजेंगे।” उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, लेकिन पंजाब के समझदार लोग उन लोगों को दोबारा कभी वोट नहीं देंगे, जिन्होंने बार-बार राज्य के साथ धोखा किया है।

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि एक श्रद्धालु सिख होने के नाते अकाल पुरख का शुक्राना करने के लिए उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे धार्मिक जोश और उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की थी। उन्होंने कहा कि उनका दिल परमात्मा का ऋणी है कि उन्हें जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का मौका दिया गया, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा की व्यवस्था करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार भाग्यशाली है कि इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की सेवा सौंपी गई है, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को समाप्त करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब में शांति, सद्भावना, भाईचारे की साझ और फिर्की सद्भावना को भंग करना था।

यह अधिनियम यह सुनिश्चित करता है कि इस न अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल सजा दी जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि बेअदबी के मामलों में मानसिक रोगी होने का बहाना अब काम नहीं करेगा और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के रखवालों तथा साजिशकर्ताओं को भी उम्रकैद के साथ-साथ 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में बेअदबी करने वाले अब सजा से नहीं बच सकेंगे।” उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सख्त कानून भविष्य में बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ मजबूत कदम साबित होगा और कोई भी दोबारा ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को हर सिख के लिए पिता समान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी पवित्रता को सुनिश्चित करना समाज का साझा फर्ज है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कानून के लागू होने पर खुशी और शुक्राना व्यक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘शुक्राना यात्रा’ का एकमात्र उद्देश्य इस महत्वपूर्ण कानून को पास करने के लिए उन्हें ताकत और बल बख्शने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करना है। तीव्र गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे लोगों के प्यार के लिए परमात्मा के शुक्रगुजार हैं।

उन्होंने कहा, “मैं इस कानून को पास करने वाला नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उन्होंने चुना है।” अपने आप को गुरु साहिब का विनम्र सेवक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। कानून बनाने के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा, “दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कानून से खुश हैं और इस पहल के लिए धन्यवाद करने वाले लोगों से रोजाना कई फोन आते हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि कुछ लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका इससे नाखुश हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग इस संवेदनशील मुद्दे पर सिर्फ अपने निजी स्वार्थों के लिए राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वे जल्द ही अपने बिगड़े गुनाहों के लिए सलाखों के पीछे जा सकते हैं।” बठिंडा को मालवा क्षेत्र का केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों द्वारा ‘शुक्राना यात्रा’ को मिला भरपूर समर्थन कानून के लागू होने से लोगों की खुशी और उनके भावनात्मक संबंध को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी ऐसा कानून बनाने की कोशिश नहीं की क्योंकि वे कभी नहीं चाहती थीं कि बेअदबी की घटनाओं के दोषी सलाखों के पीछे जाएं।

अकालियों पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे अपने कार्यकाल के दौरान ऐसा कानून बनाने के लिए कभी सुहृद नहीं रहे क्योंकि उनकी नियत शुरू से ही साफ नहीं थी। उन्होंने आगे कहा कि अकाली नेताओं ने हमेशा बाबे नानक के नाम पर वोट मांगे, फिर भी अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए बेअदबी की घटनाओं को होने दिया और दोषियों को बचाकर रखा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों ने बाबे नानक के नाम पर वोट मांगकर भी उनकी ही बाणी का अपमान किया।” उन्होंने आगे कहा कि अकाली नेताओं ने अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियां मानकर बाद में जनता के सामने से सार्वजनिक रूप से मुकर गए। उन्होंने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि “जो लोग अकाल तख्त के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे कभी किसी के वफादार नहीं हो सकते, लोगों से ऐसे नेताओं से सावधान रहने की अपील की।

विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली कांग्रेस और अकाली सरकारों पर आम लोगों की भलाई को नजरअंदाज करते हुए भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के लिए ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। “करदाताओं का पैसा अब भलाई के कामों पर पूरी समझदारी और ईमानदारी से खर्च किया जा रहा है और भ्रष्टाचार व कमीशन की बजाय विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों को उनके टैक्स का पैसा वापस किया जा रहा है।” ‘आप’ सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 65,000 से अधिक युवाओं को किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के बिना सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में सड़कों और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है और कई टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों को रोजाना लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब 2022 में ‘आप’ सरकार ने सत्ता संभाली थी तो राज्य में सिंचाई के लिए सिर्फ 21 प्रतिशत नहरी पानी इस्तेमाल हो रहा था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज सिंचाई के लिए लगभग 68 प्रतिशत नहरी पानी इस्तेमाल हो रहा है और आने वाले धान के सीजन तक यह आंकड़ा 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।” उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पंजाब के हर कोने में किसानों की सुविधा के लिए लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों बिछाने और राजवाहों व खालों की मजबूती का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए इन पाइपलाइनों और जलमार्गों के जरिए 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा छोड़ा गया यह पानी दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है।”

उन्होंने कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज पॉइंट भी बनाए गए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। उन्होंने कहा, “यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है क्योंकि पंजाब की पहचान और अस्तित्व पानी से गहराई से जुड़ा हुआ है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपए प्रति माह तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की हकदार होंगी। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ होने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने बजट में इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लगभग 1.65 लाख लोग पहले ही मुफ्त इलाज करवा चुके हैं और उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य कार्डों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे 2022 में राज्यवासियों द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं और पंजाबियों से किए हर वादे को पूरा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं जहां गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधाएं मुफ्त प्रदान की जा रही हैं, सरकारी स्कूलों व अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है और घरों व किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया, “हमारी सरकार ने लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों बिछाने के साथ-साथ जलमार्गों को फिर से जीवित किया है ताकि पंजाब के हर क्षेत्र तक पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जा सके।”

एक्स पर कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज ‘शुक्राना यात्रा’ के तीसरे दिन, मुझे शहीदों और गुरुओं की पावन धरती तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकने का मौका मिला। कामकाजी दिन और अत्यधिक गर्मी के बावजूद, इतनी बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर आपने मुझे जो प्यार और आशीर्वाद दिए, उसके लिए मैं आपका बहुत धन्यवादी हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “गुरु साहिब की रहमत से हम बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम लागू करने के योग्य हुए हैं। इस कानून के तहत अब कोई भी मुलजिम ‘मानसिक रोगी’ का बहाना बनाकर सजा से नहीं बच सकेगा और उनकी सहायता करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पिछली सरकारों ने सिर्फ अपने परिवारों के लिए पंजाब को लूटा और बंटवारे की नीति अपनाई, जबकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी समूची मानवता से संबंधित हैं और हमें सरबत दा भला का संदेश देते हैं।”

पोस्ट के अंत में उन्होंने कहा, “जिन्होंने पंजाबियों के साथ धोखा किया, वे आज जंग का मैदान छोड़कर भाग गए हैं। आपका ‘लोक सेवक’ और आपकी सरकार पंजाब की तरक्की, भाईचारे की साझ और गुरु महाराज की मर्यादा की रक्षा के लिए समर्पित भावना से वचनबद्ध है।”

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लुधियाना नगर निगम को मिला नया कमिश्नर, IAS ओजस्वी संभालेंगे कमान

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पंजाब सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत लुधियाना नगर निगम की कमान नए अधिकारी को सौंप दी है। जारी आदेशों के अनुसार 2020 बैच के IAS अधिकारी ओजस्वी को लुधियाना नगर निगम का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

पंजाब सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक अब तक लुधियाना नगर निगम कमिश्नर के रूप में सेवाएं दे रही IAS अधिकारी नीरू कत्याल गुप्ता का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब विशेष सचिव, सामान्य प्रशासन एवं समन्वय विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नवनियुक्त कमिश्नर ओजस्वी पहले से ही लुधियाना के विकास परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। वह ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) में अतिरिक्त मुख्य प्रशासक (Additional Chief Administrator) के पद पर कार्यरत थे। शहरी विकास और प्रशासनिक कार्यों के अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें लुधियाना नगर निगम की यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है।

सरकारी आदेशों के अनुसार ओजस्वी को स्थानीय निकाय विभाग के अधीन लाते हुए नगर निगम कमिश्नर का कार्यभार सौंपा गया है। उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे शहर में चल रहे विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के सुधार और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा द्वारा जारी आदेशों में सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी नई पोस्टिंग पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

इस प्रशासनिक फेरबदल को लुधियाना के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाने तथा विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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आज जालंधर पहुंचेंगे अरविंद केजरीवाल और CM मान, साईं दास ग्राउंड में होगा बड़ा धार्मिक आयोजन

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज जालंधर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ एक विशाल धार्मिक समारोह में शामिल होंगे।

जालंधर के साईं दास स्कूल ग्राउंड में “एक शाम भगवान शिव के नाम” थीम के तहत आयोजित किए जा रहे इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली द्वारा किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी अपनी भजन संध्या के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगे।

पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री महिंदर भगत और दीपक बाली ने जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम आस्था, श्रद्धा और संस्कृति का एक अनूठा संगम साबित होगा। उन्होंने बताया कि शाम 6:30 बजे शुरू होने वाले इस आयोजन में जालंधर सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

इस मौके पर जालंधर के मेयर विनीत धीर, पंजाब सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रमणीक सिंह रंधावा, सनातन सेवा समिति के प्रधान विजय शर्मा और राजविंदर कौर थियाड़ा ने कहा कि शहर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंधों में पूरा सहयोग दे रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल भी इस कार्यक्रम में एक श्रद्धालु के रूप में शामिल होंगे।

सनातन सेवा समिति के प्रधान विजय शर्मा ने कहा कि यह धार्मिक आयोजन पंजाब की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को और मजबूत करेगा तथा समाज में भाईचारे, एकता और आपसी प्रेम का संदेश देगा।

हालांकि पंजाब सरकार कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में पूरा सहयोग दे रही है, लेकिन यह विशाल धार्मिक आयोजन मुख्य रूप से स्थानीय मंदिर समितियों, संत-महात्माओं और जालंधर के निवासियों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

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‘ईज़ी जमाबंदी’ पोर्टल भूमि संबंधी सेवाओं को सुचारू बनाता है और राजस्व कार्यालयों में भ्रष्टाचार को समाप्त करता है: स्पीकर कुलतार सिंह संधवां

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पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने आज बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पहले ही ऐतिहासिक ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ और ‘ईज़ी जमाबंदी पोर्टल’ शुरू किया जा चुका है, ताकि नागरिकों तक जनसेवाओं की निर्बाध और प्रत्यक्ष पहुंच सुनिश्चित की जा सके तथा राज्य की तहसीलों में बिचौलियों की आवश्यकता को समाप्त किया जा सके। उन्होंने शिक्षित युवाओं, सरकारी कर्मचारियों, पंचायत सदस्यों, सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में जागरूकता फैलाने तथा भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए लोगों को इन डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने हेतु प्रेरित करने का आह्वान किया।

स्पीकर संधवां ने आगे बताया कि पंजाब में लगभग 40 लाख नागरिकों को पहले अपनी फर्द (भूमि रिकॉर्ड की प्रतियां) प्राप्त करने के लिए पटवारखानों के चक्कर लगाने पड़ते थे या सेवा केंद्रों में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। इस पुरानी प्रक्रिया के कारण नागरिकों को अक्सर लालफीताशाही और रिश्वतखोरी का सामना करना पड़ता था।

श्री संधवां ने कहा, “ईज़ी जमाबंदी की शुरुआत के साथ अब पटवारी कार्यालय जाने, कतारों में खड़े होने या रिश्वत देने की कोई आवश्यकता नहीं है।” भूमि मालिक अब अपनी जमाबंदी की कानूनी रूप से मान्य एवं प्रमाणित प्रति डाउनलोड कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने अब पांच महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाओं तक तत्काल पहुंच सुनिश्चित की है:

व्हाट्सऐप के माध्यम से जमाबंदी: प्रमाणित भूमि रिकॉर्ड प्रतियों की सीधे घर तक डिलीवरी।

ऑनलाइन इंतकाल: संपत्ति के स्वामित्व हस्तांतरण की सुगम प्रक्रिया।

रपट प्रविष्टियां: भूमि लेन-देन का ऑनलाइन त्वरित पंजीकरण।

फर्द बदर: रिकॉर्ड में वर्तनी तथा लिपिकीय त्रुटियों का सरल सुधार।

लैंड अलर्ट सब्सक्रिप्शन: भूमि मालिकों और प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए विशेष सुरक्षा सुविधा। यदि कोई व्यक्ति पंजीकृत संपत्ति के रिकॉर्ड में बदलाव करने या उससे छेड़छाड़ करने का प्रयास करता है, तो मालिक को व्हाट्सऐप या ईमेल के माध्यम से तुरंत स्वचालित सूचना प्राप्त होगी, जिससे वह समय रहते कानूनी आपत्ति दर्ज करा सके।

नागरिक इन सुविधाओं का लाभ तीन माध्यमों से प्राप्त कर सकते हैं:

ऑनलाइन पोर्टल: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं — easyjamabandi.punjab.gov.in

टेली-हेल्पलाइन: सहायता प्राप्त सेवाओं के लिए राज्य हेल्पलाइन नंबर 1076 पर संपर्क करें।

सहायता केंद्र: सहायता प्राप्त ऑनलाइन आवेदन के लिए किसी भी स्थानीय सेवा केंद्र पर जाएं।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध पारदर्शी और शून्य-सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक नागरिक के द्वार तक प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रही है।

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